बीबी को चोदकर उनकी बुर फाड़ दी

हेल्लो दोस्तों, Kamukta मैं नॉन वेज स्टोरी का बहुत बड़ा प्रशंशक हूँ। मेरा कृष्णा है। कुछ सालों पहले मेरे एक दोस्त ने मुझे इस वेबसाइट के बारे में बताया था, तब से मैं रोज यहाँ की मस्त मस्त कहानियां पढता हूँ और मजे लेता हूँ। मैं अपने दूसरे दोस्तों को भी इसे पढने को कहता हूँ। पर दोस्तों, आज मैं नॉन वेज स्टोरी पर स्टोरी पढ़ने नही, स्टोरी सुनाने हाजिर हुआ हूँ। आशा करता हूँ की यह कहानी सभी पाठकों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी सच्ची कहानी है।
मेरी कहानी पढ़कर आप लोगो को जरुर मजा आएगा। हम लोग गुजराती है और राजकोट के रहने वाले है। मेरे पापा की मौत बहुत पहले ही हो गयी थी। वो सिर्फ हम लोगो के लिए एक बँगला छोड़ गये थे। हम ४ भाई महेंद्र [सबसे बड़े वाले भैया], जगन [बड़े भैया से छोटे भैया], भुवन [जगन से छोटे भैया] और सबसे छोटा मैं कृष्णा था। दोस्तों आजकल अपने भाइयों के लिए कौन करता है। सारे भैया अपनी अपनी बीबियों के पीछे लगे रहते है और दिन रात अपनी बीबियों की चूत में घुसे रहते है। पर मेरे सबसे बड़े मेहन्द्र भैया तो लाखों में एक थे। उन्होंने अपने दम पर कागज की एक छोटी सी फैक्ट्री लगा दी और धीरे धीरे हमारे घर का अच्छा खर्च चलने लगा। बड़े भैया [मेहन्द्र भैया] ने मेरी दो बहनों की शादी अच्छे घर में कर दी और जगन, भुवन और मुझे अच्छे स्कूलों में पढ़ाया और काबिल आदमी बना दिया। हमारी अच्छी परवरिश की उन्होंने और कभी पैसा बचाने की कोशिश नही की। हमारे ३ भाइयों का हमेशा ख्याल रखा और कभी पैसे का मुंह नही देखा। जगन, भुवन और मैं हम लोगो को अच्छी अच्छी नौकरी मिल गयी थी और सब कुछ अच्छा चल रहा था। पर एक दिन बड़े भैया की कागज़ की फैक्ट्री में आग लग गयी और उनकी फैक्ट्री बंद हो गयी।
बड़े भैया पर काफी कर्जा भी था क्यूंकि बिजनेस में कर्ज तो लेना ही पड़ता है। इसलिए बड़े भैया ने हमारे बगंले को बेचकर कर्ज चुकाना सही समझा क्यूंकि उसका ब्याज भी दिनों दिन बढ़ रहा था और हमारे पास रहने के लिए एक छोटा घर अहमदाबाद में था। पर मेरे जगन और भुवन भाइयों से बँगला बेचने से मना कर दिया और बड़े भैया का कर्ज चुकाने के लिए अपने पास से एक फूटी कौड़ी भी नही थी। जबकि उनके पास काफी पैसा था। जगन और भुवन भैया की बीबियों ने उन्हें पट्टी पढ़ा दी की एक भी पैसा बड़े भैया को ना दे। उनका नुक्सान हुआ है उनकी फेक्ट्री में आग लगी है इसलिए वो ही जाने। मजबूरन बड़े भैया को अपनी बीबी के सारे गहने बेचने लगे। मेरी बड़ी भाभी का हीरो का हार भी उसी चक्कर में बिक गया।
उसके बाद जगन और भुवन भैया की नियत साफ़ हो गयी की वो कितने अहसान फरामोश निकले। कुछ दिनों बाद बड़े भैया ने अपनी मेहनत और जुनून से अपनी फेक्ट्री को फिर से खड़ा कर लिया। और एक बार सब कुछ ठीक हो गया। पर जगन और भुवन भैया का अब बुरा वक़्त शुरू हो गया। जगन भैया के दिमाग में एक बड़ा जानलेवा ट्यूमर हो गया जिसमे उनके ४० लाख रुपये खर्च हो गये और जितना उन्होंने जोड़ा था सब कुछ चला गया। दवा का असर खत्म होने ही जगन भैया के सर में बहुत दर्द होता था। लगता था की वो मर जाएंगे और बचेंगे नही। जब जगन भैया की बीबी मीनल सब जगह से उदास हो गयी तो उनको अंत में बड़े भैया ही याद आये। वो दौड़ी दौड़ी बड़े भैया के पास आई।
“भाई साहब जगन को बचा लीजिये मैं आपके हाथ जोडती हूँ!!” मीनल भाभी बोली
वो कितनी बेशर्म है की जिस आदमी की मदद करने से उन्होंने मना कर दिया था आज उसी से मदद मांगने आई थी। मीनल भाभी रो रोकर बड़े भैया ने मदद मांग रही थी। पर बड़े भैया का अब दिल उनसे भर चुका चुका था। पर जब मिनल भाभी बार बार रोने और गिडगिड़ाने लगी तो बड़े भैया उनकी मदद को तैयार हो गये।
“ठीक है मिनल मैं भुवन का इलाज करवा दूंगा पर तुमको आज रात में मेरे कमरे में आना होगा!!” बड़े भैया बोले।
“ठीक है मैं जाउंगी!!” मिनल भाभी मजबूरी में बोली और चली गयी।
दोस्तों मेरे बड़े भैया एक जमाने में एक देवता समान आदमी थे। कभी किसी से बतमीजी से बात नही करते थे पर जब उनके बुरे वक़्त में जगन और भुवन भैया ने उनका साथ नही निभाया तो बड़े भैया का दिल इस दोनों भाइयों से खट्टा हो गया था। इसलिए आज रात उन्होंने मिनल भाभी को अपने कमरे में बुला लिया था। आज वो जगन भैया की बीबी मीजल को कसके चोदने वाले थे। सारे मर्दों की तरह बड़े भैया को सेक्स करना बहुत पसंद था। वो अपनी बीबी की चूत रोज रात में मारते थे और उन्हें खूब पेलते थे। उनके कमरे से “ओहह्ह्ह.ओह्ह्ह्ह आआआअह्हह्हह.अई..अई. .अई. उ उ उ उ उ.” की आवाजे मैं सारी रात सुन सकता था।
जब मीनल भाभी की गांड फटी तब बड़े भैया याद आये। रात में ११ बजे मीनल भाभी सज सवरकर बड़े भैया के कमरे में आ गयी। आज मिनल भाभी बहुत गजब का माल लग रही थी। दोस्तों वो बहुत गोरी चिट्टी सामान थी। वो बहुत अच्छे घर की रहने वाली थी। उनका फिगर बहुत मस्त था और 38 34 30 का उनका फिगर था। वो एक चोदने और बजाने लायक मस्त माल थी। रिश्ते में वो बड़े भैया की बहू लगती थी। पर आज तो कुछ हटकर होने वाला था। जब मेरे बड़े भैया का बुरा वक़्त चल रहा था तब यही मिनल भाभी रोज घर में पार्टी करती रहती थी और उसे फेक्टरी में आग लगने का भी जरा सा दुःख नही था। इसलिए आज बड़े भैया इस माल को कसके चोदने वाले थे। जैसे ही मीनल भाभी कमरे के अंदर गयी बड़े भैया एक नाईट सूट पहन कर बेड पर बैठे हुए हुए।
“आओ मीनल आओ. मैं कबसे तुम्हारा इंतजार कर रहा था!!” बड़े भैया बोले
मीनल भाभी का आज उसने चुदने का बिलकुल मन नही था। पर मजबूरी में उन्हें ये करना था। वो धीरे धीरे कदमों से बड़े भैया की तरफ बढने लगी और उनके पास बेड में जाकर बैठ गयी। मीनल भाभी से लाल रंग की बड़ी खूबसूरत सी साड़ी पहन रखी थी। जिसमे वो बिलकुल पटाखा माल लग रही थी। बड़े भैया ने मीनल को पकड़ लिया और उनके गाल पर किस करने लगे। फिर मीनल भाभी के खुले हुए लम्बो लम्बे बालों में नाक लगाकर उनकी खुसबू लेने लगे।
“मीनल आज तुम किसी परी से कम नही लग रही हों। मैं तू कहूँगा की आज तुम एक अफसरा लग रही हो!! आज तुम मुझे खुश कर दो, मैं जगन का इलाज करवा दूंगा!” बड़े भैया बोले और उन्होंने मीनल को बाँहों में पीछे से पकड़ लिया और उनके गोरे गोरे किस करने लगे। धीरे धीरे बड़े भैया के हाथ मीनल के बदन पर यहाँ वहां नाच रहे थे। वो जल्दी से मीनल को चोद लेना चाहते थे। उसकी मस्त चूत की खुसबू बड़े भैया को आ रही थी। फिर वो बिलकुल पागल हो गये और जल्दी जल्दी मीनल के गाल पर चुम्मा लेने लगे। मिनल आजतक किसी गैर मर्द से नही चुदी थी। वो एक अच्छे घर की लड़की थी, पर आज उसे अपने पति की जान बचाने के लिए रात भर बड़े भैया से चुदना था और उनका मोटा लंड खाना था।
फिर बड़े भैया ने मीनल को बिस्तर में खीच लिया और उसके उपर लेट गये और गाल और ओंठो पर किस करने लगे। मीनल २७ साल की भरे हुए जिस्म वाली मस्त माल थी। उसके मम्मे तो ३८” के थे जो दूर से ही साड़ी के उपर से चमक रहे थे। धीरे धीरे बड़े भैया ने मीनल की लाल रंग की सितारों वाली साड़ी निकाल दी। अब मीनल सिर्फ लाल रंग के ब्लाउस और पेटीकोट में थी। वो बहुत सेक्सी और हॉट लग रही थी। बड़े भैया के हाथ उसके बड़े बड़े बूब्स पर पहुच गये और वो उसके कबूतर को दबाने लगे। मिनल “ओह्ह माँ..ओह्ह माँ.आह आह उ उ उ उ उ..अअअअअ आआआआ..” करने लगी। फिर बड़े भैया ने काफी देर तक मीनल के सेक्सी ताजे और गुलाबी होठो को चूसा और मजा लिया। फिर धीरे धीरे वो मीनल के ब्लाउस की बटन को खोलने लगे।
मीनल को बहुत बुरा लग रहा था। पर आज उसे हर हालत में चुदना ही था। लंड तो खाना ही था। इसलिए वो बेचारी सब बर्दास्त कर रही थी। बड़े भैया ने उसका ब्लाउस खोल दिया और निकाल दिया। अब जगन भैया की बीबी मीनल सिर्फ लाल रंग की ब्रा में थी। बड़े भैया ने उसे करवट दिला दी और उसकी ब्रा का हुक खोल कर निकाल दी। जैसे ही ब्रा हटी मीनल शर्म से पानी पानी हो गयी। उसने अपने ३८” के गोल गोल बड़े ही खूबसूरत मम्मो को जल्दी से अपने हाथ से ढँक लिया। बड़े भैया हँसने लगे।
“मीनल अब मुझसे क्या शरमाना। आज तो मैं तुम्हारे मम्मो को जी भर कर चूसूंगा!! हा हा हा” बड़े भैया हँसकर बोले।
वो मीनल भाभी के नंगे बदन को यहाँ वहां चूमने लगे। मीनल तो इकदम मस्त माल लग रही थी। अगर कोई लूला लंगड़ा ही मीनल को इस तरह नग्न अवस्था में देख लेता तो १०० सीढियाँ चढ़कर मीनल की चूत मारने आ जाता। वो इतनी हॉट और सेक्सी थी। मैं जानता था की आज बड़े भैया मीनल को बेदर्दी से चोदेंगे और उसका भोसड़ा फाड़कर रख देगे। बड़े भैया ने मीनल को पीछे से पकड़ लिया था। दोनों बिस्तर पर लेते हुए थे और बड़े भैया ने अपना नाईट गाउन निकाल दिया था और पूरी तरह से नंगे हो गये थे। अपने भाई की बीबी की गदराई जवानी देखकर उनका लौडा १० इंच लम्बा हो गया था। वो पूरी तरह से नंगे थे और उन्होंने मिनल को पीछे से पकड़ रखा था। वो मीनल की सेक्सी नंगी और चिकनी पीठ को चूम रहे थे, दांत से काट रहे थे। अपने हाथो से सहला रहे थे। बड़े भैया के दोनों हाथ मीनल के महकते जिस्म पर किसी सांप की तरह रेंग रहे थे। आज वो मीनल को कसके डसने वाले थे। वो उसको बेदर्दी से चोदने वाले थे।
फिर बड़े भैया ने मीनल को अपनी तरह करवट दिया दी और उसके नंगे बूब्स को दबाने लगे। शर्म और लज्जा ने मीनल ने अपनी आखें बंद कर ली। बड़े भैया को बस मीनल की चूत मारनी थी। वो पूरी तरह से मीनल के लिए पागल और चुदासे हो गये थे। उन्होंने मीनल के ३८” के बहुत ही सुंदर मम्मो पर अपने हाथ रख दिए और जल्दी जल्दी दबाने लगे। मीनल “आआआअह्हह्हह..ईईईईईईई..ओह्ह्ह्हह्ह..अई. .अई..अई…अई..मम्मी.. बड़े भैया आराम से मेरी चूचियां दबाओ-प्लीस आराम से!!” मीनल कहने लगी। पर बड़े भैया तो आज मीनल की चूत के पीछे पूरी तरह से पागल हो गये थे। वो तेज तेज अपने हाथ से उसके मम्मे दबा रहे थे। फिर वो मुंह में भरकर उसके मम्मे पीने लगा। मीनल को बड़ी शर्म आ रही थी। फिर बड़े भैया मीनल के उपर लेट गये और उन्होंने १ घंटे तक उसके गोल गोल कलश जैसे दूध को मुंह में लेकर खूब चूसा और खूब मजा लिया।
आज मीनल जैसी सुंदर औरत उनको चोदने को मिली थी। ये सुनहरा मौक़ा वो कैसे हाथ से छोड़ने देते। वो तेज तेज मीनल के आम को हाथ से दबा रहे थे और मुंह लगाकर निपल्स को चूस रहे थे। बड़ी देर तक ये रति क्रीडा चलती रही। बड़े भैया एक चूची को मुंह में लेकर पीते, फिर कुछ देर बाद दूसरी चूची को मुंह में लेकर पीने लग जाते। आज तो उनकी ऐश हो गयी थी। कुछ देर बाद उन्होंने मीनल भाभी का पेटीकोट खोल दिया और उतार दिया। फिर उनकी पेंटी भी उतार दी। अब मीनल भाभी की चूत साफ साफ दिख रही थी। बड़े भैया बड़ी देर तक मीनल भाभी की चूत के दर्शन करते रहे। फिर वो लेटकर मीनल की भरी हुई चूत को पीने लगे। मिनल “..मम्मी.मम्मी…सी सी सी सी.. हा हा हा …ऊऊऊ ..ऊँ. .ऊँ.ऊँ.उनहूँ उनहूँ..” चिल्ला रही थी। बड़े भैया पर चुदास का नशा पूरी तरह से चढ़ गया था। मीनल बहुत ही सुंदर और सेक्सी औरत थी। इसलिए उसकी चूत भी बड़ी रसीली थी। आज बड़े भैया को उसकी चूत पिने में जैसे जन्नत का मजा मिल गया था। वो बड़ी देर तक मीनल की मस्त चूत को पीते रहे और मजा लेते रहे।
फिर उन्होंने मीनल के दोनों पैर खोल दिए। और उसकी चूत में थूक दिया। थोड़ा थूक बड़े भैया ने अपने १०” के लौड़े पर लगा लिया और लौड़े को जल्दी जल्दी फेटने लगे। कुछ देर में उनका लौड़ा खूब मोटा ताजा हो गया था। अब बड़े भैया ने अपना मोटा खूटे जैसे लौड़ा मीनल के भोसड़े में डाल दिए और उसे चोदने लगे। मीनल भाभी आज पहली बार किसी गैर मर्द का लौड़ा खा रही थी। आज वो बड़े भैया से चुदकर एक अल्टर माल हो गयी थी। बड़े भैया ने उन्हें दोनों बाँहों में भर लिया था और जल्दी जल्दी उनको चोद रहे थे। आज तो कमाल ही हो गया था। जो मीनल हमेशा घमंड किया करती थी आज उसे बड़े भैया से कसके चुदना पड़ रहा था। मीनल से अपनी दोनों टांगो को हवा में उठा रखा था और जल्दी जल्दी चुदवा रही थी। बड़े भैया तो उसे किसी रंडी की तरह जल्दी जल्दी बजा रहे थे। मीनल की चूत में जल्दी जल्दी उनका लौड़ा जा रहा था और पट पट की पॉपकॉर्न फूटने की आवाज उसकी चूत से आ रही थी।
दोस्तों कुछ देर बाद तो बड़े भैया का मौसम जम गया और वो सुपर स्पीड से मीनल की चोदने लगा। वो मीनल के बहुत ही सुंदर सफ़ेद चिकने मम्मो को पी रहे थे और उसे किसी छिनाल अल्टर माल की तरह चोद रहे थे। मीनल “उ उ उ उ ऊऊऊ ..ऊँ-ऊँ.ऊँ अहह्ह्ह्हह सी सी सी सी. हा हा हा.. ओ हो हो.. बड़े भैया धीरे धीरे मुझे चोदो, चूत में दर्द हो रहा है!!” बोल रही थी। पर बड़े भैया ने उसकी एक नही सुनी और जल्दी जल्दी उसकी चूत बजाते चले गये। उन्होंने मीनल को ३० मिनट बिका रुके पेला फिर लंड को चूत से निकालकर उसके मुंह में अपना माल गिरा दिया। वो मीनल जैसी धोखेबाज औरत को नीचा दिखाना चाहते थे और उससे अपनी बेइज्जती का बदला लेना चाहते थे। उस रात बड़े भैया ने मीनल को ६ बार कसके चोदा और उसका फाड़ दिया। फिर मीनल के पति जगन का इलाज करवा दिया।

यह कहानी भी पड़े  आंटी की बेटी को चोदने की आज्ञा
error: Content is protected !!