बाप ने तोड़ी अपनी दोनो बेटियों की सील

बाप बेटी की इस चुदाई में मैं बतौँगी के कैसे पापा ने मुझे छोड़ा.

मैं अभी 20 की थी और मेरे पापा 46 के थे, और मेरी छ्होटी बहें ज़ूनी 19 की थी, जब पापा ने हम दोनो बहनो को छोड़ा

मेरी मों जिनकी उमर करीब 40 थी, वो जल्दी प्रेग्नेंट हो चुकी थी. पापा घर के करीब ही अपने ऑफीस में काम करते थे. जब मुम्मा प्रेग्नेंट हुई तो बड़ी बुआ जिनकी उमर ऑलमोस्ट 50 के अराउंड थी, वो मदद के लिए घर आई थी.

एक दिन मैं और ज़ूनी दोनो कॉलेज से आई तो मैने आवाज़ सुनी, “राहुल तेरा लंड ही है, जो मुझे जवान रखे हुए है मेरे भाई. बस तू छोड़े जाना मुझे. मैने जब गौर किया तो आवाज़ ड्रॉयिंग रूम से आ रही थी. फिर मैने जब अंदर झाँक कर देखा, तो मैं हैरान रह गयी की पापा अपनी सग़ी बहें को छोड़ रहे थे. वो भी बड़ी बहें. और वो भी मज़े में अपनी चुदाई करवा रही थी डॉगी स्टाइल में.

फिर पापा ने अपना लंड बुआ की छूट से बाहर निकाला, तो मैं देख कर हैरान रह गयी, की इतना बड़ा लंड बुआ ले कैसे रही थी. फिर पापा ने बुआ को सीधा लिटा कर चुदाई शुरू कर दी. उधर मेरी छ्होटी बहें ज़ूनी भी आ गयी, और वो भी देखने लग गयी.

हम दोनो हैरान थे. फिर मैने ज़ूनी को जाने को कहा, और मैं कार्यक्रम देखने लग गयी. पापा बोल रहे थे की जब भी मेरी मों प्रेग्नेंट होती थी, उनकी मौज लग जाती थी. क्यूंकी बुआ आ जाती थी अपने भाई की प्यास बुझाने को.

बुआ बोली: मुझे भी तेरे लंड का नशा सा हो गया है. भाई बस तू ज़ोर-ज़ोर से छोड़ अपनी बहें को. अब तेरी दो बेटियाँ भी जवान हो रही है, और उन्हे भी तलब होती होगी. मैं कुछ दिन के लिए बाहर जौंगी, तू ना अपनी बड़ी बेटी पिंकी को किसी तरह इस्तेमाल कर ले.

पापा बोले: वो अभी इतना बड़ा नही ले पाएगी.

बुआ बोली: देख राहुल आज कल की लड़कियाँ बड़ा-बड़ा लंड एक ही झटके में ले लेती है. पिंकी अब जवानी की कगार पर है. तू देख ले, कोई बाहर का मर्द ना छोड़ दे तेरी प्यारी बेटी को.

फिर पापा बुआ के माममे चूसने लग गये, और बोले: ठीक है, आज मैं पिंकी के कमरे में सोक देखता हू.

फिर पापा ने झटके तेज़ कर दिए, और बुआ हल्की-हल्की सिसकारियाँ लेने लग गयी.

मैं भी गीली हो चुकी थी. तो मैं वाहा से निकल आई, और अपने पापा के बारे में ग़लत-ग़लत सोचने लगी. फिर मैं रात का इंतेज़ार करने लगी.

तभी रात को पापा हमारे कमरे में आए, और मेरी चारपाई पर आ कर लेट गये. मैं निक्कर में थी, और पापा ने ट्राउज़र पहना था.

आते ही उन्होने मुझे कमर से पकड़ लिया. उनकी हाइट मुझसे ज़्यादा थी. वो 6 फीट के थे, और मैं 5 फीट की. मैं उनके सामने छ्होटी सी थी.

उन्होने मेरी निक्कर नीचे की, और मेरी प्यारी सी पिंक छूट पर हाथ फेरने लग गये. मैं एक साइड पर लेती थी, और नाटक कर रही थी. उनकी एक उंगली ही मेरे लिए काफ़ी थी. पापा 5 मिनिट मेरी गांद पर हाथ फेरते रहे, और फिर मेरी छाती पर आ गये. पर मेरे माममे अभी छ्होटे थे.

उन्होने कमीज़ उपर ही रहने दी, और मेरी छ्होटी बहें ज़ूनी की तरफ चल दिए. उसके साथ भी उन्होने यही कुछ किया. फिर वो वापस मेरी तरफ आ गये, और कमरे को लॉक लगा दिया. उसके बाद पापा ने लाइट ओं की, और हम दोनो को नंगी देख कर फिर लाइट बंद कर दी की किस बेटी को पहले छोड़ा जाए.

फिर पापा ने तेल लिया, और अपने 8 इंच लंबे लंड पर लगाया. वो मेरी तरफ बढ़ने लगे. मैं दर्र चुकी थी की ये लंड कही मेरी फाड़ ना दे. फिर पापा ने मेरी गांद के सुराख पर थूक लगाई. मैं तोड़ा सा हिली, पर पापा ने मुझे पेट के बाल कर दिया, और मेरी छूट पर भी थूक लगते हुए मेरे मूह पर हाथ रख दिया.

फिर उन्होने अपना मोटा लंड पीछे से मेरी छूट में डाला. मैं दर्द से चिल्ला उठी, लेकिन पापा का हाथ ने मेरी चीख बाहर नही निकालने दी. पापा ने एक ही झटके में आधा लंड मेरी छूट में डाल दिया था. मैं हिलने लगी, पर पापा का वेट भी ज़्यादा था, और लंड भी लंबा. मैं तोड़ा सा भी ना हिल सकी.

पापा ने कहा: मेरी पिंकी, 2 मिनिट तक तुम्हे मज़ा आने लगेगा. बस तोड़ा सा टाइम.

तभी मैं बोली: पापा दर्द बहुत है, ये क्या कर रहे हो?

पापा ने मेरे गाल चूमे, और बोले: ये ही चरमसुख है मेरी बेटी. क्या होवा तू 19 की है, पर तलब तुझे भी होती होगी.

ये सब ज़ूनी देख रही थी. उसने भी अपनी कमसिन गांद हमारी तरफ कर दी. तभी पापा ने लंड बाहर निकाला और बोले-

पापा: बेटी अब तेरी सील टूट गयी है.

और उन्होने खून सॉफ किया. फिर पापा ने लंड मेरी छूट में डाला, और आयेज-पीछे करने लग गये. शुरू-शुरू में दर्द हुई, पर बाद में मज़ा आने लग गया.

फिर मैने पापा को कहना शुरू कर दिया: पापा और अंदर तक डालो ना.

पापा ने लंड बाहर निकाला, और पूरा लंड एक ही झटके में जड़ तक मेरी छूट में डाल दिया, और उपर-नीचे होने लग गये. तभी पापा ने मुझे सीधा लिटाया, और अपना लंड मेरी छूट में ज़ोर-ज़ोर से डालने लग गये. मैं पापा की छ्चाटी से टकरा रही थी.

मैने भी अपने हाथ पापा की गर्दन में डाल लिए, और पापा पूरा लंड बाहर निकालते और फिर अंदर डालते. मुझे मज़ा आने लग गया.

तभी पापा बोले: अब ज़ूनी को तोड़ा रेडी कर लू पिंकी बेटा.

मैने कहा: पहले मेरी प्यास बुझा लो.

तभी मेरा पानी निकल गया और पापा ने कहा: तुम नंगी ही लेती रहो.

और वो ज़ूनी को खींच कर मेरे बेड पर ले आए. उधर भी पापा ने कोई रहम नही दिखाया, और लंड को पेलते गये. दर्द तू उसको भी हुआ, पर मुझसे भी ज़्यादा. जब 10 मिनिट तक पापा ने ज़ूनी के पीछे से चुदाई की, तो फिर मेरी तरफ आ गये और बोले-

पापा: बेटा ये किसी को मत बताना. अपनी मा को भी नही.

फिर पापा ने लंड निकाल कर मेरी छूट में डाल दिया, और ज़ोरदार चुदाई करने लग गये मुझे उठा के. मुझे चुदाई का मज़ा आने लग गया. फिर पापा ने ज़ूनी को भी उठा के छोड़ा, और पूरा लंड ज़ूनी की बिना बालों वाली फुददी में डाल दिया. वो उसकी ज़बरदस्त चुदाई करते रहे.

फिर पापा ने हम दोनो बहनो को घुटनो पर आने का कहा. उसके बाद उन्होने कुछ देर दोनो बहनो से चूपए लगवाए, और फिर कम निकाल कर हमारे साथ ही लेट गये. फिर एक दिन बुआ के साथ हम दोनो बहनो को छोड़ा, और बुआ ने लंड लेने की बहुत सी पोज़िशन बताई.

उन पोज़िशन्स को हम आज भी पापा पर अप्लाइ करते है. मेरी फॅवुरेट पोज़िशन प्रोन बोने है. इससे जड़ तक लंड अंदर जाता है. जब की मेरी छ्होटी बेहन ज़ूनी मिशनरी पोज़िशन को पसंद करती है

तू दोस्तों ये थी मेरी फॅमिली की गंदी कहानी.

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