लेज़्बीयन सेक्स स्टोरी के लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा कैसे मैने भाभी की पनटी पहनी, और भाभी को थॅंक्स बोली, और सॉरी भी. फिर भाभी ने मुझसे सॉरी बोलने का कारण पूछा.
मैं बोली: आपको पता चल जाएगा.
फिर ये बोल कर मैं अपने रूम में चली गयी. थोड़ी देर बाद भाभी आई मेरे रूम में और बोली-
भाभी: तूने तो मेरी पनटी गंदी कर दी है.
मैं बोली: इसलिए ही तो मैं आपको सॉरी बोल रही थी.
भाभी: ये तुमने अछा नही करा.
मैं: सॉरी भाभी. मैं क्या करती, नाइट में गीली हो गयी.
फिर भाभी चली गयी. ऐसे ही कुछ दिन और निकल गये. मैं दोबारा भाभी के बातरूम में गयी, और उनकी ब्रा और पनटी च्छूपा कर ले आई. उनकी ब्रा पनटी को मैने अपने बेड पर रखा, और उसके उपर ही लेट गयी. मैं भाभी को इमॅजिन कर रही थी, और उनकी ब्रा और पनटी की छूट वाली जगह को सूंघ कर फील कर रही थी. मैं भाभी की ब्रा को हाथ में लेके दबा रही थी.
ये सब करते हुए मुझे पता ही नही चला की भाभी मुझे देख रही थी. मैं उस वक़्त भाभी की पनटी को अपनी ज़ुबान से चाट रही थी. ये देख भाभी बोली-
भाभी: ये क्या कर रही हो तुम, मेरी ब्रा और पनटी के साथ?
भाभी मुझे ये चिल्ला कर बोली, और मैं भाभी को सॉरी बोलने लगी.
मैने घबरा कर कहा: कुछ नही भाभी, बस ऐसे ही!
फिर वो अपनी ब्रा और पनटी लेके अपने रूम में चली गयी. थोड़ी देर बाद मैं भाभी के रूम में गयी, और फिर से उनसे माफी माँगने लगी.
भाभी मुझे बोली: तू ये सब जो कर रही है, वो बिल्कुल ग़लत है.
मैं बोली: हा भाभी, मैं जानती हू ये ग़लत है. पर मैं क्या करती भाभी? मेरी अभी तक शादी नही हुई है. आपकी तो कम आगे में शादी हो गयी है. मैं अब 32 साल की हो गयी हू, और आपसे बड़ी हू. मेरे को कैसा फील हो रहा है, आप समझ ही सकते हो.
ये सब बोल कर मैं वहाँ से उठी, और अपने कमरे में वापस आ गयी. उसके बाद अगले कुछ दिन मैं और भाभी चुप थे, और बात नही कर रहे थे. फिर एक दिन भाभी मेरे पास आई और बोली-
भाभी: तेरी एक अची ड्रेस देना, मुझे एक फंक्षन पर जाना है.
मैं बोली: भाभी आपको जो भी ड्रेस चाहिए ले जाओ.
फिर भाभी ने मेरी अलमारी खोली. उसमे भाभी ने एक ब्रा और पनटी देखी. उसको देख कर भाभी बोली-
भाभी: अर्रे ये तो मेरी है. यहाँ क्या कर रही है ये?
मैं बोली: वॉश करने के बाद यहाँ रख दी होगी.
फिर भाभी ने मेरी एक ड्रेस ली, और उसके बाद तैयार हो कर फंक्षन पर चली गयी. नेक्स्ट दे भाभी ने मुझे उनकी ब्रा और पनटी देने को कहा. मैने दे दी. वो पनटी को देखी तो उसमे धब्बे पड़े हुए थे. क्यूंकी उसको नाइट में पहन कर मैं उसमे अपनी छूट का पानी निकाल दी थी. अपनी पनटी का ये हाल देख कर भाभी बोली-
भाभी: तुम ये सब क्यूँ कर रही हो?
मैं बोली: कुछ नही भाभी.
भाभी बोली: मैं जानती हू तू मेरी ब्रा और पनटी के साथ क्या कर रही है.
ये बोल कर भाभी चली गयी. फिर एक दिन मेरे भैया गाओं गये थे. उनके जाने के बाद भाभी अपने कमरे में अकेली सोती थी. तभी मेरी मम्मी मुझे बोली-
मम्मी: आज तू जाके अपनी भाभी के साथ सो जेया.
ये सुन कर मैं तो चुप थी, लेकिन भाभी बोली: नही मैं अकेली ठीक हू. कोई दिक्कत नही है.
मगर मम्मी बोली: नही-नही, आज तुम दोनो साथ में सोना.
अब भाभी के पास कोई ऑप्षन नही था, तो उन्होने हा बोल दी. फिर मैं और भाभी उनके कमरे में गये, और हम दोनो साथ में उनके बेड पर लेट गये. मैने भाभी को बोला-
मैं: भाभी आपकी कोई निघट्य है तो देना.
भाभी बोली: क्यूँ, तेरे पास निघट्य नही है पहनने को? जेया जाके पहन कर आ.
फिर मैं मेरे रूम में गयी. वहाँ जेया कर मैने निघट्य पहन ली. मैने नीचे कुछ भी नही पहना था, ना ब्रा, ना पनटी. फिर मैं आके भाभी के बेड पर उनके साथ लेट गयी.
कुछ देर बाद भाभी मेरे उपर अपना हाथ डाल ली. मैं चुप रही. फिर मैं भी भाभी पर अपना हाथ डाल कर उनको हग करके सोने लगी. भाभी के लिप्स मेरे लिप्स के बिल्कुल करीब थे. मैं हल्के से भाभी के लिप्स को टच कर ली.
मैने भाभी को एक किस की, और उसके बाद उनकी पीठ सहलाने लगी. मैं भाभी की कमर पर अपना हाथ डाल दी, और उनकी हिप्स और गांद पर हाथ फिरने लगी. फिर मैने भाभी का एक हाथ पकड़ा, और अपने बूब पर रख दिया. उनकी निघट्य मैने उपर कर दी थी.
रूम में बेड लाइट चल रही थी, तो उसकी रोशनी में मैं भाभी की गोरी-गोरी जांघें देख कर मैं गरम होने लगी. भाभी ने नीचे पनटी भी पहनी हुई थी. फिर भाभी नींद में तोड़ा हिली, और साइड होके सो गयी.
मुझे भाभी की पनटी के उपर से उनकी छूट की शेप दिख रही थी. मैने भाभी की छूट पर एक किस करी. तभी भाभी नींद में मछली, और जाग गयी. मैं चुप-छाप बेड पर सोने का नाटक करने लगी. फिर भाभी ने अपनी पनटी और ब्रा निकाल कर फेंक दी, और ऐसे ही निघट्य मियान सोने लगी.
कुछ देर बाद भाभी अपना हाथ मेरे पेट पर डाली और धीरे से मेरी निघट्य को उपर कर रही थी. मैने सोचा भाभी को भी मूड आ गया, और मैं चुप-छाप सोने का नाटक करती रही. अब भाभी ने मेरी निघट्य मेरे थाइस के उपर थी, और मेरी नंगी थाइस भाभी के सामने थी. मैं चुप-छाप सोने का नाटक कर रही थी.
फिर भाभी ने अपना हाथ मेरी छूट पर डाला, और उसको मसालने लग गयी. मेरी छूट तो पहले से ही गीली थी, और भाभी मेरी निघट्य पूरी मेरे हिप्स तक कर दी. अब मेरी नंगी छूट भाभी के आयेज थी. भाभी मेरी छूट को अपने हाथ से सहला रही थी. मैं तो बस मज़े ले रही थी.
फिर भाभी लेट गयी, और अपनी निघट्य को भी अपनी हिप्स तक उपर उठा ली. भाभी भी अब नीचे से नंगी थी, और उन्होने पनटी नही पहनी हुई थी. हल्की रोशनी में भाभी की छूट दिख रही थी. क्या कमाल की छूट थी, एक-दूं गोरी और गुलाबी. मेरी छूट गोरी नही थी. उसका कलर ब्राउन था.
भाभी की छूट देख कर मैं अपनी छूट पर हाथ डाली, और उसे मसल रही थी. भाभी ने ये देख लिया. अब उनको पता था की मैं सो नही रही थी. फिर भाभी मेरी छूट पर अपना हाथ डाली और उसको मसालने लग गयी. अब हम दोनो एक-दूसरे की छूट को मसल रहे थे.
तभी मम्मी ने दरवाज़ा नॉक किया. मैने देखा तो सुबा के 5 बाज गये थे. तभी हम दोनो ने निघट्य नीचे की, और भाभी उठ कर दरवाज़ा खोलने गयी.
इसके आयेज क्या हुआ, आपको इस कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा.