भाभी के साथ हुई चुसाई और चुदाई की कहानी

आप सब ने पिछला पार्ट पढ़ा और इतना प्यार दिया उसके लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद. तो देर ना करते हुए मूठ का आनंद लेते है. अब आयेज-

मैं सो रहा था. अचानक मुझे ऐसा लगा की कोई मेरे लंड को टच कर रहा है. लेकिन नींद में होने की वजह से मैने ज़्यादा ध्यान नही दिया, और फिरसे सोने लगा. थोड़ी देर बाद मुझे फिरसे कुछ महसूस हुआ, और अबकी बार लगा की सही में कोई तो था. मैने मा को देखा तो वो तो आराम से सो रही थी.

फिर मैने सोचा की यार कों ही होगा. ये सब शायद इसलिए हो रहा था, क्यूंकी अब हर टाइम मेरे दिमाग़ में छूट आंड लंड की बातें चलती रहती है. इसलिए मैं फिरसे सो गया. 10 मिनिट बाद अचानक किसी ने मेरा लंड बुरी तरह पकड़ लिया, और मेरे मूह पर हाथ रख दिया, और लंड को बुरी तरह सहलाने लगा. मुझे कुछ भी ना तो दिखाई दे रहा था, और ना समझ आ रहा था.

मैने उठने की कोशिश करी, लेकिन मुझे उठने नही दिया. धीरे-धीरे लंड की रफ़्तार भी बढ़ने लगी, और अब मुझे भी मज़ा आने लगा. अब मेरे कान में धीरे से आवाज़ आई, “मज़ा आ रहा है ना?” ये आवाज़ किसी और नही बल्कि मेरी भाभी की थी.

भाभी की आवाज़ सुन कर मैं एक-दूं शॉक रह गया. मुझे कुछ भी समझ नही आ रहा था. फिर मैने धीरे से भाभी के हाथ को अपने मूह से हटाया और बोला-

मैं: भाभी, ये आप क्या कर रही है?

भाभी: चुप रह, अभी तू सिर्फ़ मज़े ले कुत्ते.

मैं: मम्मी जाग ना जाए भाभी.

भाभी: वो नही उठेगी, तू आराम से मज़े ले.

मुझे कुछ भी समझ नही आ रहा था, लेकिन ँज़ा बहुत आ रहा था. मैने बिना कुछ सोचे समझे भाभी को मूठ मारने दी, और मैं ऐसे का ऐसे लेता रहा. भाभी मेरे लंड को बुरी तरह हिला रही रही थी, और उन्होने 2 उंगलियाँ मेरे मूह के अंदर डाल दी थी. मैं भी उनकी उंगलियों को आचे से चूस रहा था. भाभी बीच-बीच में बॉल्स को भी हाथ से मसल रही थी.

भाभी ने अब तोड़ा सा थूक मेरे लंड पर गिराया, और लंड को फिरसे हिलना शुरू कर दिया. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था, और मैं धीरे से बोलने लगा.

मैं: आ आ भाभी मज़ा आ रहा है.

भाभी: ले कुत्ते, तू मज़ा ले.

मैं: हा ऐसे ही, ऐसे ही, ऐसे ही करते रहो अहह.

भाभी: कर रही हू कुत्ते, और कैसे करू?

मैं: तोड़ा सा थूक गेरो और फिर करो.

भाभी: असली कुत्ता है तू.

मैं: मज़ा आता है जब आप ऐसे करते हो.

भाभी: ले फिर थ.

मैं: हा भाभी, अब करो स्पीड से.

अब भाभी ने अपने हाथो की स्पीड डबल कर दी.

मैं: श ऑश ऑश बस ऐसे ही, ह अहह करते रहो.

भाभी: कुत्ते बड़ी देर हो गयी, कब निकलेगा तेरा?

मैं: बस ऐसे ही करते रहो, हो जाएगा.

भाभी मूठ मार्टी रही, और मेरा माल एक-दूं से निकल गया.

मैं: आ आह ह मज़ा आ गया ऑश ऑश!

भाभी: कुत्ते, जब निकालने वाला था बता देता. मेरा सारा हाथ गंदा कर दिया.

मैं: सॉरी भाभी, पता ही नही लगा कब निकल गया. लेकिन मज़ा बहुत आया. थॅंक्स, अब मेरे को नींद बहुत अची आएगी.

भाभी: नींद?

मैं: हा भाभी, मूठ के बाद नींद बढ़िया आती है.

ये बात सुन कर भाभी ने मेरे लंड को फिरसे पकड़ लिया, और ज़ोर से खींचा और बोली-

भाभी: कुत्ते तेरा तो निकल गया, मेरा कों निकलेगा?

मैं: मतलब?

भाभी: मेरी मूठ कों मारेगा कुत्ते? चल खड़ा हो.

भाभी ने लंड खीच कर मेरे को बेड से उठाया, और मा वाले रूम में ले गयी. अब मेरे को धीरे-धीरे सब समझ आने लगा था. रूम में आते ही भाभी बोली-

भाभी: कुत्ते तेरे को बड़ी जल्दी है सोने की. तूने अपना माल तो निकाल दिया मेरे हाथो पर. अब मेरा माल भी चख.

मैं: भाभी लेकिन मैं कैसे?

भाभी: मेरे बच्चू, जैसे मैने तेरा किया हाथो से.

मैं: लेकिन?

भाभी: ज़्यादा मूह मत चला कुत्ते.

अब भाभी ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए. भाभी का फिगर एक-दूं हेरोयिन जैसा था. उनके बूब्स बड़े मस्त थे. भाभी बेड के किनारे पर लेट गयी, और मेरे को घुटनो के बाल बिता दिया, और मेरे मूह को अपनी छूट से लगा लिया. छूट में कुछ स्मेल थी, लेकिन स्मेल अची लग रही थी.

भाभी: चूस कुत्ते, सब चूस.

मैने भी आव सोचा ना ताव, और भाभी की छूट पर टूट पड़ा. मैं छूट को कुत्ते की तरह चूसने लगा.

भाभी: आ आह आह ह अहह ह.

मैं: मज़ा आ रहा है ना?

भाभी: कुत्ते मूह मत हटता छूट पर से. जीभ चलता रह. ऑश ऑश ष्ह ष्ह ष्ह उईईइ.

मैं: लेकिन इसमे स्मेल है, और अब वो बढ़ रही है.

भाभी: बेटा वो खुश्बू है, और वो अची है. बस तू चूस्टा रह. अछा चूस रहा है. चूसना बंद मत कर.

मैं: ठीक है भाभी.

मैने लगातार 20 मिनिट तक भाभी की छूट चूसी. छूट अब तोड़ा-तोड़ा पानी भी छ्चोढने लगी थी.

भाभी: आह आ मज़ा आ गया. तूने अछा चूसा, उम्मेड से अछा चूसा. चल अब मैं काम कर.

मैं: क्या आपकी मूठ?

भाभी: हा कुत्ते, मेरी मूठ.

अब मैने अपनी 2 उंगलियाँ भाभी की छूट में दे दी.

भाभी: ह अहह ओह मज़ा आ गया.

मैं: ऐसे ही करता राहु ना?

भाभी: हा कुत्ते, ऐसे ही आह अहह, अंदर तक दे, और तेज़ हिला उंगलियों को.

भाभी ने एक-दूं उंगलिया छूट से निकली, और मेरे मूह में डेडी. मुझे बड़ा अजीब लगा.

भाभी: चूस कुत्ते चूस. बड़ा कीमती रस्स है. चाट आचे से.

मैने उंगलियों को चूसा लेकिन मेरे को अजीब लगा, और मेरे में थूक आ गया. भाभी को पता लग गया की मेरे को थूकना था, तो उन्होने बोला-

भाभी: थूकना है?

मैं: हा.

भाभी: छूट पर थूक दे.

मैने सोचा भाभी ये क्या बोल रही थी. इतने में भाभी चिल्ला कर बोली-

भाभी: थूक दे मेरी छूट पर कुत्ते, जल्दी कर.

मैने एक-दूं से अपना सारा थूक भाभी की छूट पर थूक दिया, और उंगलियाँ फिरसे छूट में डेडी.

भाभी: आह अहह आह अब आ रहा है असली मज़ा. उई उ उईईइ. हा ऐसे ही करता रह, करता रह, करता रह, अहह अहह.

मैं: भाभी.

भाभी: बोल आह ह बोल बोल ओह श.

मैं: आपके बूब्स दबा लू?

भाभी: हा दबा ले कुत्ते. दबा ले आह.

मैने जल्दी से अपने दूसरा हाथ से भाभी की चूचियाँ दबाना शुरू कर दिया. वो बड़ी सॉफ्ट थी. मैं एक हाथ से बूब्स दबा रहा था, और एक हाथ से उनकी मूठ मार रहा था. लेकिन अब मैने एक-दूं से 3 उंगलियाँ छूट में घुसा दी.

भाभी: अहह कुत्ते, बोल तो देता करने से पहले अहह.

मैं: कैसा लगा ये बताओ?

भाभी: हा लगा तो अछा, लेकिन दर्द हुआ कुत्ते.

मैं: अब मज़ा भी आएगा.

भाभी: ऑश श आ रहा है मज़ा तो कुत्ते ह आह आह. एक बात बता?

मैं: हा बोलो ना!

भाभी: तेरे को गालियाँ दे सकती हू?

मैं: अर्रे हा, दो ना किसने रोका है.

ये बोलते हुए मैने उंगलियों को खीच के बाहर निकाला, और झटके से अंदर घुसा दिया.

भाभी: आह कुत्ते भोंसड़ी के.

आह, ऐसे कों करता है कुत्ते?

मैं: लो-लो मज़ा लो आप.

भाभी: आह आह तेज़ कर, तेज़ कर, तेज़ कर रंडी के बच्चे, बहनचोड़, और तेज़ कर.

मैने अब पूरी स्पीड बढ़ा दी, और भाभी ने एक-दूं मेरी उंगलियाँ बाहर निकली, और मेरे मूह को छूट पर लगा दिया. उन्होने अपना सारा माल मेरे मूह पर छ्चोढ़ दिया.

भाभी: श ष्ह मज़ा आ गया ह ह. कब से मॅन था ऐसे कोई छूट का पानी पिए.

भाभी अब हासणे लगी, और उन्होने अपने पैर का एक थंब मेरे मूह में दे दिया, और दूसरे पैर से लंड को सहलाने लगी.

भाभी: चूस मदारचोड़ चूस पैर को. आचे से चूस कुत्ते.

मैने भी भाभी के पैर को आचे से पकड़ा, और चूसने लगा. ये सब हमने 20-25 मिनिट तक किया. इसके बाद भाभी ने मेरे को उठाया, और बेड पर खीच लिया, और लंड को मूह में ले लिया. जैसे ही उन्होने मेरे लंड को मूह में लिया, मेरे मूह से एक-दूं निकला.

मैं: ह भाभी, ऐसे ही. क्या लंड चूस रही हो आप.

मैने भाभी के सर को पीछे से पकड़ा, और लंड मूह के अंदर तक दे दिया. भाभी ने काफ़ी बार मेरे पैरों पर, पेट पर मारा. ताकि मैं लंड बाहर निकाल लू. लेकिन मैने नही निकाला. फिर उन्होने मेरी गांद में उंगली दी. तभी मैने एक-दूं से लंड को बाहर निकाला.

भाभी: बेहन के लंड, मारना चाहता है क्या? साँस ही नही आ रही थी कुत्ते, मदारचोड़.

मैं: लेकिन मज़ा आया ना?

भाभी: हा लेकिन जब मैं कही मारु तो समझ जेया की अब लंड को बाहर निकालना है.

मैं: ठीक है.

मैने भाभी से 20 मिनिट तक लंड चुस्वाया, और भाभी ने भी बड़े मज़े से लंड को चूसा. अब मैने भाभी की गांद में उंगली डेडी, और भाभी एक-दूं बेड पर कूद पड़ी.

भाभी: भोंसड़ी के, बड़ी मस्ती चढ़ि है ना तेरे को, रुक तू बहनचोड़.

इतना बोलते ही भाभी ने मेरे को बेड पर लिटा दिया, और अपनी छूट मेरे मूह पर रख दी, और अपनी छूट को मेरे मूह पर रगड़ती रही. ऐसा भाभी ने बहुत देर किया. मेरा मूह पर हर जगह भाभी की छूट का रस्स लगा हुआ था. भाभी ने छूट जब तक रगडी, जब तक उनका पानी निकल नही गया.

इसके बाद हमने 10 मिनिट रेस्ट किया, और फिर मैने भाभी को अपने पास खींचा, और लंड छूट पर मसालने लगा.

भाभी: आ आह डाल ना यार प्लीज़. डाल ना, क्यूँ लाते कर रहा है ह?

मैं: रुक, बेहन की छूट तेरी कुट्टिया.

भाभी: तेरे को गालियाँ देनी है डेल. लेकिन लंड तो अंदर डाल, और चुदाई शुरू कर.

मैं: पहले बोल मेरे आयेज छोड़ो मुझे प्लीज़.

भाभी: प्लीज़ छोड़ो मुझे. छूट तड़प रही है लंड के लिए. आह डाल ना यार. तेरे लंड से छूट चुड़वणी है मेरे को.

मैं: हा ये ले.

भाभी: ह अहह अहह अहह मज़ा आ गया सच में.

मैं: ले कुटिया ले. मेरे लंड से चूड़ना था ना चुड अब.

भाभी: हा यही स्पीड रखना ह ह आह बस ऐसे ही.

मैं: हा-हा ले ले ह बड़ी मस्त छूट है आपकी भाभी.

भाभी: कुटिया बोल मेरे को कुत्ते.

मैं: ठीक है कुटिया.

भाभी: आ ह अहह तेज़ कर ब्स्दक! धीरे क्यूँ हो गया उस रंडी ने तेरे को बचपन में दूध नही पिलाया क्या अपना?

मैं: मैने तो पिया है दूध. आप बताओ आपने अपना दूध किस-किस को पीने दिया?

भाभी: बस तेरे भैया को, और तेरे को अहह.

मैं: लगता है छूट ज़्यादा नही चुडवाई आपने. तभी टाइट है.

भाभी: ज्ञान मत छोड़, छूट छोड़ अहह अहह अहह.

मैं: लगता है मैं आने वाला हू आह.

भाभी: अंदर नही, मेरी गांद पर निकल देना अपना माल.

मैं: आह ह अहह एयेए गया आहह बस बस आह.

मैने एक-दूं से लंड को बाहर निकाला और भाभी को घुमा कर उनकी गांद पर निकाल दिया.

मैं: आह ह ह मज़ा आ गया अहह अहह अहह.

भाभी: अची चुदाई करी तूने कुत्ते.

मैं: अभी गांद तो बाकी है आपकी.

भाभी: अछा वो भी मारेगा तू ब्स्दक?

मैं: उसी में तो मज़ा है भाभी.

भाभी: पक्का मदारचोड़ है तू.

मैं: आओ ना इधर.

भाभी: अर्रे रुक तो, आ रही हू.

मैं: वेट नही होता ऐसे चिकनी गांद देख कर.

भाभी: अछा कुत्ते, ये ले.

उन्होने अपनी पूरी गांद मेरे आयेज फैला दी, और मैने अपने लंड को सेट किया, और मारा एक झटका.

भाभी: आह ह मॅर गयी बहनचोड़ अहह ह ह. कुत्ते, रंडी थोड़ी हू जो डेली लंड खाती हू. आराम से कर आह.

मैं: आराम में मज़ा नही है. दर्द में ही है असली मज़ा है.

भाभी: कुत्ते आराम से कर ह.

मैं: ये ले एक झटका और.

भाभी: आहह ह रंडी के ह. रहने दे मेरे को नही करना. गांद फाड़ दी तूने ह आह.

मैं: बस हो गया हो गया.

मैने भाभी को स्मूच किया, और लंड आगे-पीछे करने लगा.

भाभी: ह अहह अहह अब तोड़ा कम हुआ है दर्द.

मैं: हा अब मज़ा ही मज़ा है

भाभी: आह आह ऐसे ही, ऐसे ही, ऐसे ही, ऐसे ही. करता रह उईईई उ.

मैं: ये लो, ये लो, ये लो, ये लो.

भाभी: आह अहह ह आह.

मैं: ह ह आह टाइट है गांद आपकी फुल.

भाभी: हा तो रंडी थोड़ी ही हू मैं. आह आह कर कर शाबाश ऐसे ही ह.

मैं: ह आ आने वाला हू मैं, आने वाला हू.

भाभी: पीना है मेरे को तेरा माल ह मूह में डियो ह.

मैं: ठीक है.

भाभी: अहह अहह ह.

अब मेरा होने वाला था, तो मैने एक-दूं भाभी को नीचे बिताया, और लंड मूह में दिया, और सारा माल उनके मूह में छ्चोढ़ दिया. भाभी ने तोड़ा सा माल पिया, और बाकी माल अपने हाथो पर निकाला और बूब्स और गांद पर मसल लिया.

भाभी: गाढ़ा माल है तेरा.

मैं: हा, आपकी गांद ने कर दिया गाढ़ा.

अब हम दोनो तक चुके थे, और वही लेट गये.

मैं: भाभी आपने मेरे से चुदाई कैसे कराई? आपको दर्र नही लगा कही मैं मा को बता डू?

भाभी: देख मुझे लगता था की तू मेरे को मूठ मारते देखता है. लेकिन मैं शुवर नही थी. लेकिन तूने आज मेरे को मूठ मारते देखा, और माल वही गाते पर छ्चोढ़ दिया. हैईना?

मैं: आपको कैसे पता?

भाभी: मैं पानी पीने उठी तब मेरे पैरों में लगा. तब मैं समझ गयी तू आज भी आया था, और मैं शुवर हो गयी.

मैं: अछा ये बात है.

भाभी: हा, लेकिन तूने उमीद से बढ़िया छोड़ा मेरे को.

मैं: आपने भी लंड क्या चूसा.

भाभी: चल अब सोजा तू अपने रूम में जेया कर. कही तेरी मा ना आ जाए.

मैं: हा ठीक है.

अब मैं उठ कर अपने रूम में आ कर चुप छाप मा के साथ सो गया.

तो ये थी मेरी और भाभी की चुदाई की कहानी. ई होप आपको ये कहानी पढ़ कर मज़ा आया होगा. मुझे मैल पर रिप्लाइ करके फीडबॅक ज़रूर दे.

अगर मुझसे कुछ ग़लती हुई हो, तो मैं आपसे माफी चाहूँगा.

थॅंक्स

कामदेवबबा!

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