चाची और भतीजे की शादी और सुहागरात की कहानी

ये कहानी आज से 50 साल पुरानी है. दरअसल ये मेरी दादी की सहेली की कहानी है, जो बहुत मज़ेदार है. जब दादी ने मुझे एक कहानी सुनाई, मुझे बहुत मज़ा आया था, और मेरी छूट से पानी भी निकल गया था. और जो ये पढ़ेगा या पढ़ेगी, दोनो के लंड और छूट में से पानी निकल जाएगा, ये मेरा वादा है.

तो कहानी शुरू करने से पहले मैं इस कहानी के कॅरेक्टर्स के नाम और आगे नीचे बता देती हू.

प्रीतम, आगे 54 साल 2. शोभा, आगे 72 साल 3. राकेश, आगे 37 साल 4. कुमार, आगे 36 साल 5. सुमन, आगे 33 साल 6. अंजलि, 35 साल 7. राजू, आगे 18 साल

तो फ्रेंड्स मैं कहानी स्टार्ट करती हू. मैं आप सब को पहले लेकर चलती हू अंजलि के ससुराल में, जहा पर दादी मा ने सारे घर वालो को साथ में बुला कर सब के सामने ये कहा-

दादी: मैं अंजलि और राजू की शादी करना चाहती हू.

ये बात दादी मा की सुन कर घर वालो में से राकेश और उनकी बीवी सुमन दोनो नाराज़ हो गये, और घर छ्चोढ़ कर जाने की बात भी कर दी.

दादी: मैने आप सब को इसलिए इकट्ठा बुलाया है, की मैने एक फैंसला किया है. मैं अंजलि और राजू की शादी करना चाहती हू. और मेरे इस फैंसले से तुम सब में से किसी को भी ऐतराज़ तो नही है ना? अगर है तो अभी बोल दो, ताकि बाद में कोई तकलीफ़ ना हो.

राकेश: दादी आप ये क्या कह रही है? भाभी की शादी राजू के साथ, और कोई आपको नही मिला?

सुमन: हा दादी मा, वैसे भी अंजलि और राजू में 18 साल का फराक है, और रिश्ते में वो दोनो चाची भतीजा है. तो उनकी शादी कैसे हो सकती है?

दादी: मुझे पता है, लेकिन अंजलि राजू की सग़ी चाची नही है, और रही उमर की बात, तो मैने दोनो को देखा है. कोई फराक नही पड़ेगा इनके रिश्ते में उमर की वजह से, और फराक पड़ा तो भी तो वक़्त के साथ सब ठीक हो जाएगा.

दादी के ये बात बोलने के बाद आयेज और कोई भी कुछ बोल नही पाया, और दादी ने शादी की तैयारी कर दी अंजलि और राजू की. और राकेश और सुमन चले गये बिना कुछ बोले किसी को.

बाकी घर वालो ने दादी की बात मान ली, और अंजलि और राजू की शादी की तैयारी करने लगे. और वैसे भी दादी को बहुत जल्दी थी उन दोनो की शादी करने की, क्यूंकी दादी ने उन दोनो को काई बार देखा था एक साथ चुदाई करते हुए. और दादी के पास अब दूसरा कोई रास्ता नही था.

वो जितना जल्दी हो उतनी जल्दी उन दोनो की शादी करना चाहती थी. राजू और अंजलि दोनो दिल ही दिल में बहुत खुश थे, क्यूंकी उनका इल्लीगल रिलेशन्षिप लीगल हो रहा था. इसलिए वो बहुत खुश थे एक-दूसरे को लेकर.

वो चाची भतीजे से हज़्बेंड-वाइफ बनने वाले थे. नेक्स्ट दे दादी ने सारे रिश्तेदारों को बुला कर सब के सामने अंजलि और राजू की रीति रिवाज़ों के साथ शादी करवा दी. दादी घर में सबसे बड़ी थी, तो किसी ने ऑब्जेक्षन नही किया इस शादी के उपर.

अब आख़िर-कार दोनो की शादी हो गयी, और अब नेक्स्ट उन दोनो की सुहग्रात थी, जो उसी घर में रखी गयी थी.

रात के ठीक 11:00 बजे डिन्नर के बाद राजू अपने न्यू बेडरूम में नयी दुल्हन बनी अंजलि का पास गया.

अंजलि रेड सारी पहने हुए थी, और राजू 3-पीस सूट में था. वो दोनो काफ़ी आचे लग रहे थे, और दोनो बहुत खुश थे. राजू बेडरूम में आया, और अंजलि के पास जेया कर उसका घूँघट उठाया.

वो गौर से उसकी तरफ देखने लगा. अंजलि भी उसको देखने लगी. उन दोनो में इतना प्यार था, की वो एक-दूसरे से उसी टाइम लिपट गये. क्यूंकी आज राजू बहुत जोश में था, और अंजलि भी बहुत जोश में थी. क्यूंकी आज वो बहुत खुश थी, की अब वो राजू की बीवी बन चुकी थी, और आज उसकी शादी की पहली रात थी.

उसकी ज़िंदगी में इतनी खूबसूरत रात पहली बार आई थी. वैसे उसकी ये 3र्ड शादी थी राजू के साथ, पर इतनी प्यारी और खूबसूरत रात उससे पहले कभी हासिल नही हुई थी, जो उसको आज हुई थी.

फिर राजू ने अंजलि का हाथ पकड़ा, और उसकी हथेली पर एक प्यारी सी किस की. अंजलि के मूह से हल्की सी आहह निकली, और उस समय अंजलि की आँखें बंद थी.

राजू: चाची आपके हाथ बहुत नरम और कोमल है. मैं जब इन्हे किस कर रहा था, तो मेरे होंठो को इतना मज़ा आ रहा था की मैं बता नही सकता. वैसे मैने आपको आज से पहले काई बार किस की है. इन हाथो का स्वाद आज की रात तो कुछ अलग ही है.

अंजलि: हा राजू, मुझे भी ऐसा ही लग रहा है. जब तुमने मेरे हाथ पर किस की, तो मेरे दिल की धड़कन तेज़ हो गयी थी, जो पहले कभी नही हुई.

राजू: और चाची आज आप इस शादी की सारी में बहुत खूबसूरत लग रही है.

अंजलि: हा, लेकिन मुझे खूबसूरत बनाने वाले तो तुम हो ना. और तुमने मुझे बहुत प्यार दिया है. इतना प्यार मुझे कभी किसी और मर्द ने नही दिया, जितना तुमने दिया है. तुम मुझसे ऐसे ही प्यार करते रहना जैसे करते हो.

अंजलि: और आज हमारी शादी की पहली रात है, तो मैं चाहती हू की तुम आज पूरी रात मुझे प्यार करो. बस प्यार करो, और कुछ नही, बस प्यार प्यार प्यार प्यार.

राजू: चाची मैं आपको बहुत प्यार करता हू, और आज पूरी रात आपके साथ प्यार करूँगा. क्यूंकी आज से आप मेरी बीवी हो, और मैं आपका हज़्बेंड हू. और एक अछा हज़्बेंड अपनी बीवी को बहुत प्यार करता है.

अंजलि: तो मेरे प्यारे हज़्बेंड, अब मुझे और मत तड़पाव. जल्दी करो, मैं तुम्हारे प्यार के लिए तड़प रही हू.

अंजनी की ये बात सुन कर राजू और जोश में आ गया, और अंजलि के उपर टूट पड़ा. वो सबसे पहले अंजलि के ज़ेवर उतारने लगा, और ज़ेवर के बाद उसकी सारी उतारने लगा. उसने जल्दी-जल्दी से सारी उतार दी. अब अंजलि सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट में थी.


बहुत सेक्सी लग रही थी अंजलि. राजू खुद को और रोक नही पाया, और वो ब्लाउस के उपर से ही अंजलि के बूब्स को दबाने लगा. अंजलि के मूह से हल्की-हल्की आह आह ऑश आवाज़ निकालने लगी.

और फिर राजू अंजलि को किस करने लगा गाल पर, माथे पर, गले पर, सीने पर. वो उसको चूमने-चाटने लगा, और लास्ट में वो दोनो फ्रेंच किस्सिंग पर आ गये. दोनो बड़े मज़े से एक-दूसरे को प्यार कर रहे थे.

अब अंजलि बहुत गरम हो चुकी थी. वो सीधे बेड पर लेती हुई थी, और राजू उसके उपर चढ़ गया था. वो अपनी जीभ से अंजलि के सीने को चाट रहा था. फिर आहिस्ते-आहिस्ते राजू अंजलि के ब्लाउस के बटन खोलने लगा, और बटन खोल दिए.

अंदर अंजलि ने रेड ब्रा पहनी हुई थी, सेक्सी फॉर्म वाली, जो काफ़ी नरम थी उनके बूब्स की तरह. राजू बूब्स को ब्रा के उपर से दबाने लगा. अंजलि ह आह आह करने लगी, और राजू ने अंजलि की ब्रा भी निकाल दी.

अंजलि के बड़े बूब्स उसके सामने थे. उसका फिगर काफ़ी बिग था 38-30-38 का. राजू अंजलि के बूब्स के निपल अपने मूह में लेकर चूसने लगा, और फिर राजू बूब्स को चूमते हुए नीचे नाभि तक आ गया.

फिर उसने अंजलि के पेटिकोट का नाडा खोल दिया, और पेटिकोट उतार दिया. और अब राजू अंजलि की पनटी के उपर से उसकी छूट को मसालने लगा. थोड़ी देर में पनटी गीली हो गयी थी, क्यूंकी अंजलि की छूट पानी छ्चोढने लगी थी.

तो फिर राजू ने अंजलि की पनटी भी उतार दी, और अंजलि को पूरी नंगी कर दिया. राजू ने अपने कपड़े भी उतार दिए, और खुद भी नंगा हो गया.

अब राजू अंजलि की टांगे उठा कर उसकी छूट को अपनी जीभ से चाटने चूसने लगा. अंजलि की छूट का सारा रस्स चाट गया था राजू.

अंजलि को बहुत मज़ा आ रहा था. वो अपनी आँखें बंद करके लेती थी, और उसके मूह से आह आ श अफ श की सिसकियाँ निकल रही थी. फिर राजू उठा, और अपना लंड अंजलि के मूह में डाल दिया. अंजलि भी बड़े मज़े से उसका लंड अपने मूह में लेकर चूसने लगी (और वैसे भी अंजलि राजू का लंड देख कर ही उस पर फिदा हुई थी.)

अंजलि को लंड चूसना बहुत पसंद था. उसने सबसे पहले अपनी लाइफ में प्रीतम जी का लंड चूसा था.

अंजलि: राजू तुम्हारा लंड बहुत गरम है. मुझे मेरे होंठो पर महसूस हो रहा है, और मुझे तुम्हारा लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा है.

राजू: हा मेरी प्यारी बीवी, मेरी प्यारी चाची, मुझे भी तुम्हारी गरम-गरम साँसे मेरे लंड पर महसूस हो रही है. और मुझे भी लंड चुसवाना बहुत पसंद है. हा आप ऐसे ही चूस्टी रहो मेरा लंड. मुझे बहुत मज़ा आ रहा है ह आह ऑश उफ़फ्फ़ चाची ह ह ह ऑश उफफफ्फ़.

अंजलि राजू का पूरा लंड अपने मूह में ले रही थी, और राजू भी उछाल-उछाल कर अपना लंड अंजलि के मूह में घुसा रहा था. वो पूरा का पूरा अंजलि के गले अंदर तक लंड घुसा रहा था, और अंजलि भी बड़े मज़े से राजू का लंड अपनी गले के अंदर तक ले रही थी.

राजू का लंड बहुत सख़्त और हार्ड हो गया था, लोहे की रोड की तरह. ऐसा लग रहा था, जैसे उसका लंड अंजलि का मूह अभी फाड़ देगा. लेकिन अंजलि भी मंजी हुई खिलाड़ी थी. वो भी उसके लंड को एक कुलफी की तरह चूस रही थी. दोनो को बहुत मज़ा आ रहा था.

अंजलि: मेरे प्यारे पति, मैं बहुत गरम हो चुकी हू. अब मुझे मेरी छूट में तुम्हारा लंड चाहिए. चलो अब तुम मेरी छूट में अपना लंड डाल कर मुझे छोड़ो. अब और देर मत करो, मुझे छोड़ो, और आज पूरी रात छोड़ना मुझे राजू.

राजू: हा मेरी प्यारी पत्नी, अब मैं आपको छोड़ने वाला हू. अपना मोटा लंबा लंड आपकी छूट में डालने वाला हू. आप तैयार हो जाओ, आज पूरी रात आपकी मैं चुदाई करूँगा.

और फिर राजू ने अंजलि को बेड पर सीधी लिटा दिया, और खुद घुटनो के बाल आ गया. उसने अंजलि की टांगे अपने कंधो पर रख ली, और अपना लंड सीधा अंजलि की छूट में एक झटके से घुसा दिया. और वैसे भी अंजलि की छूट गीली थी, तो लंड आराम से अंदर चला गया.

अंजलि को बहुत मज़ा आने लगा, क्यूंकी राजू बहुत मज़े से अंजलि को छोड़ता है घपा-घाप घपा-घाप, क्यूंकी अंजलि को राजू के साथ चुदाई में दर्द नही मज़ा ही मज़ा आता है.

अंजलि: ह आह ऑश उफ़फ्फ़ आह आह ऑश राजू हा, ऐसे ही मुझे छोड़ते रहो. बहुत मज़ा आ रहा है राजू, छोड़ते रहो. ज़ोर से झटके मारो मुझे, मेरी छूट बहुत गीली हो चुकी है. तुम मुझे और ज़ोर से छोड़ो, ह आह.

राजू पुर जोश में अंजलि को छोड़ रहा था. अंजलि को बहुत मज़ा आ रहा था. राजू अब कुछ नही बोल रहा था, बस अपने लंड को अंजलि की छूट में ज़ोर-ज़ोर से अंदर-बाहर कर रहा था. और अंजलि अपने मूह से ह ह ऑश उफफफ्फ़ की आवाज़ निकल रही थी.

राजू अपनी नई नवेली दुल्हन को बड़े प्यार से और मज़े से छोड़ रहा था, और अंजलि इतनी मदहोश हो गयी थी की उसको और कुछ याद ही नही था, बस चुदाई-चुदाई, क्यूंकी उसको जो चाहिए था, वो मिल गया था.

वैसे ही मज़े करने थे राजू के साथ उसको, इसलिए वो सब कुछ भूल गयी थी राजू के प्यार में. अब वो उसकी बीवी बन चुकी थी, और राजू उसका पति बन चुका था, तो बस अब चुदाई के मज़े ले रही थी.

राजू: मेरी बीवी मेरा पूरा लंड आपकी छूट के अंदर घुस रहा है. आपकी छूट बहुत गरम है मेरी बीवी. मेरा लंड ना चाहते हुए भी पूरा का पूरा अंदर जेया रहा है. मुझे बहुत मज़ा आ रहा है. मुझे आपको छोड़ने में बहुत मज़ा आता है. आह आह ऑश आह मेरी बीवी, कितना मज़ा देती हो.

राजू: देखो मेरा लंड भी कितना खुशनसीब है, जो आपकी छूट मिली है. आज तो पूरी रात आपको छोड़ना है मुझे, और मैं पूरी रात छोड़ूँगा आपको. ह ह ह आह लगता है आप में झड़ने वाला हू ह आह आह ऑश उफ़फ्फ़.

अंजलि: हा राजू, मैं भी झड़ने वाली हू ( ऑर्गॅज़म ). लंड को बाहर मत निकालना, और मेरे छूट के अंदर झड़ना. मुझे मेरी छूट के अंदर तुम्हारे लंड की पिचकारी बहुत अची लगती है, इसलिए तुम मेरी छूट के अंदर ही अपने लंड की पिचकारी छ्चोढना राजू, बाहर मत निकालना.

फिर करीब 15 मिनिट की चुदाई के बाद राजू ने अंजलि की छूट के अंदर ही अपने लंड की गरम-गरम पिचकारी छ्चोढ़ दी. फिर वो एक-दूसरे को कस्स कर पकड़ के लिपट कर लेट गये.

राजू: चाची आपको मज़ा आया?

अंजलि: हा राजू, मज़ा तो बहुत आया, लेकिन मैं एक बार और फिरसे मज़ा लेना चाहती हू.

राजू: ठीक है, कोई बात नही है. तो हम फिरसे मज़ा लेते है. चलो आप डॉगी-स्टाइल में आ जाओ, मैं आपको पीछे से छोड़ना चाहता हू.

और फिर वैसे ही अंजलि डॉगी-स्टाइल में आ गयी, और राजू उसके पीछे घुटनो के बाल बैठ गया. पहले तो राजू ने अपने दोनो हाथो से अंजलि के बूम को पकड़ा, और गांद और छूट को खोल-खोल कर अपनी जीभ से गांद के च्छेद और छूट दोनो को चाटने लगा.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.

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