भाई की सेक्सी और कुँवारी साली को चोदने की कहानी

ही दोस्तों मेरा नाम संदेश है. मैं इंडोरे से हू. मेरी उमर 28 साल है. दिखने में हॅंडसम हू, कलर फेर है. मैं रोज़ जिम जाता हू. मेरे डिक का साइज़ 7 इंच लंबा 3 इंच मोटा है. इस स्टोरी की हेरोयिन का नाम मुस्कान है, और आगे 26 है. उसका फिगर 34द-30-36 है, और रंग गोरा है. वो मेरे भाई की साली है.

वो हमारे घर आती थी, और मेरी उससे अची बनती थी. एक दिन मैने उसको फ्ब पर रिक्वेस्ट भेजी. उसने आक्सेप्ट करी. ऐसे ही हमारी बात शुरू हो गयी. अब हम पूरा दिन बातें करते थे. एक दिन मैने उसको प्रपोज़ कर दिया. लेकिन उसका रिप्लाइ नही आया.

फिर एक घंटे बाद उसका रिप्लाइ आया की “एल लोवे योउ टू”. फिर हमारी चाटिंग प्यार-मोहोब्बत से होती हुई सेक्स पर आई. हम फोन सेक्स करते थे, और न्यूड्स शेर करते थे. क्या बतौ यारो, उसके बूब्स मस्त थे. हम रोज़ एक-दूसरे पानी निकालते थे फोन पर बात करके.

फिर हमने एक दिन मिलने का प्लान बनाया. वो अपने घर पर फ्रेंड के साथ स्टडी का बोल कर आई. हम कार में लोंग ड्राइव पर गये. वाहा गाड़ी एक सुनसान रोड पर रोक कर पीछे वाली सीट पर आ गये. फिर वाहा लीप किस करी 15 मिनिट तक. हमने एक-दूसरे के होंठो को खूब चूसा.

उस बीच मैने उसके बूब्स दबाए कुर्ते के उपर से. फिर धीरे से मैने एक हाथ कुर्ते के अंदर डाल कर ब्रा के उपर से बूब्स को दबाया. उसके बाद हाथ ब्रा के अंदर डाल कर उसके बूब्स को खूब दबाया. वो बहुत गरम हो गयी थी. वो मेरे कान में बोल रही थी-

मुस्कान: इनको चूसो, ये कब से तुम्हारा इंतेज़ार कर रहे है.

फिर कुर्ता और ब्रा उपर करके मैने उसके बूब्स को चूसना शुरू करा. वाह, बहुत मज़ा आ रहा था. बूब्स बहुत सॉफ्ट थे, और पिंक निपल्स मुझे मदहोश कर रहे थे.

मैने एक-एक कर दोनो बूब्स को बहुत चूसा, और चूस कर लाल कर दिए. फिर मैने एक हाथ उसकी सलवार में डाल दिया. उसकी छूट को पनटी के उपर से जब हाथ लगाया, तो उसकी ज़ोर से सिसकारी निकल गयी. उसकी पनटी पूरी गीली हो गयी थी.

फिर मैने उसकी सलवार और पनटी उतरी. उसकी पुसी देख कर मज़ा आ गया. एक भी बाल नही था पुसी पे. उसने शायद आज ही सॉफ की थी. उसकी छूट पिंक थी, और बहुत टाइट भी. वो वर्जिन थी. मैं फिर उसकी छूट पर आ गया, और उसको चूसने लगा.

वो सिसकारी ले रही थी: अया आ अया संदेश, मज़ा आ रहा है.

मैने उसकी छूट 10 मिनिट छाती. फिर वो काँपने लगी, और झाड़ गयी. मैने उसका पानी पिया. बहुत अछा स्वाद था पानी का, और तोड़ा नमकीन था. अब मैं खड़ा हो गया, और उसको बोला मैने लंड चूसने को.

वो मेरे लंड पर आ गयी, और पहले लंड को किस किया. फिर टट्टो पर भी किस किया. धीरे-धीरे वो लंड को मूह में डाल कर चूसने लगी. फिर मैं उसके बालों को पकड़ कर उसके मूह को छोड़ने लगा.

उसकी आँखों में आँसू आ गये, और वो तेज़ी से साँस ले रही थी. ऐसे ही 15 मिनिट में मैं उसके मूह में झाड़ गया. उसने मेरा सारा पानी पी लिया. अब मैं उसके बूब्स को दबाने लगा, और उसको गरम करने लगा.

मैं उसकी गार्डेन पर किस करने लगा. वो मेरे लंड को मूह लेकर चूस रही थी. इससे मेरा लंड फिरसे खड़ा हो गया. वो भी बहुत गरम हो गयी और सिसकारियाँ ले रही थी, और बोल रही थी-

मुस्कान: अब छोड़ मुझे यार, बस रहा नही जाता. इस छूट को और मुझे अपना बना लो.

मैं भी अब उसको छोड़ना चाहता था, पर उससे पहले उसको बहुत तड़पाना चाहता था. इसलिए मैने उसको 69 पोज़िशन में आने को बोला. वो अब मेरा लंड चूस रही थी, और मैं उसकी छूट. वो बहुत सिसकारियाँ ले रही थी अया आ आहा आ की.

अब मैने अपनी ज़ुबान उसकी छूट में डाल दी, और उसका ग-स्पॉट चाटने लगा. वो तो पागल हो गयी. ऐसे 5 मिनिट 69 पोज़िशन के बाद मैने लंड उसकी छूट में सेट किया. बहुत टाइट थी उसकी छूट.

मैने एक ज़ोर से झटका दिया, लेकिन लंड फिसल गया. फिर मैने थूक लगा कर एक उंगली उसकी छूट में डाली. वो उछाल कर चिल्लाने लगी. मैने उंगली निकली, और फिर लंड पर थूक लगा कर सेट किया, और एक झटका दिया. इससे आधा लंड अंदर चला गया.

अब वो रोने लगी और बोल रही थी: इसको बाहर निकालो.

मैं भी कहा मानने वाला था. मैं उसको किस करके बूब्स को चूस रहा था, जिससे वो शांत हो जाए. अब वो थोड़ी सी नॉर्मल लग रही थी. मैने एक ज़ोर का झटका दिया, और पूरा लंड अंदर चला गया.

ऐसा लग रहा था अंदर जैसे भट्टी जल रही हो. वो बहुत गरम थी. अब मैं धीरे से लंड अंदर-बाहर करने लगा. उसको भी मज़ा आने लगा. वो भी अपनी कमर उठा-उठा कर साथ दे रही थी. फिर मैने लंड बाहर निकाला तो देखा तो उसकी छूट पूरी लाल हो गयी थी खून से.

मैने फिर उसको डॉगी स्टाइल में किया, और पीछे से लंड डाल दिया, और झटके मारने लगा. वो मेरा पूरा साथ दे रही थी. उसको बहुत मज़ा आ रहा था. आज उसकी छूट फटत गयी थी, और वो लड़की से औरत बन गयी थी.

मैं लगातार उसको छोड़े जेया रहा था. अब वो काँप रही थी. वो झड़ने वाली थी, और थोड़ी देर में झाड़ गयी. मैं उसके छूतदों पर थप्पड़ मार था. अब मैने उसको अपने उपर आने को बोला.

वो अब उपर आ कर अपनी छूट को सेट करके मेरे लंड पर बैठ गयी, और उपर-नीचे होना शुरू किया. ऐसे ही 10 मिनिट बाद हम दोनो ही साथ में झाड़ गये और हग करके कुछ टाइम बैठे रहे.

फिर थोड़ी देर में हमने कपड़े सेट किए, और देखा तो अंधेरा हो गया था. फिर हम वाहा से निकल कर आ गये. उसको घर छ्चोढा मैने, और फिर उससे मेसेज में पूछा की कैसा लगा.

उसने बोला: मज़ा आ गया टुमारा लंड ले कर. अब से मैं तुम्हारी रंडी.

ऐसे ही चलता रहा कुछ दिन. बाद में उसने बात करना बंद कर दिया. ना वो मेसेज का रिप्लाइ कर रही थी. मुझे कुछ भी समझ में नही आ रहा था, की क्या हुआ. तब भाभी से पता चल उसकी एंगेज्मेंट हो गयी थी, और 2 मंत्स बाद उसकी शादी हो गयी.

शादी के बाद भी उससे कॉंटॅक्ट नही हो सका. फिर 1 साल बाद वो इंडोरे आई. तब मैने उसको देखा, और मैं उससे मिलने चला गया. मैने उसको ‘ही’ बोला, तब उसने मुझे देखा और वो खुश हो गयी. उसने मुझे मार्केट में हग कर लिया.

तो बे कंटिन्यूड.

इसके आयेज क्या हुआ? मैने उसको शादी के बाद कैसे छोड़ा, और उसकी गांद मारी. वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. कहानी कैसी लगी इसके बारे में संदेश.वधवानी22@गमाल.कॉम पर मैल करके बताना ना भूलिएगा.

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