बाल्कनी में देवर भाभी की चुदाई स्टोरी

दोपहर की चुदाई के बाद हम दोनो एक साथ लेट कर कड्ड्ल करते हुए बातें कर रहे थे. तब भाभी ने कहा-

भाभी: यार बहुत सालों बाद मैने अपने अंदर किसी का गरम माल महसूस किया है.

मैं: तुमको तो मैं पहले ही कह रहा था बिना कॉंडम के ही करते है. पर तुम मेरी बात ही नही मानती.

भाभी: यार आज के बाद नही डरँगी मैं. जो होगा देख लेंगे. पर चुदाई तो बिना कॉंडम के ही करेंगे.

थोड़ी देर भाभी के साथ कड्ड्ल करने के बाद मैं उठ कर वॉशरूम जेया रहा था. तब भाभी ने मेरी पीठ पर अपने खरॉच के निशान देखे. वो मेरे पीछे वॉशरूम में आ गयी और मुझे पीछे से हग करके मेरी पीठ पर चूमने लगी. फिर वो बोली-

भाभी: यार तुमने मुझे रोका क्यूँ नही, मेरे नाख़ून इतने लग रहे थे तो?

मैं: अर्रे औरत को इस तरह झाड़ते देख के हर आदमी अपना दर्द भूल जाता है. तुम टेन्षन मत लो, ये तो मेरे लिए गर्व की बात है की मैं तुमको इतना सुख दे पाया.

भाभी भी अब वॉशरूम में फ्रेश उप हो गयी, और उसने अपनी छूट भी सॉफ कर ली. फिर बाहर आके हम दोनो ने अपने कपड़े पहने, और भाभी तोड़ा काम करने लगी. मैं भी थोड़ी देर नीचे वॉक करने चला गया. फिर बाहर जेया कर मैने सिगरेट का एक बॉक्स लिया, और 2 सिग्गेरते फूक के घर आ गया.

भाभी को मेरे मूह से सिगरेट की स्मेल आई, तो वो पहले तो मुझे गुस्से से देख कर डाँटने लगी. फिर मैने उसको समझाया मैं रोज़ नही करता हू, बस कभी किसी दिन ज़्यादा तक जाता हू तो 1-2 फूक लेता हू. कुछ देर बाद वो समझ गयी, और मेरी बात का भरोसा कर लिया.

फिर हम दोनो बाल्कनी में जेया कर बैठ गये, और छाई पी रहे थे. हमारा छाई पी कर हो गया, तब मैं कप्स किचन में रखने गया. वापस आ कर मैने देखा तो भाभी ने एक सिगरेट जला ली थी, और वो काश लगा कर खाँसने लगी. मैने जल्दी से उसको पानी ला कर दिया, और उसकी पीठ ठप-तपाने लगा. फिर मैने उसको गुस्से से देखते हुआ कहा-

मैं: यार तुम नही करती हो ये सब, तो क्यूँ किया तुमने ऐसा?

भाभी बोली: मुझे तो सिर्फ़ ट्राइ करना था. मैं भी तो तक गयी हू ना.

मैने हेस्ट हुए उसको नज़दीक खींचा, और एक किस किया लिप्स पे उसके.

भाभी: ओये, यहा नही, करना चाहता है तो अंदर चल.

मैं: नही, आज तो मैं यही तुम्हारा पूरा बदन चूमना चाहता हू.

भाभी: नही यार, यहा कोई देख लेगा. चलो अंदर चुप-छाप.

ये बोल कर वो अंदर जाने लगी. मैने पीछे से उसका हाथ पकड़ा, और उसको मेरी तरफ खींचा. फिर मैं बाल्कनी में नीचे बैठ गया, और उसको मेरी गोदी में बिता लिया.

मैं: अब तो कोई नही देख पाएगा ना?

फिर मैं उसको किस करने लगा, और एक हाथ से उसके बब्ले दबाने लगा, और एक हाथ से उसकी गांद मसालने लगा. वो भी अब मूड में आ गयी थी. उसने मेरी त-शर्ट उतार कर अंदर बेडरूम में फेंक दी. मैं भी उसकी नाइट गाउन उपर उठा कर उतारने लगा.

मैने उसकी नाइट गाउन उतार दी, और वही मेरे बगल में रख दिया. भाभी ने गाउन के अंदर कुछ नही पहना था. वो अब पूरी नंगी मेरी गोदी में बैठी हुई थी. मैं उसको कस्स के पकड़ कर उसके बब्ले चूस रहा था, और वो अपनी गांद मेरे लंड पे रग़ाद रही थी.

फिर भाभी ने मेरे बगल से उसकी गाउन उठा कर मेरे पैरों के बीच में बिछा दी, और वाहा बैठ कर मेरी शॉर्ट्स और अंडरवेर उतारने लगी. अब मैं बाल्कनी की दीवार पे टेक लेकर पूरा नंगा बैठा था ज़मीन पर. और भाभी मेरे पैरों के बीच में पूरी नंगी बैठ कर मेरे लंड को चूम रही थी.

मैने अब भाभी के बाल कस्स के पकड़े, और वही पर उसका मूह छोड़ना शुरू कर दिया. कुछ देर बाद जब मैने उसको छ्चोढा, तो उसका मूह और मेरा लंड दोनो उसकी थूक से लत-पाठ थे. मैने उसको बालों से पकड़ कर अपनी तरफ खींच कर उसको स्मूच किया, और फिर उसको मेरे खड़े लंड पे बैठने को कहा.

उसने अपनी छूट को मेरे लंड से 2-3 बार सहलाया, और मेरे लंड पे बैठ गयी. फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड भाभी के अंदर घुस गया. उसने मुझे कासके बालों से पकड़ लिया, और फिरसे मुझे स्मूच करने लगी.

अब मैं भाभी को वही बाल्कनी में अपने लंड पे उछाल रहा था. हमे आस-पास की आवाज़े सुनाई दे रही थी, पर फिर भी हम अपनी चुदाई में खो गये थे. फिर 10 मिनिट्स बाद ही मैं झड़ने वाला था, तो मैने उसको नीचे लिटाया, और उसके चेहरे पर झाड़ गया.

भाभी ने पहली बार अपने चेहरे पर किसी आदमी का माल महसूस किया था. वो मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखने लगी.

भाभी: ये क्या था? मेरे चेहरे पर क्यूँ झाड़ गये?

मैं: यार तुम कितनी प्यारी दिखती हो मेरे माल से ढाकी हुई.

भाभी: चलो हट्तो अब मैं मूह धो कर आती हू.

मैने मेरी उंगलियों से उसका चेहरा सॉफ किया, और उसको कहा मेरी उंगलियाँ चाटने. पहले तो वो माना कर रही थी. फिर मैने उसको एमोशनल ब्लॅकमेल किया “मेरा आखरी दिन है, इतना नही करोगी मेरे लिए?”.

फिर भाभी ने मेरी उंगलियों को चूस्टे हुए मेरा सारा मलाई निगल लिया. उसके बाद मैने उसको एक किस दिया, और उसकी गांद पर एक थप्पड़ मार के कहा-

मैं: गंदी साली. कुछ दिन पहले तक मैं सोच भी नही सकता था तुम ऐसे गंदे काम कर सकती हो.

भाभी ने मुझे धक्का देकर लिटा दिया, और मेरे उपर चढ़ गयी.

भाभी: अछा बेटा, अब अपनी प्यारी भाभी को गाली भी देने लगे तुम? (फिर उसने ज़ोर से मेरे लिप्स काटे) और ये सब तुम्हारी करामात है, तुमने ही मुझे ये सारी गंदी बातें सिखाई है.

शाम को जब भैया घर आए तो उन्होने ने बताया की आज रात को भी उनको काम पे जाना पड़ेगा नाइट शिफ्ट के लिए. ये सुन कर मैं और भाभी मॅन ही मॅन में खुश हो गये थे.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.

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