बेटी के साथ सेक्स किया उसका राज़ जान कर

हेलो फ्रेंड्स, मैं थोर आपके लिए एक नयी लेज़्बीयन सेक्स स्टोरी लेके आया हू. उमीद है मेरी पहले की कहानियों की तरह ये कहानी भी आपको पसंद आएगी. ये कहानी मुझे हिमाचल की करुणा ने भेजी है. तो चलिए कहानी शुरू करते है करुणा की ज़ुबानी.

दोस्तों मेरा नाम करुणा है. मैं हिमाचल की रहने वाली हू, और 44 साल की हाउसवाइफ हू. मेरे 2 बच्चे है, एक बेटी 20 साल की, और एक बेटा 14 साल का. मेरी बेटी कॉलेज में पढ़ती है, और बेटा स्कूल में.

मैने अपने आप को शुरू से मैइतैइन करके रखा हुआ है, इसलिए मैं दिखने में अची हू. मेरा फिगर 36-32-38 है, और रंग गोरा है. मेरी बेटी भी मेरी तरह गोरी है, और बहुत खूबसूरत है. उसका फिगर 32-28-34 है. वो दिखने में ऐसी लगती है, जैसे हाथ लगाने पर मैली हो जाएगी.

इस कहानी में मैं बतौँगी की कैसे मैने किसी वजह से अपनी बेटी की अलमारी खोली, और फिर उसके साथ सेक्स किया. तो चलिए बताती हू की क्या हुआ और कैसे हुआ.

एक दिन मैं सुबा उठी तो देखा मैं आज लाते हो गयी थी. इसलिए मैने जल्दी से ब्रश किया, और नहाना छ्चोढ़ कर बाकी का काम करने लगी. फिर बच्चो को स्कूल और कॉलेज भेजने के बाद मैने पति को नाश्ता दिया. मेरे पति दुकानदार है, तो वो नाश्ता करने अपनी दुकान पर चले गये.

फिर मैने सोचा की अब तो सब काम हो चुका था, तो नहा लेती हू. ये सोच कर मैं अपने रूम में कपड़े लेने चली गयी अलमारी में से. मुझे सारे कपड़े मिल गये, लेकिन एक पनटी नही मिल रही थी, जो मैने पहनने का सोचा था. फिर मैने देखा की मेरी बेटी की एक पनटी मेरी अलमारी में थी. उस पनटी का रंग भी उस पनटी जैसा था जो मैं ढूढ़ रही थी.

मैने सोचा कहीं ऐसा ना हुआ हो की उसकी पनटी मेरी अलमारी में आ गयी हो, और मेरी उसकी अलमारी में. ये सोच कर मैं उसके कमरे में गयी, और उसकी अलमारी खोल ली. पहले मैने उसकी पनटी उसकी अलमारी में रख दी. फिर मैं अपनी पनटी ढूँढने लगी.

मेरी बेटी को पसंद नही था की कोई उसकी अलमारी में देखे. वो अपने कपड़े भी खुद ही सेट करती थी, इसलिए मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. तभी कपड़ों के ढेर में से एक डिल्डो निकला. मैं उसको देख कर मुस्कुराने लगी. मुझे लगा मेरी बेटी जवान हो चुकी थी.

फिर मुझे वहाँ से एक फोन मिला. ये पुराना फोन था, जो कभी मैं इस्तेमाल करती थी. जब मैने नया लिया, तो ये बच्चो ने रख लिया था. मैने फोन ओपन किया, तो मुझे गॅलरी देख कर हैरानी हुई. उसमे मेरी डिफरेंट आंगल्स से फोटोस क्लिक करी गयी थी.

पहले मैने सोचा की मेरा बेटा ये कर रहा होगा. लेकिन तभी मेरी नज़र एक “पर्सनल” नाम का फोल्डर दिखा. जब मैने उसको ओपन किया तो उसमे काई वीडियोस थी. फिर जब मैने वीडियो प्ले की, तो वो लेज़्बीयन वीडियो थी. ये देख कर मैं हैरान हो गयी, और अपने पस्त के बारे में सोचने लगी.

दरअसल मैं भी एक लेज़्बीयन हू. हमारे ज़माने में किसी को ये बता नही सकते थे, तो मुझे घर वालो की मर्ज़ी के अकॉरडिंग शादी करनी पड़ी. मैने बच्चे तो पैदा कर लिए, लेकिन मुझे कभी चरमसुख नही मिला. लेकिन तभी मुझे ये सोच कर दुख हुआ की मेरी बेटी भी एक लेज़्बीयन थी. और उसको भी मजबूरी वाली ज़िंदगी गुज़ारनी पड़ेगी.

फिर मैने सोचा की मैं उसके साथ ऐसा नही होने दूँगी. अगर किसी और के साथ नही, तो वो मेरे साथ सेक्स करके अपनी प्यास बुझाएगी. फिर मैने सब कुछ वापस रख दिया, और शाम होने का इंतेज़ार करने लगी. रात को डिन्नर हुआ, और सब सोने चले गये.

जब मेरे पति सो गये, तो मैं अपनी बेटी के कमरे में गयी. मैने उसके कमरे का दरवाज़ा खोला, और अंदर चली गयी. वो शॉर्ट्स और त-शर्ट में सोई हुई थी. मैने उसको जगाया. वो जागी और उसने पूछा-

बेटी: मम्मी क्या हो गया? इतनी रात में क्यूँ जगाया?

मैं: तू लेज़्बीयन है?

ये सुन कर उसके चेहरे का रंग उडद गया.

बेटी: मम्मी, मैं वो…

मैं: हा या ना बोल.

बेटी: हा मम्मी.

फिर मैने उसको अपनी सारी कहानी सुनाई, और बोली: अगर तू चाहे तो मेरे साथ सेक्स कर सकती है.

ये सुनते ही वो मुझ पर ऐसे टूटी, जैसे पता नही कितनी भारी पड़ी हो. वो मेरे उपर आई, और मेरे होंठ चूसने लगी. मैं भी उसका साथ देने लगी. मैने पाजामा और त-शर्ट पहने हुए थे. वो त-शर्ट के उपर से मेरे बूब्स दबाने लगी, और मैं उसके बूब्स दबाने लगी.

कुछ ही देर में हम दोनो पूरी गरम हो चुकी थी. फिर हम दोनो ने त-शर्ट उतरी, और अपने नंगे बूब्स एक-दूसरे से रगड़ने लगे. हम दोनो की साँसे तेज़ हो रही थी.

फिर उसने मुझे लिटाया, और मेरा पेट चूमने लगी. मैं उसके बाल सहला रही थी. वो नीचे गयी, और मेरा पाजामा और पनटी उतार कर मुझे नंगी कर दिया. फिर वो खुद भी पूरी नंगी हो गयी, और 69 पोज़िशन में मेरे उपर आ गयी. अब हम दोनो की छूट एक-दूसरे के सामने थी.

फिर मैने उसकी छूट पर अपना मूह लगाया, और उसने मेरी छूट पर मूह लगा दिया. मेरी छूट पर उसका मूह लगते ही मैं तड़प उठी. ऐसा ही कुछ उसका हाल था. फिर हम प्यासी रंडियों की तरह एक-दूसरे की छूट चूसने लगी, और उंगली और जीभ डाल कर छूट चुदाई करने लगी.

अपनी बेटी के साथ सेक्स करके मुझे इतना मज़ा आ रहा था, जितना इतने सालों में कभी अपने पति के साथ नही आया था. मैं गांद उठा-उठा कर उससे छूट चटवा रही थी. वो मेरी उत्तेजना को महसूस कर रही थी, और उंगली स्पीड से अंदर-बाहर कर रही थी. मैं भी स्पीड बढ़ती जेया रही थी.

ऐसे ही करते हुए हमे 20 मिनिट हो गये. फिर हम दोनो के जिस्म काँपने लगे, और हमारी छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया. उसके बाद वो सीधी होके मेरे साथ लेट गयी, और हम दोनो किस्सिंग करती रही. उस रात हमने काई बार सेक्स किया, और आज भी करती है. उसकी शादी के बाद भी हम ऐसे ही सेक्स करी रहेंगी.

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