बेहन की थ्रीसम चुदाई की सेक्सी कहानी

ही गाइस, मैं आज स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट के साथ हाज़िर हुआ हू. लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा था की किस तरह से शर्मा साब ने बेदर्दी से अंजलि दीदी की गांद मारी थी. दीदी अपना मूह बेड में छुपाए लेती हुई थी, और शर्मा साब दीदी के साइड पर लेते हुए थे. 2 मिनिट्स के बाद शर्मा साब ने दीदी को सीधा किया और अपने सीने से लगा लिया.

दीदी के बूब्स शर्मा साब के सीने से लगे हुए थे. शर्मा साब ने दीदी के मूह पर से बाल हटाए, और दीदी के आँसू सॉफ किए, और मूह को चूम कर बोले-

शर्मा साब: अंजलि मेरी जान, क्या हुआ?

अंजलि दीदी: अब आप को ख़याल आ रहा है. जब आप मेरी गांद मार रहे थे, तब आपको क्या हो गया था? कुछ भी नही सुन रहे थे.

शर्मा साब: अंजलि तुम्हारी गांद है ही इतनी टाइट. क्या करू, मुझसे कंट्रोल ही नही हो रहा था. इतने सालों के बाद ऐसी गांद मिली थी.

अंजलि दीदी: अपने मज़े के चक्कर में मेरा बुरा हाल कर दिया.

दीदी की बात सुन कर शर्मा साब हँसने लगे, और दीदी को चूमने लगे. फिर वो उठ कर वॉशरूम चले गये, और 5 मिनिट्स के बाद बाहर आए और दीदी को बोला-

शर्मा साब: जाओ फ्रेश हो जाओ. दीदी उठी, और लंगदाते हुए वॉशरूम चली गयी.

10 मिनिट्स के बाद दीदी वापस आई, तो शर्मा साब दीदी को अपने सीने से लगा कर सो गये. नेक्स्ट दे ऑफीस में असलम साब ने मुझे कहा-

असलम साब: आ तुझे एक चीज़ दिखौ.

फिर असलम साब ने अपने मोबाइल में से अपनी और दीदी की नंगी पिक्चर्स दिखाई.

विकी: वाह असलम साब, आप ने दीदी को पत्ता लिया.

असलम साब: तेरी दीदी है बहुत मज़े की चीज़.

पिक्चर्स देखते-देखते एक पिक्चर में दीदी शर्मा साब की गोद में बैठी हुई थी, जिसको देख कर मैं बोला-

विकी: असलम साब ये बंदा कों है? आप ने कहा था सिर्फ़ आप ही दीदी को छोड़ोगे.

असलम साब: ये बड़ा अछा बंदा है. इसने कल मुझे और तेरी दीदी को किस करते हुए पकड़ लिया था. फिर इसने हमारे साथ एंजाय किया.

विकी: ये आप ने अछा नही किया दीदी को रंडी बना दिया.

असलम साब: ये बंदा अछा इंसान है. कल तेरी दीदी सारी रात इसके साथ रही है.

विकी: इसे कॉल करो और पता करो इसने दीदी के साथ और क्या किया?

असलम साब ने शर्मा साब को कॉल मिलाई.

शर्मा साब: हा, असलम कैसे याद किया?

असलम साब: वो कल मेरे जाने के बाद अंजलि के साथ क्या किया?

शर्मा साब: तेरे जाने के बाद बहुत मज़े किए, और लास्ट में अंजलि की टाइट गांद फादी, बड़ा मज़ा आया.

असलम साब: तूने अंजलि की गांद मारी? उसको बहुत दर्द हुआ होगा?

शर्मा साब: बड़ा दर्द हुआ था उसको. वो रोने लग गयी थी.

असलम साब: तूने नाराज़ कर दिया उसको?

शर्मा साब: मुझसे नाराज़ नही होती. तेरे भाई ने उसे माना लिया था. रात मेरे सीने से लग के सोई. फिर सुबा भी अपनी गोद में बिता कर उसको नाश्ता कराया.

असलम साब: अछा-अछा.

शर्मा साब: यार आब 15 दिन के बाद मैं अवँगा, फिर उसको छोड़ूँगा.

इसके बाद कॉल कट हो गयी, और असलम साब बोले-

असलम साब: देखा, बड़ा ज़बरदस्त बंदा है. कैसे तेरी दीदी को इसने छोड़ा है.

विकी: अब बात अपने तक ही रखना.

15 दिन बाद असलम साब मुझसे मिले और बोले-

असलम साब: यार तेरी दीदी ने मुझे घर आने से माना कर दिया. बोल रही थी की लोग बातें बनाने लगे है. मैं बदनाम हो जौंगी. तुम अब ना आना मेरे घर. उस दिन के बाद से अब तक तेरी दीदी को छोड़ नही सका. तू कुछ कर.

विकी: यानी तुम्हे और दीदी को जगह डू?

असलम साब: हा, वो शर्मा भी बोल रहा है कुछ प्रोग्राम बनाने का. लेकिन तेरी दीदी जगह का इश्यू बना कर माना कर देती है.

विकी: जगह तो मैं तुम्हे दे देता हू.

असलम साब: किधर?

विकी: मेरा एक दोस्त वीकेंड पर घर जेया रहा है. उसका फ्लॅट खाली है. मैं वो तुम्हे दिला देता हू.

असलम साब: ठीक है, लेकिन बच्चो का क्या बने ँगा?

विकी: वो तुम दीदी से बोलो बच्चे मेरे घर भेज दे.

असलम साब: मज़ा आ जाएगा इस वीकेंड पर.

नेक्स्ट दे दीदी की मुझे कॉल आई और दीदी ने बोला: सॅटर्डे को आ कर बच्चे ले जाना, मैने एक दोस्त की बर्तडे पार्टी में जाना है.

सॅटर्डे को मैं दीदी के घर पहुँचा तो दीदी तैयार हो चुकी थी. दीदी ने एक वाइट वन-पीस पहना हुआ था, और दीदी बहुत हॉट लग रही थी. फिर दीदी मुझसे बोली-

दीदी: घर जाते हुए मुझे रास्ते में उतार दो.

मैने दीदी को उस फ्लॅट पर छ्चोढा, और बच्चे लेकर चला गया. जब दीदी उस फ्लॅट में दाखिल हुई तो अंदर शर्मा साब और असलम साब दोनो बैठे हुए थे. दीदी को देख कर दोनो खुश हो गये. वो उनके पास बैठ गयी, और तीनो दारू पीने लगे. 2 पेग पीने के बाद शर्मा साब दीदी के पास गये और दीदी की नंगी टाँगो पर हाथ फेरने लगे.

दीदी ने अपना हाथ शर्मा साब के हाथो पर रखा, और अपना मूह शर्मा साब की तरफ किया, और शर्मा साब को किस करने लगी. अब दोनो एक-दूसरे को किस कर रहे थे.

दीदी फुल मज़े में थी, और शर्मा साब की गोद में बैठ गयी थी. 2 मिनिट्स के बाद शर्मा साब ने किस तोड़ी, और बोले-

शर्मा साब: मेरी जान आज बहुत गरम हो तुम.

दीदी: हहहहा, आज मिल कर एंजाय करते है.

उनकी बात सुन कर शर्मा साब खुश हो गये, और दीदी के सारे कपड़े उतार दिए. दीदी अब पूरी नंगी हो चुकी थी. असलम साब जो दूसरे सोफे पर बैठे हुए थे, बोले-

असलम साब: अंजलि तुम डॅन्स भी बहुत अछा करती हो, ज़रा आज अपना डॅन्स ही दिखा दो.

शर्मा साब ने भी दीदी को अपनी गोद से उतार दिया और बोले: आज तो मैं भी अंजलि का नंगा डॅन्स देखूँगा.

दीदी उठी, और जेया कर म्यूज़िक प्ले किया और डॅन्स करने लगी. दोनो बुड्ढे बैठे दीदी का डॅन्स देख रहे थे. दीदी को डॅन्स करते देख कर असलम साब बोले-

असलम साब: अंजलि अपने बूब्स सही तरह हिला, पता चले कोई डॅन्सर नाच रही है.

दीदी अब नाच रही थी. तभी शर्मा साब ने अपने कपड़े उतारे, और दारू की बॉटल पकड़ कर दीदी के पास गये, और दीदी के मूह को दारू लगा दी. दारू गिरने से दीदी के बूब्स गीले हो गये. शर्मा साब ने दीदी के बूब्स को पकड़ लिए, और चूसने लगे. असलम साब ने म्यूज़िक बंद कर दिया था, और वो भी नंगे हो गये, और पीछे से दीदी को किस करने लगे.

दीदी दोनो बुद्धो के बीच में थी. फिर शर्मा साब और असलम साब दोनो सोफे पर बैठ गये, और दीदी नीचे बैठ गयी. शर्मा साब ने अपना लोड्‍ा दीदी के हाथ में पकड़ा दिया. दीदी ने दोनो बुद्धो के लोड पकड़ लिए, और सहलाने लगी. फिर दीदी ने शर्मा साब का लोड्‍ा पकड़ा, और उसे चूसने लगी. इसी तरह फिर असलम साब का लोड्‍ा पकड़ा, और उसको चूसने लगी. फिर शर्मा साब दीदी से बोले-

शर्मा साब: उसी तरह चूस जिस तरह उस दिन बताया था.

अब दीदी दोनो बुद्धो के लोड अपने मूह के अंदर तक लेकर जेया रही थी, और दोनो बुद्धो के लोड दीदी की थूक से गीले हो चुके थे.

असलम साब उठे, और दीदी के नेआचे लेट गये, और दीदी की छूट को चाटने लगे. दीदी को बड़ा मज़ा आ रहा था. 5 मिनिट्स तक ऐसे ही करने के बाद शर्मा साब ने असलम साब को हटाया, और दीदी को घोड़ी बना कर दीदी के पीछे आ गये.

शमा साब ने पीछे से दीदी की छूट पर अपना लोड्‍ा रखा, और पीछे से दीदी की छूट मारने लगे. असलम साब सोफे पर बैठ कर दारू पीने लगे और शर्मा साब और दीदी की चुदाई देखने लगे. अब पुर फ्लॅट में दीदी की आहह अफ की सिसकियाँ और ठप ठप ठप ठप की आवाज़े आ रही थी.

25 मिनिट्स तक छोड़ने के बाद शर्मा साब ने अपना लोड्‍ा निकाला, और दीदी के मूह में डाल दिया. दीदी माना भी करना चाहती थी, लेकिन सब इतनी जल्दी हुआ की वो कुछ ना कर सकी. शर्मा साब के हॅट-ते ही असलम साब दीदी के पीछे आए, और दीदी की छूट में अपना काला लोड्‍ा डाल दिया.

दूसरी तरफ शर्मा साब ने सारा पानी दीदी के मूह में छ्चोढ़ डेया. दीदी का मूह शर्मा साब के पानी से भर गया, और उसको बड़ा अजीब लग रहा था. बड़ी मुश्किल से दीदी ने वो सारा पानी पिया.

शर्मा साब साइड में आँखें बंद करके लेट गये. अब असलम साब पूरी रफ़्तार से दीदी को छोड़ रहे थे. 20 मिनिट्स तक चूड़ने के बाद असलम साब ने अपना पानी दीदी की छूट में ही छ्चोढ़ दिया, और साइड में लेट गये.

दीदी 50 मिनिट्स तक चूड़ने के बाद तक गयी थी, और दीदी का पूरा जिस्म पसीने से भीग चुका था.

तो बे कंटिन्यूड…

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