कहानी जिसमे बहन बनी भाई के लंड की दीवानी

ही दोस्तों, मेरा नाम नसीमा है, और ये मेरी पहली चुदाई की स्टोरी है. अगर इस स्टोरी में कुछ ग़लती हुई हो, तो मुझे माफ़ कर देना. ये स्टोरी रियल लाइफ इन्सिडेंट है, जो की मेरे साथ हुआ है. ये मेरी सेक्स लाइफ की शुरुआत थी. तो जानिए की कैसे मैं अची संस्कारी लड़की एक रंडी की तरह बदल गयी, जो की मैं पार्ट्स में लिखूँगी, और आप सब को बतौँगी.

मेरी फॅमिली में मैं, मेरे भैया, और मेरे पापा ही रहते है. मेरी अम्मी का नाम रुक्सर है. वो अब इस दुनिया में नही रही. मेरे पापा एक बिज़्नेसमॅन है, और उनका नाम राजेश है. भैया का नाम राज है, और वो पापा का साथ देते है बिज़्नेस में.

मैं घर में सबसे छ्होटी हू. मेरा नाम नसीमा है. इसलिए मुझे पापा और भैया प्यार से देख लेते है, और कुछ नही बोलते है. मैं जो बोलू वो मुझे देते है. हमारा घर बहुत बड़ा है, जिसमे 3 बेडरूम्स है, और हमारे घर में नौकर भी रहते है काम करने के लिए.

भैया मेरे से 2 साल बड़े है, और मेरे पापा ने 35 सालों में फिरसे शादी नही की अम्मी के जाने के बाद. भैया फाइनल एअर में पढ़ रहे है, और मैं 1स्ट्रीट एअर में दाखिल हुई हू. मेरे ज़्यादा फ्रेंड्स नही स्कूल में, क्यूंकी मैं ज़्यादा देर किसी बात नही करती थी, और चुप-छाप रहती थी.

मेरी रंग गूरा है और मेरा फिगर 26-28-26 है. उस वक़्त जब मैं कॉलेज में गयी, वाहा पर मेरे फ्रेंड्स बन गये बहुत लोग लड़के और लड़कियाँ. और मैं उनके साथ मज़े करने लगी. मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी पता नही था उस वक़्त तक. पर मेरी फ्रेंड्स के बाय्फरेंड्स थे, जो की मेरे ही क्लासमेट्स थे.

वो लोग कभी भी कपल्स की तरह फिरते थे, और मैं सिंगल ही थी. पर मुझे कभी बाय्फ्रेंड में इंटेरेस्ट नही था, क्यूंकी मेरे भैया से डरते थे सब लोग. तो मैं उनसे ज़्यादातर डोर ही रहती थी.

मेरी सब फ्रेंड्स ने मुझे सेक्स के बारे में बता दिया, और पॉर्न की लत भी लगा दी. और फिर मैं रोज़ अपने रूम में रात को पॉर्न और स्टोरीस पढ़ के सोती थी. ऐसे ही टाइम निकलता गया, और फिर मैने उंगली करना शुरू किया.

मेरी छूट में खुजली बहुत होने लगी थी, तो मैं रोज़ उंगली करके सोती थी. फिर एक दिन मैं कॉलेज नही गयी. पापा ऑफीस चले गये थे, और मैं अपने रूम को लॉक करके पॉर्न देख रही थी. भैया भी उस दिन कॉलेज नही गये थे, और फिर थोड़ी देर में मैने भैया की आवाज़ सुनी.

उनके साथ किसी लड़की की आवाज़ भी आ रही थी, तो मैने ध्यान से सुना अपने रूम में से. फिर थोड़ी देर बाद मैने डोर ओपन किया. भैया और वो लड़की एक ही रूम में गये थे, तो मैने जानने की कोशिश की, की वो लोग अंदर क्या कर रहे थे.

हमरा घर बड़ा था, इसलिए हर रूम में एक सीक्रेट कॅमरा था, और सेक्यूरिटी भी थी अची. मुझे वो पता था, तो मैने अपना लॅपटॉप ओं किया. फिर मैने भैया के रूम का कॅमरा ओं किया. मैं तो देख कर डांग रह गयी, क्यूंकी भैया उस लड़की को किस कर रहे थे.

उनकी स्मूच बहुत देर चली, और फिर वो अलग हुए. फिर मैने उस लड़की का चेहरा देखा तो मैं और ज़्यादा चौंक गयी. क्यूंकी वो लड़की तो हमारी गली के राहुल अंकल की बेटी थी, जिसका नाम सिमरन था.

वो दिखने में गोरी थी, और बहुत ही सुंदर थी, और वो तो एक-दूं माल लगती थी. उसका स्टॅट्स 32-30-32 था, और वो बहुत अची दिखती थी. उन्हे देख कर मुझे जलन होती थी, क्यूंकी गली के हर एक मर्द उसको ही देखता था घूर-घूर कर.

मैने मेरे रूम के कॅमरा का स्विच ऑफ किया. फिर मैं लॅपटॉप पर बैठ गयी. दोनो फिरसे स्मूच करने लग गये. फिर भैया ने सिमरन के कपड़े उतार दिए, और अब वो बस सिर्फ़ ब्रा और पनटी में ही थी. उसके बाद सिमरन ने भैया का कपड़े उतार दिए. भैया की बॉडी को मैने कभी नही देखा था. वो हटते-काटते थे, क्यूंकी वो जिम करते थे.

अब भैया नंगे थे, और फिर भैया ने अपने लंड को पकड़ कर सिमरन के मूह में दे दिया. सिमरन ने लंड चूसना शुरू कर दिया, और भैया ने सिसकियाँ लेनी शुरू कर दी अया आ करके. भैया का लंड अब खड़ा हो गया था. मैं हैरान रह गयी थी, क्यूंकी भैया का लंड तो 9 इंच का था. इतना बड़ा और मोटा लंड तो मैने सिर्फ़ पॉर्न मूवीस में ही देखा था.

उस नज़ारे को देख कर मेरी छूट में खुजली शुरू हो गयी. मैने अपने कपड़े उतार दिए ब्रा और पनटी समेत, और बेड पर लेट गयी. लॅपटॉप मैने मेरे सामने रख लिया. सिमरन ने भैया का लंड अची तरह चूसा, और मुझे छूट में खुजली शुरू हो गयी.

सिमरन एक प्रोफेशनल रंडी की तरह लंड चूस रही थी. फिर भैया ने अपना पानी निकाल दिया उसके मूह में. वो पूरा माल पी गयी. उसके बाद भैया ने उसको उठाया, और फिर उसकी ब्रा निकाल दी, और पनटी भी निकाल दी और बेड पर लिटा दिया. फिर भैया ने एक स्मूच दिया उसकी गर्दन पर.

सिमरन के मूह से सिसकी निकल गयी. फिर भैया ने अपना हाथ सिमरन के मुलायम बूब्स पर रखा, और प्रेस किए. उसके बाद उन्होने एक-एक चूचे को अपने मूह में ले लिया, और जैसे छ्होटा बच्चा चूस्टा हो, वैसे ही चूसना शुरू किया बहुत तेज़ी से. रूम में अब सिसकियाँ गूँजनी शुरू हुई-

सिमरन: आ आ एस एस, चूसो राज, और ज़ोर से.

भैया बिना रुके चूज़ जेया रहे थे. मैं यहा अपनी छूट में उंगली कर रही थी. थोड़ी देर ऐसे ही भैया बूब्स चूस्टे रहे. फिर वो दूसरे चूचे पर शिफ्ट हुए, और उसको चूसना शुरू किया, जैसे बच्चे को दूध चाहिए हो.

सिमरन का एक चूचा तो लाल हो चुका था भैया के चूसने की वजह से, और अब दूसरे चूचे को भी ऐसे ही चूस रहे थे वो. फिर ऐसे ही चूसने के बाद भैया उठे, और क्लेवगे से लेके नाभि तक जीभ से छाता. उसके बाद उन्होने नाभि को चूसा .

ये देख कर मेरी छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया. एक बार फिर भैया ने नाभि को आचे से चूसा, और फिर धीरे-धीरे जीभ से चूस कर नीचे छूट के पास गये. सिमरन की छूट पर बाल ट्रिम्म्ड थे.

भैया ने उसकी झाँत को महसूस किया, और फिर उस पर एक किस दिया. फिर उन्होने छाता, और फिर धीरे-धीरे नीचे छूट पर गये. उन्होने अपनी जीभ को धीरे से अंदर डाल के चाटना शुरू किया.

सिमरन: अया अया अया राज हा चूसो ना. ज़ोर से चूसो ना. ये छूट अब तुम्हारी ही है.

ये सुन कर भैया ने अपनी स्पीड बढ़ा दी, और मैने फिरसे उंगली डाल ली अपनी छूट में. भैया उसकी छूट चाट-ते रहे, और सिमरन ने उनके सर को दबा दिया था अपनी मुलायम छूट पर. वो बिना रुके चूस रहे थे उसकी छूट को, और सिमरन उधर ‘और चूसो, और चूसो राज’ बोल रही थी.

सिमरन: चूसो मेरी जान, मैं तुम्हारी रंडी हू, और चूसो.

उसकी ज़बरदस्त सिसकियाँ निकल रही थी, और वो भैया के सर को और ज़ोर से दबा रही थी. इसी बीच सिमरन ने अपना पानी छ्चोढ़ दिया भैया के मूह में, और भैया सारा पानी पी गये. और तब सिमरन ने अपना हाथ भैया के सर पर से हटा दिया.

पर भैया तब भी नही रुके, और छूट चूस रहे थे. वो छूट को काट रहे थे इस बार.

सिमरन: अयाया अया, दर्द हो रहा है राज, धीरे करो, धीरे करो आ.

फिर थोड़ी देर के बाद भैया उठे, और अपने लंड को पकड़ कर सिमरन के चूचे के बीच मसालने लगे. सिमरन अपनी जीभ से उस लंड को चूस रही थी. फिर सिमरन ने बोला-

सिमरन: कितना तड़पावगे राज, डाल दो अब लंड मेरे अंदर, और बुझाओ मेरी प्यास को.

फिर भैया उठे और उसी पोस्टीओं में अपने लंड को छूट पर रगड़ने लगे. उसके बाद उन्होने धीरे से छूट पर लंड को सेट किया, और एक धक्का दिया. सिमरन का छूट वर्जिन थी.

वो बोली: आहह दर्द हो रहा है, निकालो इसको आहह.

ये कह कर उसकी आँखों से पानी निकल रहा था, और भैया के लंड पर खून लगा था. फिर भैया ऐसे ही रुक गये, और फिर उन्होने सिमरन के बूब्स को चूसा. थोड़ी देर बाद शायद सिमरन का दर्द कम हुआ, और उसने सिग्नल दिया. फिर भैया ने और ज़ोर लगाया, और एक ही झटके में पूरा लंड अंदर डाल दिया.

सिमरन: आअहह मॅर गयी मैं. निकालो इसको, मुझसे नही लिया जाएगा. आहह प्लीज़ निकालो.

फिर भैया ने एक स्मूच दिया लिप्स पर, और दोबारा थोड़ी देर रुके वैसे ही. सिमरन ने कुछ देर में फिरसे सिग्नल दिया, और भैया अब रुकने वाले नही थी. उन्होने झटके देना शुरू किया धीरे-धीरे.

अब रूम में पाचक-पाचक की मस्त आवाज़े आ रही थी. फिर सिमरन का दर्द कम हुआ और उसकी चीखें कामुक सिसकियों में बदल गयी.

सिमरन: एस राज छोड़ो मुझे. आहह आहह मज़ा आ रहा है राज, ज़ोर से छोड़ो.

वो ये सब बोल रही थी, और भैया ने अपने झटके तेज़ किए, और तेज़ी से छोड़ना शुरू किया. पाचक-पाचक की आवाज़े आ रही थी. सिमरन के बूब्स उछाल रहे थे, जैसे कोई बेलून्स हो. और भैया चूचों को दबा रहे थे. वो और ज़ोर लगा रहे थे.

भैया के स्टॅमिना का तो जवाब नही था. वो बिना रुके छोड़े जेया रहे थे, जैसे कोई मशीन छोड़ रही हो, उतनी ही तेज़ी से, और उठने ही ज़ोर से. ऐसे ही उनकी चुदाई करीब 40 मिनिट तक चलती रही.

उसके बाद शायद भैया झड़ने वाले थे. फिर भैया ने पूछा-

भैया: कहा रिलीस करू?

तो सिमरन ने बोला: तुम्हारी मर्ज़ी.

फिर भैया ने बोला: मेरी तो इक्चा है की मैं तुम्हारे मूह पर निकालु.

तो सिमरन ने बोला: हा ज़रूर, जैसे तुम चाहो जानू.

फिर भैया ने अपना लंड निकाला, और फिर सिमरन के मूह पर अपना पानी निकाल दिया. वो पानी बहुत सारा था, और गाढ़ा भी था. सिमरन का मूह पर सारा पानी बिखर गया. फिर भैया बेड पर लेट गये, पर उनका लंड अभी तक शांत नही हुआ था.

मैं तो हैरान रह गयी, और लंड देख कर मैने एक बार और पानी निकाल दिया. मेरी छूट ने तो आज दो बार पानी निकाल दिया था. फिर सिमरन ने भैया के पानी को उंगली से निकाल कर चूसा, और फिर उठ कर भैया के लंड को सॉफ किया. उसके बाद वो उनके लंड को अपने चूचे पर मार रही थी, और अपने निपल्स को भैया के लंड की टिप पर लगा रही थी. फिर वो आके भैया के बाजू में लेट गयी.

वो दोनो पसीने में भीग चुके थे. पर कमरे में एसी तो चालू था. फिर भैया ने बोला-

भैया: कैसी लगी बेबी चुदाई?

तो सिमरन ने गाल पर किस करके बोला: बहुत अची लगी. ई लोवे योउ जानू.

फिर भैया ने बोला: बेबी मुझे तुम्हारी गांद मारनी है.

तो सिमरन ने बोला: तो किसने रोका है बेबी तुम्हे? इस गांद को जब चाहे मार लो. सब तुम्हारा ही है. मैं तो इस लंड की दीवानी हो गयी हू.

थोड़ी देर के बाद दोनो उठे, और कपड़े पहन लिए. फिर दोनो रूम से निकल गये. भैया उसको घर छ्चोढने गये होंगे. मैं तो अभी भी न्यूड थी बेड पर. फिर मैने उस वीडियो को सवे कर लिया मेरे लप्पी में, और फिर मैने कपड़े पहन लिए.

मैं सोचने लगी, की क्यू ना मैं भैया से ही चुड़ू. इससे कोई दिक्कत नही होगी, और घर की बात घर पर ही रहेगी. फिर मैं थोड़ी देर सो गयी. थोड़ी देर बाद मेरी नीड खुली, और मुझे तो बस भैया का लंड दिख रहा था अपने सपने में भी. फिर मैने प्लान बनाया, की मैं भैया से ही चुड़ूँगी, और किसी से नही.

तो ये थी दोस्तों मेरी कहानी. अगर आपको पसंद आई हो, तो ज़रूर अपनी फीडबॅक देना, और अपने कॉमेंट्स भी लिखना मेरी मैल ईद पर

अगर कोई ग़लती हो तो मुझे माफ़ कर देना. अगली स्टोरी से आपके सामने फिरसे हाज़िर होंगी जल्दी ही.

यह कहानी भी पड़े  मा को चुदसी बनाने की सेक्सी स्टोरी


error: Content is protected !!