हेलो एवेरिवन, वेलकम तो मी सेक्स स्टोरी. मेरा नाम लैला है. मेरी आगे 25 है, और फिगर 34-26-36 है. दिखने में बहुत प्यारी हू, सफेद रंग, बड़े बूब्स, पतली कमर और बड़ी गांद, जो किसी का भी पानी निकाल दे.
मैं कराची की रहने वाली हू. ये मेरी फर्स्ट सेक्स स्टोरी है. अगर कोई मिस्टेक हो तो अभी से सॉरी. आज मैं आपको अपनी पहली चुदाई की स्टोरी सुनने जेया रही हू. ई होप आपको पसंद आएगी.
ये बात तब की है जब मैं 1स्ट्रीट एअर में पढ़ती थी. उस टाइम मेरी आगे 19 थी. इस स्टोरी में आप पढ़ेंगे की कैसे मेरे क्रश ने मेरी सील तोड़ी. तो शुरू करती हू अपनी पहली चुदाई की स्टोरी. लड़कियाँ अपनी उंगली छूट में, और लड़के अपने लंड हाथ में पकड़ ले, क्यूंकी आज सब का पानी निकलेगा.
मेरी मुलाक़ात अपने क्रश से एक शादी में हुई थी, जिससे मैं बहुत इंप्रेस हुई थी. उसकी आगे उस टाइम 25 थी, और मेरी 19. पर मुझे वो बहुत पसंद था. इसलिए मैने हिम्मत करके उसे फ़ेसबुक पर मेसेज किया, और यू हमारी बात स्लोली-स्लोली शुरू हुई.
हमारी बस फॉर्मल बात होती थी, जैसे नॉर्मल होता है. फिर कुछ दिन बाद उसने मुझे फोन पर सेक्स करने को कहा, और मुझे उसके साथ बहुत मज़ा आने लगा. फिर हम डेली चुदाई की बातें करने लगे. एक दिन उसने मुझे अपने पास बुलाया, मिलने के लिए होटेल में बुलाया. मैं भी चली गयी उससे मिलने.
फिर हम रूम के अंदर गये, जो पहले से चिल था. वहाँ बैठने के लिए सिर्फ़ बेड ही था, जिस पर हम दोनो बैठ गये. मैं तोड़ा नर्वस थी, क्यूंकी मेरी आगे इतनी नही थी. पर उसने बड़े प्यार से मुझे अपने करीब किया, और मेरे गाल पर किस किया.
मैने कुछ नही बोला, बस यू ही बैठी थी. इससे उसकी हिम्मत बढ़ गयी. फिर उसने अपना एक हाथ मेरी क़मर पर रखा, और दूसरा मेरे लेफ्ट बूब पर. अब वो मेरे लाल होंठो को चूमने लगा. पहले मुझे अजीब लगा, पर थोड़ी देर बाद मैं भी होंठ चुसाई में साथ देने लगी.
वो अब किसी बॉल की तरह मेरे दोनो बूब्स को मसल रहा था, जिससे मुझे बहुत दर्द हो रहा था बूब्स में. उसके बाद वो मेरी कमीज़ उतारने लगा, और फ़ौरन मेरी ब्रा भी खोला, जिससे मेरे बड़े-बड़े माममे ब्रा की क़ैद से आज़ाद हुए. मेरे माममे बिल्कुल उसके सामने नेकेड हो गये.
मैं अपने हाथो से अपने माममे च्छुपाना चाहती थी, पर मेरे हाथ छ्होटे है, तो नही च्छूपा सकी. फिर उसने मेरे हाथ हटा दिए मेरे मम्मो से, और पागलों की तरह टूट पड़ा मेरे बड़े-बड़े बूब्स पर. पहले तो वो ज़ोर-ज़ोर से सिर्फ़ चूस रहा था, फिर उसने ज़ोर-ज़ोर से बीते करना शुरू किया मेरे बड़े-बड़े बूब्स को. उसके बाद तेज़-तेज़ मसालने लगा, जिससे मेरी हालत खराब हो रही थी.
फिर अचानक से उसने मेरी सलवार के उपर से मेरी छूट पर हाथ रखा, जो पहले से गीली हो चुकी थी. उसके अचानक ऐसा करने से मैं चौंक गयी, और उसका हाथ हटाने लगी. फिर उसने मेरी सलवार उतरी, और मेरी टाँगें खोली. उसके बाद वो मेरी छूट को पागलों की तरह चाटने लगा, जिससे मैं बिल्कुल मदहोश हो रही थी.
मैने उसके बाल पकड़े, और अपनी छूट पर उसका मूह दबाने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. वो कभी मेरी छूट के अंदर चाट-ता तो कभी मेरी क्लिट को. मैं पागल हो रही थी, मुझे इतना मज़ा आ रहा था.
फिर उसने मुझे सलवार के उपर अपना लंड हाथ में पकड़ाया, और मुझे सहलाने का बोला. पर उसके लंड का साइज़ देखते ही मैं काँप गयी की ये मैं कैसे मॅनेज करूँगी? मैने उसका लंड छ्चोढ़ दिया दर्र के मारे.
फिर उसने अपनी सलवार उतरी और मेरी आँखों के सामने एक बहुत लंबा और मोटा लंड था, जिसे देख कर मैं दर्र रही थी. साइज़ 8 इंच था उसका. मेरी हालत खराब थी. फिर उसने अपना लंड मेरे मूह के करीब करके मुझे चूसने को बोला, जिसके लिए काफ़ी माना करने के बाद मैं मान गयी.
मैने उसके लंड का टोपा मूह में लिया, जिसका टेस्ट बहुत अछा था. फिर स्लोली-स्लोली मैं उसका लंड चूसने लगी, और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था उसका लंड चूसने से. पर उसका लंड इतना लंबा और मोटा था, की वो मेरे मूह में फिट नही हो रहा था, पर मैं चूस रही थी.
फिर उसने मुझे सीधा लिटाया और खुद मेरी टाँगों के बीच आया. उस टाइम मेरे माइंड में यही चल रहा था की ये फिट कैसे होगा मेरी छूट में? फिर उसने अपनी एक उंगली पर आयिल लगा कर मेरी छूट में डाली. इससे मुझे बहुत तकलीफ़ हो रही थी, पर थोड़ी देर में मज़ा आने लगा.
फिर उसके देर सारा आयिल मेरी छूट पर लगाया, और मुझे कहा मेरे लंड पर आयिल लगाओ. मैने आचे से ढेर सारा आयिल लगाया, और उसके मोटे लंड की मालिश करने लगी. फिर उसने अपना लंड जो मेरे हाथ जितना था, मेरी छूट पर रगड़ना शुरू किया, और अंदर करने की कोशिश की.
मेरे मूह से ज़ोर की चीख निकली, और मैं उसे हटाने लगी खुद से. पर उसने मेरे दोनो हाथ मज़बूती से पकड़े, और अपना लंड आहिस्ता-आहिस्ता अंदर डालने लगा. मेरी बॉडी बहुत कमज़ोर सी थी, और वो बड़ा था आगे में और ताक़त में. पर वो नही रुक रहा था, और पूरा लंड अंदर कर दिया.
मेरी छूट से बहुत खून निकला, पर उसको इसकी ज़रा भी परवाह नही थी. लंड पूरा डालने के बाद वो थोड़ी देर रुका, और फिर आहिस्ता-आहिस्ता अंदर-बाहर करने लगा. इससे मुझे बहुत दर्द हो रहा था.
तकरीबन 10 मिनिट के बाद मुझे भी तोड़ा-तोड़ा मज़ा आने लगा, और उसने मेरी छूट की चुदाई की स्पीड बढ़ा दी, जिससे मुझे दर्द और मज़ा दोनो फील हो रहा था. कुछ देर बाद उसने बहुत तेज़ छोड़ना शुरू किया, जिससे मेरी और मेरी छूट दोनो की हालत खराब हो गयी. मुझे ऐसे फील हो रहा था, जैसे कोई मेरी छूट मैं गरम लोहा अंदर-बाहर कर रहा हो.
आधा घंटा मेरी छूट की ठुकाई करने के बाद उसका पानी निकालने वाला था, और उसने बगैर पूछे मेरी छूट में अपना ढेर सारा गरम पानी छ्चोढा, जिससे मुझे बहुत सुकून मिला. उसके बाद उसका लंड छ्होटा होता गया, और मेरी छूट से बाहर निकल आया.
मुझसे मेरी छूट देखी नही जेया रही थी. मुझे ऐसे फील हो रहा था जैसे मेरी छूट फटत गयी थी. मैने उठने की कोशिश की, पर मेरी छूट मैं बहुत जलन हो रही थी. मुझसे उठा नही जेया रहा था. मेरे यार ने जब मेरी ये हालत देखी, तो हासणे लगा और मुझे पेनकिलर दे कर तोड़ा आराम करने को बोला.
पेनकिलर खाने के बाद मुझे तोड़ा सुकून मिला, पर मुझसे चला नही जेया रहा था. बहुत बुरी हालत हो गयी थी मेरी. फिर उसने पकड़ कर मुझे बाहर अपनी कार में बिताया. पर मुझसे बैठा नही जेया रहा था. मुझे ऐसे लग रहा था जैसे मेरी छूट फटत गयी हो, जो वाकाई में फटत गयी थी.
फिर उसने मुझे मेरे घर ड्रॉप किया. मैं हिम्मत करके अपने घर चली गयी, और सारा दिन सोती रही. 3 दिन तक मेरी छूट जल रही थी, और मेरी ब्लीडिंग नही रुक रही थी.
आयेज की कहानी नेक्स्ट पार्ट में सुनौँगी की कैसे उसने मुझे गांद मरवाने के लिए मनाया, और मेरी गांद की सील तोड़ी
वेट फॉर थे नेक्स्ट पार्ट.