बेहन की ताबड़तोड़ चुदाई 2 लंड से

सेक्स स्टोरी अब आयेज-

फिर मैने वरुण को बेड पर चढ़ने को बोला.

विवेक: वरुण तू लेट जेया और शिखा तू वरुण के उपर आजा. वरुण तेरी छूट मारेगा, और मैं तेरी गांद.

शिखा गुस्सा और हेल्पलेस मूह बना कर वहीं घुटनो पर खड़ी थी, कमर पर दोनो हाथ टिकाए. और वरुण भी कुछ बोलना चाह रहा था, पर हिम्मत नही कर पा रहा था.

मैने उसे देखा तो वो फ़ौरन लेट गया. फिर शिखा को देखा तो वो नही मान रही थी. मैने उसे पकड़ा, और खींच कर उसे वरुण के उपर गिराया. फिर वरुण को बोला लंड डालने को. तो वरुण ने अपना आधा खड़ा लंड पकड़ कर उसकी छूट में पेल दिया, और फिर लेता रहा.

विवेक: लेता क्या है छूतिए, धक्के मार. छोड़ इसको, बजा डाल शिखा की छूट सेयेल. बहुत किस्मत से मिलती है छूट छोड़ने को.

शिखा पीछे मूह कर मुझे गुस्से से देखे जेया रही थी.

विवेक: वरुण देख मुझे पता है तुझे छूट नही मारनी, अपनी गांद मर्वानी है. पर अगर गांद मर्वानी है, तो इसकी छूट तो मारनी पड़ेगी, और ऐसे मारनी पड़ेगी के ये साली रोने लगे. छोड़ मेरी जान को यार.

वरुण ने फिर अपने पैर थोड़े सिकोड कर अपनी कमर उठाई, और शिखा की छूट में धक्के पेलने लगा नीचे से. उसका भी लंड तगड़ा था, और ज़ोर से पेला उसने तो शिखा की चीख निकल गयी. उसने वरुण के गाल पर तमाचा जड़ दिया.

शिखा: भोंसड़ी के, धीरे से कर ले हरामी. भैया प्लीज़ यार मत काराव ना ये सब. आहह कुत्ते वरुण नही प्लीज़. ज़ोर से मत कर ना.

मेरे इशारे पर वरुण ने शिखा को बाहों में जाकड़ लिया, और कमर उठा कर ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था शिखा को उससे चूड़ते देख और शिखा की आहे सुन कर. मेरा लंड भी फुल तैयार हो गया था.

वरुण मेरी इमॅजिनेशन से ज़्यादा अची तरह पेल रहा था शिखा को. मुझे लगा था गे है सला, धीरे-धीरे पेलेगा. पर वो तो फुल जोश में तबाद-तोड़ पेल रहा था, जैसे शिखा की छूट के लिए तड़प रहा हो ना जाने कब से.

विवेक: सच बता सेयेल वरुण, गे है या बस नाटक कर रहा था शिखा की छूट पाने को. तू तो बड़ी बेरेहमी से छोड़ रहा है शिखा को.

शिखा: हा भैया, भोंसड़ी वाला मा छोड़ दे रहा है छूट की मेरी. वरुण सेयेल धीरे कर ना एम्म आहह आअहह कुत्ते.

वरुण (भारी आवाज़ में): आहह शिखा साली छूट तो तेरी कमाल है यार. बहुत गरम-गरम लग रहा है लंड पर. पहली छूट छोड़ रहा हू ना भैया, तो बस अछा छोड़ना है. इसलिए जो आता है, जैसे आता है, सब किए दे रहा हू इसकी छूट के साथ. आअहह मेरा लंड च्चिल गया है शायद भैया. शिखा कुट्टी मेरा लंड फाड़ दिया तेरी छूट ने एम्म.

4 से 5 मिनिट तक वरुण ने फुल एनर्जी में शिखा की छूट पेली, और शिखा की आँखों में आँसू भर आए.

शिखा: भैया रोको इस भद्वे को. सेयेल कुत्ते, लंड काट दूँगी तेरा मैं.

फिर मैने उसे वरुण के उपर दबाया, और उसकी गांद खोली. मैने उसकी गीली छूट से रस्स लेकर लंड पर और गांद पर लगाया, और एक झटके में उतार दिया आधा लंड.

शिखा झटपताई और छ्छूटने की कोशिश करने लगी. पर सब बेकार गया. वरुण ने बहुत दूं से उसे जाकड़ रखा था. शिखा ने फिर उसकी छ्चाटी पर काट खाया तो उसने छ्चोढ़ दिया शिखा को. पर मैने उसे दबाए रखा, और लंड आयेज की तरफ ही पेलने लगा.

शिखा (रोटी सी आवाज़ में): मार डालो भैया आज. ख़तम कर दो किस्सा मेरा. सबर मत करना ज़रा भी आप. बस छोड़ो, फाडो, मार डालो मुझे.

फिर हम दोनो रुक गये, और उसे छ्चोढ़ दिया. उसने अपने हाथ से अपनी गांद खोली, और तोड़ा सा आयेज हुई वरुण के सीने पर पड़े हुए. मैने पीछे से उसे हग किया, और बूब्स पकड़ लिए, और उसके गाल चूमने लगा.

विवेक: शिखा यार तू तो गांद छुड़वा चुकी है. फिर क्यूँ इतना नखरा दिखा रही है यार?

शिखा: भोंसड़ी के जब तेरी गांद में कोई लंड जाएगा, तब बोलना ये सब.

फिर मैने धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया, और हर धक्के पर लंड तोड़ा सा और अंदर पेल देता. 6-7 धक्के मारे और लंड फुल गांद में घुस गया. अब बारी थी उसकी छूट और गांद दोनो की चटनी बनाने की.

विवेक: वरुण चल रेडी हो जेया इसकी चटनी बनाने को. साली को आज की चुदाई याद रहनी चाहिए. बिल्कुल तरस नही खाना इस पर, और ज़रा भी कमज़ोर पड़ा ना, तो तेरी गांद भुगत्ेगी फिर सब.

वरुण: भैया मुझसे जैसा हो पाएगा कर दूँगा सारा. पर प्रॉमिस करो आज गांद फाड़ोगे आप मेरी बिल्कुल शिखा की तरह.

हमने धक्के पेलने स्टार्ट किए. वरुण नीचे से पेल रहा था, तो उसे थोड़ी दिक्कत हो रही थी. पर वो मुझे खुश करने को पूरी ताक़त से छोड़ रहा था शिखा को. और मैं पीछे से उसकी गांद पेलने लगा.

शुरू में शिखा को दिक्कत हुई थोड़ी. वो वरुण के सीने पर मार भी रही थी. पर फिर धीरे-धीरे जब हम दोनो के लंड ताल-मेल में आ गये, तो उसे भी मज़ा आने लगा. अब वो भी एंजाय करने लगी, और अनाब-शानाब बकने लगी.

शिखा: अया कुत्तों, मदारचोड़ छोड़ो, और ज़ोर से पेलो हाए. आहह मुम्मा कितना मज़ा आ रहा है यार, फक मे.

हम दोनो ही बहुत ज़ोर-ज़ोर से छोड़ रहे शिखा को, और दोनो को ही एक-दूसरे के लंड भी फील हो रहे थे आते-जाते. एक अलग ही मज़ा, एक अलग ही फील आ रही थी उस टाइम चुदाई में.

वरुण: भैया अब मुझसे नही होगा. बहुत ताक़त लगानी पद रही है ऐसे. आप ही छोड़ो साली को.

फिर मैने शिखा को एक साइड की तरफ लिटाया और अब दोनो साइड से उसे ठोकने लगे. मैने उसके बूब्स पकड़ लिए, और वरुण ने जांघें. मस्त सतर-पाटर लंड अंदर-बाहर हो रहे थे दोनो.

शिखा इतने जोश में थी की उसकी समझ नही आ रहा था की क्या करे. वो कभी पीछे मूड कर मुझे किस करती, कभी मेरे हाथो से अपने बूब्स दबाने लगती. फिर एक-दूं से उसने वरुण को किस कर दिया.

मुझे पता नही क्यूँ बहुत जोश आ रहा था उसे ऐसे तड़प्ते देख, और फिर वरुण के होंठो को पीते देख. वो वरुण का मूह पकड़ कर उसे कस्स कर पी रही थी, और अपनी सब आहन कराहें उसके मूह में छ्चोढ़ रही थी. फिर वो उसके मूह में ही आहें भरते-भरते झड़ने लगी, और उसकी टाँगें काँपने लगी. पर हम दोनो नही रुक रहे थे. तो उसने वरुण को छ्चोढा और उठ कर बेड से नीचे उतार कर खड़ी हो गयी.

उसकी छूट से मूट की धारा बह रही थी. वो अपनी छूट पर हाथ घूमने लगी, और झड़ती हुई नीचे बैठ गयी.

शिखा: एम्म माआ मदारचोड़ ये छूट साली. बहुत मज़ा आया भैया कसम से दोनो होल्स में लंड लेने में. वरुण सेयेल, तूने भी बहुत अछा बजाया मुझे.

विवेक: तो फिर अब से वरुण भी छोड़ लिया करेगा शिखा को, क्यूँ वरुण?

वरुण: नही भैया, मेरा खड़ा ही नही होता छूट को देख कर.

शिखा: चिंता मत कर कुत्ते, अब मैं खड़ा कर दिया करूँगी. अब जब भैया की याद आया करेगी तो गाजर मूली नही, तेरा लंड ले लिया करूँगी.

विवेक: जो भी ले, पर पहले तो हम दोनो को शांत कर अभी.

वरुण: हा भैया, आपने टॅबलेट खिला दी तो आज मेरा लंड भी बहुत परेशन कर रहा है. वरना तो 2 मिनिट में हो जाता है मेरा.

शिखा: भैया अब बस करो. मेरा हो गया ना आज का. आप इसकी गांद छोड़ लो ना प्लीज़. रेस्ट डेडॉ ना मुझे अब.

मैने वरुण को खींचा, और खुद बेड से नीचे उतार गया. फिर उसकी गांद में लंड डाला हचक कर, और उसकी चीख निकल गयी. मैने उसकी गांद पर एक ज़ोर का हाथ मारा. फिर कमर पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से शॉट्स पेलने लगा.

वरुण अपने होंठ दबाए चीखें रोके हुए चुदाई का मज़ा लेने लगा, और शिखा उठ कर उसके बगल में लेट गयी. मैने फिर वरुण के पैर थोड़े फैलाए, तो उसकी गांद थोड़ी नीची हुई और लंड सीधा हो कर और अंदर तक ठोकर मारने लगा.

वरुण: आहह आअहह आअहह भैया एस एस भैया फक.

शिखा उसकी तरफ करवट लेकर उसे देख रही थी. उसका लंड आयेज-पीछे झूल रहा था. शिखा के मुक़ाबले वरुण की गांद टाइट थी, तो पेलने में मज़ा तो आ रहा था मुझे. सच बतौ तो थोड़ी ज़्यादा ताक़त भी लगानी पद रही थी गांद में लंड पेलने में. शिखा उसका झूलता लंड पकड़ कर हिलने लगी.

वरुण: आ साली कमीनी, मत कर कुट्टी, मेरा निकल जाएगा. हरामी कुटिया, छ्चोढ़ मेरा लंड आ. भैया रोको ना इसको एम्म, और तेज़, ऐसे ही आ.

करीब 10 मिनिट उसे ऐसे ही छोड़ा होगा. फिर सीधा लिटाया और उसके उपर चढ़ गया. उसने अपने टाँगें मेरी कमर पर लपेट ली, और मैने उसकी गांद में एक झटके में लंड उतरा, तो वो मुझसे लिपट गया. मैने फुल ताक़त से जितना अंदर जेया सकता था, उतना अंदर तक पेलना चालू रखा.

शिखा: बहनचोड़ पूरा जानवर है, हवस का भरा हुआ. लड़के को भी कितनी बेरेहमी से छोड़ रहा है.

वरुण: आअहह भैया, प्लेआसी स्लॉवव डाउन. एम्म फक भैया, मेरा निकल जाएगा. मा फक फक हार्डर.

और उसके लंड से पिचकारी निकालने लगी. 8-9 पिचकारी मारी उसके लंड ने, और वो फिर ढेर हो गया.

शिखा: शीत यार भैया, आपका अभी भी नही हुआ. अब फिर से मेरी बजेगी उफ़फ्फ़ यार.

मैने हेस्ट हुए शिखा को खींचा और उसके उपर लेट गया. फिर छूट में लंड डाल दिया. उसने कमर पर टाँगें लपेटी, तो मैं धक्के पेलने लगा.

विवेक: आज तू बहुत एंजाय कर रही है साली रंडी. आज तो वरुण को छूट भी दे दी, और वरुण के होंठ भी पी लिए. साली कुटिया क्या इरादा है?

शिखा: इरादा तो बस अपने इस बहनचोड़ भैया को खुश रखना है. और तू हरामी मुझे सब में परोस देता है, जैसे रंडी ही हू तेरी.

विवेक: यार वो एक पॉर्न में देखा था थ्रीसम, तो सोचा जोसेफ को भी ले चालू. पर फिर तेरी मा चुड जाती.

शिखा: इतना आसान नही है भैया मेरी मा छोड़ना, समझे?

विवेक: चॅलेंज मत कर शिखा, वरना एक ही बेड पर मा बेटी चूड़ोगी.

शिखा: अर्रे जेया-जेया, बड़ा आया मेरी मा को छोड़ने वाला.

मैने गुस्से में लंड हचक-हचक कर पेलना शुरू किया.

शिखा: आहह कुत्ते, एम्म बस यही है औकात तेरी हरामी. बेटी की ही छूट छोड़. उसी को मा का रोल देकर छोड़. सिद्धि की छूट इस जानम में तो नही मिलने वाली तुझे सिद्धि के दीवाने.

फिर शिखा ज़ोर से लिपट गयी, और मुझे किस करने लगी होंठो पे.

वरुण: और अगर भैया ने छोड़ दी तेरी मा?

शिखा: तो जो ये बहनचोड़ बोलेगा करूँगी.

विवेक: सोच ले, फिर पीछे तो नही हटेगी.

शिखा: सोच लिया, बस एक शर्त है. अब किसी और के आयेज मेरी छूट नही परोसोगे भैया.

विवेक: मा बनौँगा तुझे अपने बच्चे की साली, वो भी तेरी शादी से पहले कुटिया.

फिर फुल सन्नाटा और बस चुदाई की आवाज़ आ रही थी. मैने 4-5 मिनिट और छोड़ा होगा उसे.

विवेक: मेरा निकालने को है शिखा.

शिखा: वरुण को खिला दो भैया.

मैने नही निकाला लंड, और उसकी छूट में ही भर दिया सारा माल. फिर वरुण को इशारा किया तो वो उसकी छूट को लापर-लापर चाट कर मेरा माल खाने लगा, और उसकी छूट को आचे से चाट कर सॉफ किया पूरा अंदर तक.

हम तीनो 30-40 मिनिट वहीं बेड पर पड़े रहे. फिर वरुण ने नाहया और खाना लेने गया. जब तक वापस आया हम दोनो भी नहा चुके थे. उसने हमे एंपी के फेमस छ्होले कुलचे खिलाए.

फिर हम तीनो खा कर सो गये, और बढ़िया से फ्रेश मूड में उठे रात के 8 बजे. फिर 10 बजे वाला मोविए शो देखा हमने और वरुण को उसके रूम पर ड्रॉप करके हम दोनो फ्लॅट पर आए. तब एक रौंद मारा उसकी छूट का, और उसकी छूट में ही झाड़ा, और फिर ऐसे ही सो गये.

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