दोस्तों मैं राहुल सिंग अपनी पहली चुदाई की कहानी का अगला पार्ट लेके आया हू. पिछले पार्ट को पढ़ कर आपने बहुत प्यार दिया. उसके लिए मैं आप सब का धन्यवाद करता हू. जिन्होने अभी तक पिछला पार्ट नही पढ़ा है, वो प्लीज़ पहले उसको पढ़ ले.
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की 12त के बाद मैने ईेल्ट्स की, और फिर घर पर रह कर वीसा की वेट करने लगा. इस दौरान मैने मम्मी को किसी जवान लड़के के साथ सेक्स करते रंगे हाथ पकड़ा. लेकिन मम्मी ने अपनी ग़लती नही मानी, और मुझे ऐसा जवाब दिया, की मैं चुप हो गया.
उसके बाद मेरे मॅन में अपनी मम्मी के लिए गंदे ख़याल आने लग गये. मैं जब भी उनको देखता, तो मुझे वो नंगी नज़र आने लगी. इससे पहले की मैं कुछ ग़लत कर डू, मैं जल्दी से तैयारी करके कॅनडा चला गया. अब आयेज बढ़ते है.
कॅनडा की दुनिया बिल्कुल अलग थी. खूबसूरत लड़कियों की भरमार थी आस-पास. मैं मज़े से यूनिवर्सिटी जाने लगा. वहाँ मेरी गर्लफ्रेंड भी 10 दीनो में ही बन गयी. लेकिन रात को मेरे मॅन में सिर्फ़ मम्मी का ख़याल आता. 1 महीने बाद जब मैने गर्लफ्रेंड के साथ कुछ करने का ट्राइ किया, तो उसने मुझे माना कर दिया, और ब्रेकप कर दिया.
इस घटना के बाद मम्मी की याद और आने लगी. मुझसे कंट्रोल नही हुआ, और मैं रोज़ मूठ मारने लगा. फिर आख़िरकार मैने फैंसला किया की मैं अपनी मा की चुदाई करूँगा.
मैने अगले ही दिन पापा को फोन पर कहा की मुझे खाना अछा नही मिल रहा था, तो वो मम्मी को भेज दे. पापा ने एस बोल दिया, और मम्मी का वीसा और टिकेट करवा कर उनको भी कॅनडा भेज दिया.
जब मैने मम्मी को एरपोर्ट पर देखा, तो मैं हैरान हो गया. मम्मी ने जीन्स और जॅकेट पहनी हुई थी. मैं मम्मी को पहली बार ऐसे देख रहा था. मॉडर्न कपड़ों में वो बिल्कुल मिलफ पॉर्न वाली सेक्सी मम्मी लग रही थी. उनको ऐसे देख कर मेरा लंड पर काबू ना रहा, और वो खड़ा होने लगा.
फिर हम घर पहुँच गये. मम्मी गरम पानी से नहा कर फ्रेश होने गयी. जब वो बाहर आई, तो उनके बाल गीले थे, और उन्होने टवल लपेटा हुआ था. मैं उनको ऐसे देख कर और उत्तेजित हो गया. शायद मम्मी भी ये बात समझ चुकी थी, की मैं उनकी तरफ हवा भारी नज़र से देख रहा था. मैं मम्मी को छोड़ना तो चाहता था, लेकिन ये नही समझ पा रहा था की शुरू कहाँ से करू. फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ, जिससे मुझे मौका मिल गया.
मैं यूनिवर्सिटी से घर आया, तो देखा कोई आया हुआ था. ये हमारे पड़ोसी अंकल थे. वो मम्मी के साथ सोफे पर बैठे हुए थे, और हस्स-हस्स कर बातें कर रहे थे. मम्मी भी उनको भरपूर स्माइल दे रही सी.
ये देख कर मेरा खून खौलने लगा. मैने अंकल के सामने तो कुछ नही कहा, लेकिन उनके जाते ही बोला-
मैं: आप फिर से शुरू हो गयी?
मम्मी: क्या शुरू हो गयी?
मैं: दूसरे मर्द को लाइन दे रही है.
मम्मी: वैसे तो मेरा ऐसा कोई इरादा नही है उसके लिए. लेकिन अगर है भी तो तुझे क्या दिक्कत है. मैं अपनी नीड्स पूरी ना करू?
मम्मी ने उस वक़्त जीन्स के साथ ब्लॅक स्वेटर पहना था. वो ये बोल कर अपने कमरे की तरफ जाने लगी. तभी मैने मम्मी का हाथ पकड़ा, और उनको अपनी बाहों में खींच लिया. अचानक ऐसा करने से वो घबरा गयी. उनकी साँसें तेज़ हो गयी, जो मेरे मूह पर पद रही थी. फिर मैने कहा-
मैं: अब कोई बाहर वाला मर्द आपको टच नही करेगा. और आपकी नीड्स को मैं पूरा करूँगा.
ये बोलते ही मैने अपने होंठ मम्मी के होंठो से चिपका दिए. मम्मी मेरी इस हरकत से हैरान हो गयी. मैं मम्मी के होंठ चूसने लग गया. पहले कुछ सेकेंड्स तो उन्होने मेरा साथ नही दिया. लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी. शायद वो समझ गयी थी की मैं क्या चाहता था.
हम दोनो लगभग 10 मिनिट तक किस करते रहे. हम पागलों की तरह एक-दूसरे के होंठो को चूस रहे थे. 10 मिनिट की किस के बाद हम दोनो अलग हुए. हमारी साँसे चढ़ि हुई थी, और हम वासना भारी नज़रों से एक-दूसरे को देख रहे थे.
फिर हम दोबारा करीब आए, और फिर से किस करने लगे. इस बार किस के दौरान मैं मम्मी की गांद दबाने लगा. क्या मस्त गांद थी. इससे मम्मी की किस और हार्ड होने लगी. कुछ देर किस करने के बाद मैने मम्मी की गर्दन चूमनि शुरू की. वो आ आ की सिसकियाँ लेने लगी.
फिर मैने मम्मी को बाहों में उठाया, और बेड पर ले गया. मैने उनकी जीन्स का बटन खोला, और नीचे खींच कर निकाल दी. मम्मी ने ब्लॅक पनटी पहनी थी, जिसमे उनकी जांघें बहुत सेक्सी लग रही थी.
मैं मम्मी की जांघें चूमने चाटने लगा, और उनकी पनटी उतारने लगा. जल्दी ही उनकी छूट मेरे सामने नंगी थी, जिस पर मीडियम बाल थे. मैने देखते ही उनकी छूट को मूह लगा लिया, और चाटने लगा. मम्मी तो जैसे पागल हो गयी. वो आ आ करते हुए गांद उपर उठाने लगी.
मैं मम्मी की छूट चाट-ता रहा. कुछ देर बाद उन्होने मेरे बाल पकड़ कर मुझे अपने उपर खींच लिया, और फिर से किस करने लगी. फिर उन्होने मुझे नीचे किया, और मेरे उपर आके मेरा लंड बाहर निकाल लिया.
मम्मी ने मेरा लंड मूह में लिया, और चूसने लगी. वो फीलिंग हेवन्ली थी. कुछ देर लंड चूस कर वो लंड के उपर छूट लेके आई, और उसको अंदर लेके बैठ गयी. ‘आअहह’ मेरे मूह से आवाज़ निकली. मम्मी की छूट बहुत गरम थी. ऐसा पहली बार फील कर रहा था मैं.
फिर वो धीरे-धीरे आयेज-पीछे होने लगी, जिससे मेरा लंड उनकी छूट के अंदर-बाहर होने लगा. मम्मी अपना स्वेटर और ब्रा दोनो उतार पूरी नंगी हो गयी, और मेरे हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिए.
अब मैं मम्मी के बूब्स दबाते हुए नीचे से उनकी छूट में धक्के मारने लगा. वो फुल स्पीड पर मेरे लंड पर उछाल रही थी और आ आ कर रही थी. वो भी बहुत मज़े में थी, और ये उनका चेहरा बता रहा था.
कुछ देर बाद वो आ आ करने लगी. मुझे उनकी छूट का पानी अपने लंड पर महसूस होने लगा. उसके तुरंत बाद मेरा भी निकालने वाला था, तो मैने मम्मी को बताया. उन्होने मुझे उनके अंदर ही रिलीस करने को कहा.
वो उछालती रही, और मेरे लंड ने उनकी छूट को पानी से भर दिया. फिर हम दोनो शांत हो गये. दोस्तों उसके बाद से तो ये हर रोज़ होने लगा, और अलग-अलग पोज़िशन में होने लगा. बहुत मज़े में काट रही है लाइफ.