बाप ने ई-फोन के बदले बेटी से माँगी गांद

हेलो फ्रेंड्स, पिछले पार्ट्स में आपने पढ़ा की किस तरह पापा ने मेरी सील तोड़ी, और मुझे जाम कर छोड़ा, और हमने खूब एंजाय किया. अगर आप नये है, तो ई रिक्वेस्ट योउ की आप इस सीरीस को 1स्ट्रीट पार्ट से रेड कीजिए. तो आपको और भी मज़ा आएगा. और आप इस कहानी को आचे से रिलेट कर पाएँगे.

पापा और मैं यूनिवर्सिटी पहुँच गये. वो बंद होनेवाली थी. पर हमने जल्दी से अंदर जेया कर कुछ पिक्स लिए, कुछ नॉर्मल सी इंक्वाइरी की, और वापस आ गये. फिर पापा मुझे आचे से होटेल में ले गये जहा हमने खाना खाया.

होटेल में खाना खाते वक़्त भी पापा मेरे पैरों को अपना पैर लगते, और मेरी थाइस पे हाथ फेर देते. ऐसे हमारा रोमॅन्स भी साथ में चल रहा था. पापा को मैने वो टॅबलेट का याद दिलाया, तो पापा ने बोला-

पापा: बेटा, उसकी वेलिडिटी तो 72 अवर्स की होती है ना, और अभी तो 24 भी पुर नही हुए?

मे: तो क्या आप 3 दिन तक मेरी लेने की फिराक़ में हो?

पापा (हेस्ट हुए): अगर तुम देती हो, तो क्यूँ नही.

मे: पापा, आपका ऑफीस भी है, और मेरा कॉलेज भी है. और आपको तो पता है की मों कितनी डाउटफुल है. उसको हमेशा मुझ पर शक़ रहता है की मैं किसी लड़के से बात करती हू. उसको जब कभी अपना पता चला तो क्या होगा, वो सोचते ही मुझे दर्र लगता है.

पापा: बेटा, उसे पता नही चलेगा. हम पूरी सावधानी रखेंगे.

मे: वो तो रखनी पड़ेगी, और यहा के जैसे मुझे घर पे प्लीज़ यहा-वाहा हाथ मत लगाना मों की प्रेज़ेन्स में.

पापा: अर्रे यार, तुम डरती बहुत हो. कुछ नही होगा. और अगर उसे पता चल भी गया तो क्या करेगी? घर की बात घर में ही रखेगी ना? और अगर रूठ के कुछ दिन माइके चली गयी तो फिर अपनी तो ऐश ही है.

मे: पापा, ऐसा नही है. मों को इसका पता नही चलना चाहिए, किसी भी कीमत पर.

पापा: तू डरती बहुत है. लगता है तेरा दर्र निकालने के लिए तेरी मों के सामने ही तुझे छोड़ना पड़ेगा.

मे (हेस्ट हुए): सपने में.

पापा: फिलहाल तो नही, पर तुम देख लेना. एक ना एक दिन मैं तेरी मों के सामने तुझे छोड़ूँगा. और वो माना भी नही कर पाएगी.

मे: हाहाहा, देखते है.

फिर हम खाना खा कर वाहा से निकले. पापा ने मेडिकल से अनवॉंटेड 72 वाली टॅबलेट ली, और हम आयेज निकले. मैने हमारा यूनिवर्सिटी वाला फोटो स्टेटस में डाल दिया, जिससे मों को पता चले की हम यहा पे थे. सब फ्रेंड्स को बोला की सर्टिफिकेट में मेरे नामे में कुछ इश्यू था, उसे करेक्ट करने के लिए मैं उनी आई हुई थी.

पर शायद सीमा को अंदाज़ा था की मैं यहा क्यूँ आई थी. इसलिए उसने मुझे मेरे पापा के साथ वाली फोटो पे रिप्लाइ दिया की, “आचे से घूमना यूनिवर्सिटी, और मज़े लेना उसके”. फिर आँख मारती हुई स्मीली भेजी. पर मैने उसे इग्नोर किया.

उसके बाद हम होटेल के लिए निकले बिके पे. रास्ते में पापा ने एक मोबाइल शॉप पे बिके को रोका. हम जब नीचे उतरे तो मैं एग्ज़ाइटेड हो गयी.

मे: पापा, सच में अभी न्यू फोन लेना है क्या?

पापा (मेरी छूट की और देख के नज़र फेंकते हुए): तू सब कुछ बिना देखे पहली बार में ही ले लेती है क्या?

मे (मुझे तोड़ा बुरा लगा, पर पापा से अभी अपना गिफ्ट लेना था, और उन्हे नाराज़ नही करना चाहती थी. सो मैने कुछ रिक्ट नही किया. उनके पास जेया कर उनको हग करते हुए, उनके लंड को अपने हाथ से तोड़ा मसल दिया और बोली): हा, अगर कोई चीज़ पहली बारी में ही पसंद आ जाए तो ज़रूर ले लेती हू. अब चले अंदर?

मेरे उनको लंड को अचानक ऐसे मसालने से उस टाइम पे जैसे उनके गोते मूह में आ गये थे. वो अपने लंड को च्छूप कर सहलाने लगे. अब शायद वो नेक्स्ट टाइम ऐसा कामेंटिंग करने से पहले इसे याद रखेंगे. हम जब शॉप के अंदर गये, तो बहुत से नये से फोन थे.

शॉप वाले ने मुझे लेटेस्ट 3 से 5 मॉडेल दिखाए, जिनकी रंगे अराउंड 15क तो 20क तक की थी. जब आपको पता है की पापा किस रंगे में दिलाएँगे तो मैने उसी रंगे में ही सेलेक्षन रखा.

हा, अगर आपका अमीर ब्फ होता, या पापा की जगह कोई राईस अंकल होते, जिनको आपने अपनी छूट दे रखी हो, तो इस सिचुयेशन में आप 35क-40क वाला महँगा फोन, या फिर ई-फोन की उम्मीद रख सकते हो. पर मुझे मेरे पापा का पता था.

मैं फोन में कॅमरा के रिज़ल्ट्स को मॅच कर रही थी की किसका अछा था (ई नो की ई-फोन के कॅमरा की तो बात ही अलग है, पर क्या ही कर सकते थे). तभी वो सेल्समन पापा से पूछता है-

सेल्समन: सिर फोन क्रेडिट कार्ड पे लेना है, कॅश में, या गपे करके? अगर आप कॅश में लेते हो तो कुछ डिसकाउंट कर देंगे. और अगर आप क्रेडिट कार्ड पे लेते हो तो कोई डिसकाउंट नही मिलेगा. लेकिन हा, अगर आप एमी करते हो क्रेडिट कार्ड पे, तो आपको मंत्ली देने में आसानी रहेगी. मोस्ट्ली यंग्स्टर्स हमारे ई-फोन वग़ैरा एमी पे ही ले जाते है.

पापा: नही, हम तो इसे क्रेडिट कार्ड पे लेंगे. और तुम जो ई-फोन का बता रहे थे, वो दिखाओ ज़रा?

ये सुन कर सेल्समन तोड़ा शॉक्ड हुआ, की जो आदमी 15क वाला फोन भी क्रेडिट कार्ड/एमी पे ले रहा था, वो ई-फोन देख के क्या करेगा. पर ये उसका जॉब था, तो उसने ई-फोन के 2 से 3 मॉडेल दिखाए, जो अभी मार्केट में चल रहे थे. ई-फोन को अपने हाथ में पकड़ते ही क्या अजीब सी फीलिंग आई, और मेरी आँखों में चमक आ गयी.

पापा: ये लेना है क्या?

मे: अपना सिर एस में हल्का सा हिलाते हुए.

पापा: तो ठीक है, तुम इसे घPअय करके ले लो.

ये सुन कर मेरी और वो सेल्समन दोनो की सिट्टी-पिटी घूम ही गयी.

सेल्समन: सिर, ये फोन अराउंड 75क का है. आप 15क वाला फोन भी क्रेडिट कार्ड पे लेना चाहते थे. तो ये वाला उससे 5 गुना महँगा फोन घPअय से कैसे लेंगे?

मे: हा पापा, मेरे तो अकाउंट में भी उतने पैसे नही है, तो फिर घPअय कैसे?

पापा: देखो बेटा अगर तुम्हे इन 15क-20क रंगे वालो में से लेना है, तो अभी कार्ड पे लेकर दिलाता हू. और अगर ये इफ़ॉंे चाहिए तो उसके लिए तुम्हे अपना घPअय ही करना होगा.

मैं तो कन्फ्यूषन में आ गयी, की पापा क्या बोल रहे थे. और मेरे साथ-साथ वो सेल्समन भी सर्प्राइज़्ड था, की कही पापा ने पी तो नही रखी थी. पर मुझे पता था की पापा ने पी नही रखी थी, बस मेरी 2 दीनो से ले रखी थी. मैं ये सोच रही थी, तभी पापा बोले-

पापा: एक काम करो, पहले बेटा तुम आराम से सोच कर डिसाइड करो. फिर हम वापस आते है.

और हम वाहा से वापस निकल पड़े. सेल्समन को भी लगा होगा की क्या चूतिया पागल इंसान आया था. मैने रास्ते में पापा को इसके बारे में पूछा तो उन्होने बोला, की होटेल के रूम पे जेया कर बताएँगे. फिर पापा मुझे माल ले गये, कुछ खरीदी की, फिर वापस रूम आए. तब तक शाम हो चुकी थी.

हमने लाते ईव्निंग को निकालने का प्लान बनाया, और मों को बताया की हम लाते नाइट तक घर पहुँच जाएँगे. और होटेल वालो को चेकाउट रेडी करने को बोला. फिर हमने अपना सब समान पॅक कर लिया. इस बीच पापा से मैं वो ई-फोन और गपे वाला हिसाब पूच रही थी, पर वो उसे ताल रहे थे. कुछ देर में रिसेप्षन से आदमी आके नॉक करता है, और मैने गाते खोला.

होटेल मान: सिर, आपका चेक-इन का प्रोसेस पूरा हो गया है. (उसने हमारे ई-कार्ड जो उसके पास थे, वो रिटर्न किए) आप सिर काउंटर पे बिल पेमेंट करके जेया सकते है.

पापा: ओक जी, थॅंक्स. आपके यहा डिन्नर अभी नीचे रेस्टोरेंट में रेडी होगा क्या?

होटेल मान: नही सिर, उसमे तो अभी तकरीबन आधा घंटा लगेगा.

पापा: अगर हम आधे घंटे बाद डिन्नर करके चेकाउट करे तो?

होटेल मान: कोई दिक्कत नही, सिर. मैं डिन्नर होते ही आपको इनफॉर्म करता हू.

और वो चला गया. उसके जाते ही मैने गाते बंद करते हुए बोला-

मे: पापा, अभी तो हमने नाश्ता किया है. मुझे भूख नही है. चलो ना निकलते है, घर पहुँचते रात हो जाएगी. डिन्नर घर जाके कर लेना.

पापा: तुम्हे क्या लगा मुझे खाने की भूख है? मुझे तो डार्लिंग तेरे इस जिस्म की भूख है. और घर जाके डिन्नर में वही तेरी मों ही मिलेंगी छोड़ने को. और तुझे वो गपे वाला जानना है की तुम्हे ई-फोन कैसे मिल सकता है?

मे (एग्ज़ाइट्मेंट में): एस पापा.

पापा: तो फिर जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार.

मे: प्लीज़ पापा, अभी चुदाई का मूड नही है.

पापा: मुझे पता है, मैं तुम्हे नही छोड़ूँगा. मुझे बस तुझे जी भर के प्यार करना है.

और फिर पापा ने मुझे स्मूच करना शुरू किया. मैं ऑलरेडी पापा को अपनी छूट दे चुकी थी, तो ये सब तो अब होना ही है. उन्होने किस्सिंग करते हुए मेरे कपड़े निकाल दिए, और खुद भी नंगे हो गये. उनका लंड तन्ना हुआ था, और मेटी छूट को जैसे सलामी दे रहा था.

मैने सोचा, की पापा ने मुझे भी नंगा किया और खुद भी हो गये. तो अब चुदाई नही तो फिर क्या करेंगे? वापस मेरे दिल में ये दर्र आया की कही मेरी गांद लेने का तो इरादा नही था. पर ऐसा नही हुआ. पापा ने मुझे बेड पे लिटाया, और मेरी टाँगो को फैला के मेरी छूट को अपने मूह में भर लिया.

मैने बेड की चादर को हाथो में भींच लिया. पापा अंदर तक अपनी टंग डाल कर मेरी छूट को सक कर रहे थे. फिर खड़े हो कर उन्होने अपने लंड की और इशारा किया की मैं उसे अपने मूह में लू, तो मैने भी एस में सिर हिलाया. तो पापा ने फिर 69 की पोज़िशन ली. अब उनका लंड मेरे मूह में, और मेरी छूट उनके मूह में, और हम दोनो एक-दूसरे को ओरल सेक्स दे रहे थे.

पापा का शायद यही प्लान था. वो कभी मेरे छूट के दाने को, तो कभी मेरी छूट के होंठो को अपने मूह में लेकर चूस्टे. ज़्यादातर तो वो अपनी ज़ुबान को अपने लंड की माफिक अंदर-बाहर करते और मेरी छूट को छोड़ते उससे. मुझे भी मज़ा आ रहा था. और अब मेरी भी ज़िम्मेदारी बनती थी की मैं भी पापा को वो मज़ा डू.

मैने उनके लंड को हाथ में पकड़ कर उसके उपर अपनी टंग को घुमा कर पूरा गीला किया, और फिर उसके टोपे को मैं चूसने लगी. सिर्फ़ अपने टोपे को मूह में जाता हुआ देख, पापा ने अपने पुर लंड को अंदर पुश किया, और मेरा मूह छोड़ने लगे. मैने अब खुद उनके लंड को पकड़ कर उसे चूस्टे हुए अंदर-बाहर करने लगी.

वाउ, क्या एक्सपीरियेन्स था ये वाला भी. जो चीज़ अब तक वीडियो में देखी थी, वो आज रियल में फील कर रही थी. हम दोनो बहुत ही ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गये की एक साथ एक-दूसरे के मूह में झाड़ गये. पापा ने अपने लंड को मेरे मूह में दबाए रखा था, तो फिर मैने अपनी छूट को उनके मूह पे दबाए रखा. इसकी वजह से हम दोनो को एक-दूसरे का पानी पीना पड़ा.

मेरी छूट का पानी पीने के बाद पापा ने मेरी छूट को वापस चाट-ते हुए पूरा सॉफ किया. मैने भी उनके लंड को हाथ में पकड़ कर, उसे चूस-चूस कर, उसकी लास्ट ड्रॉप तक अपने गले के नीचे उतार दी. जब हम अलग हुए, तो एक-दूसरे को देख कर हासणे लगे. तभी पापा मेरे पास आए, और मुझे वापस पकड़ कर किस करने लगे. और मेरी गांद पे हाथ फिरने लगे.

पापा: बेटा जी, मैं तुम्हे ई-फोन के लिए जिस घPअय की बात कर रहा था, वो ये वाला है. मतलब की तुम्हे अपनी ये मखमली गांद पे करनी होगी मुझे, उस नये वाले ई-फोन के लिए.

पापा की ये बात सुन कर फिरसे मेरी सिट्टी-पिटी गुम हो गयी. अछा, पापा इस घPअय की बात कर रहे थे आज शॉप पे. अब मुझे याद आया की उस टाइम घPअय वाली बात कहते वक़्त उनका ध्यान मेरी गांद की और था. अब उस बेचारे सेल्समन को क्या मालूम की घPअय का एक और मीनिंग ऐसा भी होता है.

तो अब आपको भी कोई घPअय करने को कहे तो ज़रा होशियारी से. वरना पता चला की आप सस्ते में उसे अपनी घPअय कर बैठे. पर यहा मेरे मामले में डील सस्ती वाली नही थी. पापा ने अपने दोनो हाथो से मेरे कुल्हो को दबाते हुए कहा-

पापा: बेटा, मौका अछा है. तुम्हे बस करना क्या है, मेरे आयेज डॉगी बन कर लेटना है, और अपनी गांद में मेरा लंड लेना है, सिंपल. देखो बेटा, सच काहु तो आज कल ई-फोन के लिए तो कोई भी लड़की अपने ब्फ को सब कुछ दे देती है. और तुम तो फिर भी अपने पापा को दे रही हो.

पापा: और गांद में लेने में और छूट में लेने में ज़्यादा फराक नही है. बस छूट वाले में थोड़ी एलास्टिक ज़्यादा रहती है, बस. इसलिए इसे सोचना ज़रूर. मैं तो इस मिनी ट्रिप पे तुम्हारे तीनो च्छेद खोल कर तुम्हे एक लड़की से एक औरत बनाने का सोच कर आया था. अब खैर, यहा ना सही, तो घर जेया कर ही तुम्हे पूरी औरत बना सकता हू.

पापा: तुम तोड़ा सोच लो इस बारे मैं. और ई-फोन का गिफ्ट दिमाग़ में रखना, तो सोचने में आसानी रहेगी (और पापा स्माइल करने लगे)

फिर हम अपने कपड़े पहन कर बाहर चेक-आउट करने काउंटर पर गये, और पेमेंट एट्सेटरा क्लियर किया.

रिसेप्षनिस्ट: सिर, आपने डिन्नर का बोला था, वो बस 5-10 मिनिट्स में रेडी हो जाएगा.

पापा (स्माइल करते हुए): अब उसकी कोई ज़रूरत नही, हमारा तो हो गया (और पापा मेरी और देखने लगे, तो मैं शर्मा गयी).

वो रिसेप्षनिस्ट कुछ समझे, या कुछ और पूछे, उससे पहले पापा गाते के बाहर निकल गये, और उनके पीछे-पीछे मैं.

सो रीडर्स, ये वाला पार्ट आपको कैसा लगा, आप नीचे कॉमेंट्स में ज़रूर से बताईएएगा. आप मुझसे गमाल/घ्छत (लज़्यलीहास@गमाल. कॉम) पे कनेक्ट कर सकते है. जिसको ऐसे कोई हेल्प चाहिए तो मुझे कॉंटॅक्ट कर सकते है (एस्पेशली गर्ल्स/लॅडीस). ई’ल्ल शुवर्ली गिव योउ सम टिप्स बेस्ड ओं युवर सिचुयेशन. कॉमेंट्स भी ज़रूर करे.

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