भाई की साली को चोदा

नमस्कार!
मैं जयपुर से हूँ, मेरी लंबाई 5 फुट 5 इंच की है और लंड का साइज भी लंबा और मोटा है।
यह RSS मेरी पहली कहानी है।

मेरे भैया की शादी हुए कुछ ही दिन हुए थे। मैं अपने ऑफिस के काम से भैया की ससुराल वाले शहर गया था। मुझे शाम को वापस आना था.. पर काम समय पर पूरा नहीं हुआ.. तो मुझे वहाँ रुकना पड़ा। मैं जैसे ही वहाँ से निकला.. तो देखा कि ऑफिस के बाहर सड़क पर भैया के ससुर खड़े थे।

मैंने उनको प्रणाम किया और पूछा- आप यहाँ कैसे?
तो उन्होंने कहा- मेरे पास कुंवर जी का फोन आया था कि आप यहाँ आए हो। इसलिए मैं यहाँ आपको लेने आया था और आप हमसे बिना मिले ही जा रहे हो।

‘परन्तु मुझे जल्दी ही वापस जाना है।’
‘ऐसा कभी हो सकता है क्या..? अब तो आपको घर पर ही रुकना होगा।’

भाई की साली ने खातिरदारी की

मैं भी उनकी आज्ञा का पालन करते हुए उनके साथ चल पड़ा। जब हम घर पहुँचे तो सभी ने राजस्थानी परंपरा के अनुसार मेरी बहुत खातिरदारी की.. लेकिन भैया की साली पूजा मेरी कुछ ज़्यादा ही सेवा कर रही थी और मुझे देख कर बार-बार मुस्कुरा रही थी।

मैंने भी मज़ाक करते हुए कह दिया- क्या बात है पूजा जी.. बहुत सेवा कर रही हो.. अगर ऐसे सेवा करोगे तो हम रोज-रोज आने लग जाएंगे।
तो उसने कहा- अभी तो आपने हमारी सेवा देखी ही कहाँ है।
इतना कह कर वो हँसने लगी।

बस ऐसे ही हँसी-मज़ाक चल रहा था। सभी ने खाना खाया और मैं खाना खाने के बाद छत पर टहलने चला गया। कुछ देर बाद छत पर पूजा भी आ गई और उसके साथ भैया के साले और पड़ोस की सहेलियां आई थीं। हम सब मिलकर बातें करने लगे।

रात को 9 बजने वाले थे.. सभी ने मुझसे नमस्ते की और जाने लगे।
मैं उनको सीढ़ियों तक छोड़ने गया।

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सभी उतर रहे थे.. तभी किसी ने मेरा पीछे से कुर्ता खींचा। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो यह पूजा की सहेली थी.. जिसने अपना नाम कल्पना बताया था।
उसने धीरे से मेरे कान में कहा- पूजा आपसे प्यार करती है।
वो इतना कह कर वहाँ से चली गई।

उसके बाद मेरे दिल में अजीब-अजीब से ख्याल आने लगे। तभी कुछ देर बाद छत पर पूजा मेरे लिए दूध लेकर आई। सभी लोग नीचे चले गए थे।

मैंने दूध का गिलास पकड़ते हुए पूजा का हाथ पकड़ लिया और बोला- आपकी सहेली हमसे कुछ बोल कर गई है।
पूजा एकदम से डरने लगी, बोली- वो क्या बोली?

मैंने बोला- पूजा यह सच है क्या.. यह आप खुद भी तो बोल सकती थीं।
पूजा बोली- मुझे डर लग रहा था। अगर आप गुस्सा हुए तो बोल दूँगी.. कि वो मज़ाक कर रही थी।

मैंने पूजा का हाथ पकड़ लिया.. तो उसकी साँसें तेज चलने लगीं।

इतने पास से उसके बोबे ऊपर-नीचे होते देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरी वासना जागने लगी। मुझे डर भी लग रहा था.. क्योंकि कोई भी ऊपर आ सकता था।

फिर भी मैंने पूजा के होंठों पर होंठ रख कर किस कर लिया। पूजा ने मुझे कस कर पकड़ लिया और लंबी सिसकारी लेकर मुझे धकेल कर भाग गई।
मेरा लंड पैन्ट फाड़ने जैसा हो गया।

इससे पहले मेरा कोई चुदाई का अनुभव नहीं था.. लेकिन ब्लू-फिल्म्स बहुत देखी थीं।

मुझे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हुआ कि मुझे इतनी जल्दी चूत मिल जाएगी। खैर.. मुझे नीचे से बुलावा आया कि बिस्तर लग गए हैं।
मैं बेमन से नीचे चला गया।

मेरा मन पूजा के पास सोने का था। पर मुझे जिधर बिस्तर दिया गया मैं उधर ही सोने लगा। तभी मुझे तकिए के नीचे कुछ महसूस हुआ.. मैंने हाथ डाल कर देखा तो उसके नीचे एक नोट बुक रखी थी।

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मैं उसे पलटने लगा.. तभी उसमें से एक पन्ना नीचे गिरा। मैंने उसे उठा कर पढ़ा.. वह पूजा का ही लिखा हुआ था। उसमें लिखा था कि रात को सबके सोने के बाद छत पर मिलेंगे।
राजस्थान में अधिकतर लोग जल्दी सो जाते हैं।

मैं लेटा-लेटा पूजा के बारे में ही सोच रहा था। रात के ग्यारह बजे मैं उठकर छत पर गया।
कुछ देर बाद पूजा आई, उसने कहा- मम्मी-पापा और भाई अभी अभी सोए हैं।

भाई की साली छत पर चूत चुदवाने आई

पूजा को मैंने अपनी बांहों में भर लिया और पूजा ने खुद ही मेरे होंठों से होंठ लगा दिए। हम एक-दूसरे के होंठों को बुरी तरह चूसने लगे।
मैंने अपना एक हाथ पूजा के बोबे पर रख दिया। उसका बड़ा बोबा मेरे हाथ में पूरा नहीं आ रहा था, मैंने उसके बोबे को नीचे से पकड़ कर दबाया.. तो पूजा ने एक सिसकारी भरी ‘इसस्स्स्स्स्..’

उसने मुझे कस कर पकड़ लिया, मैंने पूजा को नीचे लिटा दिया और उसके दोनों बोबों को दबाने लगा।

पूजा का हाथ मेरे कूल्हों को सहला रहा था और वो कसके मेरे होंठों को चूस रही थी। मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर रख दिया। पूजा के मुँह से निकला- ओह्ह.. राज आई लव यू.. मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ।उसने मेरा हाथ अपनी चूत पर ज़ोर से दबा लिया। मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया और पैंटी सहित उसे उसके घुटनों तक खींच दिया। हल्की रोशनी में पूजा की चूत डबलरोटी की तरह फूली हुई एकदम मस्त लग रही थी। मैंने ब्लू-फिल्मों की तरह उसकी दोनों फांकों को दोनों अंगूठों से थोड़ा फैला कर उसके दाने को मुँह में भर कर किस किया।

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