भाई के लंड से देवरानी-जेठानी का प्यार

आपने पिछले पार्ट में पढ़ा मेरी देवरानी और मेरे भाई के बीच सेक्स हुआ. मैने भी रात को मेरी देवरानी के साथ मिल कर मेरे भाई के साथ ग्रूप सेक्स का सर्प्राइज़ प्लान किया, और उसके साथ रोमॅन्स हुआ. अब आयेज-

शीला: रूपाली आज तो तूने इस लंड का पूरा दिन मज़ा लिया है. मुझे इससे पहले चूड़ना है.

रूपाली: ठीक है दीदी आप पहले छुड़वा लो. वैसे भी इनका पेट्रोल ख़तम नही होने वाला. ये गाड़ी पूरी रात चल सकती है.

रूपाली की बात सुन कर विजय के फेस पर स्माइल आ गयी. और मैने नोटीस किया की विजय का लंड और टाइट हो गया था. उसके लंड की नास्से फूल गयी थी. उसका लंड बहुत सेक्सी है.

मेरे से रहा नही गया, और मैने लंड चूसना स्टार्ट कर दिया. रूपाली खड़ी हो गयी, और वो विजय को लिप्स किस करने लगी. विजय भी उसके जिस्म के मज़े ले रहा था. विजय ने रूपाली के बूब्स को निचोढ़ना शुरू कर दिया था.

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद मैं खड़ी हुई, और बेड पर लेट गयी. विजय ने अब मेरे पैरों को पकड़ कर उपर किया और अपनी और खींच लिया. उसने अब उसका लंड मेरी छूट पर सेट किया, और मेरी चुदाई शुरू कर दी.

रूपाली ये देख कर गरम हो गयी, और उसके हाथो से अपनी छूट मसालने लगी. रूपाली मेरे सामने ये सब करने में अब बिल्कुल हिचकिचा नही रही थी.

मेरे लिए अब ये अछा था की मुझे मेरी देवरानी का सपोर्ट मिल रहा था. अब हम दोनो कही भी सेक्स एंजाय कर सकते थे. मैं रूपाली की और देख रही थी, और हम दोनो का आइ कॉंटॅक्ट हुआ. मैने उसकी और देख कर स्माइल पास की, और उसका फेस बहुत सेडक्टिव हो गया था. पता नही आज मुझे रूपाली कुछ और रूप में लग रही थी.

हम दोनो आँखों ही आँखों में एक-दूसरे के एमोशन्स शेर कर रहे थे. रूपाली अब अपनी छूट मसलना छ्चोढ़ कर मेरे पास आ गयी. फिर उसने मेरे बूब्स पकड़ लिए और मेरे निपल मूह में ले लिए. मैं अब उसके बालों को सहला रही थी.

हम दोनो की इस हरकत से विजय और जोशीला हो गया. मेरे अंदर अब रूपाली से कुछ करने की इक्चा हो रही थी. मैने उसके बाल खींच कर उसके लिप्स पर लिप्स रख दिए. फिर उसको पागल की तरह किस कर रही थी. रूपाली मेरे किस का रेस्पॉन्स बड़े आचे से दे रही थी.

अब विजय ने मुझे घोड़ी बना दिया, और पीछे से मेरी चुदाई शुरू कर दी. ऐसे ही मेरी 15-20 मिनिट चुदाई के बाद विजय का निकालने वाला था. विजय ने जैसे रूपाली को इशारा किया, वो विजय के पैरों में बैठ गयी और अपना मूह खोल दिया. विजय ने उसके मूह में लंड दे दिया, और उसके मूह की चुदाई शुरू कर दी. रूपाली को देख कर ऐसा लग रहा था की वो विजय के लंड से बहुत खुश थी.

अब रूपाली ने विजय का स्पर्म मूह में ले लिया, और कुछ उसके बूब्स और फेस पर गिरा. तो वो उंगली से चाट लिया, और मेरी और देख के मुस्कुरा रही थी. उसका ये रंडी-पाना देख कर मैं भी थोड़ी सर्प्राइज़ हो गयी. मुझे आज ही पता चला की मेरी देवरानी इतनी बड़ी चुड़क्कड़ थी.

रूपाली मेरे पास आई, और मुझे किस करने लगी. उसके मूह में विजय का स्पर्म था, जो मेरे मूह में दे दिया. मैं कुछ समझ पाती उससे पहले उसने मेरी नोस को लॉक कर दिया. तो मुझे मजबूरन उसको पीना पड़ा.

रूपाली: क्या दीदी, कैसा लगा आपके भाई का अमृत रस्स?

शीला: तुम पागल हो यार? ऐसा कों करता है?

रूपाली: बताओ ना दीदी, कैसा लगा टेस्ट?

शीला: बहुत मस्त. पहली बार ऐसा किया है.

अब मैने भी रूपाली के साथ रोमॅन्स शुरू कर दिया. मैं उसके पर चढ़ गयी, और उसके लिप्स को चूसने लगी. हम एक-दूसरे की लार को चाट-चाट कर किस रहे थे. अब मैं उसके गले पर किस करते-करते उसके बूब्स पर आ गयी. मैं बहुत ही रफ्ली उसके बूब्स चूस रही थी. मैने उसके बूब्स लाल कर दिए. पता नही पर ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था.

थोड़े टाइम बूब्स को चूसने के बाद मैं उसके पेट पर किस करने लगी. मेरी इस हरकत से रूपाली को गुदगुदी हो रही थी. उसने मुझे धक्का मार कर गिरा दिया, और मेरे उपर चढ़ गयी. हम दोनो शांत हो गये. हम एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे.

रूपाली बहुत हॉर्नी हो गयी थी. उसका फेस देख कर मुझसे रहा नही गया, और मैने उसको बेड पर लिटा दिया, और उसके पैरों के पास चली गयी. मैं उसकी सेक्सी थाइस के पास चली गयी, और उसपे किस कर दिया. जब मैं रूपाली की छूट के पास गयी, तो उसकी छूट की खुश्बू मुझे मदहोश बना रही थी.

मेरे से रहा नही गया, और मैने रूपाली की छूट पर किस कर दिया. मेरे लिप्स जैसे ही रूपाली की छूट को टच हुए, तो वो तिलमिला गयी, और उसने हाथ मेरे सर पर रख दिया. मैने अब छूट चाटना स्टार्ट कर दिया. रूपाली को 2 मिनिट भी नही लगे, और वो झाड़ गयी.

उसका टेस्ट मुझे अछा लगा, और मैं पूरा चाट गयी. रूपाली ने मुझे अपनी और खींच लिया, और दोनो पैर से मुझे जाकड़ लिया, और लीप लॉक कर दिए. वो रात मैने पहली बार मर्द और औरत का स्पर्म टेस्ट किया.

मैं और रूपाली दोनो बुरी तरह तक गये थे. दोनो ने 30 मिनिट आराम किया और फिर हम दोनो एक साथ विजय के पास गये, और उसके लंड से खेलने लगे. विजय का लंड 2 मिनिट में टाइट हो गया और फिर से चुदाई के लिए रेडी हो गया. मैं ये देख कर सर्प्राइज़ हो गयी.

शीला: रूपाली तुम सच कह रही थी. इसका लंड कभी नही तकता. इतनी चुदाई के बाद भी 2 मिनिट में खड़ा हो गया. और पूरा लोहे जैसा बन गया.

रूपाली: भाभी (विजय की वाइफ) बहुत लकी है उसको ऐसा मर्द मिला है. पूरा बॉडी हिल जाता है इनकी चुदाई से.

अब मैने और रूपाली ने विजय का लंड चूसना शुरू कर दिया. विजय का लंड ऐसा है की एक बार चूसना शुरू करो, बाहर निकालने का मॅन नही करता था. हम दोनो उसके लंड के लिए झगड़ रहे थे. एक बार तो रूपाली मूह से लंड नही निकाल रही थी. तो मैने उसके बालों को खींच कर निकाला. फिर मैने लंड मूह में ले लिया.

विजय: आप दोनो शांत रहो. मैं जब तक यहा हू, ये बस आप दोनो का है. जब तक आपका मॅन ना भरे, मैं आपकी चुदाई करूँगा.

मैं ये सुन कर खुश हो गयी, और खड़ी हो कर विजय को लिप्स किस करने लगी. मैं इतनी वाइल्ड हो गयी, की मैने उसके लिप्स से ब्लड निकाल दिया.

विजय: यार दीदी आप तो पागल हो गयी हो, इतनी चुड़क्कड़ कैसे बन गयी?

शीला: तुझे देख कर बन गयी हू.

रूपाली ( मूह से लंड निकाल कर): मैं भी. ये बहुत मस्त है. अब तो ऐसी चुदाई के बिना नींद भी नही आएगी.

शीला: सच कहा यार. विजय साथ ये सब ना होता तो मेरी सेक्स लाइफ ऑलमोस्ट ख़तम हो गयी थी.

रूपाली: लास्ट 3 यियर्ज़ से मेरी भी सेक्स लाइफ बोरिंग हो गयी है. ( विजय के लंड पर किस करते हुए) आपके भाई ने तो मेरी बुझी हुई आग जला डाली है. और ये लंड मुझे रोज़ चाहिए.

विजय: रूपाली आप टेन्षन क्यूँ लेते हो? आज मैं तेरी चुदाई के सारे सपने पुर कर दूँगा.

आपको नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी की कैसे मेरे भाई ने मेरी देवरानी की चुदाई की. आपको स्टोरी अची लगे तो प्लीज़ कॉमेंट करे, और अपने सेक्स पार्ट्नर से शेर करे.

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