मेरे भाई ने मुझे बहूत चोदा गांड भी मारा और चूचियां भी दबाया

पहले तो आपसे माफ़ी मांगती हु, मेरी हिंदी ठीक नहीं है, इसलिए बहूत गलतियाँ हो सकती है, हेलो , मेरा नाम किरण है मे 38 साल की शादी शुदा महिला हूँ,मे मध्य प्रदेश के एक छोटे से शहर की रहने वाली हूँ ,मेरे प्रिवार मे, मे ,मेरे पति 47साल,मेरा बेटा 14 साल और बेटी 17 की है, मेरे पति जॉब करते है, उन्हें 8 साल से दमे की बीमारी है एस कारण तोड़ा सा भी सरिरिक काम करने से उनकी साँसे उखाड़ने लगती है एसए कारण पिछले 8 सालो से मे सेक्स का सुख नही ले पाई आब तो सेक्स की इकचाएँ भी मार सी गयी है ..लेकिन मेरा बदन आभी भी बहुत सेक्सी दिखता है बिल्कुल जया प्रदा की तरह दिखती हूँ मे ..खेर ..

एक बार मे आपने चाचा की लड़की की शादी मे बच्चों के साथ आपने मयके आई हुई थी, घर पर बहुत से मेहमान थे,शादी के एक दिन पहले मुझे नहाने के लिए बाथ रूम खाली नही मिल रहा था एसलिए मे उपर च्चत वाले बाट्रूम मे नहाने के लिए गयी तो देखा बॅयात रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद था मेने पूंचा कों है आंदार तो आंदार से सूरज की आवाज़ आई दीदी मे हूँ ..बस 2 मिनिट ..मेने कहा ठीक है , सूरज मेरे चाचा का लड़का है उसकी उमर 28 साल है जब करता है , कुछ देर बाद सूरज ने दरवाज़ा खोला और बोला ..लो दीदी आब आप नहा लो बो तबील पहने था और आपने कपड़े हाथ मे लिए हुए र्गा ..ुआका कदम बॅयात रूम के बाहर पड़ते ही बो फिसल गया और धदाम से गिर गया ..गिरते ही उसकी टोबिल उपर हो गयी और उसका बड़ा लॅंड बिल्कुल नंगा मेरे सामने था .बो जल्दी से उठा और सरमाते हुए नीचे भाग गया ..मे उसका लॅंड देख कर सन्न रह गयी. मुझे पसीना आने लगा ..8 साल से सुखी चूतएक बार फिर फदाक उठी ..

मे गुम सूम सी बात रूम के अंदर आई और दरवाज़ा बंद कर आपने सारे कपड़े उतार कर शावर के नीचे खड़ी होगयी .मे आभी भी सूरज के लंड मे खोई हयी थी .पानी मेरे उपर से लगातार बह रहा था ..अन्यास ही मेरा हाथ मेरी चूतपर चला गया .और मे आपनी अँगुलीूयों से आपनी चूतमसालने लगी .करीव 15 मिनिट तक चूतमसालने के बाद मेरी स्पीड बाद गयी और मेने हा से सिसकारियाँ निकालने लगी मे नीच्चे बेत गयी और शावर से गिरते पानी की आऊर आपनी चूतउठा दी आब पानी सीधे मेरी चूतपर गिर रहा था और मे लगातार सूरज के बारे मे सोचते हुए आपनी अंगुली चूतमे ज़ोर ज़ोर से आंदार बाहर कर रहै थी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था .मेरे मूह से सिसीकरियाँ बादने लगी और आचनक मेने बहुत ज़ोर से चीखते हुए आपना पानी चूड़ दिया .और निढाल हो कर फर्श पर लेट गयी मेरी साँसे बहुत ज़ोर से चल रहै थी सच मे बहुत सुकून मिला ..मेने सोचा की सूरज के बारे मे सोचकर ही जब इतना सुख मिला तो जब बो मुझे छोड़ेगा तो मुझे कितना आंनद मिलेगा ..

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कुछ देर बाद मे उठी और नहा कर कपड़े बदल कर बाहर आ गयी ..
नीच्चे आकर मेने सूरज को देखा तो बो ऐसे कर रहा था जेसे कुछ हुआ ही ना हो .पर मेरी सोच सूरज के लिए आब बदल चुकी थी ..मे बार बार सूरज को छूने का प्रयास करती उसके आस पास ही रहती ..पर बो कुछ नही समझ पाया ..मे उसके लंड को भूल नही पा रही थी ..खेर .
एसए ही मज़े से शादी हो गयी और शादी के दो दिन बाद घर के सभी बड़े लोग चाचा की लड़की को लेने पहली बार उसकी ससुराल गये हुए थे ..घर पर कुछ महिला मेहमान के अलबा मे , मेरे बच्चे और सूरज ही थे .शादी की हाल चल के बाद आब घर मे कुछ शांति थी ..साम के 8 बजे थे सब खाना खा चुके थे एक कमरे मे सभी महिलाए सोने की तियारी कर रही थी मेरे बेटी और मुझे भी उसी कमरे मे सोना था .. सभी थके हुए थे ..मेरी बेटी उन महिलाओं के साथ सो गयी ..मेरा बेटा दूसरे कमरे मे पालग पर लेता टीवी देख रहा था बो उधर ही सोता है और सूरज का आलग रूम है, सूरज खाना खाने के बाद बाहर घूमने गया हुआ था मे बाहर आकर आपने बेटे के साथ उसके बिस्तर पर आधी लेट कर टीवी देखने लगी ..रात के 9 बजे सूरज घर आ गया ..देख कर मुस्कुराया ..बोला क्या देख रही हो दीदी ..

मेने कहा .कहानी घर घर की .आऊ तुम भी देख लो .बो बोला आभी आता हूँ दीदी ..यह कह कर बो आपने रूम मे गया और कपड़े बदल कर वापस आ कर मेरे बेटे के बाजू मे लेट कर टीवी देखने लगा ..मेरे धड़कन बाद गयी ..मे जब भी सूरज के करीव होती तो मेरी चूतउसके लॅंड के लिए फड़कने लगती ..मेने सोचा काज़ आज मोका मिल जाए ..आज घर पर भी ज़यादा लोग नही है .मेरी चूतकी आग ठंडी हो जाए .ह आ ..मे मान ही मान ये बड बुडाती रही ..रात के 10 बाज़ रहे थे तब मेरा बेटा बोला की मुम्मी ये लाइट बंद कर दो मुझे नीड आ रहै है ..तुम्हारा ये सास बहू का नाटक बहुत देर चलेगा ..और मे जानता हूँ आप पूरा देख कर ही सूगी ..यह सुनकर मुझे हँसी आ गयी और सूरज भी हँसने लगा ..बोला हाँ दीदी लाइट बंद कर दो ..मेरी आँखे भी भारी होने लगे गी तो मे भी जल्दी सोने चला जाऊँगा ..

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