आंटी के साथ चूत और लंड चुसाई का मज़ा

हेलो, मेरा नाम जॉनी है, और मैं 24 यियर्ज़ का हू. मैं गुजरात से हू, और मैं एक मंक में जॉब करता हू. आंड एस, मैं अनमॅरीड हू. ई लीके ओपन माइंडेड लॅडीस आंड कपल्स. ई रेस्पेक्ट एवेरिवन’स प्राइवसी आंड सेफ्टी. किसी भी आगे की लेडी या कपल्स मुझे बिंडसस मैल कर सकता है.

आंटी का इंट्रो: 38 की आगे हो चुकी थी. दिखने में बहुत सेक्सी लगती थी. उसके बूब 34″ के, और हिप्स 32″ की थी और गांद भी 34″ की थी. गली में लोग उसे ही देखते रहते थे, और वो लोगों को अपनी ब्यूटी दिखाने का मौका नही छ्चोढती थी.

पिछली स्टोरी में आपने पढ़ा के कैसे आंटी ने ग़लती से मेरा लंड देख लिया. फिर मैं आंटी के घर गया और मैने आंटी के मोबाइल पर पॉर्न साइट देख ली. उसके बाद हमारी बातें हुई और हमारा सेक्स स्टार्ट हुआ. अब आयेज की स्टोरी-

मैं: डॉन’त वरी आंटी, ये बात किसी को पता नही चलेगी. हमारे बीच में ही रहेगी ये बात, आप टेन्षन मत लीजिए.

और फिर मैं आंटी को उपर करके उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिया. आंटी तो मानो मेरे पर टूट पड़ी. वो मुझे पागलों की तरह किस करने लगी. मैने आंटी को दीवार से चिपका दिया, और उनके हर जिस्म के हर अंग को किस करने लगा. आंटी अपने हाथ से दीवार पकड़ ली और सिसकारियाँ लेने आहें भरने लगी.

आंटी: ऑश जॉनी, प्लीज़ मत रूको. मैं बहुत प्यासी हू, और करो ह. ऑश मी डार्लिंग, मी बॉय ओह फक बेबी अहह.

मैं: आज तुझे जाम कर छोड़ूँगा. बहुत कमाल की आइटम हो तुम, ह फक आंटी, क्या माल हो यार, क्या फिगर है, एक-दूं ज़ालिम लगती हो.

आंटी: थॅंक योउ बेटा. ऐसे ही करते रहो. इतना प्यार तो मेरे पति ने भी मुझे नही दिया. आहह बेटा और करो, बहुत प्यासी हू मैं. मेरे पति तो मुझ पर ध्यान ही नही देते है. ह ऑश बेटा.

मैं आंटी को किस पर किस करता रहा था. मैने उनको दीवार से उल्टा किया, और उनके पीछे से अपने आपको उनसे चिपका लिया, और पीछे दबाने लगा. आंटी को मेरा लंड महसूस हो रहा था और वो आहें भर रही थी. आंटी उनके कपड़ों को उपर से मेरे लंड को महसूस कर रही थी. आह क्या गांद थी आंटी की, एक-दूं बड़ी गांद, वाह मज़ा ही आ गया.

आंटी: ह बेटा ऑश. क्या लंड है तुम्हारा. फक बेटा, और करो, और करो, फास्ट करो बेटा. अभी तो तुम्हारा लंड अंदर ही नही गया है, और इतना मज़ा आ रहा है. जब अंदर डालोगे तब कितना मज़ा दोगे बेटा. ह फक बेबी मी जान, आहह ऑश.

मैं आंटी के दोनो बूब्स पकड़ के पीछे से दबा रहा था, और उनको धक्के मार रहा था. मैं उनके गले पर किस कर रहा था. आंटी ने नीचे सिर्फ़ पेटिकोट पहना हुआ था, और मैं आधा नंगा था. आंटी ने अपना हाथ पीछे करके, मेरी गांद पकड़ के, मुझे पीछे से कस्स के पकड़ लिया. वो मुझे उनकी गांद की तरफ दबाना लगी.

आंटी: आह बेटा, आज से मैं तुम्हारी हू. जैसे चाहो जब चाहो मुझे उसे करना. मैं हाज़िर हू तुम्हारे लिए ह बेबी. फक बेबी ह ओह बड़ा मज़ा आ रहा है.

मे: आह आंटी बहुत सेक्सी गांद है तुम्हारी. इसकी चुदाई करने में बहुत मज़ा आएगा. आज तो इसे छोड़-छोड़ के लाल-लाल कर दूँगा आह.

फिर मैने आंटी को सीधा किया और उनके कपड़े उतारे. पहले ब्लाउस उतरा, और उनके बूब्स के बीच में मैने अपना मूह दबा दिया. वो मेरा सिर पकड़ के अंदर दबाने लगी अहह. मैं बड़े मज़े से उनके बूब्स चूज़ जेया रहा था. फक क्या बड़े-बड़े बूब्स थे. फिर मैने आंटी को नीचे से भी नंगा कर दिया. आंटी भी मेरे लंड को उपर से दबा रही थी, और हिलाए जेया रही थी.

फिर आंटी भी मेरे होंठो को किस करते-करते धीरे-धीरे नीचे गयी. उसके बाद मेरे निपल्स चूसने लगी और मेरी कमर को किस करने लगी. फिर मेरी चड्डी उतार दी और मेरा लंड उनके सामने था. आंटी ने मेरे लंड को देखा और फिर मेरी आँखों में देख रही थी. आंटी की प्यास उनकी आँखों पर दिख रही थी.

फिर आंटी ने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ा. मुझे बहुत ही मस्त लगा. फिर आंटी ने हिलाते-हिलाते मेरे उपर का टोपा चूसा. मैने अहह की आवाज़ निकली. उम्म्म्म किया सॉफ्ट होंठ थे. आंटी लॉलिपोप की तरह की चूज़ जेया रही थी. मैने आंटी के बाल पीछे किए, और आंटी अब पूरा लंड चूस रही थी.

मैने आंटी के सिर को पकड़ा और लंड अंदर-बाहर करने लगा. जैसे छूट मारते है, वैसे आंटी के मूह को छोड़ रहा था, और मेरे घुटने आंटी के बूब्स को टच हो रहे थे.

मे: आह साली, किया होंठ है. बड़े ज़ालिम होंठ है तेरे. तेरा पति कितना बड़ा चूतिया है, जो तुझ पर ध्यान नही देता. ह चूस, और चूस ले अहह, बहुत बढ़िया.

आंटी: उम्म्म्म ह बेटा, आज से मैं तेरी ही हू, जैसा चाहे वैसे छोड़ना. तुझे जब भी मॅन करे, यहाँ आ जाना. मैं तेरे लिए हाज़िर रहूंगी. आज से ये छूट के मलिक तुम ही हो, अहह बेटा ये लंड दे दो मुझे.

मे: हा आंटी, आज से तुम्हारी ये छूट मेरी है. और अब ये छूट का मैं भोसड़ा बना दूँगा, फक. चूस साली अहह रंडी, चूस, बोल कों है तू मेरी बोल?

आंटी: बेटा तुम्हारी रंडी हू मैं, ह सिर्फ़ तुम्हारी रंडी हू. इस रंडी को जैसे चाहे वैसा छोड़ो. शांत कर दो इस छूट को ह. फक बेटा फक.

फिर मैने आंटी को उठाया और उनको बेड के पास ले गया. उसके बाद उनके दोनो पैर उठाए, और उनकी छूट को स्मेल किया. एक-दूं मस्त स्मेल आ रही थी. मैने सीधा आंटी की छूट पर थूका और फिर भूखे नंगे की तरह टूट पड़ा.

आंटी की छूट को मैं बड़े मज़े से छाते जेया रहा था. वो मेरे बालों को सहला रही थी, और मैं आंटी के दोनो कूल्हों को हाथ में पकड़ के उनकी छूट को मेरे मूह से दबा रहा था. आंटी मेरे बालों से मुझे अंदर दबा रही थी.

फिर मैने छूट चौड़ी की और मेरी जीभ अंदर डाल दी, और मेरी तौँगे से फक करने लगा. आंटी सिसकारियाँ लेने लगी अहह ओह. आंटी का क्लाइमॅक्स आ गया था. वो पूरा शेक करने लगी और मेरे मूह को दबा दिया. मुझे समझ आ गया कर आंटी झड़ने वाली थी.

फिर आंटी ने अपना सारा माल मेरे फेस पर छ्चोढ़ दिया, और फिर आंटी मेरे मूह को चाटने लगी. वो मेरे को किस करने लगी.

नेक्स्ट स्टोरी में पढ़िए की कैसे मैने आंटी की चूत मारी और फिर बाद में उनकी शवर में गांद भी मारी. ये स्टोरी का फीडबॅक आप जोनन्य्ी825@गमाल.कॉम पर ज़रूर दीजिएगा.

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