बिल्डिंग वाली आंटी की चुदाई कहानी

गुड मॉर्निंग गाइस. ये क्या गुड मॉर्निंग बोल रहा है सोच रहे हो ना? क्यूंकी ये स्टोरी मैं सुबा के 5 बजे लिख रहा हू. 39 यियर्ज़ की आंटी के घर में, उनके मास्टर बेडरूम में मैं और आंटी दोनो इस टाइम पे नंगे है.

अभी मेरी आंटी मेरे छ्चाटी पे अपने 40″ साइज़ बूब्स के साथ मुझे हग करके सोई है. सो, आपको समझ आ गया होगा की ये कहानी एक आंटी और मेरे बीच में हुई चुदाई की है. और देर ना करते हुए सीधे कहानी पे आते है.

इस कहानी की हेरोयिन सुमा आंटी आगे 39. फिगर एक-दूं मस्त मेनटेन की हुई है. हमे एक-दूसरे से पहचान है. मैं भी उनके वहाँ सिंगल रेंट पे रहता हू.

आंटी मेरे नीचे वेल पोर्षन में रहती है मैं डोर. मेरा पेंटहाउस होने की वजह से ओपन एरिया था. मेरे ऑफीस की एक लड़की के साथ मेरा फ्रेंड्स वित बेनेफिट जैसा था. वो लड़की भी मेरे मोहल्ले के पास की थी, इसलिए ज़्यादातर मेरे रूम में चुदाई हो जाती थी वीकेंड्स में.

लेकिन उस दिन हमारे सामने वाले घर में फंक्षन था. बहुत सारे लोगों की भीड़ जमी हुई थी, और हमारा मूड कंट्रोल नही हो रहा था. रात के 11 बाज रहे थे. तब उस लड़की ने हमारे म्यूचुयल फ्रेंड के फ्रेंड की अपार्टमेंट्स की कीस ले आई. उसकी नाइट ड्यूटी थी, इसलिए हमारा चल गया.

वो मुझे टेंप्ट कर सके, इसलिए वो ब्लॅक कलर की स्लीवलेशस सारी में आई थी. लोकेशन पे 11:30 तक मैं पहुँच गया. उसे सारी में देख के और रुक नही पाया. उसने जूस दी, उसमे वियाग्रा मिली हुई थी. 12 बजे ऐसे स्टार्ट हुआ, की 4 रौंद होने के बाद भी लंड नीचे झुकने का नाम नही ले रहा था. सुबा के 4 बजे तक चुदाई चली रही. उसकी दोस्त 5 बजे आने वाली थी, इसलिए एक और बार उसकी गांद में छोड़ के आ गया.

शॉर्ट्स में मेरा तन्ना हुआ लंड पूरी तरह से साफ दिख रहा था. 4:10 तक मैं रूम पहुँच गया. मेरा टेरेस था तो मैने बेड बाहर लगा के पानी पीते हुए उपर से नीचे देखा. सुमा आंटी के घर की लाइट्स ओं हुई. इस टाइम पे क्यूँ ओं हुई सोच रहा था. मेरा 3र्ड फ्लोर था, उनका ग्राउंड फ्लोर था.

उनकी साइड वाली किचन की डोर ओपन हुई. देखा तो हमारे मोहल्ले का दूधवाला बाहर निकला. आंटी पहले ही दीवार के पास बड़ा सा पत्थर लगा के खड़ी हुई थी. वो आंटी के पास पहुँच के ब्लाउस के उपर से प्रेस करते हुए किस करने जेया रहा था की आंटी ने उसे धकेल दिया.

आंटी घबराती हुई इधर-उधर देख रही थी की मैं दिख गया. फिर शॉक में सारी ठीक करती हुई अंदर चली गयी. वो दीवार कूद के चला गया. आंटी ने डोर क्लोज़ करके लाइट्स ऑफ कर लिया. इनका अछा अफेर चल रहा था सोचते हुए फ्रिड्ज से एक बियर निकाल के सुबा-सुबा पीने लगा.

कुछ 30 मिनिट के बाद फिर से उनके घर की डोर ओपन हुई तो देखा की आंटी तभी नहा के निकली थी. बियर की वजह से लंड सख्ती से खड़ा था. आंटी मेरी तरफ हाथ हिलाते हुए देख रही थी. इशारे में क्या हुआ पूछा तो उसने इधर आओ कह के बुलाई. सुबा के 5 बजे थे, तो कोई नही था.

मैं उनके घर के तरफ गया, घर के अंदर जाके क्या हुआ आंटी पूछा.

आंटी: किसी को इस बारे में मत बताना प्लीज़, इज़्ज़त चली जाएगी.

मे: करने से पहले ये सब याद नही आया? वैसे भी 60 साल उमर वाले के साथ कहाँ सुख मिलता होगा आपको? ठीक है किसी को नही बतौँगा. लेकिन मुझे क्या मिलेगा? मेरे लिए भी कुछ देखो आप.

आक्च्युयली, मुझे लगा की कुछ पैसे देगी शायद. आंटी के बूब्स उभरे हुए थे वो मैं देख रहा था कॅष्यूयली. लेकिन आंटी को लगा की मैं उसको छोड़ने का सोच रहा था. वो टाइम देखी, 5:26 हो रहे थे.

आंटी: वन अवर टाइम है बस, जो करना है कर लो इस बार के लिए सिर्फ़.

आंटी बेडरूम के अंदर गयी, डोर के पास खड़े होके देख रही थी. लंड पहले से ही वियाग्रा एफेक्ट में था. पॉकेट में एक कॉंडम भी था. टेन्षन किस बात की सोच के गया तो आंटी ने बेडरूम डोर लॉक कर दिया. आंटी को साइड से पकड़ा तो आंटी मूह घुमा के, आँखें बंद करके मूड बना रही थी.

निघट्य उठा लिया पूरा, अंदर से नंगी थी. आंटी के लिप्स देख के किस करने लगा. उनका भी अछा मूड बन रहा था. आंटी को बेड पे धक्का दिया और अपनी त-शर्ट और शॉर्ट्स निकाल के नंगा हो गया. फिर आंटी की छूट को लंड रगड़ते हुए किस कर रहा था.

आंटी भी आचे से अपनी छूट हिला के साथ दे रही थी. फिर आंटी को बोला की सलाइवा किस्सिंग करते है. आंटी को पता नही था तो अपनी थूक को मूह में रख के मूह खोलने को बोला. उन्होने वैसे है किया. फिर मैं अपनी थूक से किस्सिंग करना शुरू किया आंटी को. सलाइवा दोनो के मूह के बीच में रहना देख, शॉक में ह्म करके, शरम के मारे हस्ती हुई और सलाइवा लेके लीप किस्सिंग कर रहे थे.

वैसे ही कुछ 18 मिनिट तक चलता रहा. आंटी की छूट गीली हो गयी तब तक. फिर उनके उपर से उठ के, नीचे जेया के उनकी छूट में अपनी जीभ डाल दिया. वहाँ, वो क्या कर रहे हो पूछी आंटी ने.

आंटी: उष्ह उम्म्म्म क्या रे, अजीब सा लग रहा है. क्या कर रहा है रे तू?

आंटी की छूट की लिप्स को चूस रहा था. वो उम्म्म्मममम आह बाबू उम्म्म्म सिसकते हुए अपने पैरों से मुझे उनकी छूट के और अंदर धकेल रही थी. आंटी के सिसकरने से और उनकी हरकतों से मेरा लंड और तंन गया तो आंटी को बोला की 69 पोज़िशन करते है. उन्हे पता नही था कैसा करना है बताया तो आ गयी वो. आंटी का वो पहली बार था तो हस्स के बोली की ऐसा भी करते है क्या.

चूस मेरी प्यारी रॅंड बोला मैने. आंटी मेरा लंड मूह लेके चूस रही थी. मैं आंटी की छूट चूस रहा था. आंटी का ऐसा सब पहली बार होने से उनकी छूट से पानी निकले जेया रहा था. वो भी पूरी तरह से साथ देते हुए अपनी छूट उपर-नीचे कर रही थी. उनकी गांद का च्छेद भी चाट रहा था.

आंटी का पानी निकल गया. उठ के मुझे देख के शरमाते हुए हस्स के ये क्या है पूछी. पहली बार ऐसा सब कर रहा हू बोल के गले लग गयी. फिर आंटी को मैने बोला की मेरा लंड चूसो बिना अपने दाँत लगाए. तो आंटी मुझे बेड पे लिटा के 69 पोज़िशन में आ गयी. अभी तो किया था पूछा मैने.

छूट चाट ना, अछा लग रहा है. तो मैने अपना मूह चूतड़ में घुसा दिया. आंटी अपने मूह में लंड लेके धीरे से चूस रही थी. ह्म्‍म्म्म करते हुए बहुत मोटा है तेरा बोलती हुई लंड चूस रही थी. मैं आंटी की गीली छूट मज़े से चूस रहा था. आंटी लंड को अंदर-बाहर करते हुए चूस रही थी. वो अपनी थूक से भिगो के मेरा लंड चूस रही थी.

जब उनकी गांद में उंगली किया तो बोली: आहह, वहाँ, दर्द होता है रे.

आप एंजाय करती रहो बोला मैने. आंटी की गांद में 2 उंगलियाँ घुसा के अंदर-बाहर कर रहा था. इससे उनको पाईं हो रहा था. उन्होने आचे से चूसना शुरू किया.

फिर मैं उठ के, आंटी को नीचे पटक के, उनके दोनो पैरों को अलग किया. मुझे उनकी जाँघ दिखी. क्या सॉलिड थी उनकी जांघें और उनकी शरीर पूरा सफेद. फिर कॉंडम निकाला मैने. आंटी ने पहनाया और पैरों को फैला के लेट गयी.

कमाल की चुड़क्कड़ आंटी लगी मुझे. लंड को उसकी छूट पे लगा के दबा रहा था, तो आंटी उम्म्म घुसा जल्दी बोल रही थी. आंटी उम्म्म्मम आहह ह्म्‍म्म्म कह के सिसकती हुई अपनी छूट हिला रही थी और मैने लंड को उसकी छूट में एक धक्का देके घुसा दिया.

मेरा लंड आंटी की छूट में जाते ही आंटी को और नशा सा होने लगा. फिर एक 30 मिनिट आंटी को मिशनरी में छोड़ा. 2 बार आंटी की छूट झाड़ चुकी थी. वियाग्रा एफेक्ट की वजह से मेरा अभी तक नही हुआ था. आंटी मुझे साइड को धक्का देके “क्या है रे तेरा लंड, इतना छोड़ने के बाद भी झाड़ नही रहा” बोल के ज़ोर से साँसें ले रही थी. उनकी पीठ पसीने से भीगी थी, और मैं उनकी पीठ चाट के जगह-जगह काट के किस्सिंग कर रहा था.

आंटी: आज एक दिन में मेरी छूट का सारा पानी ख़तम कर दोगे शायद?

ये बोलते हुए अपनी गांद उठा के लंड पे रग़ाद रही थी. उफ़फ्फ़ तभी सन्राइज़ हो रहा था. खिड़की थोड़ी सी खुली थी. आंटी को डॉगी पोज़िशन में छोड़ रहा था. आंटी की चुदाई के दौरान उनकी छोटी लूस होके बाल पुर उनकी पीठ पे थे. मैं उनको इतनी हवस में छोड़ रहा थी की बहुत मज़ा आ रहा था.

गांद में डालु क्या, पूछा.
वो बोली, “नही रे, बहुत दर्द होगा, अगली बार देखेंगे. जल्दी कर ले रे, मेरे पति के आने का वक़्त हो रहा है.” हा बोल के और ज़ोर से आंटी को छोड़ने लगा. आंटी को छोड़ के उनकी छूट में लंड रख के झाड़ गया. कॉंडम निकाल के कॉंडम में भरा हुआ मेरा रस्स आंटी के मूह में डाल दिया.

आंटी शरमाते हुए मेरा लंड चूस्टी हुई मुझे देख रही थी. छाप-छाप करके मेरा लंड को पूरा क्लीन कर दिया आंटी ने. फिर मैं उठ कर सोफा पर जेया बैठा, आंटी भी अपनी मूह धो के आके अपने दोनो पैर अलग कर के मेरी बाहों में बैठी. और एक 10 मिनिट हमने किस किया.

फिर मैं उठ के वहाँ से आ गया. आंटी ने अपने जिस्म की नंगी फोटोस भेजी, जहाँ-जहाँ मैने उन्हे काटा था. नाइट मेरे रूम में आजा बोला. फिर मैं और एक बियर पीक सो गया. डेली छोड़ने वाली लड़की का कॉल आया शाम को. उसने बोला की दरवाज़ा खुला रखना मैं अवँगी.

कब मेरी आँख लग गयी पता नही चला. मुझे नींद में लगा कोई मेरा लंड चूस रही थी. मुझे लगा की वो लड़की आ गयी थी, वो शायद चूस रही थी. जब मैने अपनी आँख खोल के देखा तो मेरा लंड चूसने वाली वो चुड़क्कड़ आंटी थी.

मैं उठ के आंटी को उपर खींच के किस किया और पूछा की पति नही है क्या?

आंटी बोली: वो अपने दोस्त के साथ शादी में गये है 4 दिन के लिए. तेरे लंड से चुड के और डोर नही रह पाई. इसलिए आ गयी.

मैने अपना लंड छूट में घुसा दिया और आंटी राइडिंग करती रही. फिर आंटी को घुमा के गंद उपर करके डॉगी पोज़िशन में छोड़ रहा था. मेरा लंड जब आंटी की छूट में घुस रहा था तब लंड एक-दूं अंदर जाके लग रहा था. आंटी को बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन मैं उन्हे ज़ोर-ज़ोर से छोड़ रहा था. अचानक तभी मेरा डोर बेल बजा, आंटी टेन्षन में पूछी कों आ गया. मैने खिड़की से देखा तो मेरी वो लड़की दोस्त थी.

आंटी को बोला: टेन्षन मत लीजिए, मेरी दोस्त है. उसके साथ भी मैं चुदाई करता हू.

लेकिन आंटी ने अपने नंगे जिस्म को बेडशीट से धक लिया. डोर ओपन करते ही वो मेरे उपर झट से चढ़ के लिपट गयी. फिर होंठो को काट के, किस लेके छोड़ने लगा. आंटी बेडशीट धक के टेन्षन में थी. वो लड़की देख के पूछी कों है. “ये मेरी प्यारी पड़ोसन आंटी है,” मैने कहा.

फिर मैं आंटी के पास जाके, उनके बदन से बेडशीट निकाल के किस करना शुरू किया. वो लड़की आंटी के पैरों से चूमती हुई उपर आके आंटी की छूट चाटने लगी. आंटी ने पूछा की ये क्या कर रही थी वो. तो मैने बोला की वो लेज़्बीयन थी.

फिर आंटी भी उसको हा बोलती हुई अपने पैर और फैला के गांद को उपर करने लगी. मैं आंटी को किस करते हुए बूब्स को दबा रहा था, और मेरी दोस्त सीधे आंटी की छूट चूस्टी हुई उनकी गांद में उंगली कर रही थी. आंटी दर्द और सुख से मचल रही थी और वो मेरे लंड को हिला रही थी एक हाथ से.

सो गाइस इस स्टोरी के अगले पार्ट में बतौँगा की कैसे हमने थ्रीसम किया और मैने आंटी की गांद मारी. आशा है की आपको मेरी ये कहानी अची लगी होगी. किसी हसीन लड़की या आंटी को छूट चटवा के छुड़वाना हो तो मुझे मैल या गूगले छत पे मेसेज कीजिए.

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