बेटे ने देखा मा को रंगरलियाँ करते हुए

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नामे जयवीर है, और मैं गुजरात से बिलॉंग करता हू. मेरे घर में हम 2 लोग है, मैं और मेरी मों. मेरे पापा की 7 साल पहले 2017 में डेत हो गयी थी. मैं तब 15 साल का था और अभी मैं 22 साल का हू. और मैं अपनी मों पे इन्सेस्ट हू.

ये मेरी सग़ी मों की रियल कहानी है. आयेज मैं जो भी बतौँगा वो सब मैने अपनी आँखों से देखा है. ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुआ मैं कहानी पर आता हू, की कैसे मैने अपनी मों को चूड़ते हुआ देखा, और तभी से मैं अपनी मों पे इन्सेस्ट हुआ.

तो ये तब आज से 4 साल पहले ( यानी 2020 ) की है, जब पापा की डेत को 3 साल हो गये थे. पहले मैं अपनी मों के बारे में बता देता हू. तो मेरी मों का नामे नयना है, और उसकी आगे 47 यियर्ज़ है. उसके फिगर का साइज़ 34-30-38 है. उसका रंग तोड़ा सावला है, पर उसके फिगर से समझ गये होंगे की वो कैसी माल होगी.

तो ज़्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुआ मैं कहानी पर आता हू. ये 2020 की बात है जब से मैं मेरी मों पे इन्सेस्ट हुआ. तो ये ऐसे शुरू होती है की जुलाइ का महीना था, और रात का टाइम था. पापा की डेत के बाद मैं और मों ही घर में रहते थे.

उस रात मैं जल्दी सो गया था. पर रात को मैं जब वॉशरूम जाने के लिए उठा, और वॉशरूम जेया रहा था, तब मैने एक आवाज़ सुनी. वो आवाज़ मेरी मों के रूम से आ रही थी. पर उस पर ध्यान ना देते हुए पहले मैं वॉशरूम गया. क्यूंकी मुझे बड़ी तेज़ सस्यू आया था.

फिर उसके बाद मैं जब वॉशरूम से आया, तब भी वो आवाज़ आ रही थी. तब मैने मों के रूम में देखने के लिए रूम का डोर ओपन किया. पर वो अंदर से बंद था तो मैं सोच में पद गया की आज तक मों ने रूम कभी भी लॉक नही किया, तो आज लॉक कैसे? और ये आवाज़े क्या आ रही थी?

मुझे ये जानने की तड़प उठी तो मैं सोचने लगा की कैसे मों के रूम में अंदर देखु. तब मुझे सूझा की घर में पीछे वाली लॉबी से एक विंडो है, जो मों के रूम में खुलती है. तो मैं जल्दी पीछे उस विंडो के पास चला गया. वो विंडो ग्लास की थी, और अंदर से पर्दे भी खुले हुए थे.

मैने अंदर देखा तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गयी. अंदर मों और पड़ोसी अंकल पुर नंगे थे. पड़ोसी अंकल का नामे महेश था, और वो एक एलेक्ट्रीशियन थे. उनकी आगे करीब 42 यियर्ज़ होगी. और पड़ोसी अंकल मों को किस कर रहे थे. वो अपने एक हाथ से मों के बूब्स मसल रहे थे, और दूसरे हाथ से मों की गांद मसल रहे थे.

ये देख मुझे शॉक लगा की मेरे पापा की डेत के बाद मों किसी गैर मर्द के साथ थी. और मैं मों को बहुत संस्कारी समझता था. वो भी सब के सामने तो बड़ी ही संस्कारी बनती थी, और बात भी संस्कारी करती थी. फिर मैने सोचा की वो वाहा रंगरलियाँ माना रही थी, और मैं उनको ही देख रहा था.

हा पर मों को नंगी देखा कर मेरा लंड खड़ा हो गया था. मों एक-दूं रंडी लग रही थी. उसकी बड़ी गांद, उसके बूब्स, और उसकी शेव की हुई चिकनी छूट श हो, काया मज़ा आ गया देख के. फिर मैं चुपके से उनका पूरा शो देखने लगा.

तो पड़ोसी अंकल मों को किस ही किए जेया रहे थे, और मों भी उनका पूरा साथ दे रही थी. फिर करीब 10 मिनिट किस करने के बाद अंकल मों को बेड पे लिटा दिए, और मों की पूरी बॉडी पर किस करने लगे. वो मों के बूब्स से लेकर नेवेल, नाभि, छूट और पैरों तक किस करते रहे. थोड़ी देर बाद मों खड़ी हुई, और पड़ोसी अंकल के सामने घुटनो पर बैठ गयी.

ये देखते ही पड़ोसी अंकल ने अपनी अंडरवेर उतरी, और मैने देखा की अंडरवेर उतारते ही उनका 9 इंच का लंड बाहर आया, और मों के मूह के आयेज एक-दूं तंन के खड़ा हो गया था. ये देख के मों ने अंकल को देख कर एक स्माइल की, और लंड को किस करने लगी और चूमने लगी. मों को देख कर लगा की उन्हे बहुत मज़ा आ रहा था.

अब मों अंकल के लंड को ब्लोवजोब देने लगी. मों को देख के लग रहा था जैसे कोई रंडी हो. वो बहुत ही आचे से लंड को चूस रही थी. अंकल को भी मज़ा आ रहा था, और वो भी आँखें बंद करके मज़े ले रहे थे. पर लंड लंबा और मोटा होने की वजह से मों उसे पूरा मूह में नही ले पा रही थी. तभी अंकल ने मों को कहा-

अंकल: तुम पूरा लंड क्यूँ नही मूह में ले रही? फील नही आ रहा.

मों: तुम्हारा लंड बहुत ही बड़ा है. और ज़्यादा अंदर नही ले सकती.

ये सुनने के बाद अंकल ने मों को बालों से पकड़ा, और मों के मूह को लंड से छोड़ने लगे. वो बड़ी ही तेज़ी के साथ मों के मूह को छोड़ रहे थे, जिससे सॉफ दिख रहा था की मों को साँस लेने में दिक्कत हो रही थी, और मों झटपटा रही थी. पर अंकल बिना रुके ब्लोवजोब दिए ही हा रहे थे.

करीब 10 मिनिट्स के बाद उन्होने मों के मूह से लंड बाहर निकाला. जैसे ही लंड निकला, मों बड़े ज़ोर से हाँफ रही थी. उसकी साँस फूल गयी थी. उसके के बाद अंकल ने मों को बेड पर लिटा दिया, और मों के पैर फैला के छूट पे किस और जीभ से चाटने लगे.

पहले वो मों की छूट के बाहर वाले हिस्से को जीभ से चाटने लगे. इससे मों मोन करने लगी. फिर जैसे ही मों थोड़ी गरम हुई, और उसकी छूट गीली होने लगी, तभी अंकल ने मों की छूट के अंदर के हिस्से को चाटना और चूसना शुरू कर दिया.

मों: आहह आहह जान, और चूसो आह.

इससे अंकल और जोश में मों की छूट चाटने लगे. 10 मिनिट्स के बाद मों अंकल के मूह पर ही झाड़ गयी. फिर अंकल उठे, और मों के मूह पर जाके उनके मूह में लंड दे दिया. मों बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से उसे चूस रही थी. जैसे ही अंकल का लंड मों की थूक से गीला हो गया, अंकल मों के पैर फैला के उसके बीच आ गये और मों की छूट में अपना लंड रगड़ने लगे.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. फीडबॅक के लिए रन्दीणेयना@गमाल.कॉम पर मैल करे.

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