बहिन की चुदाई गावं में

हैलो दोस्तो मेरा नाम मनीष सबसे पहले मैं सभी रीडर्स को मेरा नमस्कार मैं यहा पर एक मेरी अपनी सच्ची कहानी बताना चाहता हू. लेकिन आपको विश्वास करना पड़ेगा ये बात उस समय की है. जब मैं मेरी सिस्टर की शादी मैं मुंबई से गाव गया था. मेरी कज़िन सिस्टर मुझसे 3 साल छोटी

है मैं उस समय 24 वर्ष का था. और वो 21 वर्ष की थी उसकी शादी तय हो गई थी मैं शादी से 20 दिन पहले से उनके घर पर चला गया क्योकि उसके पापा नही थे सारा काम आंटी को ही करना था.

तो मैंने सोचा मेरे रहने से उनको बहुत मदद होगी यही सोच कर मेरे मोम डेड ने मुझे पहले ही भेज दिया था. मैं शादी की तैयारी मे लग गया सामान लाना लोगो को शादी का इन्विटेशन देना सब मैं मेरी बैंक से कर रहा था और मेरी आंटी कुछ काम से उनके मायके चली गई 4 दिन के लिए मुझे बोला सब का ख्याल रखना मेरी सिस्टर जिस की शादी थी. मैने कभी उसके बारे है ये नही सोचा था की मेरी सिस्टर देखने मैं थोड़ी फेर थी लेकिन उतने ही अच्छे नाक नक्से वाली थी ओह उसका फिगर 30-26-32 था. उसके ब्रेस्ट काफी बड़े थे उसकी लंबाई कम से कम 5 फिट होगी लेकिन कयामत थी.

मेरी आंटी ने उसका रिश्ता किसी बड़े उम्र के लड़के साथ कर दिया मुझे शादी के दिन पता चला ओह लड़का तो 36 साल का था. शायद यही वजह मेरी सिस्टर को मेरे पास खिच लाई जब मेरी आंटी जिस दिन गयी सुबह 10 बजे होंगे. मेरी सिस्टर उसका नाम गुड़िया था उसने मुझसे पूछा भैया आप क्या खाओगे मुझे आज कहीं भी नही जाना था. शादी को एक हफ्ता बाकी था मैंने बोला तुमको जो अच्छा लगे बना लो मेरी आंटी को 4 लड़किया और 1 लड़का है जो की सब से छोटा है कोई 10 साल का होगा गुड़िया ही बड़ी थी ।

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फिर उसने ख़ाना दिया हम सब ने साथ में खाया और धूप ज़्यादा थी तो मैं अन्दर कमरे मैं बिस्तर पर सो गया सभी लोग बाहर खेलने चले गये मेरी सिस्टर मेरे पास आकर मेरी बगल वाली बेड पर सो गई और जब मैं उठा तब वो सो रही थी. उसने ड्रेस पहना हुआ था उसका दुपटा हटने की वजह से उसके बोब्स बाहर की तरफ़ आधे निकल आए थे. मेरी तो हालत खराब हो गई थी फिर वो अचनका से उठ गई और मुझे देख कर सरमाई फिर मैं चला गया१.

शाम को कुछ रिश्तेदार आ गये आंटी का घर काफी छोटा है और मैंने भी मार्केट से सब्जी लाकर दी और अपने सभी रिश्तेदारो से बाते करना लगा और फिर सब ने ख़ाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे लेकिन इतने लोग कहा सोएंगे फिर गुड़िया और मैंने सब को किसी तरह व्यवस्थित किया .

और मैं और गुड़िया ने सोचा की हम तीनो लोग छत पर सो जाते है उसका छोटा भाई और गुड़िया हम लोग छत पर गये बिस्तर लगाये और मैं मेरे बगल मैं गुड़िया का छोटा भाई फिर गुड़िया सोने की तैयारी मैं थी. तभी छोटा भाई बोला दीदी मुझे बीच मैं नही सोना है तो गुड़िया ने बोला कि तू वहां सो मैं बीच मैं सोती हूँ मेरा मन फिर डोल गया दोपहर का सीन याद आ गया फीर मै जल्दी ही सो गया और रात में पेशाब करने को उठा चान्दनी रात थी.

इसलिए सब कुछ साफ दिख रहा था जब मैं लौटा तो गुड़िया ने नाईट ड्रेस पहनी थी और वो ऊपर घुटनो तक सरक गई थी. और गोरे गोरे पैर देख कर मेरा तो बाबू राम खड़ा हो गया मैंने फिर सोने की कोशिश की लेकिन नींद नही आई फिर अचानक गुड़िया ने करवट ली और मेरी कमर मैं एक पैर रख दिया मेरी तो कुछ समझ नही आया क्या करु फिर मैं धीरे से सीधा लेट गया और उसका पूरा आधा शरीर का हिस्सा मेरे बदन पर आ गया और मेरे होटो मैं उसके बोब्स आ गये और मैं नही चाहते हुए भी धीरे धीरे उसको सहलाने लगा और मेरा तंबू तनकर मेरी टावल से बाहर हो गया मैं उसको धीरे धीरे सहलाता हुआ दबा दिया१.

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जब कुछ हलचल नही हुई तो फिर उसके बोब्स को ड्रेस के ऊपर से ही दबाने लगा क्या कड़क बोब्स थे उसके फिर धीरे से उसकी ड्रेस को ऊपर कर दिया और अब उसके चूतड़ को भी सहलाने लगा जब मैंने उस की चूत की तरफ़ हाथ किया तों पूरी तरह से गीली हो चुकी थी. मैं समझा की गुड़िया सोई नही है जाग रही है. फिर मैं ने थोड़ी हिम्मत कर के उसके कान मैं बोला जब वह जाग रही हो तो सोने का नाटक क्यों कर रही हो वो बोली भैया मैंने सोचा भैया अगर मै उठ जाती तो आप मुझे नही छूते फिर मैं तो आपको दोपहर से ही घास डाल रही हूँ.

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