ब्राउन गर्ल रतिका के साथ सेक्स

दोस्तो मैने काफ़ी वक़्त पहले एक कहानी लिखी थी जिसका नाम था ‘चुदाई एक्सप्रेस‘. ये उसका सीक्वल है. जिन्होने वो कहानी नही पढ़ी आप पहले वो पढ़ लेना.

एक दिन मैं अपने ऑफीस मे काम कर रहा था तभी मुझे कॉल आया मैने देखा तो वो रतिका का था. रतिका और मेरी अक्सर बातें होती रहती है. वो मेरी कॉलेज की फ्रेंड है और उसे मुझ पर क्रश था इसलिए वो रेग्युलर मुझसे छत करती या फिर कॉल्स पर हम बातें करते थे. मैने कॉल पिक किया और बात करने लगा.

नील: हिी

रतिका: हिी नील, कैसे हो?

नील: ई’म गुड. और तुम?

रतिका: मैं भी ठीक हूँ. क्या कर रहे हो?

नील: ऑफीस मे हूँ.

रतिका: ओह ई’म सॉरी मैं तुम्हे डिस्टर्ब तो नही कर रही?

नील: कम ओं य्र तुम्हारे कॉल से मुझे कभी तक़लीफ़ हुई है क्या? बोलो क्या बात है?

रतिका: नील तुम्हे इन्वाइट करने के लिए मैने कॉल किया था.

नील: कैसा इन्विटेशन है ये?

रतिका (ब्लशस): आक्च्युयली काफ़ी वक़्त से मम्मी पिच्चे पड़ी थी के शादी कार्लो शादी कार्लो तो एक दिन मैने उन्हे हन बोल दिया.

नील: अक्चा जी. इतनी जल्दी शादी कर रही हो? अभी तुम काफ़ी यंग हो य्र इतनी भी क्या जल्दी?

रतिका: मुझे पता है बुत योउ नो मेरी मम्मी कैसी है. उन्होने एक ज़िद पकड़ ली तो वो सुनती नही है.

नील: हन लेकिन तुम उनसे काई ज़्यादा ज़िद्दी हो.

रतिका: सीरियस्ली?

नील: हन.

रतिका: मम्मी ने मेरे लिए एक लड़का पसंद किया था और मुझे भी वो अक्चा लगा तो मैने भी हन कर दी.

नील: क्या बात है… हॅंडसम तो है ना वो?

रतिका: हन बुत तुम से कम.

नील: अरे… तुम अभी भी मुझे पसंद करती हो?

रतिका: तुम्हे पता है मुझे तुम क्यू पसंद हो. तो अभी कुछ दिन बाद मेरी एंगेज्मेंट है इसलिए तुम्हे इन्वाइट करने के लिए कॉल किया.

नील: कोंग्रथस रतिका. मुझे नही पता था के ये सब इतनी जल्दी हो जाएगा. मैं पक्का अवँगा तुम्हारी एंगेज्मेंट मे.

रतिका: पक्का ना? तुम उस दिन बिज़ी तो नही रहोगे?

नील: तुम्हारे लिए सब काम छ्चोड़ के अवँगा.

रतिका: अक्चा जी? देख लेना अगर तुम नही आए तो मैं एंगेज्मेंट नही करूँगी. बिकॉज़ योउ’रे मी बेस्टीए.

नील: अगर ऐसी बात है तो अपने बेस्टीए को कॉल करके इन्वाइट करोगी? तुम मुझे घर पर आकर इन्विटेशन डोगी तो ही मैं अवँगा

रतिका: अरे घर पर?

नील: क्यू? मेरे लिए इतना भी नही करोगी? मुझसे मिलना नही है क्या?

रतिका: ऐसा नही है… तुमसे मिलने का रोज मॅन करता है बुत मैं तुमसे मिलती हूँ तब मैं बहेक जाती हूँ.

नील: अरे कुछ नही होगा. आओ ना इसी बहाने मेरा घर भी देख लॉगी.

रतिका (शरमाते हुए): नील प्लीज़ रहने दो ना ये सब… योउ नो लास्ट टाइम हम मिले थे तब क्या हुआ था.

नील: अरे वो तो काफ़ी पुरानी बात है. और तब से हम नही मिले है.

रतिका: उसके बाद तुमसे मिलने मे मुझे शरम आती है. तुम्हे देखती हूँ तो खुद को कंट्रोल नही कर पति इसलिए नही मिली तुमसे.

नील: अक्चा..

रतिका: बुत डॉन’त वरी… मैं जल्दी ही तुम्हारे घर अवँगी. मुझे भी तुमसे मिलना है.

नील: ठीक है.

जिन्होने हुमारी पिच्छली कहानी नही पढ़ी उन्हे मैं बता देता हूँ के लास्ट टाइम हुँने साथ मे ट्रेन मे सफ़र किया था जिसे 3 – 4 साल हो चुके है. वो सफ़र मेरी ज़िंदगी का सबसे बेहतरीन सफ़र मे से एक था. रतिका के साथ उस सफ़र के दौरान उसने मुझे ट्रेन मे काफ़ी सिड्यूस किया जिससे मैं भी गरम हो गया था.

फिर रतिका ने मुझे उसे छोड़ने पर मजबूर कर दिया. वो हम दोनो का पहला सेक्स था. रतिका तब वर्जिन थी और उसकी सील मैने ही तोड़ी थी. जब तक हम दोनो साथ थे तब तक मैने उसे दिन रात छोड़ा मेरे दिमाग़ पर उसका नशा चढ़ चुका था इसलिए हम दोनो ने अपनी सारी लिमिट्स क्रॉस कर दी.

रतिका को मैने इस तरहा छोड़ा था के वो उस चुदाई को ज़िंदगी भर नही भूल सकी इसलिए उसके बाद वो मुझसे नही मिली. उसे मिलने के लिए मैने काई बार कहा लेकिन उसका एक ही जवाब था के वो मुझे मिलने के बाद खुद को कंट्रोल नही कर पति. और अब हुमारा ये मिलने का प्लान बन रहा है.

कॉल ख़तम होने के बाद मैं अपनी आँखें बंद करके रतिका को इमॅजिन करने लगा.

रतिका एक 23 साल की जवान लड़की थी. हम दोनो कॉलेज के फ्रेंड्स थे. वो दिखने मे ब्राउन रंग की थी और यही उसकी खूबसूरती ने मुझे उसे छोड़ने पर मजबूर किया था. रतिका काफ़ी स्लिम लड़की थी. उस चुदाई के बाद उसने खुद को काफ़ी मेनटेन किया था.

सोशियल मीडीया पर मैं उसके फोटोस देखता था तब उसकी फिगर के कुवर्व्स मुझे पागल कर देते थे. लंबे घने बाल, तीखे नैन नक्श, फेस कट इतना सही था के उसे देखने वाला लड़का सिर्फ़ उसे छोड़ने की कामना करेगा. वो बनी उस लिए थी. रतिका किसी कामदेवी से कम नही थी. उसे काफ़ी सिंपल रहना पसंद था. फिटनेस की वजह से उसके बूब्स को काफ़ी अक्चा शेप आ गया था.

फोटोस मे उनका उभर देखकर सोचता था के वो कितने सुंदर दिखते होंगे. रतिका की गांद काफ़ी हद तक बड़ी हो चुकी थी. उसकी गांद का शेप देखकर मुझे आज भी खुद को शांत करना पड़ता है.

रतिका एक मॉडेल मेटीरियल बन चुकी थी. मैं बस यही सोचता था के काश ऐसा हो के फिर एक बार वो मेरे सामने बिना कपड़ो के खड़ी हो जाए. फिगर: 34-24-36

मैं अचानक होश मे आया के मैं ऑफीस मे हूँ. वो सब भूल के मैं अपने काम मे लग गया. दिन गुज़रने लगे थे और अब मेरे दिमाग़ से भी रतिका का ख़याल निकल चुका था.

एक दिन मम्मी पापा को किसी रिश्तेदार के घर जाना था इसलिए वो दोनो वहाँ चले गये. बारिश के दिन थे और मौसम काफ़ी मस्ताना था. मुझे ऑफीस जाने का बिल्कुल मूड नही था और मुंबई मे इतनी बारिश हो रही थी के अगले 3 दिन तक बारिश बहुत ज़्यादा होने वाली थी इसलिए मैने ऑफीस से लीव ले ली और घर से ही काम करने लगा. डोपेहेर को लंच के बाद मुझे रतिका का कॉल आया.

रतिका: हे, क्या कर रहे हो?

नील: अभी लंच किया.

रतिका: ओके. अभी कहा हो तुम?

नील: मैं घर पर हूँ.

रतिका: आज ऑफीस नही गये?

नील: नही… बारिश के दिन है और ज़्यादा कम भी नही है तो सोचा घर से ही कम कर लेता हूँ.

रतिका: ग्रेट! मैं मुंबई मे हूँ. शाम को तुमसे मिलने अवँगी मुझे तुम्हारा अड्रेस सेंड कर देना.

नील: शुवर.

रतिका: काफ़ी टाइम बाद मिलेंगे ना हम?

नील: हन. तुम मुंबई मे कहा रुकी हो?

रतिका: एक होटेल मे रुकी हूँ.

नील: अक्चा. मुंबई किसी काम से आई थी?

रतिका: कुछ काम नही था सिर्फ़ तुमसे मिलने आई हूँ. अब तुमने बोल दिया के पर्सनल इन्विटेशन ही चाहिए तो तुम्हारे लिए आई हूँ.

नील: ठीक है… मैं वेट करूँगा तुम्हारा.

रतिका: यॅ.

इतना बोल के मैने कॉल कट कर दिया और अपने काम मे लग गया. ऑफीस के काम मे मुझे पता ही नही चला शाम कब हो गयी. शाम के 5:30 बजे थे तभी डोर बेल बाजी. मैने दरवाजा खोला तो मेरे सामने रतिका थी. उसे देखकर मैं बहुत खुश हुआ. हुँने एक दूसरे को हग किया और हॉल मे जाकर बैठ गये.

रतिका और मैं सोफे पर बैठे थे.

रतिका: नील तुम काफ़ी बदल गये हो. पहले से काफ़ी हॅंडसम और फिट लग रहे हो.

नील: थॅंक्स. और तुम काफ़ी ज़्यादा खूबसूरत लग रही हो.

रतिका (शरमाते हुए): थॅंक्स. अंकल आंटी कहा है?

नील: वो दोनो आज सुबह ही रिश्तेदार के यहाँ गये है.

रतिका: ओह ई थॉट मैं उनसे भी मिल लेती और सभी को इन्वाइट करती.

नील: डॉन’त वरी मैं उन्हे बता दूँगा.

फिर हम दोनो मेरे बेडरूम मे कॉफी पीते हुए बातें करने लगे.

नील: रतिका ये बताओ तुम इतनी जल्दी शादी क्यू कर रही हो?

रतिका (थोड़ी सी नाराज़ होकर): आक्च्युयली काफ़ी लड़के देखे बुत योउ नो ई’म आ ब्राउन गर्ल सो कुछ लड़को ने रिजेक्ट कर दिया. फिर मैने भी डिसाइड किया के जो मिल जाएगा उसे हन कर दूँगी

वो थोड़ी नाराज़ थी इसलिए मैं बेड पर उसके पास जाकर बैठा.

नील: रतिका तुम्हे पता नही है के तुम कितनी खूबसूरत हो.

रतिका: प्लीज़ अब मेरा मॅन रखने के लिए मत बोलो मुझे पता है रिलिटी क्या है.

नील: अरे सच मे मैं झूठ नही बोल रहा… तुम सच मे बहुत खूबसूरत हो.

रतिका: बुत मैं दिखने मे गोरी नही हूँ.

नील: हन तो? गोरी दिखने वाली लड़कियाँ ही खूबसूरत होती है क्या?

रतिका: हन.

नील: बुद्धू ऐसा नही होता. योउ नो तुम्हारी रियल ब्यूटी ही तुम्हारा ये ब्राउन कलर है. तुम कॉलेज मे थी तब से काफ़ी खूबसूरत हो और अब तुमने ये फिटनेस की वजह से जो ट्रॅन्स्फर्मेशन किया है उससे तुम बहुत हॉट लग रही हो.

मेरी बात सुनकर रतिका शर्मा गयी. उसे फाइनली मेरी बात से यकीन होने लगा.

रतिका: सच मे?

नील: हन. जस्ट लुक अट योउ… तुम्हारे कुवर्व्स देखकर कोई भी लड़का पागल हो जाएगा.

रतिका: नील ये सब तुम्हे लगता है बाकी लड़को को नही.

नील: हन तो? लेकिन रिलिटी तो यही है.

रतिका: अरे लेकिन मुझे शादी तुमसे थोड़ी करनी है. बाकी लड़को को ऐसा लगता तो वो मुझे रिजेक्ट नही ना करते.

रतिका की बात सही थी. इंडिया मे अगर लड़की गोरी है तो ही वो दिखने मे खूबसूरत है. उसका फेस कट, फिगर वो सब बाद मे देखते है. और रतिका ने मुझे यही सब बताया जो देखा जाए तो सच था.

हुमारी काफ़ी बातें हुई. तो मैने उसे उसके होने वेल पति के बारे मे पूछा.

नील: ये बताओ तुम्हारा होने वाला पति कैसा है?

रतिका: वो हॅंडसम है बुत तुम्हारे जितना नही.

नील: ओह तुम अभी तक मुझे पसंद करती हो?

रतिका: हन बाबा. तुम मेरे क्रश हो और तुम्हे तो पता है के क्रश कभी चेंज नही होते.

नील: यॅ ई नो.

फिर उसने मुझे उसके फिन्सी के बारे मे बताया और उसकी फोटो भी दिखाई. तब मुझे पता चला के रतिका का फिन्सी मेरे ही ऑफीस मे काम करता है. मैं उसे काफ़ी अकचे से जनता था. हुँने इतनी बातें की के पता ही नही चला कब रात हो गयी.

रतिका: नील काफ़ी देर हो गयी है अब मैं चलती हूँ.

नील: ठीक है लेकिन जाओगी कैसे बाहर बहुत जोरदार बारिश हो रही है.

रतिका: आक्च्युयली मैं भी वही सोच रही थी.

नील: एक बात बताओ तुम मुंबई मे अकेली हो या कोई है साथ मे?

रतिका: नही मैं अकेली ही हूँ.

नील: और कितने दिन के लिए आई हो?

रतिका: 3 दिन के लिए… क्या हुआ?

नील: एक बात काहु? मुझे लगता नही के आज बारिश रुकेगी. एक काम करो तुम आज रात यही रुक जाओ.

रतिका: अरे नही नही यहाँ रुक के क्या करूँगी, मैं चली जाती हूँ.

नील: अरे तुम वहाँ होटेल मे भी अकेली ही रहोगी ना तो यहाँ रह जाओ. यहाँ मैं हूँ ह्यूम एक दूसरे की कंपनी मिल जाएगी. मैं भी अकेला हूँ और काफ़ी बोर हो गया हू तुम रहोगी तो बहुत मज़ा आएगा.

रतिका ने तोड़ा सोचा और फिर वो मान गयी. कुछ देर बातें करते करते हुँने डिन्नर भी कर लिया. डिन्नर के बाद हम दोनो बाल्कनी मे खड़े बातें कर रहे थे उसने मुझसे पूछा.

रतिका: नील एक बात काहु?

नील: हन.

रतिका: मुझे रात को अकेले सोने मे दर लगता है तो क्या मैं तुम्हारे साथ सो सकती हूँ?

नील: हन कोई बात नही.

रतिका: थॅंक योउ सो मच… मुझे अकेले नींद ही नही आती.

नील: इट्स ओके.

रतिका: एक और बात कहनी थी…

नील: हन बोलो?

रतिका: योउ नो मेरा यहाँ रुकने का कोई प्लान नही था सो मैं निघट्य लेकर नही आई. और ऐसे जीन्स टॉप मे कैसे सो सकती हूँ?

आपको क्या लगता है आयेज क्या होगा? रतिका रात को क्या पहनेगी?

आपको ये पार्ट कैसा लगा मुझे मैल करके ज़रूर बताना. जवान लड़कियाँ और मॅरीड लॅडीस भी मुझे मैल करे आपकी प्राइवसी का ख़याल रखा जाएगा.

तो बे कंटिन्यूड…

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