मंगलोरे वाली चाँदनी भाभी की चुदाई

यह बात हैं 2004 या 2005 की जब की हमारे पास आज जीतने स्मार्ट फोन नही हुआ करते थे. मैने एक सेकेंड हॅंड रिलाइयन्स वाला फोन लिया जिसमे कुछ नंबर्स ऑलरेडी फीड थे. उसमे में एक नंबर मेरे दोस्त नॉवज़ के नाम से फीड था.

मैं उस नंबर पर मेसेजस करने लगा की आज हम पार्क में मिलते, क्या हम मोविए देखने जेया सकते एट्सेटरा एट्सेटरा.. पर मुझे लगा मेरा दोस्त रिप्लाइ नही कर रहा हैं. शायद उसके पास मेसेजस ख़तम हो गये – “हन उस वक़्त ऐसा ही कुछ था.”

एक दिन सॅटर्डे आफ़तेरंनों को मेरा दोस्त का कॉल आया जब मैने रेस्पॉंड किया तो आयेज से एक आदमी मेरे को गाली बकने लगा. के तुम मेरी वाइफ को ऐसे मेसेजस क्यों कर रहे हो!

मुझे बहुत गुस्सा आया क्यों की मेरे दिमाग़ में था के मैने कोई ग़लती नही की. तो मैं भी उसकी क्लास ले ली और हमेरे बीच कुछ 20 मीं की गलिया एक्सचेंज हुई आंड दोनो ने गुस्से से फोन रख दिया. पर क्यूंकी मैं बहुत कॉन्फिडेंट था की मेरी गलिटी नही हैं मैने उस आदमी को बहुत सुना दिया.

अगले मंडे को एक कॉल आया उसी नंबर से जो उस आदमी की वाइफ ने किया. उस कॉल शुरू किया अपॉलजी से और कहा के वो बहुत शर्मिंदा हैं.

हुँने थोड़ी जनरल बात की कुछ 15 मीं तक और फोन रख दिया. एक बार बात करने के बाद ही मैं समाज गया के वो कितनी प्यासी हैं. आयेज हुमारे बीच कुछ स्मस एक्सचेंज हुए और यहाँ से शुरू हू हमारी सेक्स की डसस्तन.

हम एक दूसरे को जानते नही थे पर हुमारी कनेक्षन बहुत अक्चा था. सिर्फ़ एक ही कॉल. उस टाइम नही फ़ेसबुक था और नही ट्विटर इस लिए प्राइवसी की कोई टेन्षन नही थी.

एक दिन 15 मीं चांडिनी से कॉल करने के बाद मैने उसे डाइरेक्ट्ली पूछ लिया की हम सेक्स टॉपिक पर कब बात करेंगे?

उसने एक डीप साँस ली, मुझे महसूस हुआ की उसकी छूट का पानी निकल गया मेरे इस क्वेस्चन से. वो इतनी गरम थी की उसने कहा मैं कॉल करती हूँ.

अगले दिन से हमारी फोन्स सेक्स ऐसे शुरू हुआ.

चांडिनी – मैं तो तुमने दोस्त समजती थी, ऐसे कैसे तुमने मुझे सेक्स की टॉपिक पे बात करने को कहा.

अरुण – मुझे अंदाज़ा हैं के तुम कितनी प्यासी हो और तुम्हारा कितना मॅन हैं सेक्स पे बात करने का.

चांडिनी – पर तुम्हे कैसे पता हैं के मेरा मॅन हैं इस टॉपिक पे?

अरुण- अगर नही हैं तो तुम्हारी छूट अभी इतनी गिइली क्यूँ हैं?

यह सुनकर वो हिल गयी और एक घहरी साँस ली और बोली-

चांडिनी – ऊवू अरुण मैं बात करना चाहती हूँ और अपनी प्यसस मिटाना चाहती हूँ.

अरुण- मैं जानता हू, चलो अब थोड़े माज़े ले, मुझे बताओ की तुम्हारी सुहग्रात कैसी रही, पूरी डीटेल्स मे बताओ.

चांडिनी – तोड़ा हिच किचाई पर उसने शुरू किया – अरुण मेरी फर्स्ट नाइट उतनी आक्ची नही रही, मैं सेक्स की बहुत प्यासी थी और मुझे अपनी वर्जिनिटी तोड़नी थी. उस रात हम शादी के फंक्षन से तक चुके थे. जब मैं कमरे में बैठी, मेरे पति मेरे पास आए और कहा चलो जल्दी से कपड़े उतारो मैं बहुत तक चक्का हूँ. जल्दी से सेक्स की फॉरमॅलिटी पूरी करते और सू जाते हैं.

यह मुझे बहुत अजीब लगा पर मेरी छूट को लंड चाहिए था और उसे पहले सिर्फ़ लंड देखे थे और सेक्स का कोई भी एक्सपीरियेन्स नही था. तो मैने अपने कपड़े उतरे पर ब्रा और पनटी को रहने दिया.

मेरे पति ने भी अपने कपड़े उतरे और मुझे सोने को कहा और उपर चाड गया. उसने ना कोई फोरप्ले किया और ना ही मुझे रोमटिक महसोस्स किया.

वो बस अपना छोटा सा लंड निकाल कर पनटी को साइड कर गिसने लगा. वो लंड मेरे छूट में गया भी नही था. मेरी छूट इतनी गिली थी के वो बस नीचे सरक ने लगा. मैं बहुत गरम थी और मुझे लंड अंदर चाहिए था पर वो मेरे उपर आकर अपने लंड को नीचे उपर कर रहा था. कुछ 2 मीं बाद उसने मेरी पनटी पे अपना पानी नियल दिया और साइड में जाकर सो गया.

अरुण – तो तुम्हारी विगिनिटी टूटी नही तुम्हारी सुहग्रात पर..

चांडिनी – नही अरुण वो तो मेरी के 1 इंच भी अंदर डाल नही पाया.

अरुण – तो तुम्हारी छूट की सील किसने थोड़ी?

चांडिनी – अरूंन्ं तुम मुझे बहुत गरम कर रहे हो.

अरुण- स्वीटहार्ट मज़ा भी तो आ रहा हैं है ना.

चांडिनी – अरुण अभी नही मैं कभी और बताती हूँ, बस तोड़ा सा मुझे तुमपे भरोसा हो जाए.

अरुण- अक्चा हैं यह ठीक रहेगा, चलो मुझे अब जाना है आज रात को बात करते हैं.

उस रात की कॉन्वर्सेशन कुछ इस तरह गयी-

अरुण- स्वीटहार्ट क्या कर रही हो?

चांडिनी – बिस्तर पे हूँ.

अरुण – क्या पहना हुआ है?

चांडिनी – निघट्य पहनी हैं.

अरुण – और अंदर?

चांडिनी – नॉटी बॉय! ब्लॅक कलर की ग-स्ट्रिंग आंड ब्लॅक ब्रा.

अरुण- आज रात तुम्हारा पति छोड़ेगा तुम्हे?

चांडिनी – वो तो कब का घोड़े बेच कर सो गया.

अरुण- तो मैं तुम्हे छोड़ डू?

चांडिनी – क्या तुम्हे पहले चुदाई की है?

अरुण – नही मैं अभी वर्जिन हूँ, मेरी कोई गफ़ नही हैं कलाज मे, एक हुआ करती थी पर वो मुझे छोढ़ के चली गयी.

चांडिनी – तो तुम्हे क्या लगता मेरी गोरी सी छूट देख के तुम फर्स्ट टाइम ही मुझे छोड़ पाओगे?

अरुण- मैं करीब 4 घंटे तक अपना हिला सकता हूँ.

चांडिनी – यह तो बहुत ज़्यादा हैं.

अरुण – जब तुम सही में मेरा लंड देखोगी की कितना बड़ा और मोटा हैं तब यकीन होगा.

चांदिन- अभी बस बधाई हो करोगे या कुछ और भी…

अरुण – चलो मैं तुम्हारी निघट्य पे अपना हाथ फेरता हू.

चांडिनी – कहा पे?

अरुण – झंगो से शुरू करते हुए तुम्हारी गांद तक.

चांडिनी – हश और…

अरुण – एज जो तुम्हारी गांद के चीक्स उनको मैं दबाता हूँ.

चांडिनी – उफफफ्फ़

अरुण – तुम्हारी गांद दबाते हुए उपर आके तुम्हारे दोनो बूब्स को चाटना चाहता हूँ.

चांडिनी – उफफफ्फ़ अरुण ई कॅन फील योउ ओं मी बूब्स..

अरुण – तुम्हारे उस ब्लॅक ब्रा के अंदर अपना हाथ डाल के तुम्हारे बूब्स दबा रहा हूँ.

चांडिनी – हन अरुण दब्ाओ इन बूब्स को प्लीज़ छातो इनको!!

अरुण – हन ज़ोर से दबा के इनको चाटूँगा.

चांडिनी – अकचे से करो मेरे लिप्स तुम्हारे लिए तड़प रहे हैं.

अरुण – मेरे लंड के लिए या किस्सिंग के लिए??

चांडिनी – पहले तो इंपे किस करो, मैं तो तुम्हारा लंड चूस चूस के खा जौंगी!

अरुण – तो चलो पहले फ्रेंच किस कटे हैं, मैं अब मेरे लिप्स तुम्हारे लिप्स के लॉक कर चुका हूँ और अपनी जीभ अंदर डाल रहा हूँ.

अरुण – तुम मेरे अंडरवेर में हाथ डालके मेरा लंड तो हिलाओ.

चांडिनी – हन अरुण मैने तुम्हारे लंड को हाथ से फील कर रही हूँ और तुम्हारे बड़े लंड को दबा रही हूँ.

अरुण – चलो मैं तुम्हारी निघट्य उतार देता हूँ.

चांडिनी – मैने सच में अपनी निघट्य उतार ली हैं.

अरुण – मैं तुम्हारे सारे बदन पे चूस्टे हुए अपनी जीभ से टुमरी पनटी उतार के तुम्हारी छूट के लिप्स पे हल्के से चूम रहा हूँ.

चांडिनी – ऊवू अरुण, यह तो मेरे पति ने कभी नही किया, मैं पागल हो रही हूँ सिर्फ़ तुम्हारी बातो से!

अरुण – अब मैं तुमहरि छूट ज़ोर ज़ोर से चाट रहा हूँ.

चांडिनी – चतो अरुण और ज़ोर से चतो अपने दाटो से चबाओ जाओ मेरी इस गरम छूट को!

अरुण- मेरा लंड बहुत हार्ड हो चुका हैं, अब इसको कूल करने के लिए तुम मेरे नीचे आओ और अपनी जीभ से छातो और मूह में लो.

चांडिनी – हन अरुण मैं चाटूँगी तुम्हारा लंड आंड सारा लंड अपने मूह मे लूँगी!

अरुण – (अपना लंड ज़ोर ज़ोर से हिलाते हुए) – छातो मेरी जान मेरी रंडी चतो इसको और मेरे बॉल्स भी छातो!

चांडिनी – अरुण मुझे यह लंड मेटी छूट में चाहिए..

अरुण – अभी नही मेरी जान अभी तो मुझे तुम्हारे सारे बदन पे चूमना हैं, तुम्हारे बदन के हर पार्ट को चाटना हैं.

चांडिनी – और क्या क्या चतोगे…

अरुण – तुम्हारे गालो के शुरू करके तुम्हारी नेक चाटूँगा, नेक चाटते हुए तुम्हारे कानो (इयर्स) के अंदर जीभ डालूँगा. उसके बाद तुम्हे उल्टा लिटा कर तुम्हारी बॅक चाटूँगा और फिर तुम्हारे अंडरआर्म्स.

चांडिनी – उफ़फ्फ़ अरुण मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा, मुझे छोड़ो जल्डो से डाल दो अपना लंड!

आयेज की कहानी आएगी दूसरे पार्ट मे, दोस्तों यह कहानी कैसे लगी मुझे आप बताना इस एमाइल ईद पे

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