बाप ने बेटी को चुदाई के लिए मनाया

हेलो दोस्तों, तो पिछले पार्ट में आप लोगों ने पढ़ा की कैसे हमारी बेटी हमारी अन्नीवेरसेरी के दिन हमे सेक्स करते देख रही थी. फिर कैसे मैने प्लान बना के उसे सिड्यूस करने की कोशिश की. अब आयेज पढ़िए इस पार्ट में.

मैने सुषमा का ब्लाउस निकाल दिया, और ब्रा के उपर से ही सुषमा की चूचियों को दबाने लगा. मैं उसके पुर फेस को चूमने लगा. फिर उसकी सारी निकाल के उसके पेटिकोट के उपर से ही उसके बर को रब करने लगा, जिससे सुषमा आ आहह करने लगी. मुझे पता था की श्रेया ये सब देख रही थी विंडो के पास से.

फिर मैने सुषमा का पेटिकोट उतार दिया, और अब सुषमा ब्रा और पनटी में थी, सिर्फ़ अपने बिखरे और खुले बालों के साथ. मैं सुषमा की नाभि को जीभ से चाट रहा था, जिससे सुषमा भी तड़पने लगी थी. तभी मैने उसकी पनटी निकली, और हाथो से रब करते हुए उसको जीभ से चाटने लगा.

तो सुषमा बोली: ये क्या कर रहे है? जीभ से क्यूँ टच कर रहे है? ये तो गंदी चीज़ है ना.

तो मैने कहा: पॉर्न में नही देखा क्या तुमने?

तो बोली: हा देखा था.

फिर इतना कहते ही मैने जीभ से उसकी बर की चटाई शुरू कर दी. उसे मज़ा आने लगा, और वो भी कुछ नही बोली. 4-5 मिनिट बाद वो झाड़ गयी, उसका पानी निकल आया. वो अभी भी पुर फुल जोश में थी.

तभी उसने मुझे नीचे गिरा दिया बेड पे, और मेरे अंडरवेर को निकाल दिया. मैं भी पूरा नंगा हो गया, और मेरे लंड को पहली बार मूह में लेकर चूसने लगी.

फिर वो तोड़ा सा खाँसते हुए बोली: पता नही कैसे पॉर्न में लड़कियाँ इतनी तेज़ी से लंड चूस्टी है?

तो मैने बोला: प्रॅक्टीस है उन लोगों की.

उसने कहा: आपको बड़ा पता है इन सब चीज़ो के बारे में.

मैं हासणे लगा और बोला: अब तो तुम्हारी भी प्रॅक्टीस हो जाएगी.

मैं ये सब इसलिए कर रहा था, ताकि श्रेया बिल्कुल जोशीली हो जाए, और उसका भी मॅन करने लगे ये सब करने को. तभी मैने सुषमा को घोड़ी बनाया, और अपना लंड उसके बर में डाल दिया एक ही झटके में.

मुझे तो उसकी बर की आदत थी. फिर धीरे-धीरे आयेज-पीछे करते हुए मैने उसकी पीठ को सहलाते हुए उसकी ब्रा का हुक खोल दिया, और ब्रा निकाल दी. अब उसकी भारी-भारी चूचियाँ लटक रही थी घोड़ी स्टाइल में.

2 मिनिट बाद मैने उसको स्ट्रेट पोज़िशन में लिटा दिया. फिर उसकी टाँगो को अपने कंधे पे रख के छोड़ने लगा तेज़-तेज़. उसकी आहें निकालने लगी आ आ और तेज़ और तेज़ उउंह आअहह की.

तभी मैने जान-बूझ कर तुरंत से विंडो के पास देखा तो श्रेया और मेरी नज़र मिल गयी, और श्रेया तेज़ी से वाहा से चली गयी. अब उसे भी पता था की हम दोनो ने एक-दूसरे को देख लिया था. उस रात मैं और सुषमा झड़ने के बाद सो गये.

सुबह जब हम नाश्ते के लिए बैठे तो श्रेया मुझसे भाग रही थी. मैं तो बस मौका ढूँढ रहा था उससे बातें करने के लिए. शायद उसे लग रहा था, की मैने ये सब उसकी मा (सुषमा) को भी ये सब बता दिया था. फिर नाश्ते के बाद मैने श्रेया को बोला-

मैं: चल आज मैं तुझे कॉलेज ड्रॉप कर देता हू. उधर से ही जौंगा कुछ काम है मुझे.

वो हिचकिचाते हुए बोली: ओक पापा.

फिर कुछ देर बाद हम दोनो निकल गये कॉलेज के लिए. कार में मैने श्रेया से पूछा-

मैं: कैसी चल रही है पढ़ाई श्रेया बेटा?

श्रेया: अची चल रही है पापा.

मैं पता नही क्यूँ उसे कुछ कह नही पा रहा था. आख़िर हू तो उसका बाप ही ना. तो मैने कहा-

मैं: बेटा तू रात को हमारे कमरे के पास क्या कर रही थी?

वो हैरान हो गयी और बोली: क्या? कुछ भी तो नही पापा. मैं तो नही थी वाहा.

शायद उसने उमीद नही की थी की मैं उससे ये पूच लूँगा.

तभी मैने बेशर्मी साधी और बोल दिया: देख बेटा, इसमे कोई शरमाने वाली बात नही है. मैने तुझे हमारी अन्नीवेरसेरी वाले दिन भी देखा था रूम की विंडो से झाँकते हुए. डॉन’त वरी, मैं तुझे कुछ कह थोड़ी रहा हू. अछा छ्चोढ़.

फिर मैं उसे तोड़ा कंफर्टबल करने के लिए पूछने लगा: क्या तेरा कोई बाय्फ्रेंड है?

तो वो तोड़ा सा शरमाते हुए बोली: नही पापा.

तभी मैने बोला: तू मुझसे शेर कर सकती है दोस्त समझ के. कोई ना बता दे.

उसने बोला: नही पापा, कोई नही है, सच कह रही हू.

मैं: तो तू हमे कब से देख रही है रूम में ये सब करते हुए?

वो बिल्कुल चुप हो गयी. फिर मैने उसको बोला-

मैं: अब बता भी दे. देखते हुए नही शरमाई, तो अब बताने में कैसी शरम (मैं हस्स के बोला).

और अब वो भी कंफर्टबल फील कर रही थी.

श्रेया: पापा बस दो बार ही देखा है.

मैं: तो तेरा भी मॅन करता है क्या?

मुझे उसे ये सब कहते हुए शरम तो आ रही थी. पर क्या करू, ये छूट का नशा ही ऐसा था, की मैं बिल्कुल बेशरम हो गया. तो उसने मुझे हस्स कर ये सब पूछते देखा, तो वो भी बेशर्म हो गयी और बोली-

श्रेया: हा पापा, पर क्या करू? पर प्लीज़ आप ये सब मम्मी को मत बताना.

शायद उसे पता था की मैने उसकी मा को उस रात की बात नही बताई थी. तभी मैने उसको बोल ही दिया-

मैं: क्यूँ मैं हू ना.

वो तोड़ा सा शरमाते हुए बोली: पापा, पर आप तो मेरे…

इतना कहते ही मैने उसको बोला: तो क्या हुआ? सेक्स करने में क्या रखा है? सेक्स तो सब कर सकते है.

इतना कहते ही मैं कार में ही उसको गरम करने के लिए उसकी चूचियों को मसालने लगा हल्के हाथो से. अब वो भी गरम हो गयी थी. वो भी मुझे किस करने करने लगी लीप तो लीप कार में ही. फिर मैने उसको रोका और बोला-

मैं: यहा नही, कोई देख सकता है हमे.

तभी उसने कहा: पापा करना तो मैं भी चाहती थी आपके साथ, पर दर्र की वजह से मैं कुछ कह नही पा रही थी. आपका इतना बड़ा लंड देख के मैं पागल सी हुई जेया रही थी. गाजर मूली भी मेरी बर के लिए छ्होटे पद रहे थे.

उसके मूह से इतना सुनते ही जोश से मेरा लंड एक-दूं टाइट हो गया था. आज तो मुझे बिल्कुल सील पॅक छूट मिलने वाली थी, वो भी अपनी ही नौजवान बेटी की.

श्रेया: पापा आपकी फिट बॉडी देख के ही मुझे वही मा के साथ ही चूड़ने का मॅन करता था. और आप जब एक्सर्साइज़ करते थे, मॅन तो करता था की पीछे से आके ही लंड को पकड़ कर चूस लू.

मैं ये सब सुन के और जोशीला होता जेया रहा था.

मैं: कोई बात नई बेटा, अब चूस लेना. आज हम लोग होटेल में चलेंगे.

मैं फिर अपनी सिटी से 8 केयेम डोर एक होटेल में गया श्रेया को लेके, जहा हमे कोई पहचान ना पाए.

बाकी नेक्स्ट पार्ट में पढ़िए की कैसे मैने श्रेया को चोदा, और फिर हम चारो में ये सब कैसे शुरू हुआ. मी एमाइल ईद: रमनसींहा3674@गामिल.कॉम.

जिस किसी को भी हेल्प चाहिए, बात करनी हो, या टिप्स चाहिए हो, तो मुझे एमाइल कर सकता है. मुझे कुछ लोगों के मेल्स आए थे. आप लोग दारिय नही, आपकी प्राइवसी सेफ रहेगी. लड़कियाँ कुछ ज़्यादा ही दर्र रही थी, डॉन’त वरी प्राइवसी सेफ रहेगी. और जिस किसी को भी चूड़ना है, भाभी, चाची, आंटी टीनेजर्स मैल मे. थॅंक योउ.

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