बस मे मई और मा हुए मस्त-1

हेलो दोस्तो मेरा नाम अमर है और मई 21 साल का एक नॉर्मल लड़का हू. मेरी हाइट 5.3 है और दिखने मे भी नॉर्मल हू.

कहानी की शुरुआत मे ही मई आपको अपनी मों के बारे मे बता देना चाहता हू. वो एक थोड़े गुस्से वेल नेचर की औरत है. उनकी हाइट 5फ्ट है और उनकी उमर 45 है उनका फिगर भी नॉर्मल है. लेकिन ना जाने उनकी गांद का शेप कुछ अलग ही बड़ा है.

दोस्तो बता डू मई सेक्स स्टोरीइस का दीवाना काफ़ी सालो से रहा हू. लेकिन मई कभी इनको रियल लाइफ से जोड़ कर नही देख पता था. क्योंकि मई अब तक वर्जिन हू तो मुझे लगता था की ये सारे चीज़े बस कहानियों तक ही ठीक है. मैने कुछ मा बेटे की स्टोरीइस भी पढ़ी थी लेकिन कभी मों के बारे मे उतला सीधा नही सोचा था.

तो चलो दोस्तो मई अब अपनी स्टोरी पे आता हू.

तो यार लॉक्कडोवन् खुलने के बाद मैने और मॅमी ने डिसाइड किया की हम दोनो मेरी नानी के घ्र जाएगे. ये सुन के मई बहुत खुश था. क्योंकि मई लॉक्कडोवन् के कारण कही घूम भी नही पाया था.

हुँने प्लान बनाया की हम 2 दिन बाद की ट्रेन से नानी के घ्र चलेगे. दोस्तो मई आपको बताना चाहता हू की मेरी नानी का घ्र हमारे सहेर से काफ़ी दूर है. और वाहा जाने के लिए ट्रेन से 2 दिन का सफ़र करना होता है. इसलिए हुँने पापा से बोल के अपनी ट्रेन की 1स्ट्रीट क्लास की टिकेट बुक करली.

दो दिन बाद ह्यूम पापा ने स्टेशन पर छोड़ दिया और हम अपने डब्बे मे आ गये बैठ गये. अभी तक सब नॉर्मल ही चल रहा था और मुझे कुछ खबर भी नही थी की मेरे और मेरी मों की रिस्ते ये सफ़र ख़तम होते तक इतने बदल जाएगे.

हमारी ट्रेन रात के 9 भजे स्टेशन से स्टार्ट हुई और हुमलोग ने भी अपना डिन्नर ख़तम कर लिया. उसके बाद मों ने कहा की वो चेंज करने जेया रही है. उसके बाद मैने अपने डिब्बे मे ही अपने कपड़े चेंज कर लिए.

मई आपको बताना चाहता हू दोस्तो की मुझे रात के वक़्त अंडरवेर पहने की आदत नही है. इसलिए मैने बस बॉक्सर और त-शर्ट पहन के बैठ गया. और मों भी तब तक चेंज कर के आ गयी. उन्होने काले रंग की मॅक्सी पहनी हुई थी. और उसके अंदर उनकी गांद तो बड़े बड़े मटको की तेरहा लग रही थी.

मैने तोड़ा ध्यान से देखना तो मुझे लगा की शयद मों ने भी मॅक्सी के अंदर कुछ नही पहना है. और ये सोच के ना जाने क्यों मई बार बार मों की गांद को देखने की ही कोसिस करने लगा.

उसके बाद मों ने कहा की वो लाइट बंद कर रही है. तो मैने भी ओक कहा और फिर मई अपने मोबाइल मे सेक्स कहानियाँ पढ़ने लगा. और मुझे हर कहानी के बाद मों की गांद की इमेज ही आखो के सामने दिखने लगी.

ये ज़्ब से परिशन हो कर मैने कहानी पढ़ना बंद कर दिया. मैने टाइम देखा तो रात के 12:00 भजे हुवे थे. और तभी मों ने अपनी सीट पर करवट ली और उनकी गांद मेरे सामने की तरफ आ गयी. वो पाव मोड़ कर सोई थी इसलिए उनकी गांद और बाहर की तरफ निकल आई थी. जिसको देख के मुझे खुद पर काबू नही हो पा रहा था.

मैने तभी अपना लंड निकाला और मूठ मरने लगा. मेरे मान मे ख़याल आ र्हे थे की अपनी मों की गांद देख के मूठ मारना गलट है. लेकिन फिर मेरी हवस ने मेरे म्न पर काबू पा लिया.

उसके बाद मुझे मेरी मों की गांद चुने का म्न होने लगा. लेकिन दर भी था की अगेर मों उठ गयी तो उनके गुस्से के कारण मई बहुत मार खा जौगा.

फिर भी मैने डरते डरते मों की गांद को अपने हाथो से टच किया. यर्र सच मे कितनी सॉफ्ट गांद थी मों की. मुझे लगा की अभी उनको नंगी कर के उनकी गांद मार लू.

लेकिन फिर मैने खुद पर काबू किया और एक हाथ से मा की गांद को टच करता रहा. और दूसरे हाथ से मूठ मरता रहा. कुछ ही देर मे मेरा मूठ गिर गया.

जैसे ही मैने मूठ मारा मुझे बहुत खराब फील हुआ की ये मैने क्या किया. लेकिन फिर मैने सोचा की अब आयेज से ऐसा कुछ नही होगा और यही सोच कर मई सू गया.

अगली सुबा जब हम उठे तो हमारे कॅबिन मे मेरे मूठ की वजा से अजीब सी बदबू आ रही थी. मेरी मों ने उठते ही मेरी और देखा तो मुझे अपनी ग्लटि याद आई. की मैने मूठ मार के उसको सॉफ नही किया था. बुत मों को ये समझ नही आया. उन्हे लगा शयद ये ट्रेन के बाहर से बदबू आ रही है और थोड़े देर मे ज़्ब कामन हो गया.

लेकिन मई सुबा से ही मों पर से नज़र नही हटा पा रहा था. मुझे उनको देख कर ही जोश आने लगा और मेरा लंड पीछे 2-3 घन्ते से उन्ही को देख देख कर खड़ा था. और मैने अंदर अंडरवेर भी नही पहना था.

इश्स कारण उसका उभर भी सॉफ दिख रहा था. जिसको मों ने नोटीस भी किया और मुझे तोड़ा गुस्से मे कहा की जाओ बातरूम कर के आ जाओ. मई उनका मतलब् समझ गया और उठ कर वॉशरूम की तरफ चला गया.

लेकिन जब मई रिटर्न आ तभी मुझे एक मों ने बताया की आयेज एक ट्रेन का आक्सिडेंट हो गया है. और अब ये ट्रेन यहा से आयेज 2 दिन तक नही जाएगी. ये सुन्न कर मुझे बहुत टेन्षन हो गयी.

मैने मों से पूछा की अब हम क्या करे?

तो मों ने कहा की हम आधा रास्ता क्रॉस कर चुके है और अब आयेज के रास्ते के लिए हुमको कोई और साधन ढूँढना होगा. क्योंकि यहा 2 दिन तक रुक कर कोई फयदा नही है.

तो मुझे भी मों की बात ठीक लगी और फिर हम अपना समान ले कर वाहा से बाहर गये. और हुँने प्लान किया की अब हम बस से सफ़र करेगे.

उसके बाद मई और मों बस स्टेशन की तरफ गये. तो वाहा ह्यूम हमारे नानी के घर जाने के लिए एक बस दिखी लेकिन उसमे भीड़ बहुत थी. लेकिन बस के ड्राइवर से बात करने पर उसने कहा की आयेज 4-5 घंटो मे बस पूरी खाली हो जाएगी. तब तक की लिए हुमको तोड़ा अड्जस्ट करना होगा.

दोपहर का टाइम था हुँने सोचा की हम इसी बस मे चलते है. रात तक वैसे ही बस खाली हो जाएगी. तो हम तोड़ा आराम कर लेंगे और यही सोच के हम बस मे आ गये.

लेकिन बस बहुत जाड़ा ही भारी हुई थी. लेकिन फिर भी हम तोड़ा अड्जस्ट करते हुवे बस के पीछे की तरफ आ गये. मई और मों अब थोड़े दूर दूर खड़े थे. मों मेरे सामने थी और मई उनके रिघ्त मे 2-3 लोग से पीछे खड़ा था.

बस थोड़ी देर मे स्टार्ट हुई तब तक मों और मैने अपनी जघा पर अड्जस्ट कर लिया था. मई जहा पर खड़ा था मेरे आस पास 3 लड़के और एक 55 साल की औरत खड़े थे. और मेरी मों के सामने एक आंटी और मों के पीछे एक मेरी आगे का ही लड़का खड़ा था.

वो लड़का दिखने मे बड़ा शरीफ सा था तो मुझे कोई टेन्षन नही थी. फिर मई व्ह खड़े खड़े खिड़की से बाहर के नज़ारे देखने लगा. बस के चलते करीब 1 घन्ते हो गये थे और अब थोड़ी और भीड़ बस मे थी.

तभी मैने मों की तरफ देखा और देख मुझे शॉक लगा. जिस लड़के को मई शरीफ सोच रहा था वो लड़का मेरी मों की पीछे खड़ा हो कर मेरी मों की गांद के मज़े ले रहा था. मैने फिर ध्यान से देखना स्टार्ट किया.

मैने देखा वो लड़का गद्दी के हर झटके पे जानबूझ कर अपनी कमर मेरी मों की कमर से सत्ता देता था. मेरी मों और उससे हर बार घूर कर देखती और वो शरीफ सी शकल बना लेता. इसलिए वो कुछ बोल भी नही पा रही थी.

लेकिन कुछ देर से झटके लगने के बाद भी मों ने पीछे पलट के देखना बंद कर दिया था. और ये देख कर मुझे अजीब लग रहा था लेकिन यूयेसेस लड़के की इश्स बात से हिम्मत बढ़ गयी थी.

फिर आयेज क्या क्या हुआ और कैसे यूयेसेस लड़के की हिम्मत इतनी बढ़ गयी की उसने मेरी मा को बस मे ही छोड़ डाला. ये सब अगले पार्ट मे बतौँगा.

तो दोस्तो आपको मेरी मों और मेरी कहानी कैसी लगी बताए. अगर आप ऐसी मेरी मों की और ऐसी कहानिया सुनना चाहते है तो करपया मुझे मेरे एमाइल पर रिप्लाइ दे, धन्यवाद.

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