बेहन को चोदने की तलब

हेलो, मेरा नामे अभिजीत है और सब मुझे अभी बुलाते हैं. मेरा कॉलेज ख़तम होते ही जॉब लग गया था, पर लॉक्कडोवन् की वजह से घर बेतना पड़ा.

पापा की जॉब हेल्त डिपार्टमेंट मे थी, तो उनकी शिफ्ट लगी रहती थी. मों एक हाउस वाइफ हैं, थोड़ी ज़्यादा धार्मिक हैं और टोत्को पे जल्दी विश्वास कर लेती हैं.

मुझसे बड़ी दो सिस्टर्स हैं, मुझसे 10 साल बड़ी अनामिका (अनु दी) और मुझसे 2 साल बड़ी जवनिका (जानू दी). अनु दी की शादी होते ही वो अपने हब्बी के साथ लंडन चली गई थी. और जानू दी अपने हब्बी के साथ देल्ही मे रहती हैं.

2 साल पहले जब जानू दी की शादी थी तब अनु दी अपनी बेटी और जीजू के साथ आए थे. अनु दी पहले से थोड़ी और गोरी और मोटी हो गई थी. शादी के 1 वीक बाद वो अपनी ससुराल से होते हुए वापस चले गये थे. तब से वो इंडिया वापस नही आए, फोन पे बात हुआ करती थी.

जानू दी की लोवे मॅरेज थी, बाद मे घरवाले सब मान गये और अब वो देल्ही मे रहते हैं, दोनो जॉब करते हैं. मैं भी अपने जॉब को लेकर एग्ज़ाइटेड था, मेरी विश फॉरिन जाने की थी. जबसे मैं पॉर्न में फॉरिन की गोरी लड़कियो की चुदाई देखी तबसे मेरी इचा भी थी गोरी लड़कियो के साथ सेक्स करने की.

पर जैसे ही लॉक्कडोवन् लगा, सब सत्यानाश. इस टाइम मे पूरा दिन घर बेत के बोर हो रहा था, पॉर्न देखता, घोरी लड़कियो को छोड़ने का इमॅजिन करके मूठ मारना वगेरह से टाइम निकल रहा था.

उसी टाइम अरे साइट्स को देखते मुझे एक वीडियो के नीचे लिखा हुआ देखा ‘रियल ब्रदर सिस्टर फक्ड वेन पेरेंट्स अरे अवे’.

जब उत्सुकतावश मैने उसे ओपन किया तो देखा की एक लड़का लड़की जो भाई बेहन बताए गये हैं. वो अपने मों दाद के जाने के बाद टीवी देखने बैठते हैं. टीवी में रोमॅंटिक सीन आ रहा होता हैं तो भाई गरम होकर अपनी बेहन को सहलाता हैं. बेहन भी कोई विरोध नही करती और वो भी मोन करती हैं.

जैसे ही टीवी मे किस्सिंग सीन आता हैं, यहा भाई अपनी बेहन की और देखता हैं. बेहन स्माइल करते हुए अपनी नज़रे झुकती हैं और भाई को जैसे ग्रीन सिग्नल मिल गया.

वो खड़ा होकर अपनी बेहन को बहो मे लेकर किस करने लगता हैं. बेहन भी फुल सपोर्ट करती हैं. टीवी में उतरे इससे पहले इन दोनो के कपड़े उतार जाते हैं.

भाई का बड़ा लंड देखते ही बेहन की आँखो मे चमक आ जाती हैं और उसे हाथ मे लेकर हिलने लगती हैं. फिर घूतणो पे बैठ कर उसे लोलीपोप की तरहा चूस रही होती हैं.

फिर ऐसे ही एक दूसरी को 69 में चाटते हैं, फिर सिस्टर कहती हैं, “भाई, जल्दी से छूट मे डालो अब रहा नही जाता, कही मों-दाद ना आ जाए.”

और भाई कहता हैं, “टेन्षन नोट बहना, अब तो तुझे कभी भी छोड़ सकता हूँ घर मे जब मों दाद ना हो तब. रात को मों दाद उनके कमरे मे चुदाई कर रहे होंगे और हम दोनो अपने कमरे मैं.’ और पाचक से छूट मे लंड डाल कर उसे छोड़ता हैं, अलग अलग पोज़िशन में छोड़ता है.

ये सब देख कर मेरा सिर चकराने लगा, की क्या ऐसा भी होता हैं बेहन भाई के बीच..!

फिर सोचा, शायद फॉरिन मे होता होगा. अब सवाल था, क्या इंडिया मे होता हैं? मैने गूगले पे सर्च किया: ब्रदर सिस्टर सेक्स इंडिया. तो मेरी आँखें फटी रह गयी, वाहा पे ढेर सारी वीडियोस थी, स्टोरीस थी.

मैने एक स्टोरी पे क्लिक किया तो देसीकाहानी की साइट खुली. जहा पे ढेर सारी अलग अलग भाई बेहन के बीच की चुदाई की स्टोरीस थी. मुझे उसमे इंटेरेस्ट आने लगा, अब मे बेहन भाई सेक्स स्टोरीस का दीवाना हो चुका था. मई रोज नयी नयी स्टोरीस पढ़ता.

इसका नतीजा ये हुआ की मुझे भी आपी बहनो के प्रति सेक्स भाव आने लगे. मैं अब जानू दी को इमॅजिन करके मूठ मरने लगा. अनु दी पे कभी कुछ मरता, पर ज़्यादातर जानू दी पे. क्यूंकी वो भले ही अनु दी से कूम घोरी थी पर उनकी बॉडी फिगर एक दूं मस्ट था. वो कॉर्पोरेट मे जॉब के कारण होगा शायद.

दूसरी तरफ अनु दी भले ही गोरी थी पर घर बैठ के थोड़ी मोटी हो गई थी. और अनु दी फॉरिन मे थी, जबकि जानू दी इंडिया में. काई बार तो मॅन मे आता की शायद सिस्टर की शादी से पहले ये स्टोरीस पढ़ने को मिलती तो दोनो मे से एक को पता कर ज़रूर छोड़ता. पर हाय री किस्मेट, दोनो शादी करे जा चुकी थी.

मेरी दीनबादीं सिस्टर सेक्स के प्रति भाव बढ़ता ही जा रहा था. देश मे करोना के केस आन कूम हो रहे थे, जनववान वापस नॉर्मल हो रहा था. इसी बीच एक ट्रॅजिडी हुई, अनु दी के ससुरजी की करोना मे डेत हो गयी.

फ्लाइट्स अभी चालू नही हुई थी इसलिए दीदी और जीजू नही आ पाए. हुँने वाहा गौ गये और अंटंक्रिया मे शामिल हुए. मुझे लगा जानू दी भी आएगी तो उन्हे देखकर ठंडक मिलेगी थोड़ी पर वो नही आई, उनके हब्बी आए थे सिर्फ़.

बाद मे मुझे पता चला की उनके आचे दिन निकल रहे थे. मतलब की वो प्रेगंत थी. इसलिए ऐसे अकेशन पे वो नही आई. ये सुन कर सब खुश थे पर मैं उतना नही था. क्यूंकी मैं स्टोरीस मे जो चीज़े पढ़ी थी की जिसके लिए बेहन अपने भाई से चुड़वति हैं उसमे अपनी पति से बचा ना होना भी एक रीज़न था. तो मे तोड़ा उदास हो गया.

ऐसे ही दिन निकलते गये, फ्लाइट्स चालू हो चुकी थी.

अनु दीदी और जीजू आनेवाले थे तो उनको लेने के लिए हम एरपोर्ट आ गये. मैं उदास था क्यूंकी मैं डेस्परेट था अपनी बेहन से चुदाई के लिए और जानू दी की प्रेग्नेन्सी ने वो ख्वाब तोड़ दिया. और अनु दी भी मोटी थी इसलिए इंटेरेस्ट कूम था.

वैसे भी वो 1 से 2 हफ़्तो मे चली ही जाएगी वापस. कुछ देर मैं वो लोग बोरडिंग से निकलकर बाहर आ गये. जीजू, मेरी भांजी कायरा और अनु दी. कायरा अब अची ख़ासी बड़ी हो गई थी. पर मेरी आँखें अनु दी पर ही रुक गयी.

अब वो एक दूं स्लिम सी हो गयी थी. उनके बूब्स बड़े और कुमार पतली सी और स्किन तो घोरी पहले से थी. मानो जैसे शा तकिया या सानिया मिर्ज़ा खड़ी हो.

घरवाले दी को देख के तज़ूब हो गये और उनकी तारीफ करने लगे. ये सुन कर दी भी अंदर ही अंदर खुश हो रही थी. उन्हे देख के मेरा सिस्टर के साथ चुदाई का सपना वापस जाग गया और मेरे पेंट मे लंड खड़ा होने लगा.

दी से मैं जब गले लगा तो उनके सॉफ्ट बुक्स का टच ने मूज़े पागल कर दिया. और मैं सोचने लगा की एक दिन ये मेरे हाथो मे होंगे.

फिर हम घर आए और दूसरे दिन वो अपनी ससुराल चले गये. उनका दो हफ़्तो के बाद रिटर्न जाने का प्लान था. मैं वापस उदास हो गया क्यूंकी सामने आया हुआ लड्डू अब वापस जाता दिखाई दे रहा था.

एक हफ्ते बाद जब दी अपने ससुराल से आई तब थोड़ी उदास थी. उनकी और पापा मम्मी की बात चली तब मुझे पता चला की जीजा ने अब इंडिया मे सेट्ल होने का डिसाइड किया हैं.

वो उनके घर के बड़े बेटे थे और उनके पापा की डेत के बाद अब उनकी मदर ने उनको इंडिया मे ही सेट होने को बोला. दी कन्विन्स नही थी, जीजू की कंपनी का एक ब्रांच बंगलोरे मे था तो वो वोही शिफ्ट होने वेल थे और कुछ महीनो बाद वो कुछ हफ़्तो के लिए लंडन जाकर अपना सब समेत्के वापस आने वेल थे.

ये सुनकर मेरी खुशी का कोई ठिकाना ना रहा. मुझे लगा की मेरी किस्मत मे बेहन को छोड़ने का सुख लिखा हैं इसीलिए ये सब हो रहा हैं.

मैने जीजा से अपनी कंपनी मे जॉब लगवाने की बात की और कहा की इससे दीदी को आप बंगलोरे मे शिफ्ट होने के लिए माना लोगे. और आइडिया काम कर गया, दीदी ये सुन कर खुश हो गयी. घरवाले भी सब हॅपी हुए. और कुछ दीनो बाद हम बंगलोरे के लिए रवाना हुए.

अगले पार्ट में पढ़िए की किस तरहा मुझे अनु दी को राज़ी करना पड़ता हैं.. और मैं उनकी ले पाता हू या नही..? वेट फॉर नेक्स्ट पार्ट.

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