बेटे ने प्यासी मा की चुदाई की

हेलो दोस्तों, मुझे कुछ लोगों ने एमाइल किया है की वो अपनी मम्मी को कैसे पत्ता के छोड़े. और जिनके पति बाहर रहते है उन मोम्स ने भी मैल किया है, की वो अपने बेटों के साथ कैसे चुदाई के मज़े ले. कुछ तो दर्र भी रही है की कही उनकी प्राइवसी लीक ना हो जाए. इसलिए वो मैल नही करती.

आपकी कोई भी प्राइवसी नही लीक होगी, आप बिल्कुल भी ना डरे. मुझे मैल करके आप टिप्स ले सकती है. और हा, अगर रिप्लाइ देने में टाइम लगे, तो माफ़ करिएगा. अब स्टोरी कंटिन्यू करते है.

पापा के देल्ही जाने का बाद जब मैं रात को मम्मी के रूम में गया, तो मम्मी निघट्य पहन के बेड पे पहले से ही सोई हुई थी. मैं भी गया, और बेड पे सो गया, और मैं सोचने लगा की कही मम्मी सोने का नाटक तो नही कर रही.

फिर मैं 20 मिनिट तक वैसे ही सोया था. मेरा लंड मम्मी की गड्राई छूट में जाने के लिए तड़प रहा था. मैने भी सोचा की अगर मम्मी को कोई दिक्कत होती या उनको बुरा लगता, तो वो बोलती ज़रूर. पर वो कुछ नही बोली, और स्माइल भी कर रही थी.

इसका मतलब उनको मज़ा तो पक्का आ रहा था. यही सब सोच के मैने पहले मम्मी की छूट पर उनकी निघट्य के उपर से ही हाथ रखा, और सहलाने लगा. फिर धीरे-धीरे उनकी निघट्य को उनकी जांघों तक लाया.

तभी मैने देखा की मम्मी ने तो पनटी पहनी ही नही थी. फिर मैने उनकी बर पे हाथ लगाया तो पूरा चिकना था. इसका मतलब उन्होने पुर झाँत के बाल सॉफ कर लिए थे. फिर मैने तुरंत उनकी चूचियों पे हाथ लगाया, तो मुझे एहसास हुआ की वो ब्रा भी नही पहनी थी.

मैं समझ गया की मम्मी आज अपनी पुर तैयारी में थी, और उनको भी मेरा लंड चाहिए था. लेकिन वो दर्र की वजह से कह नही पा रही थी. मैं पूरा शुवर तो नही था, फिर भी मेरा दर्र पहले से कम हो गया था.

तभी मैने अपना लंड अपनी शॉट्स से बाहर निकाला. वो एक-दूं खंबे की तरह खड़ा था, और मम्मी की बर छूने के बाद तो तोड़ा सा पानी भी निकल गया था.

मैं इतना एग्ज़ाइटेड हो गया था, की मैने तभी तुरंत अपनी शॉट्स उतार दी, और नंगा हो गया. अब मैं सिर्फ़ त-शर्ट पहने हुए था. मैं मम्मी से धीरे से चिपक गया, और उनकी छूट की दरारओ में अपना मोटा लंड आराम-आराम से रगड़ने लगा. मैं एक-दूं जोश में था.

फिर मैने अचानक से अपना लंड मम्मी की छूट में डाल दिया. उनकी आवाज़ निकल गयी आ की. मैं अब समझ गया की मम्मी को भी मज़ा आ रहा था, और वो बस सोने का नाटक कर रही थी. तभी मैं बिल्कुल निडर हो गया, और धीरे-धीरे मम्मी की छूट में लंड आयेज-पीछे करने लगा.

अब मम्मी भी मेरा साथ दे रही थी. वो भी अपनी चूत को आगे-पीछे करने लगी. फिर मैं तेज़ी से उनकी छूट मारने लगा, और 5 मिनिट में ही झाड़ गया. मम्मी फिर भी कुछ नही बोली, और वैसे ही सोई हुई थी. फिर मैने धीरे से अपना शॉट्स पहन लिया, और आराम से सोने लगा.

तभी 5 मिनिट बाद मम्मी अचानक से उठी, और अपनी निघट्य सही करते हुए वो तुरंत बातरूम की तरफ चली गयी. फिर 3-4 मिनिट बाद वापस आ कर वो सो गयी.

अगले दिन सुबा उठ के देखा तो मम्मी बेड पे नही थी. वो किचन में अपना काम कर रही थी. जब मैं किचन में गया, तो मम्मी ने मुझे देख के स्माइल की. मैने भी शरमाते हुए उनको देख के स्माइल कर दी.

फिर उन्होने बोला: जेया जाके नहा ले, फटाफट तैयार हो जेया. मैं फटाफट नाश्ता लगती हू.

मैं नहा के आया तो मम्मी ने मुझे टवल में देख के फिर से स्माइल की. तो मैं बिल्कुल शर्मा गया. फिर मैं कॉलेज के लिए तैयार हो कर नाश्ता करने आ गया. तभी मम्मी ने कहा-

मम्मी: नाश्ता कर ले. आज रात को चिकन बनौँगी. तू तोड़ा कमज़ोर हो गया है (हेस्ट हुआ बोली).

मैं समझ गया की वो कल रात की बात कर रही थी, क्यूंकी मैं 5 मिनिट में ही झाड़ गया था. वो मुझे रात का इन्विटेशन दे रही थी. नाश्ते के बाद मैं कॉलेज चला गया, और फिर जब मैं घर लौटा, तो देखा की मम्मी आज तो बिल्कुल सेक्सी सी 30 साल की माल लग रही थी.

फिर मैं मूह हाथ धो के कपड़े बदल के फुटबॉल खेलने चला गया अपने दोस्तों के साथ. दो घंटे बाद मैं घर आया, तो अपना कॉलेज वर्क कंप्लीट करने लग गया. फिर धीरे-धीरे रात हुई. मम्मी ने डिन्नर पर बुलाया.

वो बोली: आ जाओ, डिन्नर करते है.

फिर हम दोनो ने साथ में डिन्नर किया, और मैं रोज़ की तरह डिन्नर के बाद टहलने के लिए चला गया. रूम में आया तो आज रूम एक-दूं महक रहा था. ऐसा लग रहा था, मम्मी आज बिल्कुल चूड़ने के लिए उत्तेजित थी. मैं भी बेड पे लेट गया.

अब मेरा दर्र एक-दूं ख़तम हो चुका था. मुझे अब कोई दर्र नही था. कुछ देर बाद मैं मम्मी से चिपक गया. मुझे पता था की मम्मी जाग रही थी, और बस सोने का नाटक कर रही थी. फिर मैने उनकी चूचियों को दबाया बिल्कुल उस दिन की तरह. उन्होने आज भी ब्रा नही पहनी थी, और ना ही पनटी.

फिर मैने उनकी चूचियों को निघट्य के अंदर से बाहर निकाला, और आम की तरह चूसने लगा. मम्मी को मज़ा आ रहा था. वो कुछ बोल नही रही थी. फिर मैने उनकी निघट्य उपर करके अपनी उंगली उनकी बर में डाल दी, और उंगली करने लगा. मम्मी भी साथ दे रही थी. उनकी सिसकियाँ निकल रही थी अब आ उहह आ आ.

तभी मैने अपना शॉट्स उतरा, और मम्मी के उपर चढ़ गया, और अपना लंड उनकी बर में डालने लगा. अंधेरे की वजह से बिल दिख नही रहा था. तभी मम्मी ने अपने हाथ से मेरा लॉडा पकड़ा और अपनी बर में डाल दिया.

फिर मैं धीरे-धीरे शॉट मारने लगा. मुझे मम्मी की चूचियों को पीने में दिक्कत हो रही थी. तभी मैने उनकी निघट्य पूरी उतार दी. मम्मी भी अपनी छूट को उठा के निघट्य उतरवा रही थी, और मैने भी अपनी त-शर्ट उतार दी.

अब हम दोनो एक-दूं नंगे थे. अब मम्मी को चिपक के छोड़ने में भी मज़ा आ रहा था. तभी मैने मम्मी से बोला-

मैं: मम्मी अगर मेरा अंदर ही निकल गया तो?

मम्मी बोली: कोई दिक्कत नही है बेटा. अब मेरा ऑपरेशन हो चुका है. तू तो बस मुझे छोड़ आज.

फिर मैं भी अपने लंड को उनकी बर में, और चूचियों को हाथो से दबा रहा था. अपने लिप्स को उनके लिप्स से किस कर रहा था. वो भी चुड़वति रही, और हम दोनो करीब 40 मिनिट बाद झाड़ गये. उसके बाद हम दोनो सो गये. फिर अगली सुबह…

आयेज की स्टोरी अगले पार्ट में जल्द ही आ जाएगी. जो कोई भी अपनी मोम्स को छोड़ना चाहता है, या कोई मों अपने बेटे के साथ चुदाई के मज़े करना चाहती है, तो मुझे टिप्स ले सकती है. बिना दर्रे आप मुझे एमाइल कर सकती है. मी एमाइल

फीडबॅक ज़रूर दीजिए और बताइए स्टोरी कैसी लगी आपको.

यह कहानी भी पड़े  फॅमिली सेक्स की हवस से भरपूर कहानी


error: Content is protected !!