एरॉटिक सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट-
रोहन: “मनीषा, टेस्ट तो काफ़ी अछा है तुम्हारा.”
रोहन इतना बोला और अपने कपड़े पहन के चला गया. अब मेरे मॅन में कुछ सवाल थे. रोहन सेक्षुयल आड्वेंचर्स आंड इन्सेस्ट सोसाइटी की बात कर रहा था. सेक्षुयल आड्वेंचर्स तो ठीक पर इन्सेस्ट की बात भी थी. मतलब उसने भी मेरी तरह इन्सेस्ट किया है, मतलब वो और प्रिया… वैसे मधु आंटी भी कुछ कम नही है. अर्रे मैं भी क्या-क्या सोच रही थी.
फिर मेरी नज़र रिया पर गयी. वो चुदाई के बाद सो गयी थी. पर उसके चेहरे पर अभी भी कम लगा हुआ था. मेरे दिल मैं एक जिगयसा हुई और मैं वो कम उसके फेस पे से चाटने लगी. कुछ कम उसके होंठो में लगा हुआ था तो मैने वो भी चूस लिया.
मतलब इमॅजिन करो की दो खूबसूरत औरतें, दोनो नंगी, दोनो के बड़े-बड़े बूब्स एक-दूसरे को दबाए हुए, और एक औरत दूसरी औरत के होंठो से वीर्या चूस रही हो. मुझे पता है ये सब पढ़ के सब ने अपने हाथ की स्पीड बढ़ा दी होगी.
अब मैने देखा की रिया के फेशियल एक्सप्रेशन्स चेंज हुए. वो तोड़ा सा मुस्कुराइ. मतलब वो सोई नही थी, बस सोने का नाटक कर रही थी. मुझे पता नही मैं क्या करती, तो मैं कपड़े पहन कर रूम से बाहर चली गयी.
मेरी सास अभी तक नही आई थी. आज कल मेरी सास खुश रहने लगी थी. अब वो मेरी बेटी के अलावा अपने पर भी ध्यान देती थी. यहाँ की महिला मंडली ने क्या ही कमाल कर दिया था. मैं अपना काम करने लगी. पर मुझे एक बात खाए जेया रही थी, की उस सोसाइटी के मेंबर कौन-कौन थे. क्या ये सोसाइटी सच में थी या रोहन झूठ बोल रहा था?
शाम हो गयी, सब लोग घर आ गये. नील मेरे लड़के के साथ खेल रहा था, दीपक अपनी मम्मी से बात कर रहा था, और हम दोनो खाना बना रहे थे. रिया मुझे घूरे जेया रही थी. फिर मेरे कान के पास आई और बोली-
रिया: वैसे नील से चुड के कैसा लगा? कब से चल रहा है? शरमाओ नही, सच-सच बताओ. मैं भी आपको बतौँगी.
फिर मैने उसको सब बात बताई. मैने अपनी और नील की कहानी बताना शुरू किया. तब हम खाना बना रहे थे, और बर्तन ढोने तक वो कहानी चलती रही. फिर रिया ने सारी के उपर से मेरे बूब्स पकड़े और बोली की, “कल जब सब चले जाएँगे, तब मेरे रूम में आना.” और इतना बोलते ही वो चली गयी.
फिर मैने तोड़ा समय अपने बेटे के साथ स्पेंड किया. मेरा बेटा और मेरी सास एक रूम मैं रहते थे. फिर मैं अपने रूम में आने लगी. तभी मेरी नज़र दीपक पे गयी. मैने देखा की उसका पंत टाइट हुआ था, और अंदर रिया अपनी सारी चेंज करके निघट्य पहन रही थी. मैं मुस्कुराइ और वहाँ से चली गयी.
रात में मैने और दीपक ने एक वाइल्ड सेक्स किया. मैं आज की चुदाई देख कर एक्सट्रा हॉर्नी थी और शायद दीपक ने रिया को देखा था, इसलिए वो भी कुछ ज़्यादा जोश में था. दीपक बेड में लेता था, और मैं उनके उपर उछाल-उछाल के छुड़वा रही थी. कुछ समय बाद हम दोनो साथ में झाड़ गये.
सुबह हुई. रिया ने मुझे उसके रूम में बुलाया था, पर वो एक चीज़ भूल गयी थी की आज सॅटर्डे था, वीकेंड. सब आज घर में रहते. लेकिन ब्रेकफास्ट के बाद नील और दीपक कहीं जाने लगे.
मैं: ओह हेलो, कहाँ चल दिए?
दीपक ने नील की तरफ इशारा किया तो नील बोला-
नील: वो दीदी, रवि के घर जेया रहे है. रवि, रोहन, मैं और जीजू फ़ीफ़ा खेलने जेया रहे है.
दीपक ज़ोर से खाँस. मैं उनको देख कर हासणे लगी और बोली, “ज़्यादा टाइम नही लगाना.” जैसे ही वो लोग बाहर गये, मैने सुना दीपक बोला, “आबे दीदी के चंचे, सब बात बता दी उसको.” मैं मॅन ही मॅन सोच रही थी की लड़कों का वीडियो गेम्स से क्या ही लगाव है.
अब घर में कोई और नही था तो मैं रिया के रूम में चली गयी. रिया बेड में एक शॉल ओढ़े मेरा वेट कर रही थी. उसने मुझे देखा और अपना शॉल हटा के खड़ी हो गयी. वो पूरी नंगी थी. वो मेरे पास आई और बोली-
रिया: यार दीदी, आपका फिगर कमाल का है. कल आपने मेरे फेस और लिप्स का कम चूसा, मुझे मज़े ही आ गये. मैं वैसे स्ट्रेट हू, पर वो मेरे बहुत पास खड़ी थी की मैं भी उत्तेजित हो गयी थी.
फिर वो धीरे से मेरे बाल खोलती है और मुझे किस करने लगती है. उसने मुझे दीवार से पिन किया और मुझे ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगी. उसी समय वो मेरे कपड़े भी उतार रही थी. सब कपड़े उतारने के बाद वो एक हाथ से मेरे बूब्स दबा रही थी, तो दूसरे हाथ की दो उंगलियाँ मेरी छूट में डाल दी.
ओहोहो भाई, ये जीवन का मज़ा मैने पहले नही लिया था. अब रिया एक्सपर्ट थी गर्ल ओं गर्ल में, तो उसने मेरा ग-स्पॉट झट से फाइंड कर लिए. ओह यॅ, फक ओह, मी गोद आअहह ओक यॅ बेबी जो मज़े आए मैं बता नही सकती थी.
फिर हम बेड में लेते. नीचे मैं थी, और मेरे उपर आके वो मेरे से उल्टा लेट गयी. आम परिभाषा में 69. अब वो मेरी छूट चाटने लगी और अपनी जीभ को छूट के अंदर-बाहर करने लगी. मेरे सामने भी उसकी छूट थी, मैने कभी छूट नही छाती थी. बेसिकली मैं इस एरिया में आमेचर थी. रिया मुझे गाइड कर रही थी की कैसे क्या करना है और मुझे वो सब करने में अनएक्सपेक्टेड मज़े भी आ रहे थे. फिर हम उठे और हमने एक-दूसरे की छूट मैं छूट सेट करके रगड़ने लगे.
रिया: अया उउंम्म ऐसे ही मज़ा आ रहा है दीदी, करते रहो.
मैं: अया रिया मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है.
रिया: अयाया करते रहो, मेरा होने वाला है.
मैं भी अपने चरम में थी. फिर हम एक साथ झाड़ गये. झड़ने के बाद एक-दूसरे के उपर लेट गये. तभी डोर ओपन हुआ. हहे, मैं हर बार डोर खुला छ्चोढ़ देती हू.
आज की कहानी यही समाप्त करते है एक क्लिफहॅंगर पे. सोचो और मैल करके बताओ कौन आया होगा. जो सही गेस करेगा इनाम के तौर पे वो आदमी एक मुति एक्सट्रा या औरत एक फिंगरिंग एक्सट्रा कर सकती है मेरे बारे में सोचते-सोचते.