भाई और बहन की इन्सेस्ट सेक्स कहानी

ही फ्रेंड्स, मेरा नामे रवि है. मेरी उमर 30 एअर है. मैं शॉपकीपर हू, और मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है. सेक्स के लिए मैं पागल हो जाता हू. मुझे बस सेक्स करने के लिए ही चाहिए, फिर वो चाहे किसी फॅमिली मेंबर के साथ ही क्यूँ ना हो.

अब मैं अपनी रियल स्टोरी पर आता हू. बात आज से 4-5 एअर पहले की है. तब मैं कॉलेज में स्टडी करता था. मुझे हर वक़्त सेक्स करने की इक्चा होती थी. सेक्स के लिए पागल था मैं. मैं स्टडी के लिए रोज़ कॉलेज उप-डाउन करता था.

एक दिन मैं कॉलेज से घर वापस आया तो मेरी चाची जिसका नामे रेखा था, वो मेरे पास आई और मुझे बोली-

चाची: आज मेरे माइके जा आओ, और पूजा को वाहा से ले आओ. पूजा मेरी चाची की लड़की थी, जो बचपन से ही चाची के माइके रहती थी. उसकी आगे अब 18+ एअर हो गयी थी, और उसने +2 कर ली हुई थी.

चाची बोली: जाके अपनी बेहन पूजा को मेरे माइके से ले आओ. आज से हमेशा के लिए अब वो हमारे साथ ही रहेगी.

मैने बोला: ओक, मैं शाम को ले अवँगा उसको.

फिर चाची बोली: ठीक है.

मेरे मॅन में कुछ भी ऐसी ग़लत बात नही थी उस टाइम तक. जब शाम हुई, तब मैं घर से पूजा को लेने के लिए कार में निकल पड़ा. कुछ टाइम बाद मैं चाची के माइके पहुँच गया. फिर मैं अंदर गया और सब फॅमिली मेंबर्ज़ को बुलाया.

फिर मैं रूम में गया, और पानी पिया. अब मैं देख रहा था, की पूजा कही दिखाई नही दे रही थी. तभी पूहा नहा कर वॉशरूम से बाहर आई. जब मैने उसको देखा, तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गयी पूजा की बॉडी देख कर.

क्या बॉडी थी उसको. पूजा ने त-शर्ट और लोवर पहना हुआ था. बाहर आते ही पूजा ने मेरी तरफ देखा, और स्माइल की. मैने भी स्माइल पास की. फिर पूजा मेरे पास आई और मुझे हग किया. फिर वो बोली-

पूजा: कैसे हो ब्रो?

जैसे ही पूजा ने मुझे हग किया, उसके बूब्स मेरी चेस्ट से लगे. इससे मेरे जिस्म के अंदर खून तेज़ी से चलने लगा. मेरा दिल तो कर रहा था, की वही पूजा को पकड़ कर छोड़ डू.

पर मैने खुद पर कंट्रोल किया. फिर पूजा मेरे पास बैठी कुछ टाइम, और बातें की हमने. मैने पूजा को बोला: तुम रेडी हो जाओ, फिर हम घर चले.

फिर वो उठी, और दूसरे रूम में रेडी होने चली गयी. कुछ टाइम बाद पूजा रेडी हो कर आ गयी. क्या ग़ज़ब का माल लग रही थी वो. कोई भी उसको देखता, तो सीधा छोड़ने का ही सोचता.

सच बोलू, तो मेरी नीयत खराब हो गयी थी पूजा को देख कर. क्या सेक्स माल लग रही थी वो. फिर हम कार में बैठे, और वाहा से निकल पड़े. रास्ते में हम दोनो बात करते हुए आए. बातों-बातों में मैने पूजा को 2-3 बार टच भी किया, लेकिन उसने मुझे कुछ नही बोला.

फिर हम घर पहुँच गये. घर आके पूजा सब से मिली. सब खुश थे पूजा को देख कर. लेकिन सबसे ज़्यादा खुशी मुझे थी. क्यूंकी मैने सोच लिया था, की पूजा के साथ जल्दी ही सेक्स का मज़ा लूँगा.

फिर 1-2 दिन बीट गये. हम लोग नॉर्मली बातें करते थे. जब भी हम बात करते, मेरी नज़र पूजा के बूब्स पर होती. पूजा ने नोटीस कर लिया था, की मेरी नज़र उसके बूब्स पर होती थी. वो भी इशारो-इशारो में हस्स देती थी.

फिर एक दिन जब मैं कॉलेज से घर वापस आया, तो घर में कोई नही था सिर्फ़ पूजा और दादी थी. मैने पूछा की बाकी फॅमिली कहा थी, तो पूजा ने बोला-

पूजा: सिटी गये है, शाम को आएँगे.

ये सुन कर अंदर ही अंदर मैं बहुत खुश हुआ, क्यूंकी आज मेरे पास मौका था पूजा को अपना बनाने का. फिर मैं जल्दी से नहाने चला गया, और जान-बूझ कर टवल नही लेकर गया. मैने वॉशरूम से पूजा को आवाज़ लगाई टवल के लिए.

फिर पूजा टवल लेकर आई, और वॉशरूम का दरवाज़ा नॉक किया और बोली-

पूजा: टवल पकड़ लो.

मैने दरवाज़ा खोला, और अपना हाथ बाहर निकाला टवल पकड़ने के लिए. लेकिन मैने टवल के साथ पूजा के बूब को भी पकड़ लिया. तभी पूजा चिल्लाई-

पूजा: भैया आपने ये ग़लत पकड़ लिया है कुछ, छ्चोढ़ दो. मुझे पता था, लेकिन मैने ज़ोर से उसका बूब दबा दिया.

फिर पूजा बोली: प्लीज़ ब्रो, छ्चोढ़ दो.

और मैने छ्चोढ़ दिया, और पूजा चली गयी. फिर कुछ टाइम बाद मैं बाहर आया, और पूजा के पास गया, और पूजा को जान-बूझ कर सॉरी बोला. पूजा बोली: कोई बात नही.

इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गयी. तभी मैने पूजा को पकड़ लिया, और किस करना स्टार्ट कर दिया. पहले तो पूजा 2-3 मिनिट ना-ना करती रही. उसके बाद पूजा ने मेरा साथ देना शुरू कर दिया.

मैने पूजा के लिप्स में अपने लिप्स डाल दिए, और इससे पहले की पूजा कुछ बोले, मैने उसके बूब्स को पकड़ लिया, और उनको प्रेस करने लग गया.

पूजा भी धीरे-धीरे गरम होने लग गयी थी. फिर मैने अपने लिप्स को पूजा के लिप्स से अलग किया. तब पूजा बोली-

पूजा: ये सब ग़लत है भैया. हम दोनो को ये सब नही करना चाहिए.

लेकिन मुझे पता था पूजा गरम हो चुकी थी, और वो सिर्फ़ शर्मा रही थी. मैने पूजा को बोला-

मैं: ये बात हम दोनो में ही रहेगी. और हम दोनो हज़्बेंड-वाइफ की तरह एक-दूसरे की हर ज़रूरत को पूरा करेंगे. लेकिन फिर भी अगर तुम्हे लगता है, की ये सब ग़लत है, तो मैं कुछ नही करूँगा, और यहा से चला जाता हू.

पूजा कुछ नही बोली. मुझे पता था उसको भी अब सेक्स की इक्चा थी. फिर मैने पूजा का हाथ पकड़ा, और अपनी तरफ खींचा पूजा को. पूजा मेरी तरफ आई, और मेरे साथ किस करनी चालू कर दी.

अब मैं और पूजा दोनो किस कर रहे थे, और एक-दूसरे को टाइट हग भी कर रहे थे. फिर मैने पूजा के कपड़े उतारने शुरू कर दिए.

अब पूजा मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. पूजा की बॉडी देख कर मैं पागल हो गया. मैं पूजा के उपर जानवरो की तरह टूट पड़ा. पूजा के बूब्स को मूह मैं ले कर चूसने लगा. उसकी फुददी पर हल्के-हल्के हेर थे. पूजा की फुददी की खुसबु इतनी अची थी, की मुझे सेक्स का नशा हो रहा था.

मैं पूजा की पूरी बॉडी पर किस कर रहा था. पूजा भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. इससे आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. अगर आपको ये स्टोरी अची लगी हो, तो इसको लीके और कॉमेंट ज़रूर करे.

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