बस मे की मा की चुदाई की कहानी

हे एवेरिवन ये कहानी 2017 की है जब मई 10त स्टॅंडर्ड मे था. तब मेरी उमर 18 साल थी और मेरी मा की आगे 39. मेरी मा एक हाउस वाइफ है. उसका फिगर किसी साउत इंडियन हेरोइन जैसा है, तोड़ा सा मोटा लेकिन बहुत ज़्यादा हॉट.

ये कहानी तब की है जब मई और मेरी मा मुंबई से इंडोरे जेया रहे थे वोल्वो के एसी बस मे. हम लोग ने एक पूरा कॉमपार्ट्मेंट्स बुक कर लिया था एसी वाला.

बस रात के 11:30 भजे थी और हम 11 भजे ही बस स्टॅंड आ गये थे. बस एकद्ूम टाइम पर ही आ गयी ठीक 11:30 भजे. हम लोग बस मे चड़े और अपने कॉमपार्टमेंट मई जेया कर बैठ गये. मा साथ मे कुछ नाश्ता ले कर आई थी. पहले हुँने वो खाया उसके बाद मा सूने चली गयी और मई मोबाइल मे हेडफोन्स लगा कर मोविए देखने लगा.

कुछ देर बाद मैने मा को देखा तो वो एकद्ूम घेरी नींद मे थी. तो मैने सोचा यही मौका है हिला लेता हू. मा मेरी बाजू मे ही सूई थी. हम दोनो के नीच मई ज़्यादा गॅप नही था. इसीलिए मई तोड़ा साइड हुआ ताकि तोड़ा गॅप आ जाए और मा जाग ना जाए.

फिर मैने अपने मोबाइल पर देसीकाहानी वेबसाइट स्टार्ट किया. मुझे पहले से ही मा बेटे की खनाईया बहुत पसंद थी और मई हमेशा उन्हे पढ़ कर ही मूठ मारा करता था. आज भी मैने वोही किया, एक मा बेटा की कहानी खोली और अपना लंड पंत मे से बाहर निकल कर हिलना स्टार्ट किया.

मई हिलने मे इतना खो गया के मैने ध्यान ही नही दिया के मैने मेरे और मा के बीच मई जो गॅप रखा था वो अब ख़तम हो गया है. और मई मा से चिपक कर मूठ मार रहा हू.

मेरी मूठ मारने की राफ़्टर भी तीज हो गयी. तभी अचानक से मेरी मों हिली और जैसे ही वो हिली मई मोबाइल बंद कर के सू गया.

मा उठी और उन्होने मुझे देखा. शायद मई मूठ मारने मे इतना हिल रहा था के मा जाग गयी. मई तब सूने की आक्टिंग करने लगा. मा ने थोड़ी देर इधर उधर देखा फिर वापिस सूने चली गयी.

मैने कुछ देर वेट किया के मा वापिस सू जाए आचे से फिर ही मई वापिस मूठ मारना चालू करू. कुछ देर बाद मुझे लगा के हा अब मा सू गयी है. तो मैने वापस स्टोरी खोली और लंड बाहर निकल कर मूठ मारना चालू किया, इश्स बार मैने गॅप रखा.

मई मूठ मार रहा था स्टोरी पढ़ते पढ़ते. तभी मैने मोबाइल साइड पर रख दिया और पूरे जोश मई मूठ मारने लगा. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिससे उस वक़्त मेरी धड़कन ही रुक्क गयी.

मेरी मा ने अचानक से मेरा हाथ जो मेरे लंड को पकड़ा हुआ था उससे पकड़ लिया. मैने झटके से अपना हाथ खीच लिया लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जो मैने कभी लाइफ मई सोचा भी नही था. मेरी मा ने मेरा लंड अपने हाथ मई पकड़ लिया.

मेरा लंड जो पहले से ही 7 इंच का है वो पूरा हार्ड हो गया. पहले तो मा ने कुछ वक़्त सिर्फ़ लंड पकड़ा रखा और कुछ नही किया. लेकिन फिर कुछ टाइम बाद उन्होने धीरे धीरे अपना हाथ उपर नीचे करना शुरू कर दिया.

मई तो मानो सातवे आसमान पर था. मेरी आपनी मा, जिसके बारे मे सोच कर मई रोज मूठ मारता था. वो आज खुद ही मेरा लंड हिला रही है.

मा धीरे धीरे मेरा लंड हिला रही थी आराम आराम से.. बीच बीच मेरे मूह से आहह ह की आवाज़ भी निकल जाती. तभी मैने सोचा यही मौका है, मुझे भी बात आयेज बढ़ानी चाहिए. और मैने अपना एक हाथ मा के बूब्स पर रख दिया और उनका रिघ्त वाला बूब मई कुर्ते के उपर से ही दबाने लगा.

मा भी अब हिलने की स्पीड बढ़ा रही थी. तभी मैने हाथ कुर्ते के अंदर डाल कर ब्रा के अंदर से बूब्स को पकड़ लिया और आचे से मसालने लगा. मा भी अब आह अहह की आवाज़े निकल रही थी..

तभी मैने अपना हाथ मा की ब्रा मई से निकल कर उनके छूट पर रख दिया. और सलवार के उपर से ही छूट सहेलने लगा. मा भी अब धीरे धीरे जोश मई आ रही थी. और यही बात देखते हुए मैने हाथ मा के सलवार के अंदर डाल दिया और छूट मसालने लगा.

मा अब पूरी कापने लगी थी और उनकी सासे भी तीज हो गयी थी. ज़्यादा देर ना करते हुए मैने मा की छूट मे अपनी 2 उंगली डाल दी. मा के मूह से हल्की से चीख निकल गयी. और मा पूरी काप गयी और ज़ोर ज़ोर से सास लेने लगी.

तभी मैने अपनी उंगलिया अंदर बाहर करना चालू कर दी. पहले धीरे धीरे लेकिन फिर धीरे धीरे मैने अपने उंगलियों की रफ़्तार बढ़ा दी. मा अब पूरे तरह से माजा ले रही थी. उन्होने मेरा लंड कस्स कर पकड़ लिया था और उससे ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी.

10 मीं ऐसे ही मा की छूट मई उंगली करने के बाद मा झड्द गयी. मई उठा और मा के उपर लेट गया और मा के हूतो पर किस किया. मा भी मेरा साथ दे रही थी. हम दोनो स्मूच करने लगे और काँसे कम हुँने 15 मीं तक स्मूच किया. इश्स स्मूच के बीच ही मैने मा की कुरती और सलवार दोनो उतार दी.

मा अब ब्रा और पनटी मे थी और मा ने भी मेरी टशहिर्त और पंत निकल दी मई अब सिर्फ़ चड्डी मई था.

तभी मैने किस बंद किया और मा की ब्रा निकल दी. और एक छूटे बचे की तरह मा के बूब्स को चोसने लगा. मई मूह से मा का रिघ्त वाला बूब्स चुस्स रहा था और एक हाथ से मा का लेफ्ट वाला बूब दबा रहा था. और दूसरा हाथ से मई मा की छूट सहेला रहा था.

फिर मई मा के लेफ्ट वेल बूब को चोसने लगा और रिघ्त वेल को दबाने लगा. मा अब मेरे मूह को उनके दोनो हाथो से अपने बूब्स मई दबा रही थी.

ऐसे ही 10 मीं तक बूब्स चूसने के बाद मई नीचे गया और मा की पनटी भी निकल दी. अब मा मेरी सामने पूरी नंगी लेती थी वाहह क्या नज़ारा था वो.

पहले मैने मा के छूट को एक बार सूँघा. छूट की खुश्बू से मुझे मानी नशा हो गया हो. फिर मैने अपनी ज़ुबान से मा की छूट को एक बार छाता. मा ने मेरे बाल पकड़ लिए फिर मैने मेरी ज़ुबान मा की छूट के अंदर डाल दी. इस्पे मा ने चीलाया अहह… ऐसे ही करो बेटा..

ये सुनते ही मई पूरी टीजी से अपने ज़ुबान को मा की छूट के अंदर बाहर करने लगा. और मा की छूट चूसने लगा मा पागल हो रही थी. पूरी ताक़ात से मेरे सिर्र को अपने छूट मई दबा रही थी. और बोल रही थी ‘हा बेटा ऐसे ही ऐसे ही चूस अपनी मा की छूट को.’

मा के मूह से यह छूट सुन्न कर मेरा और खड़ा हो गया और मई पागलो की तरह छूट चाटने लगा.

कुछ देर बाद मा ने मेरा सिर्र उपर किया और बोला अब मेरी बारी. और मई समझ गया की अब मुझे ब्लो जॉब मिलने वाला है. मई तभी मा के बाजू मई लेट गया और मा अपने घुटनो पर आ गयी.

पहले उन्होने मेरे लंड को अपने हाथ मई पकड़ा और उससे दो टीन बार हिलाया. फिर लंड के उपर एक किस किया फिर एक एक करके पूरे लंड पर किस किया. और फिर एक ही बार मई मेरा पूरा लंड अपने मूह मई ले लिया. मई तो वही पागल हो गया और मा के बाल पकड़ कर उनका मूह छोड़ने लगा.

मा एक दूं आचे से मेरा लंड चुस्स रही थी पूरा अंदर तक ले कर. तभी मैने कहा ‘चूसो मा ऐसे ही आचे से चूसो मेरा लंड..’ और मा मेरा लंड चुस्ती गयी.

10 मीं ऐसे ही चूसने के बाद मई मा के मूह मई ही झड्द गया. मा मेरा सारा कम पी गयी एक, बूँद भी नीचे नही गिरने दिया. और फिर्र मा मेरे पास आ कर लेट गयी और हम दोनो स्मूच करने लगे.

मई अपने हाथो से कभी मा के बूब्स दबा देता तो कभी उनकी छूट के साथ खेलता. तो कभी उनके बूब्स चूस्ता और मा भी अपने हाथो से मेरे लंड के साथ खेल रही थी. और कुछ ही टाइम मई मेरा लंड वापिस खड़ा हो गया.

मैने मा को देख कर स्माइल किया और मा समझ गयी वो मेरे नीचे लेट गयी और मई उनके उपर आ गया. पहले मैने मेरा लंड का हेड उनकी छूट पर रखा और उससे वही तोड़ा घूमता रहा.

मा बोल पढ़ी ‘ बसस्स बेटा अब और कितना तड़पाएगा अपनी मा को अब डाल भी दे..’ तभी मैने एक ही बार मई पूरा लंड मा की छूट मई डाल दिया.

मा छिला उठी ‘अहह!!!!! मार डाला रे बेटा तूने तो!! आराम से कर तोड़ा..’ लेकिन अब मई मा की कहा सुनने वाला था. मई ज़ोर ज़ोर से मा की छूट मई शॉट मारने लगा. मा भी गांद उछाल उछाल कर मेरा साथ दे रही थी. मा के मूह से अहह बेटा छोड़ और तीज छोड़ड़ फाड़ दे मेरी छूट ऐसे वर्ड्स सुन्न कर मई और जोश मे आ गया.

तभी मा ने मुझे नीचे आने का इशारा किया. मई नीचे लेट गया और मा मेरे उपर चॅड गयी और मेरा लंड अपनी छूट मे ले कर उपर नीचे होने लगी.

मई भी आहह ह करने लगा मा भी ह ह कर रही थी.. पूरा बस का कॉमपार्टमेंट ह ह और छाप छाप की आवाज़ से भार्र गया था..

अब मई भी स्पीड मे मा को शॉट मार रहा था. मा समझ गयी के मेरा होने वाला है और मा ने उछालने के रफ़्तार बढ़ा दी. और तभी मई मा की छूट मई ही झड्द गया.

मा मेरे उपर आ कर लेट गयी और हम तभी वाहा वैसे ही नगने ही सू गये.

अगर इसके आयेज की कहानी पढ़नी है और जाना है के कैसे मैने मेरी मा को एक ढाबे के बातरूम मे छोड़ा

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