बहन-भाई की चुदाई के सच की कहानी

अभी तो दी की चुदाई शुरू ही हुई है. जाने ये चुदाई जेया कर किस मोड़ पे रुकेगी, और हमारी ज़िंदगी में कैसा मोड़ लाएगी. शुरू में स्लोली, मैं अपने लंड को आधा ही बाहर और अंदर करने लगा. और हर धक्के के साथ दी की आ निकल जाती.

दी के चेहरे पे सेक्स की मस्त फीलिंग दिख रही थी. अब ये दी की आक्टिंग थी अपनी मजबूरी च्छुपाने की, या फिर वो सच में सेक्स को एंजाय कर रही थी, ये तो दी ही जाने. पर जैसे दी अपनी गांद उठा कर मेरे लंड के धक्को के साथ अपनी ट्यूनिंग कर रही थी, वैसे तो वो मज़े में ही लग रही थी.

मेरी कमर को पकड़ते हुए जब लंड छूट के अंदर की तरफ जाने को होता, तब वो मेरी कमर को अंदर की और दबाती, जिससे मेरा लंड उसकी बच्चे-दानी तक पहुँचे, और उसके छूने पे उसको और मस्त फीलिंग आए.

दी अपने होंठ भींच के मेरी फक्किंग को एंजाय कर रही थी. ये इस सब से मैं आचे से कह सकता हू. दी को यकीन हो गया था, की उसको आज उसके भाई से जब चूड़ना ही था, तो क्यूँ ना सही तरीके से छुड़ा जाए.

आज दी को देख कर मुझे बचपन में पढ़ी हुई ग्रॅविटी की बात याद आ गयी. की ग्रॅविटी इस वर्ल्ड की एक सबसे बड़ी सकचाई है. आप ज़मीन पे खड़े रह कर, हवा में कुछ भी उछालो, फिर वो लोहे का टुकड़ा हो, काग़ज़ का प्लैइन, गोल्ड की रिंग, या डाइमंड, वो लास्ट में तो आता नीचे ज़मीन पर ही है.

अब वो चीज़ चाहे औरत फेंके, मर्द फेंके, कोई बुद्धा या बच्चा, वो नीचे ही आ कर रुकेगी. सेक्स भी बिल्कुल इस ग्रॅविटी की तरह सच है. अब वो एंजाय के तौर पर किया जाए, या मजबूरी में, दोनो लोग एंजाय तो करते ही है. मज़ा तो दोनो को ही आता है. फराक सिर्फ़ इतना है की कुछ लोगों के चेहरे पे वो दिखता है, और कुछ लोग उसको च्छूपा लेते है. और च्छुपाने में एक्सपर्ट ज़्यादातर गर्ल्स ही होती है इन मामलो में.

तो, यहा पे दी ने कुछ च्छुपाया नही, और वो खुल कर एंजाय कर रही थी. दी तो मस्त हो कर फुल एंजाय कर रही थी. पर मेरा ध्यान दी की चुदाई के साथ क्लॉक पे भी था. अक्सर लोग मनचाही छूट मिलने पर सब कुछ भूल कर उस छूट की सेवा में लग जाते है.

पर मेरा ये प्लान टाइम मॅनेज्मेंट के उपर ही बना था. और मैं तो कहता हू, यही नही, कोई भी ऐसा प्लान आप बनाते हो, अपनी घर की औरत जैसे दी, भाभी, साली या फिर मों एट्सेटरा, को अपने लंड के नीचे लाने के लिए, तो उसमे टाइम मॅनेज्मेंट बेहद ज़रूरी है.

एक बार टाइम मिक्स और सही प्लान के साथ आपने उनकी छूट मार ली, और वीडियो बना ली. तो फिर आचे चान्स है की आप फ्यूचर में उनकी छूट फिरसे और आराम से ले सकोगे.

तो इसी वजह से मुझे अपनी इस शॉर्ट फिल्म की हेरोयिन को आचे से शूट करना था. फिर मैने दी को मिशनरी पोज़िशन (रुटीन पोज़िशन, दी लेती हुई और मैं उपर से डाल रहा हू) से चेंज करके दी को खड़ा किया.

दी: क्या हुआ?

मे: पोज़िशन चेंज करते है. चलो डॉगी स्टाइल में करते है.

ये सुन कर दी के चेहरे पे हल्की सी मुस्कान आ गयी. मानो जैसे मैने उसके मॅन की बात कर दी हो. दी ने अपना मोबाइल टेबल से उठा कर तकिये के नीचे डाल दिया. और घोड़ी/कुटिया की पोज़िशन में आ गयी.

मैने उसके पीछे आ कर अपने लंड को पीछे सेट किया, और उसकी प्यारी गुलाबी छूट में पेल दिया.

इस पोज़िशन में सच में मज़ा आता है. और इसी पोज़िशन में दी को छोड़ने लगा.

कुछ देर बाद दी ने अपना मोबाइल तकिये के नीचे से निकाल कर, उसकी चुदाई को फ्रंट कॅमरा से रेकॉर्ड करने लगी. पहले उसने अपने आप का फेस, फिर हमारी चुदाई को, और फिर मेरे फेस को ज़ूम करते हुए वीडियो रेकॉर्डिंग की. दी ने छ्होटी सी क्लिप रेकॉर्ड करके मोबाइल को वापस रख दिया.

मे: दी, ये वीडियो क्यू बनाया? किसी ने देख लिया तो?

दी: कोई नही देखेगा. मैं इसको हाइड करके अपनी पर्सनल पेन ड्राइव में रख लूँगी. और जब तेरी याद आएगी, इसको देख लूँगी, टाय्लेट में बैठ कर. हर रोज़ थोड़ी ना भाई का लंड लेने को मिलेगा.

मे: ह्म, पर जब याद आए तब तुम मुझे बुला लेना. मैं आ जौंगा तुम्हारी छूट की सेवा करने.

दी: ह्म. (और दी कुछ देर चुप हो गयी)

आक्च्युयली दी को इस डॉगी में छोड़ने का एक रीज़न यही था की दी हमारी वीडियो बना कर किडनॅपर को (यानी मुझे) प्रूफ के तौर पे भेज सके. और दूसरा रीज़न यही था, की डॉगी स्टाइल में ज़्यादातर लड़कों का जल्दी निकल जाता है, पर मोस्ट्ली लड़कियों को इस स्टाइल में चूड़ना पसंद भी होता है.

जिन लड़कों का जल्दी निकल जाता है, वो लड़कियों को अपने लंड के उपर बिता कर छोड़ते है, या फिर वो रुटीन मिशनरी पोज़िशन में. पर डॉगी स्टाइल में छूट की पोज़िशन इस तरह से बनती है, की वो अंदर आते हुए लंड को जाकड़ सी लेती है, और जिससे लंड का पानी दूसरी पोज़िशन्स के हिसाब से जल्दी निकल जाता है.

तो इस पोज़िशन में इसलिए दी को छोड़ा, की अगर जीजू का भी इस पोज़िशन में जल्दी निकल आता हो, तो मेरी इस पोज़िशन में चुदाई को फील करके, वो मुझसे फ्यूचर में भी सामने से आ कर चुड़े.

और तीसरा रीज़न ये है, और जो मैं रीज़न है, की मैं दी को मुझसे चूड़ने का रीज़न पूछने वाला था.

पहली वाली पोज़िशन में दी और मैं फेस तो फेस होते तो वो शायद बता नही पाती. या फिर उसके चेहरे को देख कर मुझे पता चलता की दी ये बनी बनाई स्टोरी बता रही थी. पर इस पोज़िशन में ऐसी कोई भी उसको चिंता नही थी. तो मैने दी को उसकी कमर से पकड़ कर उसकी दिशा को ऐसे चेंज किया, की उसका चेहरा मेरे बेड की दीवार के उपर लगी नेचर की पैंटिंग के उपर पड़े.

उसके पीछे मैने मेरा दूसरा कॅमरा सेट किया था. अब बस दी से उसकी कहानी सुन्नी थी, और रेकॉर्ड करनी थी, और इस खेल को जल्दी से ख़तम करना था.

मे: दी, अब तो बता दो, की ऐसा क्या रीज़न है, की तुम्हे मेरे लंड को अपनी छूट में सामना पड़ा?

दी: बात दरअसल यू है भाई की, कायरा को हुए काई साल हुए है, और मेरे ससुराल वालो को एक वारिस यानी लड़का चाहिए. पर काई बार ट्राइ करने पे भी नही हुआ. और मुझे लगता है की मेरे पति में ही खोट है, अया.

मे (मैने अब दी की छूट में अपने लंड के धक्को की स्पीड को स्लो किया): पर दी, तुम्हे ऑलरेडी एक बेटी है ना जीजू से, फिर ये कैसे?

दी: आक्च्युयली भाई, ये एक सीक्रेट है, जो मेरे साइवा किसी को नही पता है. मुझे दर्र लगता है की तेरे साथ शेर करू या नही.

मे: एक औरत की सबसे कीमती चीज़ जो होती है, वो तो तुमने अभी मेरे साथ शेर की हुई है. तो अब ये सीक्रेट से क्यूँ घबरा रही हो? ट्रस्ट मे, ये मेरे पास सेफ रहेगा. (और मैने पूरा लंड निकाल के उसकी छूट में एक ज़ोर से झटका मारा)

दी: ठीक है भाई. बात यू है की फॉरिन में तेरे जीजू को कुछ लॉस हुआ था. तो उनके दोस्त थे फॉरिन के उसने उनकी हेल्प की थी. जीजू को लगा की उसने फ्रेंडशिप में हेल्प की थी. पर हक़ीक़त में उसकी नज़र मेरे उपर थी. जब वो घर पे आता तो मुझे पहने हुए कपड़ो में अपनी आँखों से छोड़ता, ऐसा लगता था.

दी: जब तेरे जीजू को लॉस हुआ, तो जीजू ने उसको डिन्नर पे बुलाया, और अपनी प्राब्लम शेर की. उसने हेल्प करने का वादा किया, और मेरी तरफ देखा. दूसरे दिन जब मैं अकेली थी, तो वो आया, और मुझे ऑफर किया की वो मुझसे सेक्स के बदले उनकी हेल्प करेगा.

दी: मैं चाहती तो उसको बेइज़्ज़त करके निकाल देती. पर मुझे हमारी सिचुयेशन का पता था. इसलिए मैने उसको घर से निकालने के बजाए, अपने कपड़े निकालना सही समझा.

मे: क्या, तुम एक पराए आदमी से चुड गयी?

दी: तो और क्या करती? हमारी फाइनान्षियल कंडीशन खराब थी, और फॉरिन में कितनी प्राब्लम रहती है, ये तुम्हे क्या ही पता?

मे: ओक. पर तुम्हे यकीन है की कायरा उसकी बेटी है, जीजू की नही?

दी: वो अक्सर मुझे कॉंडम पहन के ही छोड़ता था. पर कुछ बार उसने मेरी छूट के आचे मज़े के लिए, और बिना कॉंडम के छोड़ा था. उसी टाइम पे तेरे जीजू भी मुझे छोड़ते थे, और उसी टाइम मैं प्रेग्नेंट हो गयी. और मैने मान लिया की ये तुम्हारे जीजू का ही है.

दी: पर अब इतने सालों बाद जब फिरसे उसी पोज़िशन पे आ खड़ी हू, तब डाउट होता है की तेरे जीजू मुझे बचा नही दे सकते. पर उनके घर वाले तेरे जीजू का टेस्ट करवाने को तैयार ही नही. उनका कहना है की पहली बेटी तो उनके बेटे ने दी तो थी. और वो मेरा दोष निकाल रहे है.

दी: तो फिर मैने भी पुरानी वाली तरकीब आज़माने का सोचा. अगर फॉरिन में होती, तो शायद उसी आदमी से फिर छुड़वा लेती. पर यहा इंडिया में मुझे कोई अपना चाहिए था, जो मेरी हेल्प करे और इसको सीक्रेट भी रखे. और इन सब वजह से मैने तेरी पसंडगी करी.

दी: भले ही भाई हो, पर हो तो एक मर्द ही. तुम्हारे पानी से मैं मों बन सकती हू. आज हॉस्पिटल में चेकप करवाया तो डॉक्टर ने बताया, की आज सही वक़्त है चान्स लेने का. और इसलिए मैं हॉस्पिटल से सीधा तेरे जीजू के बदले तेरे पास आई हू.

दी: तो अब बोल, बनाएगा मुझे अपने बचे की मों? या फिर मुझे उसके लिए कोई और लंड अंदर लेना होगा?

मे: नही दी. (दी ने अपनी स्टोरी एक ही साँस में कह दी. अब ये स्टोरी रियल है या मंघाड़ंत, ये तो उपर वाला ही जाने. पर मेरे लिए ये काफ़ी था, की उसकी स्टोरी ओं कॅमरा रेकॉर्ड हो चुकी होगी.) मैं तुम्हे फिरसे मा बनने में पूरी हेल्प करूँगा. जब चाहो, जहा चाहो, मैं तुम्हे छोड़ने को और तेरी छूट को अपना पानी पिलाने को रेडी हू.

दी: ठंक्ष भाई. तो अब जल्दी से मेरी छूट को अपने रस्स से भर दे.

मे: ओक दी.

मैं भी अब झड़ने वाला था, तो पूरा रस्स उसकी छूट में निकाल दिया. और हम दोनो बेड पे गिर पड़े.

इस तराहा आज की दी की चुदाई को मैने इस तरह अंजाम दिया. नेक्स्ट स्टोरी में बतौँगा की दी की चुदाई के बाद की सिचुयेशन को किस तरह से हॅंडल किया, जिससे उसको कोई शक़ ना हो.

सो, फ्रेंड्स ये पार्ट कैसा लगा कॉमेंट्स में ज़रूर बताईएएगा.

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