मेरी सेक्स कहानी स्टार्ट करने से पहले मैं आप सब को बता डू अपने दोनो पति की फॅमिली के बारे में.
मेरे 2न्ड पति की फॅमिली-
1. राजेश, दाद, आगे 65.
2. कमला, मा, आगे 63.
3. दिव्या, बेहन, आगे 24 (फिगर 34/30/34).
4. रेणु, 2न्ड बेहन, आगे 22 (फिगर 34/28/32).
5. अनु, मेरे 2न्ड पति, आगे 27 (लंड साइज़ 6 इंच).
6. कुमार, जीजा जी, आगे 28 (लंड साइज़ 7 इंच).
7. विकास, छ्होटे जीजा जी, आगे 23 (लंड साइज़ 6 इंच).
1स्ट्रीट पति राकेश की फॅमिली-
1. हीरा, दाद, आगे 66.
2. उमा, मा, आगे 62.
3. अरुण, जेठ जी, आगे 30 (लंड साइज़ 6 इंच).
4. काजल, जेठानी, आगे 28 (फिगर 32/28/34).
5. राकेश, मेरे 1स्ट्रीट पति, आगे 25 (लंड साइज़ 5 इंच).
अब मेरे ससुर जी के बड़े भाई की फॅमिली-
1. परेश, आगे 67 (लंड साइज़ 8 इंच).
2. सुषमा, आगे 65.
3. रिया, आगे 23 (फिगर 34/26/34).
4. सन्नी, आगे 20 (लंड साइज़ 8 इंच).
अब मेरी आगे थी 22 साल, और मेरा फिगर था 36/28/38. इसलिए सब मेरे पीछे पागल हो जाते थे.
सुबह सवेरे सब घर वाले साथ में बैठे थे. जीजा जी ने सब को मेरी सारी कहानी बताई-
जीजा जी: तो सब आ गये? अब मैं आपको ये बताना चाहता हू की ये सब क्यूँ हुआ.
इस सब का कारण एक ही है, और वो और कोई नही राकेश है. क्यूंकी राकेश ने अंजलि को कभी समय दिया ही नही, और वो अक्सर आउटडोर रहता था. और इस वजह से अंजलि अपने जिस्म की ज़रूरत को पूरा करने के लिए के किसी और के साथ शारीरिक संबंध में आ गयी. कहानी स्टार्ट-
शाम का समय था. करीब 7:00 बजे अंजलि नहा धो कर बातरूम से बाहर निकली, और राकेश सर से पावं तक देख रहा था.
राकेश: ओह मी डार्लिंग, तुम तो बहुत और सेक्सी लग रही हो.
अंजलि: ओह राकेश, मैं आपको हॉट और सेक्सी लग रही हू. तो कल रात क्यूँ चुप थे?
राकेश: कल रात को छ्चोड़ो, और अभी आओ मेरी बाहों में.
अंजलि: तुम ही मुझे अपनी बाहों में उठा लो ना.
और फिर राकेश अंजलि को अपनी बाहों में उठा कर बिस्तर पर ले गया.
राकेश: डार्लिंग अब मुझसे और इंतेज़ार नही होता, और अभी मैं तुम्हारे साथ सेक्स करूँगा.
अंजलि: अभी इस टाइम, हमे तो निकलना है ना?
राकेश: गाड़ी 9:00 बजे की है, और अभी 7:00 बाज रहे है. हम आराम से सेक्स कर सकते है.
और फिर अंजलि नीचे घुटनो के बाल बैठ गयी, और राकेश उसके सामने खड़ा हो गया. फिर अंजलि ने राकेश की पंत की ज़िप की खोल कर लंड बाहर निकाला, और अपने हाथ से हिलने लगी. उसके बाद राकेश ने अपना लंड अंजलि के मूह में दे दिया, और वो भी बड़े मज़े से चूसने लगी.
अंजलि: वाउ डार्लिंग, तुम्हारा लंड बहुत मस्त है. मुझे इसे अपने मूह में लेकर चूसने में बहुत मज़ा आता है.
राकेश: ह ह ह ह ह ह मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है. मुझे मेरे लंड पर तुम्हारी गरम गरम साँसें महसूस हो रही है.
और फिर राकेश ने अंजलि को घोड़ी बना दिया. वैसे अंजलि नंगी थी. वो बातरूम से निकली, तब वो सिर्फ़ टवल में थी. राकेश खुद पीछे घुटनो के बाल आ गया, और जैसे ही उसने अपना लंड अंजलि की छूट में डाला, उसके लंड की पिचकारी निकल गयी.
अंजलि: डार्लिंग तुमने ये क्या किया? पूरा मज़ा खराब कर दिया. चलो हटो, जाओ यहाँ से.
राकेश: सॉरी डार्लिंग, वो पता नही कैसे हो गया मुझसे. सॉरी, अगली बार नही होगा.
अक्सर ऐसा होता था, और फिर दोनो के बीच संबंध खराब हो रहे थे. दो बातें थी, एक सेक्स कभी-कभी होता था, और अगर होता तो आचे से नही होता था.
नेक्स्ट ट्रेन में रात के करीब 12:00 आम को-
अंजलि अपने सीट पर लेती थी, तब एक 19-20 (सन्नी) साल का लड़का आया और अंजलि से बोल रहा था-
सन्नी: हेलो मेडम, क्या मैं यहाँ बैठ सकता हू? अगर आपको कोई प्राब्लम ना हो तो.
अंजलि (सोच रही थी आज रात आराम से सो जौंगी): हा बैठ सकते हो.
सन्नी: थोड़ी देर में मैं चला जौंगा, जैसे ही मुझे आयेज कहीं सीट मिल जाएगी तब.
अंजलि: ओके.
सन्नी: भाभी आप टेन्षन मत लो. मुझे जैसे सीट मिलेगी मैं चला जौंगा पक्का.
अंजलि: ठीक है, कोई बात नही.
सन्नी: आपको भाभी बोल सकता हू?
अंजलि: तुम मुझे परेशन करना बंद करोगे?
सन्नी: भाभी अगर आपको ऐसा लगता है तो सॉरी.
और फिर सन्नी चुप हो गया और अंजलि सोचने लगी ये यहाँ से कब उठेगा. लेकिन अंजलि को पता था की आज रात वो यहीं सोने वाला था.
अंजलि (दिल में- ये ट्रेन का सफ़र लंबा होने वाला है. क्यूँ ना मैं इस सन्नी के साथ टाइम पास करू?): वैसे तुमने अपना नाम क्या बताया था मैं भूल गयी?
सन्नी: भाभी मेरा नाम सन्नी है.
अंजलि: अछा तो सन्नी, तुम कहाँ जेया रहे हो?
सन्नी: भाभी मैं अपने घर जेया रहा हू, मेरी बेहन की शादी है.
अंजलि: ओह, वैसे तुम क्या करते हो?
सन्नी: भाभी स्टडी करता हू.
अंजलि: अछा पढ़ना आता है या बस खाली ऐसे बोल रहे हो?
सन्नी: नही भाभी, मैं एक होशियार स्टूडेंट हू.
अंजलि कर तो टाइम पास रही थी, पर दोनो बातों-बातों में आचे दोस्त बन गये.
अंजलि: चलो सन्नी, अब मुझे बहुत नींद आ रही है.
सन्नी: तो चलो भाभी, हम दोनो सो जाते है.
अंजलि: हम दोनो एक सीट पर कैसे सो सकते है?
सन्नी: हम दोनो सीट की साइड पर लेट जाए, तो आराम से सो सकते है.
और फिर एक तरफ अंजलि लेट गयी, दूसरी तरफ सन्नी लेट गया सीट पर.
अंजलि: मुझे यकीन नही हो रहा है, की हम दोनो एक सीट पर इतने आराम से सो सकते है.
सन्नी (दिल में- अर्रे बाप रे, कितनी सेक्सी गांद है भाभी की. ओह, ये तो बहुत मस्त है यार. इसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो रहा है).
अंजलि: सन्नी तुम्हारे पास जगह है ना?
सन्नी: भाभी आप आराम से सो जाओ, मेरे पास काफ़ी जगह है.
अंजलि: थॅंक्स सन्नी, अब तुम भी सो जाओ, स्वीट ड्रीम.
थोड़ी देर तो सन्नी चुप-छाप लेता रहा, और फिर उसने देखा की अंजलि सो गयी थी.
सन्नी (दिल में- लगता है भाभी सो गयी. क्यूँ ना मैं भाभी से चिपक जौ? और भाभी को पता भी नही चलेगा, और मेरा काम हो जाएगा.): ह ह बहुत अछा लग रहा है. भाभी की गांद बहुत मस्त है. मैं भाभी के इतने करीब हू की उनकी छूट को मेरा लंड टच हो रहा है. बस भाभी जाग ना जाए, और मेरा काम हो जाए.
अंजलि गहरी नींद में थी, और इसलिए सन्नी की हिम्मत और ज़्यादा बढ़ गयी. फिर सन्नी ने अपनी पंत की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाल दिया, और अपने हाथ में पकड़ कर हिलने लगा.
सन्नी (दिल में- लगता है भाभी गहरी नींद में है. जब से सोई है, 1 इंच भी नही हिली): इसका मतलब मैं अपना लंड भाभी के पीछे से उनकी गांद पर रग़ाद सकता हू. अर्रे क्यूँ ना मैं भाभी की सारी थोड़ी सी उपर करके अपना लंड रगडू, तो और ज़्यादा मज़ा आएगा. वैसे भी भाभी तो गहरी नींद में है. अगर मैं उसकी छूट में लंड भी डाल दूँगा तो क्या पता चलेगा!
और सन्नी ने ऐसा किया. अंजलि की सारी उपर की और अपना लंड गांद के उपर-उपर रगड़ने लगा. ऐसे सन्नी को बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन अंजलि की आँख खुल गयी.
अंजलि (दिल में- अर्रे ये क्या, सन्नी तो मुझसे लिपटा हुआ है. लगता है गहरी नींद में है, इसलिए मुझसे लिपट गया है. लेकिन ये मेरे पीछे क्या है, जो मुझे इतना चुभ रहा है? ओह बाप रे, ये तो सन्नी का लंड है. इसका मतलब वो अपना लंड मेरी गांद पर रग़ाद रहा है).
सन्नी (दिल में- वाउ, लगता है भाभी को मज़ा आ रहा है. इसलिए भाभी ने अपने हाथ मैं मेरा लंड पकड़ा है).
और फिर सन्नी अपने लंड को अंजलि के हाथ में उप-डाउन करने लगा, मतलब हाथ छोड़ने लगा.
अंजलि (दिल में- अर्रे ये अब मेरे हाथ को ही करने लगा है. मुझे अब क्या करना चाहिए? इसे रोकू या करने दो. अभी ये छ्होटा है, इसको क्या मालूम, ये क्या कर रहा है? मैं इसका हिला देती हू, जब निकल जाएगा, तो अपने आप शांत हो जाएगा).
और अंजलि सन्नी के लंड की मूठ मारने लगी. अंजलि को लगा था की सन्नी झाड़ जाएगा तो शांत होगा. लेकिन ये तो शुरुआत थी.
सन्नी (दिल में- अर्रे भाभी तो मेरे लंड की मूठ मार रही है).
अंजलि (दिल में- पता नही सन्नी क्या सोच रहा होगा मेरे बारे में? मैं उसका लंड अपने हाथ में पकड़ मूठ मार रही हू).
सन्नी: ह ह ऑश अहह ऑश उफ़फ्फ़ भाभी बहुत मज़ा आ रहा है.
अंजलि: मुझे पता है तुमको मज़ा आ रहा है. लेकिन इतने ज़ोर से आवाज़ मत करो.
सन्नी: भाभी मेरा गिरने वाला है, इसलिए आवाज़ निकल रही.
अंजलि: हा पर आराम से.
सन्नी: आहह आह आह आह भाभी मेरा निकल गया.
और अंजलि ने सन्नी का माल निकाल दिया और सन्नी को बहुत मज़ा आया. सन्नी के माल ने अंजलि की सारी खराब कर दी थी.
अंजलि: सन्नी मज़ा आया तुमको?
सन्नी: हा भाभी, बहुत मज़ा आया. सॉरी मैने आपकी सारी खराब कर दी अपने लंड के माल से.
अंजलि: कोई बात नही है सन्नी, अब तुम सो जाओ.
सन्नी: थॅंक योउ भाभी, आप बहुत अची हो. ई लोवे योउ भाभी.
अंजलि: ओह पहले तुम बोल रहे थे, और अब आप हो गये. अक्सर पहले आप होते है, और फिर तुम या तू होते है. लेकिन कोई बात नही है. अब सो जाओ, मुझे बहुत नींद आ रही है.
तो फ्रेंड्स, आयेज क्या हुआ वो कहानी के नेक्स्ट पार्ट में पता चलेगा. अगर आपको कहानी पसंद आए, तो प्लीज़ अंजलि की कहानी पर कॉमेंट कीजिएगा.
आपको क्या लगता है अंजलि और सन्नी दोनो सो जाएँगे, की आयेज सेक्स चुदाई करेंगे? नेक्स्ट पार्ट में मिलते है.