दोस्तों मेरा नाम कामिनी है. आज मैं आप सब को अपनी ऑफीस सेक्स स्टोरी बताने आई हू. मेरी उमर 27 साल है, और मैं एक रिप्यूटेड कंपनी में सीनियर मॅनेजर की पोस्ट पर हू. लेकिन इस पोज़िशन तक पहुँचने का रास्ता आसान नही था. बहुत से लंड थे रास्ते में. जी हा, आपने सही पढ़ा, बहुत सारे लंड थे रास्ते में.
क्यूंकी लड़कियों की तरक्की के रास्ते में लंड ही होते है, जिनको दूसरी भाषा में रुकावटें बोल देते है. जब मैने जॉब शुरू की थी, तो मेरी छूट कुवारि थी, और मैं भोली भाली थी. लेकिन मॅनेजर बनते-बनते मैं चालू बन गयी, और मेरी कुवारि छूट भोंसड़ा बन गयी. वहीं सफ़र मैं आपके साथ शेर करने वाली हू. तो चलिए शुरू करते है.
मेरी जॉब आज से 4 साल पहले आस आ जूनियर सेल्स एग्ज़िक्युटिव लगी थी. मेरा सीनियर एक 32 साल का लड़का था, मुझे जिसको असिस्ट करना था सेल्स के लिए. उस वक़्त मेरा फिगर 34-29-34 था. रंग तो मेरा गोरा है ही, और नैन-नक्श भी खूबसूरत है.
मेरे सीनियर का नाम विक्रम था. वो काफ़ी स्मार्ट था, और हॅंडसम था. उसने जिम जेया कर अची फिज़ीक भी बनाई हुई थी. और वो अभी तक सिंगल था. लेकिन ये उसने सब को बता रखा था की वो सिंगल था. जब की सच ये था की उसकी एंगेज्मेंट हो रखी थी. मुझे ये तब पता चला, जब प्यार के नाम पर उसने मेरी छूट फाड़ दी.
नयी-नयी ऑफीस में जाय्न करके मैं बहुत खुश थी. मैं टाइट पॅंट्स और शर्ट पहन कर ऑफीस जाती थी. सारा स्टाफ अछा था, और विक्रम सिर तो बहुत ही आचे थे. वो बड़े प्यार से सब समझते थे, और हर वक़्त मज़ाक करते रहते थे. उनके साथ टाइम का पता ही नही चलता था. ऐसा लगता ही नही था की नौकरी कर रहे थे, ऐसा लगता था जैसे मस्ती करने ऑफीस जाते थे.
मैं उस वक़्त भोली, कपटी दुनिया से अंजान, और कुवारि काली थी. अब इस उमर में ऐसा अची पर्सनॅलिटी वाला लड़का मिले तो दिल आ ही जाएगा उस पर. भले ही वो उमर में बड़ा था, लेकिन प्यार में पड़ी लड़की ये सब कहाँ सोचती है.
ऐसे ही 3 महीने बीट गये, और मैं विक्रम सिर के साथ अपनी जोड़ी बनने के सपने देखती रहती. जिन प्यार भारी नज़रों से मैं उसको देखती थी, शायद उसको भी पता चल गया था की मेरे मॅन में उसके लिए प्यार था. फिर एक दिन सिर मेरे पास आए और बोले-
विक्रम: कामिनी एक गुड न्यूज़ है.
मैं: क्या सिर?
विक्रम: हमारी एक डील शिमला में होने वाली है. बॉस ने मुझे वो डील फाइनल करने के लिए बोला है. साथ में मुझे एक असिस्टेंट लेके जाना है. अगर तुम कहो तो तुम्हारा नाम डेडू? अगर डील हो गयी, तो तुम्हारा प्रमोशन पक्का.
मैं: मैं चलूंगी सिर, लेकिन प्रमोशन के लिए नही. आपको असिस्ट करने के लिए.
और ये बोल कर मैने प्यार भारी नज़रों से सिर की तरफ देखा. उनको शायद कुछ समझ नही आया, तो उन्होने कहा-
विक्रम: मतलब जाओगी ना?
मैं: जी सिर.
विक्रम: चलो ठीक है, फिर मैं तुम्हारा नाम रेकमेंड कर देता हू.
हमे 2 दिन बाद निकलना था. मैने घर पर बोल दिया, और पॅकिंग कर ली. जिस दिन जाना था, उस दिन सुबा ही हम निकल पड़े. हम सिर की गाड़ी से जाने वाले थे. सिर ने मुझे मेरे घर से पिक किया, और हम निकल गये शिमला के सफ़र पर. सिर ड्राइव कर रहे थे, और मैं उनके साथ वाली सीट पर बैठी थी. मैं पूरी उनकी वाइफ वाली फीलिंग लेते हुए बार-बार उनको पानी कोल्ड ड्रिंक पूच रही थी.
8 घंटे का सफ़र था. 2 घंटे बाद हम एक रेस्टोरेंट पर नाश्ता करने के लिए रुके. वहाँ से थोड़ी देर में नाश्ता करके निकल पड़े. फिर सिर बोले-
विक्रम: और बताओ कामिनी अपने बारे में.
मैं: आप पूछिए सिर.
विक्रम: ह्म, मैं क्या पूचु? तुम खुद ही बता दो कुछ.
मैं: सिर अब मुझे कैसे पता होगा की आप क्या जानना चाहते हो.
विक्रम: चलो बाय्फ्रेंड के बारे में बताओ. तुम्हारा कोई बाय्फ्रेंड है क्या?
मैं: नही सिर.
विक्रम: क्यूँ नही? इतनी अची लड़की हो तुम. तुम्हारा बाय्फ्रेंड ना हो ऐसा कैसे?
मैं: बस ऐसे ही सिर. मुझे कोई ऐसा मिला नही, जो मेरे दिल को चू जाए.
विक्रम: ओह, तुम तो बड़ी गहरी बात बोल रही हो. तो फिर कैसा लड़का होगा जो दिल को चू जाएगा?
मैं: सिर जो हॅंडसम हो, स्मार्ट हो, हारद्वोर्क करने वाला हो. मेरी केर करे, और मुझे बहुत हासाए.
विक्रम: अछा तो जिस लड़के में ये सारी क्वालिटीस होंगी, तुम उसकी गर्लफ्रेंड बनोगी?
मैं: एस सिर.
विक्रम: ये क्वालिटीस तो मुझमे भी है, तो क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओगी?
ये बोल कर सिर हासणे लगे. फिर मैं बोली-
मैं: सिर मैं तो कब से बनने को तैयार हू, लेकिन आप हो की समझते ही नही.
ये सुनते ही सिर ने मेरी तरफ हैरानी से देखा. फिर वो हासणे लगे और बोले-
विक्रम: तुम भी पुंछ मार रही हो!
मैं: नही सिर, मैं सीरीयस हू.
विक्रम सिर फिर से मुझे हैरानी से देखने लगे. वो बोले-
विक्रम: तुम मुझे पसंद करती हो?
मैं: ह्म.
विक्रम: मुझे अपना बाय्फ्रेंड बनाना चाहती हो?
मैं: मैं ज़िंदगी भर के लिए आपका साथ चाहती हू. ई लोवे योउ विक्रम.
मेरे मूह से ई लोवे योउ सुनते ही विक्रम सिर ने गाड़ी रोक दी. हम लोग हाइवे की साइड में रुके थे, और हमे देखने वाला आस-पास कोई नही था. फिर विक्रम सिर बोले-
विक्रम: तुम सच कह रही हो कामिनी?
मैं: जी, बिल्कुल सच.
और ये कहते हुए मैने अपना हाथ उनके हाथ में रख दिया. फिर विक्रम सिर मेरे करीब आए, और मेरी आँखों में आँखें डाल कर बोले-
विक्रम: ई लोवे योउ टू कामिनी. ई आम सो लकी, जो इतनी खूबसूरत लड़की ने मुझे अपना बाय्फ्रेंड बनाया.
ये कह कर वो मेरे और करीब आने लगे. मैं समझ गयी थी, की वो मुझे किस करने वाले थे. मैने कभी किस नही किया था, बस फिल्म्स में देखा था. तो जैसे हेरोयिन हीरो के पास आने पर अपनी आँखें बंद करे लेती है, वैसे ही मैने भी अपनी आँखें बंद कर ली.
फिर विक्रम सिर ने अपने होंठ मेरे होंठो से चिपका दिए.
इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. आज की कहानी आपको कैसी लगी, औतोरकराज़्यफोर@गमाल.कॉम पर मैल करके बताए.