सेक्सी आंटी की गन्दी चुदाई की

aunty ki hardcore chudaiहाई दोस्तों मैं फिर से आप के लिए आ गया हूँ अपनी देसी कहानी ले के. ये कहानी उमा आंटी की और मेरे सेक्स की हे. अक्सर हम दोनों के बिच में सेक्सी एनकाउंटर होता हे और वो मेरे लंड से शांत हो जाती हे. और हर चुदाई के बाद वो और भी सेक्सी और गन्दी होती जा रही हे.

एक रात को उसका पति घर पर नहीं था तब आंटी ने मुझे अपनी चूत देने के लिए बुलाया था. मैंने आंटी को खूब देर तक चोदा और फिर अपने लंड को उसकी चूत में रख के ही सो भी गया. लंड सिकुड़ के कब बहार आ गया वो भी मुझे पता नहीं था. मेरा लंड उसकी जांघ के ऊपर आ चूका था. मेरी आँख तब खुली जब उसने फिर से मेरे लंड को अपने मुहं में ले के उसको गिला फिलिंग दिया. उसने लंड को चूस चूस के उसका मुठ  निकाल दिया. फिर उसने जबरदस्ती से मेरी ही मुठ को मेरे मुहं में थूंक दिया. और फिर किस कर दी. मेरी मुठ हम दोनों के मुहं में घूम रही थी.

फिर वो मेरे पुरे बदन को अपने चिकने थूंक से भिगो रही थी और मेरे बदन को चाट रही थी. मैं एकदम सरप्राइज सा था की आखिर वो क्या कर रही थी. जब मैं होश में आता नींद से जाग के पूरा उस से पहले उसने एक डिलडो ले के मेरी गांड में डाल दिया और मेरी गांड को एकदम दर्द दे के चोदने लगी. और फिर वो मेरी गांड के ऊपर जोर जोर से स्पेंक भी कर रही थी. उसने मुझे मेरा लंड भी टच करने नहीं दिया और वो मेरे लंड को जोर से दबा रही थी.

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फिर आंटी मेरे निपल्स को चूसने लगी और उसे हलके से बाईट करने लगी. मेरी निपल्स कडक हो चुकी थी. फिर वो मेरे चहरे के ऊपर बैठ गई और अपनी चूत को चूसने के लिए कहा मुझे. मैं उसकी चूत को चाटने लगा था. वो जोर जोर से अपनी गांड को हिला के चूत को मेरे चहरे के ऊपर घिस रही थी. तभी उसने पाद मारी और मेरी नाक उसकी स्मेल से जैसे भर गई. मैंने पूरी जबान को उसकी चूत में घुसा के एक मिनिट और चाटा. और वो मेरे मुहं में ही झड़ गई और मुझे सब झाड़ पिला दी उसने.

आंटी की इन हरकतों की वजह से मेरा लंड जैसे फटने को था. और उसे भी पता था की मैं झड़ने को हूँ तो उसने कांटेवाले डिलडो को मेरी गांड से निकाला और मुझे चूसने को कहा. मैंने कहा आंटी मुझे पेशाब लगी हे. उसने कहा रुक जा मैं लंड चुस्ती हूँ तू मुहं में ही मूत ले मेरे. ये कह के उसने लंड को चूसा और मैंने आंटी के मुहं में ही पेशाब कर लिया.

आंटी ने अब मेरे एसहोल को चूसा और अपनी जबान से मेरी गांड मारने लगी. फिर वो बोली अब मैं तेरे ऊपर मुतुंगी. ये कह के उसने मेरे ऊपर पेशाब किया.  फिर उसने लंड को पकड़ा और उसे चूसने लगी. मेरा लंड फिर से एकदम कडक हो चूका था. 3-4 मिनिट में मैं आंटी के मुहं में ही झड़ गया. उसके बाद आंटी फिर से मेरे ऊपर आ गई और चूत चाटने को कहा. मैंने मस्ती से आंटी की चूत को और उसकी गांड को चाट दिया.

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फिर आंटी ने मुझे अपनी फेंटसी बताई. वो बोली मुझे तो खुले में तुम्हारा लंड लेना हे और चिल्लाना हे. मैंने कहा वो कैसे?

वो बोली जैसे मैं रंडी हूँ और तुम मुझे बहार चोद रहे हो वैसी मेरी फेंटसी हे. ये सुन के मेरा लंड कडक से और कडक हो चला था. हम दोनों रेडी हो गए और घर से निकल पड़े. आंटी ने एक साडी पहनी थी और स्लीवलेस डीप नेक वाला ब्लाउज था उसके अन्दर. और उसके माथे में गजरा भी था. उसने अन्दर कोई ब्रा पेंटी नहीं पहनी थी जिस से उसका बदन एकदम उछल सा रहा था जब वो चलती थी. मैंने जींस पहनी थी और ऊपर टी शर्ट. हम दोनों बगल की लाइन में एक मॉल में गए जहाँ पर सब हम दोनों को ही देख रहे थे. उसका सब चाल चलन एक रंडी के जैसा ही था उसकी वजह से!

थोड़ी शोपिंग करने के बाद हम वापस मेरी कार के पास आये और वो पागलों के जैसे मुझे चूमने लगी. फिर उसने अपनी साडी को ऊपर कर दिया और मेरे लंड को पकड़ के मरोड़ने लगी. मॉल के पास के गार्डन में वो मुझे निचे बिठा के मेरे ऊपर बैठ गई. मेरी जींस से उसने लंड निकाल के अपनी चूत में ले लिया था. मैं उसे ऊपर निचे कर के उसकी चूत को मार रहा था. और उसके स्लीवलेस ब्लाउज में से उसकी बगल यानी की आर्मपिट को चाट रहा था.

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