बहन की गांद में भाई के पानी निकालने की कहानी

ही फ्रेंड्स, कैसे है आप सब? मैं रेहान. उमीद है की आपने मेरी इस कहानी का पहला पार्ट पढ़ा होगा.

अब आयेज.

तो दोस्तों जैसा की मैने बताया था, की मैने अपनी सगे मामा की लड़की जिनका नाम सलमा है, जिनको मैं आपी बोलता हू, और उनकी शादी मेरे कज़िन भाई से हुई है, उनकी चूची को रात में दबा-दबा करके मज़ा लिया. और उनको शायद पता भी नही चला. फिर मैने मूठ भी मारी उनकी चूची दबाते हुए. उसके बाद मैं सो गया उनको पकड़ करके.

अगले दिन सब नॉर्मल था. सलमा आपी भी ऐसे ही रह रही थी, जैसे रात में कुछ हुआ ही ना हो. और मैं भी नॉर्मल ही रह रहा था. लेकिन मेरे मॅन में बस यही ख़याल रहता था, की कब रात हो, और मैं और सलमा आपी एक कंबल में जाए सोने के लिए.

तो जैसे-तैसे दिन गुज़रा, और रात हुई. हम सब ने खाना खाया. फिर पापा आए, और मम्मी के लिए तोड़ा खाना लेकर हॉस्पिटल गये, और मैं, मेरी आपी, और सलमा आपी सोने के लिए बिस्तर पे गये.

मैं वेट कर रहा था की कब सलमा आपी सो जाए और मैं अपना काम शुरू करू. इंतेज़ार करते-करते लगभग 2 घंटे हो गये. जब मुझे यकीन हो गया की मेरे प्यारी सलमा आपी सो गयी थी, तो मैने अपना हवस का खेल शुरू किया.

सलमा आपी सीधी लेट कर यानी पीठ के बाल सो रही थी. और उन्होने अपने दोनो हाथ अपने सर के पीछे किए हुए थे. मैं उनकी तरफ मूह करके लेट गया. उनका आर्म्पाइट मेरे मूह के पास था. मैने पहले अपना पैर उनकी जाँघ पे रखा. फिर अपना हाथ उनके पेट पे, और उनको हल्के से पकड़ करके लेट गया.

मैं ऐसे लेता, जिससे की मेरा मूह उनके आर्म्पाइट में टच हो जाए. दोस्तों मैं बता नही सकता, क्या खुश्बू थी सलमा आपी के आर्म्पाइट की. मैं तो पागल हो रहा था उसको सूंघ करके. और मैं अपनी जीभ निकाल कर उसको चाट भी रहा था.

मैने सलमा आपी का आर्म्पाइट इतना छाता, की उनके आर्म्पाइट के पास का कपड़ा गीला हो गया. उसके बाद मैने और हिम्मत करके अपना हाथ, जो की उनके पेट पे था, उसको मैने उनकी छूट पे रख दिया. सलमा आपी ने सलवार के नीचे पनटी नही पहनी थी, तो मुझे सीधा उनकी छूट फील हो गयी.

फिर जब मैने हल्के से उंगलियाँ घुमाई, तो मुझे महसूस हुआ की उन्होने अपनी छूट के बाल पुर बड़े कर रखे थे. वो शायद इसलिए की मेरे कज़िन भाई घर पे थे नही, और सलमा आपी को चुड़े लगभग 2 साल हो गये थे. तो ज़्यादा झांतो पे ध्यान नही देती थी.

जब मैने उनकी छूट को सलवार के उपर से छुआ, तो मेरे शरीर में अजीब सी उत्तेजना हुई, और मैं उनकी छूट के होत को सलवार के उपर से ही हल्का-हल्का खोल रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था क्यूंकी मैने अपनी ज़िंदगी में पहली बार किसी लड़की की छूट छुई थी, और वो भी अपने मामा की लड़की की. जो की मेरी प्यारी सी आपी थी.

मैं उनकी छूट को सलवार के उपर से ही हल्का-हल्का रगड़ने लगा. दोस्तों आप जानते ही होंगे की सलवार का कपड़ा ज़्यादा मोटा नही होता है. तो मुझे सलमा आपी की छूट पूरी फील हो रही थी. मैं बड़े प्यार से हल्का-हल्का उसको रगडे जेया रहा था. मैने महसूस किया की आपी की साँसे कुछ तेज़ हो रही थी. लेकिन वो सेम पोज़िशन में लेती हुई थी, शायद जाग गयी थी.

फिर मैने अपना हाथ उनकी छूट से हटाया, और अपने लंड को अपनी पंत से बाहर निकाल लिया. मेरा लंड पूरा खड़ा था, और लगभग 5.5 इंच लंबा था. जब मैने अपने लंड का टोपा छुआ, तो उसमे से पानी निकल रहा था. मैने अपने लंड का पानी यानी की जो प्रेकुं था, उसको अपनी उंगी में लगाया, और उसको सलमा आपी के आर्म्पाइट पे लगा कर उसको चाटने लगा.

फिर मैने तोड़ा लंड का पानी और लिया, और आपी के होंठो पर लगा दिया. लेकिन आपी अभी भी वैसे ही सो रही थी.

फिर मैं और हिम्मत करके आपी के सलवार में हाथ डालने की कोशिश करने लगा. आपी का पेट स्लिम था, तो पीठ के बाल सोने के वजह से पेट अंदर था, तो सलवार उपर से थोड़ी ढीली ही थी.

मुझे ज़्यादा प्राब्लम नही हुई हाथ डालने में. मैने जैसे ही हाथ अंदर डाला साली मेरी सलमा आपी की झाँते किसी जंगल से कम नही थी. मुझे लगता है उनकी झांतो की लंबाई 2 इंच से कम की नही होगी. तभी आपी थोड़ी हिली, तो मैने दर्र के तुरंत अपना हाथ बाहर निकाल लिया, और चुप छाप लेता रहा.

लगभग 2 मिनिट्स तक सब कुछ शांत रहा, फिर अचानक से आपी में करवट ली, और मेरी तरफ अपनी प्यारी सी गाड़ करके सो गयी. मेरा लंड से लगातार प्रेकुं निकले जेया रहा था. मैं एक-दूं से एग्ज़ाइटेड हो चुका था. मैं सलमा आपी को पीछे से पकड़ करके लेट गया.

लगभग 5 मिनिट्स ऐसे लेटने के बाद मैं धीरे से अपना हाथ आपी के सलवार के नाडे के पास ले गया, और उसको खोलने की कोशिश करने लगा. 2 मिनिट्स तक कोशिश करने के बाद फाइनली नाडा खुल गया. चूँकि आपी करवट ली हुई थी, तो केवल उपर से ही उनकी सलवार नीचे हुई.

जैसे ही उनकी सलवार नीचे की मैने. तुरंत उनकी गांद की दरार को अपनी उंगलियों से सहलाने लगा. उनकी गांद के च्छेद के पास भी बाल थे, लेकिन मुझे बहुत अछा और हॉर्नी फील हो रहा था उनकी गांद में बाल को चू करके.

फिर मैने अपनी इंडेक्स फिंगर उनकी गांद के च्छेद पे लगाई, और उसको हल्के से सहलाया, और फिर उस उंगली को अपनी नाक के पास ला करके सूँघा.

वाउ क्या महक थी मेरी सलमा आपी के गांद की.

मैं पागल सा हो गया था. दोस्तों आप भी कभी मौका मिले तो अपनी बेहन की गांद को सूँघीएगा. आपको पता लग जाएगा, की कितनी प्यारी खुश्बू होती है. एक-दूं पागल कर देने वाली.

फिर मैने अपनी उंगली में अपने लंड का पानी लगाया, और उस उंगली को आपी की गांद के च्छेद पे रख करके उसमे डालने की कोशिश करने लगा. आपी की गांद का च्छेद बहुत टाइट था, और उंगली जेया ही नही रही थी.

फिर मैने तोड़ा थूक लगाया, और फिर कोशिश करने लगा. मैं प्यार से और धीरे-धीरे करना चाहता था, क्यूंकी मुझे लग रहा था की आपी अभी भी सो रही थी. उनकी नींद बहुत गहरी होती थी, लगभग बेहोशी टाइप.

फिर थोड़ी देर कोशिश करने के बाद फाइनली मेरी उंगली थोड़ी सी आपी की गाड़ में घुस गयी. फिर मैने थोड़ी देर अपनी उंगली सलमा आपी की गांद में ही रहने दी. तोड़ा रुकने के बाद मैं अपनी उंगली हल्के से अंदर-बाहर करने लगा. मैं तो मानो जैसे स्वर्ग को अपनी उंगलियों से चू रहा था.

फिर थोड़ी देर ऐसे करने के बाद मैने उंगली बाहर निकली, और उंगली को अपने मूह में डाल कर चाटने लगा. उसके बाद मैने ढेर सारा थूक लिया, और सलमा आपी की गांद के च्छेद पे लगाया, और इस बार मैने अपनी दो उंगली आपी की गांद में घुसा दी.

वो थोड़ी हिली, लेकिन फिर सो गयी वैसे ही. मैं दो उंगलियों को हल्के से अंदर-बाहर करने लगा. अब मुझसे और रहा नही गया. थोड़ी देर उंगलियों को अंदर-बाहर करने के बाद मैने उंगलिया बाहर निकली, और तोड़ा थूक सलमा आपी की गांद के च्छेद पे लगाया, और अपने लंड का चिपचिपा पानी अपने लंड के टोपे पे फैला दिया.

फिर मैने अपने लंड को अपनी आपी की गांद के च्छेद पे रखा, और हल्का सा धक्का मारा. लेकिन लंड अंदर नही गया. फिर मैने और ज़ोर से धक्का मारा, तो लंड का टोपा आपी की गांद में घुस गया. आपी मचल गयी, और उनके मूह से आहह की आवाज़ आई, लेकिन वो उठी नही. मैं समझ गया था की वो जागी थी, इसलिए मेरी हिम्मत बढ़ गयी.

फिर मैने एक और धक्का मारा, तो मेरा आधा लंड आपी की गांद में घुस गया. लेकिन एक बात तो थी, की आपी की गांद में दूं था. लंड का वॉर उन्होने आराम से सहन कर लिया था.

फिर मैं अपने लंड को धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा. और थोड़ी ही देर में मेरा लंड सलमा आपी की गांद के प्यारे से च्छेद को एक गुफा के रूप में बदल रहा था.

अब उनकी गांद आराम से मेरा पूरा लंड अपने अंदर समेत ले रही थी. मैं मज़े से आपी की गांद को छोड़ रहा था. उनका शरीर हिल रहा था. मैं भी हिल रहा था.

बस दर्र था मॅन में की मेरे बगल में मेरी आपी सोई थी. कही वो ना उठ जाए, और देख ले की कंबल के अंदर क्या चल रहा था. शायद इसीलिए सलमा आपी भी खुद को कंट्रोल की हुई थी. लेकिन मज़ा तो उनकी भी आ रहा था.

मुझे उनको छोड़ते हुए लगभग 10 मिनिट हो गये थे. अब मैं झड़ने वाला था. मैने अपनी स्पीड थोड़ी बढ़ा दी, और एक ज़ोरदार धक्का मारा सलमा आपी की गांद के होल में. मैने सारा माल उनकी गांद में भर दिया, और थोड़ी देर में अपना लंड उनकी गांद में ही रहने दिया.

फिर मेरा लंड अपने आप ढीला पड़ने लगा, तो अपने आप बाहर निकल गया और मेरा माल सलमा आपी की गांद से बाहर आने लगा. मैने तुरंत सलमा आपी की सलवार उपर कर दी. लेकिन उनका नाडा खुला ही रहने दिया, और अपना लंड अपनी पंत में डाल के उनको पीछे से पकड़ करके सो गया.

तो कैसी लगी मेरी कहानी प्लीज़ कॉमेंट्स में अपनी फीलिंग बताए दोस्तों. बाकी आयेज की कहानी नेक्स्ट पार्ट में.

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