बाप-बहन की चुदाई देख कर बेटे ने किया जोइन

हेलो दोस्तों, पिछले पार्ट में आप लोगों ने पढ़ा की कैसे श्रेया और सुषमा सम को सिड्यूस करने की कोशिश कर रही थी. अब आयेज.

सुषमा अपने बूप्स की क्लीवेज दिखती रहती सम को, फिर भी बात नही बन पा रही थी. तो सुषमा ने एक दिन जान-बूझ कर अपनी ब्रा और पनटी को बाहर ही छ्चोढ़ दिया, और नहाने के बाद सम को आवाज़ लगा के बुलाया.

उसने बोला: बेटा मैं अपने कपड़े बाहर ही भूल गयी. देदे ज़रा मुझे.

फिर सम जब कपड़े लेने गया, तो उसने देखा की सुषमा की ब्रा और पनटी थी टवल के साथ, और वो भी दोनो रेड कोलूर के जाली-दार थी. वो उन्हे देखते हुए उनको देने के लिए बातरूम की तरफ गया, और गाते नॉक किया. फिर सुषमा ने हल्के से गाते खोला.

वो बिल्कुल नंगी थी जान-बूझ कर, और हल्के से गाते के पीछे च्चिपते हुए उसने उसके हाथो में से कपड़े ले लिए, अपने बूब्स हल्के से दिखाते हुए. फिर भी बात बन नही पा रही थी. उसके बाद सुषमा ने श्रेया से बोला-

सुषमा: बता श्रेया, अब इस गढ़े को कैसे पटौ? सीधे जेया भी नही सकती की आ और मुझे छोड़ दे.

तो श्रेया बोली: कोई नही मा, उसको तोड़ा और सिड्यूस करती हू मैं. फिर मिल के चूड़ेंगे उससे.

श्रेया ने सुषमा से बोला: जब कल सुबा मैं बातरूम में जौंगी नहाने के लिए, तो तुम सम को किसी बहाने से बातरूम की तरफ भेज देना.

फिर जब सुबा श्रेया नहाने के लिए गयी, तो सुषमा ने सम को साबुन बातरूम में रखने के बहाने भेज दिया. जब सम बातरूम के पास पहुँचा, तो उसने आ आहह की आवाज़े सुनी श्रेया की. तो वो दरवाज़े के पास खड़े होके कान लगा के सुनने लगा.

तभी गाते हल्का सा खुल गया क्यूंकी श्रेया ना जान-बूझ कर कुण्डी नही लगाई थी. उसने सिर्फ़ लॉक में सीख फसाया था, जिससे गाते हल्का सा खुल सके, और सम ये सब देख सके.

फिर जब सम ने देखा, तो श्रेया एक बड़ी और मोटी गाजर में कॉंडम लगा के अपनी बर में अंदर-बाहर कर रही थी, और दूसरे हाथ से अपनी चूचियों को सहला रही थी. सम वही खड़े हो कर बस श्रेया को देखे जेया रहा था. पीछे से सुषमा भी सम को देख रही थी.

करीब 3-4 मिनिट बाद सम वाहा से चला गया. फिर श्रेया नहा के आई, और उसने सुषमा से पूछा-

श्रेया: आपने देखा मा सम को? क्या रिक्षन थे उसके?

तो उसने बोला: पता नही, कुछ समझ नही आया. वो बस तुझे देखता रहा. फिर चला गया. अब सुन, तू आज कॉलेज मत जेया. अपने पापा के साथ यही चुदाई कर. वो भी जिस टाइम सम कॉलेज से घर आता है. ताकि वो तुम दोनो को देख सके. फिर बताती हू मैं.

और हमने ऐसा ही किया. जब सम घर आया, तो मा नीचे किचन में थी. सम सीधे उपर आ गया, तो उसने हमे मेरे रूम में देख लिया. मैं और पापा चुदाई में लगे हुए थे दोनो. एक-दूं नंगे थे हम. मैं पापा के लंड को फुल स्पीड में चूस रही थी. पापा मेरे बालों को पकड़ के उपर नीचे कर रहे थे आहें भरते हुए आहह श्रेया आह.

फिर उन्होने मुझे लिटा के मेरे पैरों को अपने कंधो पे रख लिया, और मेरी छूट में लंड सेट करके झटके मारने लगे. उसके बाद मेरी चूचियों को पकड़ लिया अपने दोनो हाथो से, और दबा-दबा के छोड़ने लगे मुझे. फिर लिपट-लिपट कर किस भी कर रहे थे. हम दोनो की सिसकारियाँ और चीखें निकल रही थी.

सम ये सब वही खड़े हो कर देख रहा था, और देखते-देखते वो अपनी पंत की ज़िप खोल के लंड निकाल के हिलने लगा. तभी सुषमा अचानक से उपर आई, और सम को ऐसे देख के इससे अछा मौका नही मिलेगा, सोचते हुए सीधे उसके पास चली गयी. उसने पीछे से अचानक उसके लंड को पकड़ लिया. सम एक-दूं से चौंक गया, और बोला-

सम: मा, मा.

इतना कहते ही वो सम को अंदर रूम में हम दोनो के सामने लेके आ गयी. अब सम बिल्कुल हैरान था तो सुषमा और श्रेया उसको बोली-

वो दोनो: दर्र क्या रहा है? वैसे तो हमे बातरूम में खूब ताड़ रहा था.

फिर सुषमा बोली: चल अब शर्मा मत, शुरू भी हो जेया मेरे राजा बेटे.

फिर मैने सम को बोला: चल बेटा, ड्रामा मत दिखा. छोड़ दे आज अपनी मा को.

इतना सुनते ही सम अब एक-दूं कंफर्टबल हो गया, और तुरंत सुषमा के उपर बेड पे कूद पड़ा. फिर वो उसकी चूचियों को कपड़ों के उपर से ही दबाने लगा जोश में. उसके बाद वो सुषमा को लीप तो लीप किस करते हुए बोला-

सम: मुझे दीदी की भी लेनी है मा.

तो सुषमा बोली: अर्रे पहले मुझे तो शांत कर. फिर तेरी दीदी कहा भागी जेया रही है.

उसके इतना कहते ही सम सुषमा के बालों को पकड़ के तेज़ी से उसे लीप किस करने लगा. फिर उसके ब्लाउस के अंदर हाथ डाल के उसकी चूचियों को दबाने लगा तेज़-तेज़.

तभी सुषमा बोली: अर्रे मेरे लाल आराम से. तू तो मुझसे भी ज़्यादा जोश में लग रहा है.

तो सम ने बोला: अब मुझे ऐसे बातरूम में दिखावगी तो होऊँगा ही ना.

फिर उसने सुषमा की नाभि के नीचे हाथ सहलाते हुए सारी के अंदर डाल लिया. उसके बाद वो पनटी के उपर से ही बर में उंगली करने लगा.

सुषमा बोली: अर्रे कम से कम कपड़े तो उतार ले पुर. कहा इतनी स्पीड से भागे जेया रहा है?

फिर सम ने सुषमा के ब्लाउस का बटन तेज़ी से खोला, और उसकी सारी को जल्दी-जल्दी निकाल दिया. वो ब्रा और पनटी में थी.

तो उसने कहा: उस दिन की तरह जाली वाली पनटी है आपकी.

तो सुषमा ने उसे बोला: शरारती कही का, तुझे याद है?

मैं भी यहा उन दोनो के सामने श्रेया को घोड़ी बना के छोड़ने में लगा था. फिर सम ब्रा के उपर से सुषमा को किस करते हुए उसकी चूचियों को दोनो हाथो से दबा रहा था.

वो कह रहा था: वाह मा, क्या गोल-मटोल बड़े-बड़े चूचे है आपके आज तो पूरा खा जौंगा.

सुषमा ने बोला: खा जेया, पूरा का पूरा तेरा है आज के लिए.

फिर सुषमा ने भी एक-एक करके सम के पुर कपड़े उतार दिए उसके गले पे किस करते हुए. अब सम भी सिर्फ़ अंडरवेर में था.

बाकी आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. मी एमाइल ईद: [email protected]

फॉर अन्य हेल्प एमाइल मे. और किसी को सेक्स छत करना है, तो गूगले छत पे कर सकता है. थॅंक योउ.

यह कहानी भी पड़े  बेटे और मा की रोमॅंटिक शरारतों की कहानी


error: Content is protected !!