भाई-बहन के एक-दूसरे को ठंडा करने की कहानी

मेरा नाम शारजेल है. मैं पाकिस्तान के शहर झांग का रहने वाला हू. हम 4 भाई और 2 बहने है. मैं छ्होटे नंबर पर हू. मुझसे बड़े 2 भाई और 1 बेहन है. 1 बेहन मुझसे छ्होटी है और 1 भाई उससे छ्होटा है. हम मिड्ल फॅमिली के लोग है.

मैं कॉलेज का स्टूडेंट था, और उस वक़्त मेरी उमर 19 साल थी. मेरी छ्होटी बेहन जिसका नाम सादिया है, वो 12त में पढ़ती थी और उसकी उमर 18 साल थी. वो अभी जवान हो रही थी, मीन्स की उसके बूब्स छ्होटे मलटन जैसे थे.

गर्मी के दिन थे. हम बाहर सोए हुए थे. हमारी चारपाई साथ-साथ थी. मैने रात को सोते हुए उसके बूब्स को टच किया, और उसने कोई रेस्पॉन्स ना दिया. जैसे वो सो रही थी. फिर मैने अपना हाथ उसकी शर्ट के नीचे से डाला, और उसके बूब्स पर हाथ फेरने लगा.

मुझे बहुत मज़ा आया. वो सोई रही, और मैं उसके बूब्स के साथ खेलता रहा. अचानक ही उसने मेरा हाथ झटक दिया और मैं दर्र गया. खैर कुछ देर बाद मैने दोबारा कोशिश की तो उसने कोई रेस्पॉन्स नही दिया.

उसके बूब्स को छेड़-छेड़ कर मैं फारिघ् हो गया और सो गया. अगले दिन वो मुझसे नज़रे नही मिला रही थी. हमे गर्मी की चुट्टिया थी. मैं दोपहर में उसके रूम में सो गया, लेकिन सोया नही था. मुझे अंदाज़ा था की वो अपने रूम में किस वक़्त आएगी. तो मैं अपने लंड को टाइट करके लेता रहा की वो अंदर आए और देखे.

फिर वो अंदर आई, और देखा. लेकिन मैं सोता बना रहा. वो बार-बार अंदर-बाहर आ-जेया रही थी. अगले दिन मैं इंचस टेप ले आया, और उसको कहा-

मैं: मेरा एक दोस्त टेलर है, तो मैं अपनी बेहन का एक प्यारा सूट सिलवाना चाहता हू. तो मुझे तुम्हारी पामाइश लेनी है.

सादिया बोली: भाई ले लो.
फिर मैने उसकी पामाइश लेना स्टार्ट कर दिया. मेरा लंड फ़ौरन खड़ा हो गया, और मेरे हाथ काँपने लगे. जैसे-जैसे मेरे हाथ उसकी बॉडी को टच कर रहे थे, वैसे-वैसे वो भी मदहोश हो रही थी. मैं उसके इतने करीब आ गया की मेरा लंड उसकी छूट को टच करने लगा. वो भी चुप छाप मज़ा लेने लगी और खड़ी रही.

इतने में अम्मी की आवाज़ आई “सादिया”. वो चौकी और बाहर भागी. मैने उसी के रूम में मूठ लगाई और पानी उसके बिस्तर पर गिरा के बाहर चला गया. वक़्त गुज़रता रहा, और 2 साल बीट गये. हमारे दरमियाँ इन 2 सालों में कुछ भी ना हुआ.

लेकिन मैं रोज़ उसको सोच के मूठ लगता. 2 साल बाद उसका स्कूल हो चुका था, और पापा ने उसको झांग शहर के ही कॉलेज में अड्मिशन ले दिया था. उन्होने मुझे बिके दे दी, की अपनी बेहन को कॉलेज ले जया कर और लाया कर.

चाँद दिन ऐसा ही रहा. वो मेरे साथ ऐसे चिपक के बैठती की उसके बूब्स मुझे अपनी कमर पर चुभते हुए महसूस होते, और मैं तड़प्ता रहता. लेकिन मैं कुछ ना कर सका, सिवाए मूठ मारने के.

एक दिन अबू ने हमे झांग शहर में गर्ल्स कॉलेज के साथ मकान किराए पर ले दिया. अम्मी, मैं और सादिया वाहा शिफ्ट हो गये. मैने कंप्यूटर ले लिया, जिस पर मूवीस देखता था.

एक दिन मैं एक पॉर्न सीडी ले आया, और रात उसको देखता रहा, और फिर कंप्यूटर बंद करके सो गया. मुझे पता ही नही चला की मेरी बेहन ने बाहर किसी लड़के के साथ सेट्टिंग कर ली थी.

एक रात वो उससे मिलने के लिए बाहर निकली, तो अम्मी की आँख खुल गयी. अम्मी ने उसको पकड़ा, और खूब मारा. मेरी आँख खुली तो अम्मी ने मुझे बताया, और क़सम ली, की मैं किसी को कुछ नही बतौँगा. साथ ही अम्मी ने मैं गाते की चाबी मुझे दे दी की अपने पास रखू.

अगले दिन अम्मी बाहर पड़ोस में गयी, तो मैं सादिया के पास जेया बैठा. वो रोने लगी, तो मैने उसको गले लगाया और चुप करवाया. उसको गले लगते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने बड़ी मुश्किल से कंट्रोल किया, और उसको बताया की अब मैं गाते की चाबी मेरे पास थी.

फिर अम्मी आ गयी, और मैं अपने रूम में चला गया. रात हो गयी थी.

सादिया ने अम्मी को कहा: मैं भाई के पास उसके कंप्यूटर पर स्टडी कर लू?

अम्मी ने कहा: ठीक है.

फिर वो मेरे रूम में आई. रात के 11 बाज रहे थे. मैं सो रहा था. उसने कंप्यूटर ओं किया तो मेरी आँख खुल गयी. लेकिन मैं चुप-छाप सोया रहा. मुझे याद भी नही था की उसमे पॉर्न मोविए थी. सादिया ने जैसे ही उसको प्ले किया, तो पॉर्न मोविए चल पड़ी.

उसने मुझे देखा, लेकिन मैं सोया रहा. फिर उसने वॉल्यूम मूट की, और कभी मुझे देखती और कभी मोविए को. मेरा लंड खड़ा हो गया था. फिर वो चुप करके कंप्यूटर शूट डाउन करके मेरे पास आई, और तकिये के नीचे से मैं गाते की चाबी उठाने लगी. तो मैने उसको पकड़ लिया, और पूछा की वो क्या कर रही थी.

उसने सीधा कहा: भाई मुझे मुझे गाते की चाबी चाहिए है.

मैने कहा: सादिया मेरी बेहन ये ठीक नही है.

उसने सीधा जवाब दिया: भाई तुम नंगी मोविए देखो तो ठीक है. अपनी बेहन को टच करो तो ठीक है. अपने हाथ से अपने मज़े पुर करो तो ठीक है. तो मैं क्या करू?

मैं चुप रहा, और उसके बूब्स पर हाथ रखा, और दूसरा हाथ उसकी छूट पर रखा.

फिर मैने कहा: मैं हू ना. अपनी बेहन की आग बुझता हू. बाहर जाओगी, तो हमारी बदनामी होगी.

वो कुछ नही बोली और मेरा लंड को पकड़ लिया.

मैने उससे पूछा: गुड़िया ये बताओ, की क्या तुमने सेक्स कर लिया है किसी के साथ?

वो बोली: नही भाई, अभी तो नही किया. लेकिन क्या करू, मुझे इधर बहुत आग लगी है (उसने मेरा जो हाथ उसकी छूट पर था, उसको दबाते हुए कहा).

मैने कहा: ठीक है, मैं अपनी बेहन की आग बुझता हू. लेकिन हम एक प्रॉमिस करते है, के हम एक-दूसरे को डिसचार्ज करेंगे, लेकिन इंटरकोर्स नही करेंगे.

वो मान गयी. तो पहले मैने उसको लिटाया, और उसके बूब्स चूसने लगा. अफ, क्या मस्त बूब्स थे. फुल टाइट 36 नंबर. वो तड़पने लगी. मैने उसकी सलवार भी उतरी, और अपनी भी, और अपने लंड को उसकी छूट पर रगड़ने लगा.

वो मस्त हो गयी थी. फिर मैने उसकी छूट को चाटना स्टार्ट कर दिया. वो फ़ौरन ही डिसचार्ज हो गयी.

तो मैने उसको कहा: अब मुझे भी करो.

तो उसने मेरे लंड को मूह में लेके खूब चूसा. मैं उसके मूह को ही छूट बना के झटके देने लगा, और जब फ्री होने लगा तो फ़ौरन बाहर निकाल के मूठ मार के उसके बूब्स पर ही डिसचार्ज हो गया. आयेज की कहानी अगले एपिसोड में बतौँगा.

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