ब्लॅकमेलर ने देखी खुद की बेटी की लिव चुदाई

लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा कैसे एक शराबी ने मुझे और कमाल को सेक्स करते पकड़ लिया, और हमे ब्लॅकमेल करने लगा. पर मैं अपना दिमाग़ लगा कर उसके सिकंजे से निकल गयी. अब आयेज-

मुझे पता था वो शराबी प्रकाश मेरे लिए ख़तरा बन सकता था. तो मैने कमाल को उसके उपर नज़र रखने को कहा. कमाल ने प्रकाश और उसकी फॅमिली पर नज़र रखना शुरू कर दिया. और गाओं में भी उसके दोस्तों से कुछ बातें जानी. 2 दिन बाद कमाल मुझे किसी काम के बहाने दोपहर के 12 बजे घर से ले गया.

नयी बहू को मुझ पर तोड़ा शक हो गया था, ऐसा मुझे लगा. पर जानना भी ज़रूरी था. मुझे कमाल गाओं के बाहर एक पुराना मकान था वाहा ले गया. कमाल ने मुझे दबे पावं आने को कहा. और उसने प्रकाश को भी वाहा बुला लिया था.

संगीता: कमाल इसको यहा क्यूँ बुलाया है? और तुम मुझे यहा क्यू लाए हो?

कमाल: मौसी शांति रखिए, अभी आपको पता चल जाएगा? और पकिया तू यहा चुप-छाप खड़ा रह. बिल्कुल आवाज़ मत करना. अभी थोड़ी देर में तेरी सारी मस्ती निकालने वाली है.

5-10 मिनिट हुए की हमे बिके की आवाज़ आई. हम सब किसी को ना दिखाई दे ऐसे च्छूप गये. हमने देखा की 2 लड़के थे, और एक लड़की थी. लड़की के चेहरे पर दुपट्टा बँधा हुआ था, और लड़कों के मूह पर रुमाल बँधा हुआ था. उसके हाथ में बाग था. वो लड़की की बात करू तो वो कॉलेज स्टूडेंट लग रही थी.

उसका रंग दूध जैसा गोरा था. फिगर की बात करू तो उसके बूब्स बहुत आचे दिख रहे थे, और पर्फेक्ट रौंद थे. कमर भी पतली थी, और उसकी गांद बहुत सेक्सी लग रही थी. चाल उसकी हिरनी जैसी थी.

फिर वो दोनो लड़कों के साथ वो लड़की वो पुराने मकान में चली गयी. मुझे और प्रकाश को कमाल ने इशारा किया की उसके पीछे जाए. हम तीनो खिड़की के पास चले गये और हमे एक खिड़की टूटी हुई मिली, जिसमे से अंदर का सब नज़ारा दिख सकता था.

हमने देखा की वो लड़की हमारी तरफ पीठ करके के खड़ी थी, और वो दोनो लड़के उसके सामने थे. फिर सब ने उनका चेहरा खोल दिया.

प्रकाश: अर्रे ये तो सुनील और जगदीश है. ये सेयेल किसको लेकर आए है.

सुनील की बात करू तो वो कमाल की आगे का था, कुछ 25-26 का, और जगदीश की आगे मेरे जितनी थी. फिर कमाल ने हमे आवाज़ ना करने को कहा. अब हम मकान के अंदर जो बात हो रही थी वो सुनने की कोशिश कर रहे थे.

जगदीश: यार क्या माल है. आज पहली बार ऐसी नाज़ुक काली मिली है. छोड़ने में मज़ा आएगा. पहले बोला होता तो मैं कितनी बार उसकी चुदाई कर चुका होता.

सुनील: जगदीश भाई बहुत मेहनत लगा है इसको समझने में. अब जेया कर मानी है. पर मज़ा बहुत आएगा. मैं तो बहुत छोड़ चुका हू इसको. आज आप पहले ट्राइ करो.

जगदीश: हा मुझसे तो इसकी गांद देख कर रहा नही जेया रहा. देख ना साला मेरा लंड खड़ा हो गया है. आज तो इसकी चुदाई का पूरा मज़ा लूटना है.

सुनील: ठीक है, आप पहले चुदाई कर लो, मैं बाहर हू. आप का हो जाए फिर मैं छोड़ने आ जौंगा.

अब जगदीश उस लड़की को पकड़ लेता है, और उसकी गांद पर हाथ रख देता है, और साथ में उसका एक हाथ उस लड़की के बूब्स पर होता है. वो कुछ नही करती और चुप-छाप खड़ी रहती है. जगदीश उसके जिस्म के साथ बड़ी बेरेहमी से खेलने लगता है. वो पहले सलवार का नाडा खोल देता है, और नीचे उतार देता है.

बाद में उसका टॉप भी निकाल देता है. वो लड़की ने अंदर वाइट ब्रा पहनी थी. पीछे से उसकी गांद उभरी हुई थी, और बहुत सेक्सी लग रही थी. अब जैसे ही जगदीश ने वो लड़की को पलटा और उसके हाथ बूब्स पर रख दिए और दबाने लगा.

कमाल: पकिया देखा कों है?

जैसे ही प्रकाश ने वो लड़की का चेहरा देखा, उसके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गयी. वो लड़की कोई और नही पर प्रकाश की बेटी पिंकी थी. उसने अपना हाथ माथे पर रख दिया, और उसकी आँखों से आँसू निकल आए. वो बाहर की दीवार की तरफ मूड गया, और नीचे बैठ गया.

कमाल: देख ना सेयेल तेरी बेटी तेरे दोस्तों से छुड़वा रही है. ये वही लोग है जो तुझे फोकट की दारू पाइलेट है. तेरी दारू का पैसा तेरी बेटी से वसूल करते है.

अब मैं और कमाल पिंकी की चुदाई देख रहे थे. जगदीश से तो कंट्रोल नही हो रहा था, और उसने पिंकी को पूरा नंगा कर दिया. पिंकी की छूट पर हल्की झाँते थी. अब जगदीश ने उसके बूब्स मूह में ले लिए, और उसको चूसने लगा. वो ऐसे बूब्स चूस रहा था, जैसे उसको पहली और आखरी बार मिल रहे हो.

उसको चुदाई की बहुत जल्दी थी. अब वो भी पूरा नंगा हो गया. जगदीश से कुछ कंट्रोल ही नही हो रहा था. उसने पिंकी को वाहा एक गद्दा था, उसके उपर लिटा दिया, और लंड छूट में डाल दिया. पिंकी की आ निकल गयी. वो उसके उपर चढ़ कर धक्का मारने लगा. पिंकी आ आ की मादक आवाज़े निकाल रही थी, जिससे मेरी छूट गीली हो गयी और मैने देखा की कमाल भी उसका लंड सहला रहा था.

जगदीश पिंकी को लीप किस करने की कोशिश कर रहा था, पर वो गुटका खाता था तो पिंकी लीप किस को अवाय्ड कर रही थी. 2-3 मिनिट हुए और वो झाड़ गया. और पिंकी के पास में लेट गया. 2-3 मिनिट के बाद.

पिंकी: तेरा हो गया हो तो पैसा दे और बाहर निकल.

जगदीश (50 रुपीज़ निकाल कर): तुझे देख कर मेरा बहुत जल्दी निकल गया. ले ये तेरा पैसा. मैं दो दिन बाद फिर तेरी चुदाई करने अवँगा.

(अब जगदीश बाहर चला गया और सुनील अंदर आया)

सुनील: क्या बात है मेरी रंडी. जगदीश को तो 2 मिनिट में निपटा लिया. अब मुझे भी छोड़ने दे. थोड़ी देर में विशाल आने वाला है. वो तो तेरी जाम कर चुदाई करेगा.

पिंकी: आज तो विशाल को बोल दूँगी की मुझे नये कपड़े दिलाए. साला बहुत देर तक चुदाई करता है. तोड़ा तो मेरा भी हक बनता है. और हा, मुझे आज विशाल को खुश करना है तो तू आज रहने दे. किसी और दिन तुझे छोड़ने दूँगी.

सुनील: अर्रे यार तेरा रोज़ का नाटक है. उधर पैसे मेरे से लेती है, और चुदाई दूसरों से.

पिंकी: तो तूने मुझे एक बार 500 रुपीज़ दिए थे. उसके बदले में तूने मुझे कितनी बार ठोका है.

सुनील: हा तो साली तुझे मैं यहा कितनो से चुदेआ रहा हू. तो इतना तो मेरा हक बनता है ना. तेरा सब कुछ तेरी चुदाई की वजह से होता है. और मैं सब को नही लाता तो तेरा काम भी कैसे होता?

पिंकी: मेरा बाप घर में ध्यान देता तो मुझे ऐसे किसी से चुदाई नही करवानी पड़ती. मजबूरी में सब कर रही हू. और आज मुझे सच में विशाल से बहुत बड़ा काम निकलवाना है. कॉलेज में एक फ्रेंड से पैसे उधार लिए थे. वो देने है और पहनने को आचे कपड़े भी नही है, तो उसके लिए भी थोड़े पैसे चाहिए.

सुनील: ठीक है, देख ले विशाल क्या कर सकता है. अभी तो उसकी हालत भी टाइट है. देखते है तू कितना खुश कर पाती है.

इतने में हमने एक और बिके की आवाज़ सुनी. मैने ध्यान से देखा तो एक लड़का उस मकान में एंटर हुआ. वो बहुत ही मोटा और काला लड़का था. उसकी आगे 22-23 होगी, पर दिखने में काफ़ी बड़ा लग रहा था. उसने बहुत सारा गोल्ड पहना हुआ था. उसका बॉडी पेयर शेप्ड थी. मैं तो सोच में पद गयी इतनी खूबसूरत लड़की को ये लड़का छोड़ता है.

कमाल ( धीमी आवाज़ में): मौसी ये सरपंच का बेटा है. बहुत अमीर है ये लोग. गाओं में सबसे ज़्यादा ज़मीन इनके पास है. और ये उसका एक-लौटा बेटा है. पिंकी को इसने रंडी बना कर रखा है. गाओं में बहुत सी औरतों को ये छोड़ चुका है.

विशाल: कैसी है मेरी रंडी? बहुत दीनो बाद मेरी याद आई. पहले तो बहुत नाटक कर रही थी. अब मेरा लंड पसंद आ गया क्या, जो इस डल्ले को मेरे पास भेजा?

आ सब सुन कर प्रकाश को उसकी ग़लती पर अफ़सोस होता है. वो लगातार अपना सर पीट रहा था, और अपना मूह दबा के रोए जेया रहा था. सच काहु तो मुझे भी दुख हो रहा था की एक बिचारी लड़की को पैसों के लिए अपना जिस्म बेचना पद रहा था. और जो लोग प्रकाश को ग़लत रास्ते ले जेया रहे थे, वही लोग उसकी बेटी का ग़लत फ़ायदा उठा रहे थे. उसी दिन पता चला की पैसा बहुत कुछ करने को मजबूर कर देता है.

अब आपको नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी की पिंकी की लाइफ में क्या कुछ चेंजस आते है. आपको स्टोरी अची लगे तो प्लीज़ कॉमेंट करे और मूडछंगेरबोय@गमाल.कॉम पर आपका फीडबॅक मैल करे.

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