कस्टमर से ले कर चुदाई तक-3

जब उसने डोर बंद किया तब मई आगी बढ़ा अपना हाथ डोर के हॅंडल की तरफ बढ़ाया. ये कहते हुए के वॉर्डरोब के अंदर का कलर देख है दोबारा डोर खोलने की कोशिश की. जिसकी वजह से आंटी मेरे बाज़ू के बीच मे आ गयी.

अब उसके आयेज वॉर्डरोब है, पीछे मई हू, एक साइड पे मेरा हाथ है. जो मैने डोर हॅंडल पे रखा है और दूसरी साइज़ पे वॉल है.

आंटी बिल्कुल स्टक हो गयी और फ्र मैने अपना लॉरा आंटी की गांद पे लगाया वो मेरी तरफ घबराती हौय देख र्ही थी मुझ से रहा नही जा रहा था और मेरी नज़र उसके बूब्स पर थी जो निपल नज़र आ र्ही थी वो मुझे भत होरने कर र्ही थी.

मैने दूसरा हाथ भी वॉर्डरोब की तरफ बरहया और आंटी को अपने बाज़ू मे ली लिया . अब आंटी का मूह वॉर्डरोब की तरफ है और मैने उनको पीछे से हग किया हुआ है और मेरे दोनो हाथ आंटी के पायट पर है.

आंटी बेड रूम के डोर की तरफ देख र्ही है जो के ओपन है और उसी किसी के आजान्य का दर है.

और ँझे वो कुछ नही कह पा रही क्यू के शाएेद उसको भी अछा लग रहा है बुत वो डोर ओपन होनी की वजश् से घबराई हुई है इतनी मई मैने अपने हाथ पायट से अप्पर कर का उसके बूब्स पे रखी और उसी अचानक करेंट लगी उसके जिस्म मे वाइब्रेशन हुई.

उसने अपने हाथ मेरे हतून पे रखी और चुरवाणी के लिए ज़ोर लगाया मैने मैने ज़ोर से पकरा हुआ था और पीछे से मेरा लंड उसके हिप्स मे फसा हुआ था.

इसी डॉरॅन उनका छोटा बीयता रूम मे रोता हुआ अंखाईं माल्टा हुआ दाखिल हुआ आंटी ज़ोर से झटका लगा के चुरवा के उसकेई तरफ भागी . बचा, अमि उस्मान भाई मरता है.

आंटी उसको किस करते हुआयस्के बलून मे हाथ फार्ती हुए आप बहिर जा के जूस पियो मई आती हूँ पूछती हूँ उसी. वो घबरा के सर पे हाथ राख के बेड पे बैठ गयी. और मई उसकी तरफ आया और उसका मूह अपने हाथ से पाकर के उपर किया और हल्की सी किस की और जा के डोर ब्न्ड किया.

आंटी ये हॅप क्या क्रर रहे है. ब्ररी हिमत है आप के अंदर. मैने कहा आप भी तो एंजाय क्रती हैं ये सब. वो थोरी मुस्कुरई और कहनी लगी अबी आप जाएँ अबी नही करना कुछ भी.

बुत मई कहाँ जाने वाला था. जब मैने डोर लॉक किया वो भी उठ के खड़ी हो गयी थी मैने जा के उसको हग किया और वहशियूं की तरह उसको किस करने लगा.

कभी उसके बाल पाकर के उसकी गर्दन को मोर के उसकी नेक पे किस करने लगा और उसके एअर पे किस करने लगा को चूसने लगा. आहिस्ता आहिस्ता म्रा हाथ आंटी के पायट पे था और उसकी शर्ट से अंदर जाने लगा.

उसके पायट के होल तक जब हाथ पोनचा तो आंटी को करेंट लगा और उसकी मूह से सीई निकली वो भी मज़ा लेने लगी. आंटी ने भत अची पर्फ्यूम लगाई थी. मई आंटी का बाज़ू अप्पर कर के उसके आर्म्पाइट को चूमनी लगा.

आंटी को भी मज़ा आ रहा था आर्म्पाइट को चूमता चूमता मेरा मूह उसके बूब्स पे आया. और मई उनके दांडी काटनी लगा उधर से मेरा दूसरा हाथ उसके शर्ट के अंदर से होता हुआ बूब्स तक पहुँचा हुआ था.

शर्ट के अंदर से मैने उसका बूब पकरा और बाहर से बीते कर रहा हूँ. आंटी मेरे सर मे हाथ फ़ायर रही है और आंटी का दूसरा हाथ मेरी कमर पे है.

फ्र अचानक बाहर से किसी की आवाज़ आई और औंती दर सी गयी और मैने अपना सर उठाया हम खामोश होगये महसूस करने लगी बहिर क्या हुआ है. मग्र वो आंटी का सर्वेंट उसके बचहों को कुछ कह रहा था.

मैने इस बार आंटी की तरफ देखा. वो भी मेरी तरफ डैखहनी लग गयी और मैने उसके लिप्स पे अपने लिप्स रख लिए. मेरा हाथ ऊड्र ही था आंटी की शर्ट के अंदर उसके बूब को दबा रहा था.

कबबी उसकी निपलेस को दबा रहा था और दूसरा हाथ उसकी कम्र के पीची था और उसके लिप्स को चूर रहा था. कभी उपर वाला लीप कभी नीची वाला लीप. तो कभी आपी ज़ुबान से लीप के अंदर वाली झिली को चूस्टा.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मई अपनी ज़ुबान आंटी के मूह मे डॉल्टा और वो ज़ोर से चूस्टी. कभी वो अपनी ज़ुबान मेरे मूह मे डालती और मई ज़ोर से चूस्टा.

अब मेरा एक हाथ आंटी के हिप्स पे है और मई उनको मसल रहा हूँ. और उनकी लाइन के बीच (जेसे गिटार बजाती) वैसे हाथ फ़ायर रहा हूँ. आहिस्ता आहिस्ता मैने उसके हिप्स को पकरा और मसलनी लगा. और अपनी एक उगली बूँद के होल मे डॅयल्नी लगा.

आंटी ने अपना एक हाथ खोला और मेरा हाथ अपनी बूँद से बाहर निकलनी लगी. मगर मई कहा चोर रहा था. मैने उंगली की एक टिप उसकी बूँद मे घुसा, वो से से से करने लगी.

आ कामरन क्या कर रहे हो कोई आ जाएगा, मुझे दर लग रहा है.

मैने कहा कुछ नही होता.. इसी लम्हे उस ने अपने हाथ चोरी और मुझे कहनी लगी अछा 1 मिनिट 1 मिनिट रूको. मैने भी अपनी जाफ़ी ढीली की और उसकी बात सुनने लगा.

आंटी – मई बहिर से एक चाकर लगा के आती हू.. बचून को देख अओन फिर आती हूँ..

मैने उसको छोरा, उसने कपरी सही किए और डोर लॉक कर के बाहर चली गयी. वहाँ टीवी लाउंज के अंदर उसके बच्चे खेल रहे थे और सर्वेंट लॉंड्र मे कपरी धो रहा था.

आंटी उनको देख के मेरी तरफ मूडी. तो अचानक उसका फोन आ गया. उसने कॉल अटेंड की, वो उसके हज़्बेंड की कॉल थी. (जो के यूके मे था और लास्ट टाइम 2 साल पहली आए थे). उनकी कॉल आई तो आंटी उसने बात करने लग गयी.

फ्र उसने बड़े बेटे (उस्मान) को फोन दिया और अंदर रूम की तरफ आ गयी. और मुझे किस कर के स्माइल करते हुए बोली – मेरे हज़्बेंड की कॉल है, उनको शक हो जाएगा आप अभी जाओ मई आपको कॉल करती हूँ फ्री हो कर.

आयेज की कहानी अगले पार्ट मे.

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