बेस्ट दोस्त बनी गर्लफ्रेंड

इम राहुल, ये मेरी पहली कहानी है. मई काफ़ी साल से यहा स्टोरीस रेड कर रहा हू और बहोट टाइम से अपनी एक स्टोरी लिखना चाहता था. होप योउ विल लीके तीस.

अपने बारे मे बता डू, इम 5’10, और मेरी फ्रेंड का नाम जॅसमिन, उसकी हाइट 5’5 थी बुत उसके बूब्स 36 के है. उसका फेस बहोट क्यूट था मगर बॉडी उतनी ही हॉट. पतली कमर पे 36 के बूब्स और आस तो कमाल के.

हम स्टार्ट मे भत बातें करते थे, पूरा पूरा दिन. कभी फ़ेसबुक, कभी इंस्था, कभी स्मस, कभी व्हातसपप. 24/7 बातें करते रहते थे इसी वजा से हमारी दोस्ती बहोट अची हो गयी थी.

वो सोशियल अकाउंट्स पे भत हॉट पिक्चर्स लगती थी जिसमे उसकी थाइस नज़र आ रहे हो. या कभी इतनी टाइट टशहिर्त के बूब्स जेसे बेर को आने हो. उसकी गांद भी कम नही थी. ज्ब वो चलती थी तो जेसे बाउन्स करती.. ब्फ बनने के बाद मई तकरीबन रोज़ ही उसकी गांद पे मार के उन्हे बाउन्स होता देखता अफ..

बस एक प्राब्लम थी, उसका ब्फ था. वो अपने सारे रिलेशन्षिप इश्यूस मुझसे डिसकस करती थी और हर बात बताया करती थी.

उसने ज्ब अपने ब्फ के साथ फर्स्ट सेक्स काइया शी वाज़ सो हॅपी. उसने एक एक डीटेल मुझे ब्ताई के केसे उसके ब्फ ने उसे छोड़ा और केसे उसकी छूट को सकूँ मिला.

मई पहले तो उसे आस आ फ्रेंड ही कन्सिडर करता था. बुत जबसे उसने ये बात बताई तबसे मई उसे अलग नज़रिए से देखने लगा. उसको सोच कर दिन मई 3-3 बार मूठ मार रहा था.

उसकी जितनी हॉट पिक्चर थी सब देखने लगा, उसे इमॅजिन करने लगा.

उस्मआ भी बहोट मस्ती थी, रोज़ कॉल पे मुझे किस्सस देती थी और हर छोटी बात पे वापस कॉल कर लेती थी. कभी हॉर्नी आवाज़ मई बात करती, सेडक्टिव वे मे.

फिर एक बार हम मिले माल मई. मेने उसे शॉपिंग कराई क्यू के उसका बर्तडे गिफ्ट पेंडिंग था. ह्म माल मई साथ थे तो बार बार उसके बूब्स मेरी कोनी से टच हो रहे थे. मुझे बहोट अछा फील हो रहा था और आएसा लग्रा था जेसे वो खुद से बूब्स मेरे हाथ से रब कर रही है. एक बार तो आगे आकर रुक गयी और मेरा लंड उसकी गांद से चिपक गया.

मेने कहा सॉरी, बुत उसने शायद नोट नही किया था.

एक शॉप मई गये वाहा उसने एक दो हॉट ड्रेसस ट्राइ करके मुझे दिखाए. उफ़फ्फ़ एक तो वो क्यूट इतनी.. बंदे का दिल करे प्यार करले. फिर इतनी हॉट के बस वही चेंजिंग रूम मे उसे छोड़ना शुरू हो जाए.

फिर अंडरगार्मेंट्स की शॉप पे जाने लगी, मेने कहा ये नही दिलौगा. उसने इन्सिस्ट किया, मेने कहा ठीक है इस्मै पिक लेकर देना..

वो भी आंद्र गयी और ब्लॅक लेसस वाली ब्रा ले ली और चेंजिंग रूम मे जा कर उसने स्नॅप लेकर भी भेजी. मेरा लंड पूरा तंन गया था वो देख कर. बुत उसे लगता था शायद मई उसके लिए ये फीलिंग पैदा नई करूगा इसलिए वो बहोट कंफर्टबल थी मेरे साथ.

उसके बाहर आने पे मेने पूछा, पनटी नही ली? ;प

उसने कहा, वो नेक्स्ट टाइम 😉 और अपना ड्रेस ठीक करने लगी. और मई उसके बूब्स को देख कर खो गया.

फिर घर जाते टाइम उसने गाल पे किस दी और टाइट से हग कर लिया. उसके बूब्स टाइट्ली प्रेस हो गये ंझसे. मेरा तो वही हाल खराब. दिल कर रहा था बस यही उसे लिप्त जौ और छोड़ड़ डू.

मेने ब मौक़ा देखा तो उसे दीवार से लगा के प्रेस काइया ज़ोर से फिर लीप पे लीप फेरते हुए चीक पे किस करली. वो तोरा शर्मा गयी और दूर कर दिया मुझे.

मई भत उसे खोना नई चाहता था तो मई बहोट लिमिटेड बाउंड्रीस मे उसके साथ ऐसी हरकत करता था, मई उसे खोना नई चाहता था.

फिर वो मेरे साथ आहिस्ता आहिस्ता नॉटी बतो पे आई. मेरे लंड को बनाना बोलती, अपनी छूट को स्ट्रॉबेरी और बूब्स को माँगो. उसे ये भी आइडिया हो गया था के मुझे उसके बूब्स बहोट पसंद हैं. हर बात पे अपने मंगोस ले आती है. की ये मंगोस ताने बड़े है, इनका वेट कॅरी करके कमर दर्द हो जाती है.

या कभी मज़ाक मे बोटली, आउच मेरे माँगो प्रेस हो गये. फिर कभी मुझसे पूछी की तुम स्ट्रॉबेरी खाओगे? और क्बी क्बी बोलती की मुझे बनाना खाना है..;) फुल सेडक्टिव वे मे.

इन सब बातो से मेरी मूठ मरने की फ्रीक्वेन्सी और ज़्यादा हो गयी. मई तो प्लान बनाने लगा की किस तराहा से ये मुझे मिल जाए और मई जी भर के इसको छोड़ड़ लू. इसकी चुट्त खा साकु, इसने अपना पानी पीला साकु.

वो जब मुझे अपनी पिक भेजती उसका क्लीवेज हमेशा दिख रहा होता. उसे टा था की वो मेरा क्रश बन गयी है. तब से वो और ज़्यादा सिड्यूस करने लगी.

एक पिक्चर भेजी जिसमे उसके बड़े बड़े निपल्स सॉफ दिख रहे थे सीतरौघ ड्रेस मे.

फिर एक दिन हमारे बेच लड़ाई हुई क्यू के मेने उसके ब्फ को कुछ बोल दिया और वो बदतमीज़ी पर आ गयी और हुँने एक हफ़्ता बात नही की.

वो एक हफ़्ता मेरा बहोट मुश्किल था, उसे बहोट मिस करता. बार बार चेक करता कही उसने कोई न्यू पिक्चर तो उपलोआड नही की.

फिर अचानक एक दिन सुबह मेसेज आया-

जॅसमिन : हे.

मे : ही.

जॅसमिन : दोस्त को भूल गये?

मे: ना, योउ अरे मी कूटेस्ट फ्रेंड, तुम्हे कभी नही भूल सकता.

जॅसमिन : नाराज़ हो?

मे : ह्म.

जॅसमिन : क्या करू मानने के लिए?

मे : कुछ नही..

जॅसमिन ने वाय्स म्स्ग मे सिडक्टिव्ली मेरा नाम लिया, राहुल्ल्ल्ल्ल्ल…

मे : ह्म?

जॅसमिन : मूवाह.

मे : ह्म…

फिर दुबारा उसने वाय्स भेजा, इस बार वाय्स मे किस्सस…

जॅसमिन : इम सॉरी, ई’ल्ल बिहेव नेक्स्ट टाइम, प्लीज़ मान जाओ.

मे : इट्स ओके.

जॅसमिन : मूवाआह, बस ओके? 😉

मे : तो फिर?

जॅसमिन : सुबह सवेरे मंगोस आंड स्ट्रॉबेरी नही खाओगे?;)

मे: दिखाओ तो..

जॅसमिन ने अपनी न्यूड्स भेजनी शुरू की..

अफ क्या बतौ उस वक़्त क्या हालत हो गयी. मेने थोरी हिम्मत की और ह्म फुल सेक्षटिंग स्टार्ट कर दी..

सेक्षटिंग से आइडिया हुआ की उसे सेक्स का कितना क्रेज़ है. वो अपनी छूट अपने बूब्स न निपल्स की पिक्चर भेजे जा रही थी. और मई मूठ मारता हुआ सब देख रहा था.. उसे भी अपना लंड दिखा रहा था.

उसे लंड बहोट अछा लग रहा था और वो पागल हो रही थी और अपनी छूट को फिंगरिंग करते हुए और बूब्स को स्क्वीज़ करते हुए वीडियोस भेजने लगी.

हम दोनो ने एक दूसरे का सही से पानी निकाला फिर हम भत खुशी खुशी सोए, बुत मसला अभी भी ये था की उसका ब्फ था.

आयेज के पार्ट मे पढ़े कैसे हम मिले और हुँने चुदाई की..

(कॉमेंट ज़रूर करें, इफ़ योउ वॉंट मे तो कंटिन्यू थे स्टोरी, वरना मेहनत करने का फ़ायदा नही)

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