बहन को सुहागरात मनाना सिखाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुमित है और में 18 साल का हूँ। दोस्तों आज में आप सभी लोगों को अपनी और मेरे अंकल की लड़की के बारे में कुछ बातें वो एक सच्ची घटना को बताने जा रहा हूँ, जो मेरा एक बहुत अच्छा सेक्स अनुभव बना, जिसमें मैंने अपनी बहन जिसका नाम गुड़िया है, उसकी बहुत जमकर चुदाई के मज़े लिए। वो मुझसे छोटी है, लेकिन है बहुत मस्त, उसका फिगर बहुत कमाल का था। दोस्तों में जब 12th क्लास में पड़ता था, तब भी में सेक्स के बारे में थोड़ा थोड़ा जानता था। उन दिनों मेरा लंड बहुत जल्दी उठता था और उसकी लंबाई करीब 6.5 इंच थी और उस समय मेरे आसपास में बस एक मेरी बहन ही थी, जो मेरे खड़े लंड को थोड़ी सी राहत दे सकती थी। वैसे वो भी बहुत हॉट सेक्सी थी, उसके गोरे गोरे बूब्स बहुत ही मस्त थे और वो बहुत ही मुलायम उनका आकार भी एकदम ठीकठाक था और उस समय में कई बार उसे अंजाने में छू लेता था, लेकिन वो तो इन सबके बारे में कुछ जानती ही नहीं थी, इसलिए उसको इन सभी बातों से कोई मतलब आपत्ति नहीं थी और में अक्सर उसे जानबूझ कर चोरी-छिपे पीछे से जाकर पकड़कर ऊँचा उठा लेता था और इस बहाने से मुझे उसकी गांड और बूब्स को दबाने का मौका मिल जाता था, जिसका मुझे हमेशा इंतजार रहता था। में वो सब कुछ उसके साथ करके मन ही मन बहुत खुश हुआ करता था और अब में उसकी चूत को जी भरकर देखना और उसे बहुत आराम से हल्के हल्के बहुत प्यार से छूना चाहता था, लेकिन में अब बिल्कुल भी समझ नहीं पा रहा था कि उसकी चूत को पाने के लिए ऐसा क्या करूं? किस तरह मुझे उसकी चूत मिलेगी, वो दिन कब आएगा? ऐसे मेरे मन में बहुत सारे सवाल और व्याकुलता थी। फिर एक दिन मैंने एक तरकीब सोची और फिर मैंने हमारे बाथरूम के दरवाजे में एक छेद कर दिया, यह बात सोचकर कि जब वो नहाने के लिए बाथरूम में जाएगी तो में उसको नहाते हुए पूरी नंगी देख सकता हूँ।

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एक दिन मुझे मेरी अच्छी किस्मत से वो मौका मिल ही गया, जिसका मुझे बहुत इंतजार था, शाम का समय था और उस दिन घर पर में अकेला था और फिर कुछ देर बाद मेरी बहन चली आई और मैंने उससे मज़ाक करना शुरू कर दिया। मैंने उससे मजाक में कहा कि तुम आज क्यों मुझे बिना नहाए लग रही हो? तो उसने मुझसे बोला कि नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि में तो सुबह ही नहा चुकी हूँ। अब मैंने उससे कहा कि तुममें से पसीने की बदबू आ रही है और उससे यह शब्द बोलकर में हंसने लगा, तुम सीधी बाथरूम में जाओ और अभी नहा लो। फिर उसने कहा कि अच्छा फिर वो मुझसे कहकर थोड़ी देर बाद नहाने बाथरूम में चली गई, उसको जाता हुआ देखकर में मन ही मन बहुत खुश हुआ और उसे मेरे ऊपर शक ना हो, इसलिए में तेज आवाज़ से टी.वी. देखने लगा, जैसे ही वो बाथरूम में गई, तो मैंने अपनी आखें उस छेद पर जाकर चिपका दी, जिसको मैंने खुद ने दरवाजे पर किया था। अब मैंने देखा कि वो अपने एक एक कपड़े उतार रही है, उसने सबसे पहले अपनी फ्रोक को उतारा और उसके बाद में उसने अपनी ब्रा को भी उतार दिया, उसके वाह क्या मस्त सेक्सी बूब्स थे, दिखने में एकदम छोटे थे, लेकिन बिल्कुल सुडोल और दूध जैसे गोरे गोरे थे, उनको देखकर मेरा तो लंड तनकर एकदम टाईट हो गया। अब कुछ देर बाद में उसने अपनी पेंटी को भी उतार दिया, जिसको देखकर में तो अब अपने आपको बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। मैंने देखा कि उसकी चूत पर एकदम छोटे छोटे बाल थे और चूत एकदम फूली हुई और सुंदर थी, वो फुहारे के नीचे खड़ी हो गई और उसने पानी को चालू किया, पानी उसके सर से होकर उसके बूब्स पर जाकर नीचे उसकी मस्त गांड पर आ रहा था, वो अपने हाथों से अपने बूब्स को दबा रही थी। उसके बाद उसने साबुन लिया और अब उसने अपने बूब्स पर और पूरे बदन पर साबुन लगाना शुरू किया, वो धीरे धीरे अपने पूरे बदन पर अपना हाथ घुमा रही थी। में यह सब कुछ दरवाजे के उस छेद से देख रहा था, जिसको देखकर अब मेरी तो हालत बहुत खराब हो रही थी, वो सिर्फ़ मुझसे दो फिट की दूरी पर थी, लेकिन में उसे अपनी मर्जी से छू भी नहीं सकता था और में कोई भी ऐसा वैसा गलत कदम नहीं उठा सकता था, क्योंकि मेरे मम्मी और पापा को यह बात पता चल गई तो मेरी खेर नहीं समझो और थोड़ी देर के बाद उसने फिर से पानी चालू किया और साबुन को अपने बदन से छुड़ाने लगी और उस समय जो कुछ हुआ उसको देखकर में बिल्कुल दंग रह गया, क्योंकि अब वो पानी के नीचे खड़े खड़े अपनी दो उंगली से अपनी चूत को मसल रही थी और उँगलियों को चूत के अंदर बाहर भी कर रही थी, में तो वो सब देखकर चकित रह गया और मुझे ऐसा लगा जैसे यह एक सपना है, लेकिन दोस्तों यह कोई सपना नहीं बिल्कुल सच था, वो अपनी चूत में उँगलियाँ कर रही थी यानी कि हस्तमैथुन।

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