भाभी के साथ रोमॅन्स

क्षकशकश हॉट कहानी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा के भाभी ने मुझे उनके दूध दबाने के लिए हा तो कह दिया. लेकिन ब्लाउस के उपर से दबाने के लिए कहा था. फिर मैं उनके दूध उपर से दबाने लगा, और भाभी की श आह की आवाज़ निकली. अब आयेज-

मैने भाभी से बोला: आँखें खोलो, बिना आँखें खोले बिना दबाने में मज़ा नही आता है.

तो भाभी ने हल्की सी अपनी आँखें खोली और कहा: जल्दी करो, मुझे जाना है.

मैं जल्दी से भाभी के दूध बड़ाने लगा. भाभी कभी आहह कभी श कर रही थी. मुझे मज़ा आ रहा था, क्यूंकी मैं उनके नरम बूब्स दबा रहा था. इसी बीच भाभी ने अपनी आँखें बंद की, जिससे मुझे उनके करीब आने का मौका मिला. फिर मैने उनके करीब आ कर उनकी दूध वाली जगह के उपर किस कर ली. इससे भाभी ने आँखें खोली और कहा-

भाभी: ये क्या कर रहा हा तू? इसकी बात नही हुई थी हमारी. तूने ये नही करना था.

मैने कहा: भाभी बस एक ही किस तो करी है. आप तो ऐसे कर रही हो जैसे मैने आपके होंठ पर किस कर ली हो.

भाभी: ग़लती से भी मत सोचना ऐसा, की तू मेरे होंठ पर किस करेगा. और कभी करना भी मत.

मैने कहा: ठीक है, लेकिन आपके दूध तो दबाने दो फिलहाल.

और मैने उनके निपल तक को निचोढ़ दिया. उनकी आवाज़ नही रुक रही थी उहह ह ऑश.

फिर भाभी ने कहा: बस अब नही, कोई आ जाएगा. बाद में करना. मुझे जाने दो कमरे में.

और वो अपने ब्लाउस ठीक करके जाने लगी. तभी मैने उनका हाथ पकड़ा और कहा-

मैं: भाभी मुझे आपकी चड्डी तो देकर जाओ.

फिर उन्होने अपनी चड्डी पैरों के बीच से निकली, और मुझे देकर जाने लगी. चड्डी हाथ में पकड़ते ही मालूम पद गया की भाभी की चड्डी गीली हो चुकी थी उनके बूब्स दबाने से. उनकी छूट का पानी उनकी चड्डी में लग गया था. भाभी की छूट से शायद झाग भी आया था, वो भी उनकी चड्डी पर सॉफ दिख रहा था.

भाभी चली गयी मुझे अपनी चड्डी देकर और कहा की कल वापस दे देना. मैने ओके कहा, और वो चली गयी. अगले दिन सुबह भाभी मेरे कमरे में आई उनकी चड्डी लेने की कहीं कोई उनकी चड्डी मेरे कमरे में देख ना ले. मेरी नींद लगी हुई थी. वो जैसे ही मेरे कमरे में आई, मेरी आँखें खुल गयी.

मेरा लंड खड़ा था, और सॉफ दिख रहा था. उनकी चड्डी मेरे सर के नीचे दबी थी. उन्होने मेरा खड़ा लंड देखा, और नज़र घुमाई. मेरे पास उनकी चड्डी पड़ी थी, सर के नीचे. उसे वो निकालने लगी, पर उनकी चड्डी मेरे सर के नीचे दबी होने के कारण वो थोड़ी ताक़त लगाने लगी.

लेकिन एक-दूं से वो मेरे मूह पर गिर गयी, और उनके बूब्स मेरे मूह में घुस गये. फिर कुछ सेकेंड के लिए मैं उन्हे पकड़ कर उनकी खुसबु लेता रहा, और फिर वो उठ गयी. लेकिन अपनी चड्डी नही निकाल पाई.

भाभी ने मुझे धक्का देकर कहा: जल्दी से मेरी चड्डी दे, कोई आ जाएगा.

मैने तुरंत उनकी चड्डी अपने सर के पास से निकाल कर उनको दे दी, और चड्डी एक हाथ से पकड़ते हुए उनसे कहा-

मैं: भाभी चड्डी तो दे दूँगा. लेकिन मुझे एक किस चाहिए अपने सीने पर.

उन्होने माना कर दिया और कहा: ये क्या बात हुई? चुप-छाप मेरी चड्डी दे शिवम, कोई आ जाएगा तो दोनो के लिए अछा नही होगा.

मैने कहा: ठीक है आ जाने दो. देख लेने दो.

भाभी: देख सही में कोई आ जाएगा. मुझे चड्डी दे और जाने दे.

लेकिन मैं नही दे रहा था, और कहा: अभी एक किस दो, और चली जाओ.

उन्हे मेरी बात माननी पड़ी और मैने अपनी त-शर्ट उपर की, और कहा: लो करो किस. लेकिन अब 5 किस्सस करनी पड़ेगी.

उन्होने देर ना करते हुए जल्दी से एक किस मेरे सीने पर मेरे रिघ्त निपल के पास कर दी. इससे बहुत सुकून मिला मुझे और मैने कहा-

मैं: ये तो एक ही है. 5 की बात हुई थी हमारी.

फिर उन्होने जल्दी से 4 किस्सस और मेरे सीने पर करी, जिसमे से 2 किस्सस तो उन्होने मेरे रिघ्त वाले निपल पर की. मेरा लंड और ज़्यादा खड़ा हो गया था उनके निपल पर किस करने से.

फिर उन्होने अपनी चड्डी मेरे हाथ से चीनी और लेकर चली गयी. इतना सुकून आज तक नही आया की मेरी भाभी सुबह से मेरे निपल पर किस कर रही थी. पूरा दिन मज़े में निकालने वाला था.

भाभी फिर घर का गेहू सॉफ करने में लग गयी. लेकिन जब वो गेहू सॉफ करने बैठी थी, तो बार-बार मैं उन्हे ही देख रहा था, और वो भी मुझसे नज़रें चुरा रही थी.

एक-दूं से भाभी से मेरी मम्मी ने कहा: किचन से पानी ले आ. बहुत प्यास लग रही है.

तो भाभी उठी और किचन में चली गयी. तभी मैं भी बहाना बना कर किचन में चला गया, और किचन में जाते ही मैने भाभी को पीछे से पकड़ लिया. वो शॉक हो गयी ये क्या हुआ.

उन्होने मुझे देखा और कहा: मुझे पानी ले जाना है. मम्मी अभी आ जाएगी किचन में, शिवम छ्चोढ़ मुझे जाने दे.

लेकिन में नही छ्चोढ़ रहा था. मैने कहा: भाभी एक किस दो मुझे, अभी मेरे होंठो पर और जाओ.

भाभी ने माना किया और छ्छूटने की कोशिश करने लगी. लेकिन अपने आप को च्चूधा नयी पाई.

फिर उन्होने ने कहा: ठीक है छ्चोढ़ मुझे. मैं देती हू.

फिर वो मूडी और मेरे होंठो पर अपने होंठ चिपका कर जल्दी से किस करके भाग गयी. मैं फिर किचन में ही कुछ ढूँढने का नाटक करने लगा, ताकि किसी को शक ना हो की मैं किचें में क्या कर रहा था.

भाभी पानी लेकर गयी तो उनकी साँस फूल रही थी, तो मम्मी ने पूछा: साँस क्यूँ फूल रही है? यहीं तो गयी थी पानी लेने, उसमे भी साँस फूल गयी तेरी?

भाभी ने संभाला फिर बात को. फिर मम्मी अपने कमरे में चली गयी, और भाभी गेहू भर कर रखने लगी गेहू की बोरी में. मेरा किचन से आना हुआ तो वो नीचे झुक कर गेहू की बोरी भर रही थी. मुझे उनकी मोटी गांद सारी के उपर से देखने में मज़ा आ रहा था.

फिर वो उठी, और मुझे देख आयेज चली गयी. मैं उनको पीछे से घूर रहा था, तो वो मुझे जाने को बोली की जाओ यहा से, कोई आ जाएगा.

मैं फिर अपने काम में लग गया, और भाभी भी नहाने जाने वाली थी गेहू सॉफ करने के बाद. मेरे लिए अछा था. मैने सोचा था की मैं नहाते हुए उनके बूब्स के और उनकी छूट के दर्शन करूँगा. लेकिन भाभी इतनी चालाक निकली की वो बातरूम के गाते पर टवल बाँध करके नहाई, ताकि मैं उन्हे उपर के च्चेड़ से देख ना साकु.

नहा कर भाभी उनके कमरे में गयी, ताकि वो मेकप कर सके. वो ज़्यादा माकेप करती नही है, बस क्रीम और पाउडर लगती है फेस पर, और सिंदूर लगती है बालों के बीच में.

भाभी ने नहाने के बाद येल्लो कलर की सारी पहनी, और लाल कलर का ब्लाउस पहना था, और बहुत ही सुंदर लग रही थी. पहले वो ऐसे कभी नही तैयार हुई. मुझे लगा शायद भाभी का कुछ अलग ही मूड था. या हो सकता है मुझे दिखाने के लिए पहनी हो, ताकि मैं उन्हे देखु और उनके पास जौ कुछ करने के लिए.

क्यूंकी उन्हे पता ही था की हमारी बात हुई थी रोज़ रात को साथ सोने की, चाहे वो 1 घंटा ही सोए. लेकिन उन्हे रात का एक घंटा मेरे पास सोना था.

शाम को भाभी ने सभी के लिए खाना बनाया. लेकिन खाने में भाते की सब्जी बनाई. मुझे अची नही लगती वो. मैने किचन में ही कहा आज तो कुछ और ख़ौँगा मैं. भाभी मुझे देखने लगी उल्टी नज़रों से.

वो खाना बना कर फ्री हो गयी, और बर्तन सॉफ करके जमाने लगी. सभी घर के खाने खा कर कोई कहाँ, कोई मार्केट और कोई टीवी देखने में लग गया.

भाभी किचन में बर्तन सॉफ करने में लग गयी. मैं धीरे से उनके पीछे आ कर, उनकी कमर में हाथ डाल के उनसे चिपक गया. भाभी थम सी गयी वहीं और कुछ कहने वाली थी. पर मूह से कुछ नही निकला उनके. मैने पीछे से पकड़ रखा था.

मेरा लंड उनकी गांद की दरार में जाने को रेडी था. शायद उनको चुभ भी रहा था. उन्होने मुझे बिना देखे कहा-

भाभी: क्या बोला था तूने, कुछ और खाएगा. क्या खाएगा बोल अब ज़रा.

आयेज की कह अगले पार्ट में.

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