बुआ और उनकी सेक्सी बेटियों को चोदने का मौका मिला

में अपनी बुआ के घर रहता था. में 12 वीं क्लास में पढ़ता था Story मुझे पहले से ही sex में रूचि थी और मेरी इच्छा भी होती थी. मेरे फूआ दूसरे गाँव में रहते थे और नौकरी करते थे. वो और उनकी दोनों बेटियाँ शहर में रहती थी, क्योंकि उनकी दोनों बेटियाँ एम.बी.बी.एस में पढ़ाई करती थी.

मेरी उन तीनों के साथ अच्छी बनती थी और वो लोग खुले स्वभाव के थे. में कभी- कभी उनको बाथरूम में नहाते हुए देखने की कोशिश करता था, लेकिन में कभी सफल नहीं हुआ. मेरी बुआ और उनकी बड़ी बेटी का फिगर अच्छा था और उनकी छोटी बेटी का फिगर ठीक-ठाक था, वो लोग डॉक्टर की पढ़ाई करती थी तो वो एक दिन कंडोम और सेक्स की बातें कर रहे थे. अब में वहाँ बैठा था और सुन रहा था, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर एक दिन मुझे सेक्स की इतनी इच्छा हुई कि में नंगा होकर बाथरूम में टब में सो गया. तब बुआ का अपना काम ख़त्म करके नहाने का टाईम था तो मैंने बाथरूम का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया था. फिर वो अंदर आ गयी और ब्रश करके अपने कपड़े ऊपर करके लेट्रिन करने बैठ गयी. फिर तब मैंने उसकी जांघे देखी, वो बहुत मोटी और बहुत सुंदर थी, अब में छुपा हुआ था.

वो अपने कपड़े उतारकर नहाने लगी, मैंने जिंदगी में पहली बार किसी औरत को नंगा देखा था. अब मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था, उनके क्या मोटे-मोटे बूब्स थे? और उसकी गांड तो देखने लायक थी. तो तभी मेरा पैर फिसला और उन्होंने मुझे देख लिया और जोर से चिल्लाई.

अब में डर गया था, लेकिन मैंने उनसे कहा कि में भी नंगा हूँ, तो आप शरमाओ मत और किसी को कुछ बताओ भी मत. अब जब में टब से उठकर बाहर आ रहा था तो मेरा पैर फिसला और में उनके ऊपर जा गिरा तो मैंने उनके बूब्स को हाथ लगाया, तो फिर उन्होंने मुझे बहुत डांटा और बाथरूम से बाहर निकाल दिया.

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5-6 दिन तक वो मुझे पूरे दिन घूरती रही. अब में डरा रहता था कि वो मेरे मम्मी पापा को ये बात ना बता दे. फिर एक दिन छुट्टी का दिन था और गर्मी भी बहुत थी और उनका ए.सी बिगड़ गया था. फिर हम लोग रात को बाहर खाना खाकर वापस लौटे तो में कपड़े बदलने बाथरूम में जा ही रहा था कि वो तीनों बेड पर बैठी थी. फिर उन्होंने मुझे रोका और कहा कि में उनके सामने अपने कपड़े बदलूँ, तो में हक्का बक्का रह गया.

उन्होंने मुझे उस दिन बाथरूम वाली बात से ब्लैकमेल किया, तो मुझे उनके सामने नंगा होना पड़ा. अब में नंगा खड़ा था और वो तीनों मुझे देख रही थी. फिर एक ने आकर मेरी चड्डी उतार दी और मेरा लंड पकड़ लिया. अब मुझे एक तरफ से मज़ा आ रहा था और दूसरी तरफ से कुछ समझ में भी नहीं आ रहा था कि ये आचनक क्या हो रहा था?

फिर तभी बुआ ने एक लंबी लकड़ी निकाली और मुझे नीचे झुकने को कहा और मेरी गांड पर ज़ोर-ज़ोर से मारना शुरू किया, तो में दर्द के मारे चिल्ला पड़ा. अब उन्होंने मार-मारकर मेरी गांड लाल कर दी थी और अब मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरी गांड पर खून लगा हो.

वो बोली कि यह उस दिन की सजा है और फिर मुझसे कहा कि अब तेरी सज़ा यह है कि तू घर में नंगा ही घूमेगा और जो हम बोले वो करना होगा, नहीं तो वो यह बात मेरे घर पर बता देंगे. फिर वो बोली कि तेरा लंड तो बहुत बड़ा और कड़क है और फिर उन तीनों ने बारी बारी से मेरा लंड चूसा. अब वो लोग धीरे-धीरे अपने कपड़े उतार रहे थे और मुझे तो यह सज़ा बहुत अच्छी लग रही थी.

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उन्होंने मुझसे कहा कि में बारी-बारी उन तीनों की चूत को चाटूं. अब बारी उन्हें चोदने की थी. फिर उन्होंने मुझे नीचे कंडोम बॉक्स से 6 कंडोम लेकर आने को कहा.

फिर उन्होंने अपने थूक से अपनी चूत को गीला किया और फिर मैंने भी अपनी जीभ से बुआ की चूत गीली की और फिर अपने लंड पर कंडोम लगाया और धीरे से अपना लंड उनकी चूत में घुसाया, तो वो चिल्लाई, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, तो तभी उसी वक्त उन्होंने उनकी बड़ी बेटी की चूत अपने मुँह में लेने को कहा. अब में उसकी चूत चूस रहा था और मजे कर रहा था. फिर तभी उसी वक्त उनकी छोटी बेटी मेरी और बुआ की गांड में उंगली कर रही थी.

मैंने उनके कहने पर उनकी बड़ी बेटी की चूत में वाइब्रेटर घुसाया. अब वो रो रही थी और ऊहहहहह, आह, हाईईईईई कर रही थी. अब उसकी चूत में से पानी निकल रहा था और वो और बुआ चिल्ला रही थी. अब में साथ में बुआ के बूब्स भी चूस लेता था, उन तीनों ने मुझे सज़ा दी थी, लेकिन मज़ा तो मुझे ही आ रहा था.

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