स्टोरी अंजान आदमी के साथ बीवी की चुम्मा-छाती की

हेलो फ्रेंड्स, आशा है की आप सभी को मेरी पहली कहानी पढ़ के अछा लगा होगा. तो आप सभी के लिए उस कहानी का पार्ट 2 लेके आपका दोस्त अंश फिर एक बार आ गया है. तो कहानी पे आते है.

दोस्तों जैसा की आपने पिछले पार्ट में पढ़ा है, की मैं और सोनिया अपने हनिमून के लिए गोआ जाते है. फिर कैसे हम 30 डिसेंबर को वाहा पहुँचते है, बीच पे जाते है, और वाहा से आने के बाद कैसे हम चुदाई करते है. उसके बाद हम एक नाइट क्लब जाते है. अब आयेज.

तो दोस्तों जैसा की मैने पिछली स्टोरी में बताया की हम दोनो क्लब पहुँच जाते है. उसके बाद हम एंट्री लेते है. 30 डिसेंबर थी, तो उस क्लब में भीड़ काफ़ी ज़्यादा थी. सो हमने बड़ी मुश्किल से एंट्री ली. फिर हम क्लब में जाके बार काउंटर पे खड़े हो गये.

अंश: सोनिया चलो फाइनली हम एंटर तो हुए क्लब में. तुम नही ट्राइ करती तो हमे एंट्री पास नही मिलते.

सोनिया: हा यार, आज तो रूम वापस जाना पड़ता, और मैने क्या किया? मैने तो बस काउंटर पे जाके पास लिए, और उन्होने दे दिए.

अंश (सोनिया को छेड़ते हुए): अछा पास तो मैं भी लेने गया था. मुझे तो दिए नही. तुमने कुछ दिखा दिया होगा, इसलिए उसने पास दे दिए.

सोनिया (हेस्ट हुए): मैं क्या दिखौँगी, जो देखना था उसने देख लिया होगा. इसलिए दे दिए पास.

अंश: अछा मुझे तो उसे देख के लग रहा था की कहीं तुम्हे पकड़ कर यही ना बजा दे. इस तरह से तुम्हे देख रहा था वो.

सोनिया (मुझे चिढ़ते हुए): तो तुम क्या करते? तुम्हे क्या मैं बस देखने के लिए लाई हू साथ में. तुम कुछ नही करते अगर वो कुछ करता तो?

अंश: जान मैं क्या ही कर लेता? उसमे से मेरे जैसे 3 निकलते है. उसे तो तुम्हारी गांद पसंद आ गयी थी पीछे से देख रहा था.

और दोनो हासणे लगे. फिर हमने ड्रिंक ऑर्डर करी, और काउच पे बैठने के लिए ढूँढने लगे. फिर हमे एक काउच दिखा, जिसपे दो जानो के लिए जगह थी. सो हम वाहा जाके बैठ गये. मैं तो रेग्युलर ड्रिंकर था. बुत सोनिया कभी-कभी पीटी थी. सो उसे जल्दी चढ़ जाती थी. मैने अपने लिए विस्की, और उसके लिए गिन वित टॉनिक ऑर्डर किया था.

फिर हम अपनी ड्रिंक पीने लग गये. मुझे तो एक पेग में कुछ नही हुआ, बुत सोनिया को चढ़ने लगी थी. सो मैने एक और पेग ऑर्डर कर दिया दोनो के लिए सेम वाला. हम जहा बैठे थे, वही पर एक 27 से 30 साल का हॅंडसम लड़का अकेला बैठा था. चलिए उसके बारे में बता डू तोड़ा सा.

उसका नाम प्रियांश था. वो मुंबई का रहने वाला था. वो मॉडेल था. रंग बहुत फेर, बॉडी जॉन अब्राहम जैसी, हाइट लगभग 6.2 फीट होगी. हल्की-हल्की बियर्ड, और एक-दूं आक्टर लुक वाला था. सो मैने सोनिया को इशारा किया देखने का. उसने देखा और उसकी आँखों में उसको देख कर एक अलग सी चमक थी. फिर हमने अपना दूसरा ड्रिंक भी ख़तम किया. मैने तीसरा ऑर्डर देना था, तो सोनिया बोली-

सोनिया: अभी मैं नही पियूंगी. थोड़ी चढ़ रही है.

तो मैने कहा: कोई बात नही, मैं माँगा रहा हू अपने लिए.

फिर मैने अपना ऑर्डर किया. जो भी ड्रिंक करता है, उसे पता होगा अगर आप ऐसी जगह ड्रिंक करते है, तो सामने वाले से बातें हो ही जाती है. सो मैने प्रियांश से बात करना स्टार्ट किया.

अंश: हेलो, आप यहा अकेले हो?

प्रियांश: हा जी, मैं अकेला हू.

अंश: वैसे मैं अपनी बीवी के साथ आया हू. ये मेरी बीवी सोनिया.

प्रियांश: हेलो, मैं प्रियांश (हाथ मिलते हुए).

अंश: आप अकेले एंटर कैसे हो गये यहा? यहा तो बाहर बहुत रश है.

प्रियांश: हा बुत जिसका ये क्लब है, वो मेरा बेस्ट फ्रेंड है.

सोनिया: वाह, अगर पहले मिले होते तो आपसे ही बोल देती मैं पास के लिए.

अंश: अर्रे सोनिया, ऐसे नही बोलते. उन्हे बुरा लग जाएगा.

प्रियांश: नही-नही ऐसा नही है. बुरा किस बात का? भाभी जी सही कह रही है. काम आ जाना चाहिए ऐसे टाइम.

सोनिया: देखो इन्हे बुरा नही लगा, आप भी ना. और प्रियांश आप मुझे बस सोनिया बोलो.

प्रियांश: ओक सोनिया जी. तो आप यहा न्यू एअर एंजाय करने आए है?

सोनिया की तो नज़रे ही नही हॅट रही थी उसकी बॉडी से. तो मैं उसका जवाब देते हुए-

अंश: हा, न्यू एअर भी, और हमारा हनिमून भी है. इसलिए हम गोआ आए है.

प्रियांश: अर्रे वाह. कंग्रॅजुलेशन्स (हाथ मिलते हुए).

अंश: थॅंक योउ प्रियांश.

प्रियांश: कंग्रॅजुलेशन्स सोनिया जी.

सोनिया अभी तक बस उसके ख़यालों में ही खोई हुई थी.

अंश (सोनिया को टोकते हुए ): सोनिया, कहा गुम हो? प्रियांश तुझे कंग्रॅजुलेशन्स बोल रहे है.

सोनिया: अर्रे सॉरी, मैं कुछ सोच रही थी. थॅंक योउ सो मच. और हा, बस सोनिया बोलो. अब मैं इतनी भी बड़ी नही जो आप जी लगाओगे.

प्रियांश: ओक सोनिया.

अब मेरा 3र्ड ड्रिंक भी ख़तम हो गया था. सो मैने सोनिया को बोला-

अंश: मैं सिगरेट पी के आता हू. तुम यही बैठो, और दोनो बातें करो.

फिर मैं उठा और बार काउंटर पे जाके पूछा की स्मोकिंग ज़ोन कहा था. सो वो बोला की स्मोकिंग ज़ोन तो था, मगर आज रश की वजह से बंद किया हुआ था. सो मुझे बाहर ही जाना पड़ना था. मैं फिर बाहर की तरफ जाने लगा तो सोचा सोनिया को बता के जौन.

फिर मैने पीछे मूड के देखा तो जहा मैं सोनिया के साथ बैठा था, वाहा प्रियांश जाके बैठ गया. मैने सोचा रहने डू डिस्टर्ब ना करू, वो मुझे देख के हॅट जाएगा. सो मैं फिर बाहर जाने लगा.

मैने क्लब बआउन्सर को बोला: मैं स्मोक करने जेया रहा हू. अभी आ जौंगा. एंट्री हो जाएगी ना?

बआउन्सर बोला: हा सिर, हो जाएगी. आप हो आइए.

सो मैं स्मोक करने तोड़ा डोर गया. रात के 11 बाज रहे थे. वाहा भीड़ बढ़ रही थी. नाइट में भी मुझे लगभग 15 मिनिट लगे वापस आने में. मैं गाते पे पहुँचा तो मुझे बआउन्सर ने रोक लिया.

मैने कहा: मैं स्मोक करने गया था.

फिर मैने उसे अपना एंट्री टॅग भी दिखया. उसने कहा की एंट्री अब 12 बजे के बाद होगी. फिर मैने सोचा सोनिया को कॉल करू, तो क्या पता वो अंदर से आ जाए. मैने उसे कॉल किया, तो एक बार तो उसने उठाया नही. फिर वो फोन उठाया प्रियांश ने.

अंश: हेलो, सोनिया ये बआउन्सर एंट्री नही दे रहा (पीछे बहुत लाउड म्यूज़िक आ रहा था )

प्रियांश: हेलो अंश, मैं प्रियांश हू. सोनिया वॉशरूम गयी है. फोन यही था, तो मैने पिक कर लिया. क्या हुआ?

अंश: अर्रे प्रियांश, ये बआउन्सर एंट्री नही दे रहा.

प्रियांश: ओक अंश, तुम वही रूको मैं आता हू.

प्रियांश आया, और उसे देख कर मेरी टेन्षन कम हुई. उसने बआउन्सर को बोला-

प्रियांश: ये मेरे साथ है. अब रात भर जितनी बार भी बाहर जाए, तुम नही रोकोगे आने के लिए.

बआउन्सर बोला: ओके सिर.

फिर हम अंदर आ गये. मैने प्रियांश को बोला-

अंश: वाह यार, तुम नही होते तो मुझे 1 घंटा वेट करना पड़ता. थॅंक योउ.

प्रियांश बोला: अर्रे कोई बात नही.

फिर हम अंदर पहुँचे तो सोनिया डॅन्स फ्लोर पे डॅन्स कर रही थी. मुझे देख कर सोनिया बोली-

सोनिया: आ जाओ अंश, आप भी साथ में.

बुत मुझे डॅन्स करना नही था. मैं वैसे भी पीने के मूड में था. प्रियांश भी मेरे पास ही आके बैठ गया था, और बोला-

प्रियांश: आप भी जाइए सोनिया के साथ डॅन्स करिए. अगर ऐसी मेरी बीवी होती, तो उसे अकेला नही छ्चोढता.

मैं उससे पूछता हू: क्यूँ, तुम क्या उसके साथ ही चिपके रहते?

प्रियांश: नही ऐसा नही है अंश. मगर खुद सोचो, इतनी सुंदर बीवी, उपर से पी हुई है. कही कोई फ़ायदा उठा ले तो?

मैने उसे छेड़ते हुए पूछा: मैं भी तो तुम्हारे साथ उसे छ्चोढ़ के गया था. कही तुमने तो फ़ायदा नही उठा लिया?

प्रियांश हिचकिचाते हुए: अर्रे नही यार. मैं तो बस बता रहा हू. तुम तो मुझ पर ही शक करने लग गये.

मैं: अर्रे नही, मैं तो बस मज़ाक कर रहा था. चलो मैं ज़रा टाय्लेट होके आता हू.

प्रियांश बोला: ओक कोई नही.

मैं वॉशरूम पहुँचा तो वाहा लाइन लगी हुई थी. भीड़ थी बहुत. मुझे वॉशरूम में 10 मिनिट लग गये थे. मैं वापस आया तो मैने डोर से देखा की प्रियांश वही बैठा था, और सोनिया उसकी गोद में बैठी थी. प्रियांश का हाथ उसकी जांघों पे था. तो मैं वही रुक गया.

मैने सोचा रुक जौ, तो मैं भीड़ में चला गया, जहा से मुझे वो दोनो दिख रहे थे. मैं उन्हे नही दिख रहा था. मैने देखा प्रियांश लगातार उसकी नंगी जांघें सहला रहा था. फिर वेटर आया, जो ड्रिंक लाया.

उसमे विस्की के दो पेग थे. एक सोनिया ने लिया, और एक प्रियांश ने. फिर वो दोनो ड्रिंक करने लगे. फिर ड्रिंक करते-करते सोनिया ने प्रियांश को लिप्स पे किस कर दिया लंबा. मैं ये देख कर हैरान था की 2 घंटे पहले मिले थे हम, और ये सब कर रही थी वो उसके साथ.

फिर मैं खड़े-खड़े तक गया, तो मैं वाहा चला गया. मुझे देखते ही प्रियांश ने अपना हाथ हटा लिया. मगर सोनिया उसकी गोद में से नही हटती.

प्रियांश मुझे देखते ही बोला: यहा सीट रही नही, सो सोनिया डॅन्स करके तक गयी थी, तो खुद बैठ गयी.

मैने बोला: कोई बात नही.

फिर सोनिया खड़ी हुई.

प्रियांश बोला: अंश तुम बैठ जाओ. फिर तुम सोनिया को बिता लेना.

मैने कहा: तुम्हारी जिम वाली टांगे है. मैं कहा बिता पौँगा.

प्रियांश बोला: नही ऐसा नही है. चलो मैं तुम्हे विप ज़ोन ले जाता हू. वाहा भीड़ भी नही होगी, और हम आराम से बैठेंगे.

ये स्टोरी थोड़ी लंबी होने वाली है. बुत आयेज बहुत मज़ा आएगा आपको. सो प्लीज़ पड़ते रहिएगा. विप ज़ोन में जाने के बाद क्या हुआ अगले पार्ट में बतौँगा. स्टोरी से जुड़े रहने के लिए शुक्रिया. अपनी फीडबॅक देने के लिए मुझे मेरी गमाल ईद अंश199231@गमाल.कॉम पे कॉंटॅक्ट करे.

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