बेटे के सामने मा और मामा की करतूत

तो दोस्तो अपने इसका पहले 2 पार्ट्स पढ़े होंगे. अगर नही तो वो पढ़ लीजिए तब इस कहानी का पूरा लाभ उठा पाएँगे. अब आगे कंटिन्यू करता हू

तो जैसा की अपने देखा की मैं मों और मामू को देख रहा था अंधेरे में और दरवाज़ा खोलने के कारण वो दोनो चोंक गये और मों ने लाइट्स जला दी थी.

मों – राहुल बेटा तुम?

इतने में मों और मामू ब्लंकेट लेकर खुद को ओढ़ने लगे और मैं शरम के मारे मूह दूसरी तरफ कर दिया और मुझे समाज नही आ रहा था आगे क्या करू.

जब मैने उनकी तरफ देखा तो वो दोनो इशारो में बातें कर रहे थे और मों ने ब्लंकेट तो ओढ़ा था लेकिन उनके ब्रेस्ट्स के उपर का सारा क्लियर्ली दिख रा था और मों काफ़ी ब्यूटिफुल लग रही थी. फिर मैं शरम के कारण अपने कमरे में चला गया. उस रत मों मामू और मेरी कोई बात नही हुई.

अगले दिन जब मैं उठा तो मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ मों के ख़याल आ रहे थे. और इतने में मैं जब बाहर गया तो मामू जा चुके थे कम पर और मों ब्रेकफास्ट बना रही थी ब्लू कलर की सिल्क गाउन में.

मों – अरे बेटा उठ गया? चल आजा ब्रेकफास्ट करते है.

राहुल – वो मुझे भूक नही है मम्मी

मों ने मुझे अपने पास बिताया और मुझसे नॉर्मली बातें करने लगी जैसे कल कुछ हुआ ही ना हो.

मों – तू कल रत वाली बात सोच रहा है?

राहुल – (तोड़ा माना करने के बाद) हा मों. सॉरी मुझे ऐसे नही देखना चाहिए था.

मों – इट’स ओके बेटा. लेकिन तुझे पता है ऐसा क्यू कर रहे थे हम?

राहुल – नई मम्मी

मों – देख वैसे तो ये बडो की बात है. लेकिन क्यू की तूने कल हूमें इस हालत में देखा, तुझे संजा रही हू. दरअसल बात ये है की मैं और तुम्हारे मामू दोनो अपने अपने पार्ट्नर्स से सॅटिस्फाइड नही है. और कल महॉल बन गया था जिसमें हम बहेक गये थे. बाकी प्यार तो मैं तेरे पापा से ही करती हू बेटा.

राहुल – इट’स ओके मों मैं समाज सकता हू.

और हम फिर नॉर्मली बातें करने लगे और अब से मैं और मों दोस्त की तरह बातें करने लगे थे ओपन्ली. क्यू की मों भी समाज चुकी थी की बेटा बड़ा और मेट्यूर्ड है.

फिर कुछ दिन बाद मामू के रीलेशन में किसी की शादी थी जिसकी खबर सुन के मों काफ़ी खुश थी. इतनी खुश वो पहले कभी नही दिखी मुझे. और जब मों ने बताया की अगले हफ्ते शादी है तो फिर मों स्पा और मेनीकुरे वगेरा सब करने लगी. मैं जब भी स्कूल से लौट ता तो मों और भी ज़्यादा सुंदर लगती. फिर बरी थी कपड़ो के शॉपिंग की

मों – बेटा, मेरा सब हो चुका है सिर्फ़ कपड़े लेने है थोड़े. और तेरे लिए भी नये कपड़े लेने है तो हम 10 मीं में निकलेंगे ठीक है?

राहुल – ओके मम्मी.

पहले तो मों ने कुछ ड्रेसस और सारी ली और मेरे लिए जीन्स टशहिर्त फिर मों को अंडरगार्मेंट्स भी लेने थे जो मुझे तब पता चला जब हम उस शॉप के बाहर पॉच चुके थे. मों ने मुझे कुछ कहा भी नही इसके बारें में और मुझे शरम आने लगी.

मों – बाहर क्यू रुका है बेटा. चल ना अंदर

राहुल – मम्मी आप लेकर आओ मैं यहीं रुकता हू

मों – टेन्षन मत ले बेटा. यूनिसेक्स शॉप है और तेरे लिए भी तो अंडरवेर लेनी है ना?

राहुल – ठीक है मों

जैसे ही फर्स्ट टाइम मैं अंदर ऐसे शॉप में गया, तो अंदर पोस्टर्स और कपड़ो की वेराइटी देख कर मुझे बस इमॅजिनेशन आ रहे थे.

मों – दीदी 36सी की ब्रा दिखना और लेस ब्रा दिखना

मैं वहीं शर्मा रहा था जब मों ब्रा की सेलेक्षन कर रही थी और मैं बस उन्हे इमॅजिन करने लगा. पता नही क्यू लेकिन उस रत के बाद मुझे मम्मी और भी सुंदर लगने लगी थी. फिर मों ने मॅचिंग पॅंटीस का सेट लिया और मेरे लिए कुछ अंडरवेर और हम घर आ गये.

कट तो शादी का दिन. हम होटेल में रुके थे और नीचे गार्डेन में शादी का महॉल था. मैने जब मों को रेडी होकर देखा तो मों अलग ही अप्सरा लग रही थी.

बिल्कुल गोरा बदन, स्ट्रेट किए हुए और धुले हुए बाल, स्लीव्ले ब्लाउस और रेड कलर की सारी जिसमें से मों की सेक्सी कमर नज़र आ रही थी. और हाथो में महेंडी, पैरो में पायल.

फिर मॅचिंग रेड कलर की लिपस्टिक और नाइल पोलिश और कानो में छोटे वेल झुमके. ऑम्ग इतना गौर पहले कभी नही किया मैने मों पर. और माथे पे सिंदूर और गले में मंगलसूत्रा. ये सब देख कर मैं कुछ सेकेंड्स शॉक में था और देखते ही देखते पता नई कब मुझे एरेक्षन हो गया.

फिर हम नीचे शादी में गये और ज़्यादा तार मों मामू के आस पास ही घूम रही थी. मों और मामू काफ़ी खुश लग रहे थे और मेरी नज़र उनसे हट ही नही रही थी.

कुछ देर बाद मामू बॅकयार्ड की तरफ चले गये और मों बाकी रिलेटिव्स से बातें करने लगी. मैं मों के साथ ही था और इतने में मों ने कहा.

मों – बेटा मैं वॉशरूम जाके आती हू थोड़ी देर में.

राहुल – ओके मों.

और मों यहा वाहा देखते हुए तोड़ा घूम कर बॅकयार्ड की तरफ जाने लगी तो मैने पीछा किया. मों के पैरो की पायल की आवाज़ बोहोट सुंदर लग रही थी और वो सारी को दोनो हाथो से हल्का सा उठा कर चल रही थी. और चलते चलते उनके हाथो में बॅंगल्स की भी आवाज़ें आ रही थी.

खैर मैं पीछे पीछे गया तो मैने देखा की होटेल के पीछे एक वॉचमन का कॅबिन जैसा कुछ है. जो शायद टूट कर दूसरी तरफ बनाया होगा. जब मैं करीब गया तो मामू और मों एक दूसरे को गले लगा रहे थे. था तो रत का समय लेकिन वाहा एक छोटा सा लेड बल्ब जल रहा था जिसकी वजह से मैं उन्हे देख पा रहा था पीछे से.

उसके बाद मों की पीठ मेरी तरफ थी जब मों और मामू एक दूसरे के कमर में हाथ दल कर किस करने लगे. फिर मामू नीचे घुटने पे बैठ गये और मों के कमर को किस करने लगे जिससे मम्मी को काफ़ी गुदगुदी सी होने लगी. वो मामू के बालो में हाथ घुमा रही थी

मों – सिर्फ़ क्विकी हा. उससे ज़्यादा नई कर सकते हम

मामू – हा दीदी. लास्ट टाइम कितना मज़ा आ रहा था ना. लेकिन राहुल की वजह से हम पूरा नई कर पाए.

मों – हा लेकिन वो बोहोट समजदार लड़का है. मेरे बचे ने एक भी बार नई ज़िक्र किया उस रत के बारें में. और बस ये आखरी बार है. मैं पति के साथ धोखा कर सकती हू लेकिन बेटे के साथ नही

मामू – ओके दीदी. मैं समाज सकता हू. अब हमारे बचे भी बड़े हो गये है वो समाज जाते है ये बातें

मों – चलो भी अब जल्दी क्विकी करो ना. कॉंडम लाए हो ना?

मामू – (पॉकेट से कॉंडम निकलते हुए) देखो दीदी. मैं ये कैसे भूलता

फिर मों नीचे बैठ कर मामू के पाजामे का नडा खोलने लगी और नडा खोलते ही वो सीधा नीचे सरक गया. मों ने मामू की अंडरवेर नीचे उतरी और कॉंडम पहनने लगी. फिर मों ने हाथो में तोड़ा थूक लगाया और मामू के लंड पे स्प्रेड कर दिया.

मों पीछे एक प्लॅटफॉर्म बना हुआ था जिसके उपर अपने सारी उपर कर के बैठ गयी. यहा से मामू उनके टॅंगो के बीच आ गये और लंड पकड़ के मों के छूट में दल दिया. मैं पीछे से मों की आधी टाँगे और मामू की गंद ही देख पा रहा था.

मुझे ये देख कर अछा तो नही लग रहा था लेकिन कर भी क्या सकता था मैं. फिर मामू सेक्स करने लगे और मैं चुप चुप के देखने लगा. कुछ देर बाद मों ने अपने हाथ मामू की गंद पे रख दिया और ज़ोर से दबाने लगी.

मों – ज़ोर से करो प्लीज़

मामू – दीदी स्पॅंक मे प्लीज़

ये सुनते ही मों ने मामू की गंद पे स्पॅंक करना शुरू किया जिससे मामू के थ्रस्ट्स तेज़ हो गये. फिर मों ने मामू के शोल्डर्स पे हाथ रखा और वो दोनो सेक्स करते हुए किस करने लगे.

कुछ देर तो मामू तेज़ी से छोड़ रहे थे लेकिन फिर वो धीमे हो गये. शायद उनका माल निकल चुका था.

मों – क्विकी का भी अलग ही मज़ा है ना?

मामू – वो दीदी तुम्हारे साथ इतना मज़ा आता है की जल्दी झाड़ जाता हू

मों – वो तो ठीक है लेकिन मज़ा आया.

फिर मामू पीछे हुए और अंडरवेर और पाजामा पहेन्ने लगे. दूसरी तरफ मों भी पनटी पहनी और सारी ठीक कर के जैसे ही वो निकालने वेल थे मैं साइड में झाड़ियों में चुप गया. और फिर शादी का फंक्षन अटेंड कर के हम अपने अपने कमरे में चले गये.

तो दोस्तो यहा तक की कहानी आपको कैसी लगी मुझे ज़रूर बताइए नीचे दिए मैल ईद द्वारा. बाकी इसका अगला पार्ट जल्द आएगा

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