दोस्तों स्वागत है आपका मेरी सेक्स स्टोरी के अगले पार्ट में. उमीद है आपने पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा. अगर नही पढ़ा है, तो पहले उसको ज़रूर पढ़ ले. चलिए अब आयेज बढ़ते है.
आयुष भी अभी रूम से बाहर आई थी. उसने मुझको देखा पर कुछ रिक्ट नही किया. मामी ने मुझे ब्रेकफास्ट में बुलाया पर मैने बोला की मैं नहाने के बाद ख़ौँगा. जब तक नहा धोके आया तब तक मामा-मामी जेया चुके थे, और आयुषी किचन मैं छाई बना रही थी. मैं किचन पहुँचा तो वो बोली-
आयुषी: भैया आपको भी छाई चाहिए?
मैं: बना रही है तो एक कप मेरे लिए भी बना दे.
आयुषी एक-दूं नॉर्मल बिहेव कर रही थी, जैसे कल कुछ हुआ ही नही हो. लेकिन मैं बीच-बीच में अब उसके बूब्स, कमर और आस टच करता, तो वो कुछ रिक्षन नही देती ज़्यादा. फिर आफ्टरनून में हम ऐसे ही बात कर रहे थे, तो मैने पूछा उसका कॉलेज कैसे था.
वो बोली: कुछ ख़ास नही, बोरिंग है बहुत.
फिर मैने अपनी कॉलेज लाइफ के बारे में बताया की हम वहाँ कैसे पार्टी करते थे. ये सुन कर उसको भी पार्टी करने का मॅन हुआ. तभी उसको याद आया की कल मामा-मामी शाम को सिंगपुर के लिए निकालने वाले थे.
आयुषी: कल मम्मी-पापा तो सिंगपुर जेया रहे है. तो हम उनके जाने के बाद पार्टी करेंगे.
मैं: चल ठीक है.
ये दिन भी ऐसे ही निकल गया. रात में मैं वहीं खिड़की के पास गया तो देखा आयुषी आज भी नंगी थी, और फिंगरिंग कर रही थी.
आयुषी: अया अमित भैया, छोड़ो मुझे. अपने इस बड़े से लंड से छोड़ो और ज़ोर से, आआआः.
मैं (मॅन में): तुम्हारी ये इक्चा मैं कल पूरी कर दूँगा.
फिर अगले दिन सब वैसे ही हुआ. मैं मामा-मामी को छ्चोढने एरपोर्ट गया.
मामा: हम जेया रहे है. दो-टीन दिन में आएँगे. तब तक घर का और आयुषी का ध्यान रखना.
मामी (बाग से कुछ पैसे निकाले): ये लो, और कुछ ज़रूरत हो तो बताना ज़रूर.
मैं उनको छ्चोढ़ के रास्ते से पार्टी का समान, दारू, चकना वग़ैरा-वग़ैरा ले आया. आयुषी भी रेडी थी. उसने एक ब्लॅक कलर का डीप क्लीवेज वाला वन पीस ड्रेस पहना था. उसका क्लीवेज सॉफ-सॉफ दिखाई दे रहा था.
फिर हमने पार्टी स्टार्ट की, डॅन्स वग़ैरा किया. म्यूज़िक सिस्टम था, दारू, चकना सब कुछ था. वो शॉट्स पे शॉट्स लगाए जेया रही थी. मैं कम-कम पे रहा था. फिर हम बैठे और बातें करने लगे. अब मुझे पता था की वो ड्रंक हो चुकी थी.
मैं: आयुषी तेरा बाय्फ्रेंड वग़ैरा है?
आयुषी: यार भैया नही है मेरा.
मैं: अर्रे शर्मा मत, बता दे. सेक्स वग़ैरा किया है कभी?
आयुषी: अर्रे सच बोल रही हू, कभी नही किया सेक्स, और ना ही कोई बाय्फ्रेंड है.
मैं: तो फिंगरिंग के भरोसे?
आयुषी: अर्रे भैया, वो मैं हर रात करती हू, पॉर्न देख के और कल तो मैं.
इतना बोलते ही वो रुक गयी. फिर मैने उसको अपनी तरफ खीचा, और गाल पर एक किस दिया. उसने भी मेरे गाल लार किस कर दिया. फिर मैने अपने लिप्स गाल से खिशाते-खिसकते उसके लिप्स तक ले गया और वहाँ किस किया. वो शॉक हो गया. फिर वो नशे मैं बोली-
आयुषी: अगर आप भीया नही होते, तो मैं यहीं आपके साथ सेक्स कर लेती.
ये सुन कर अब मुझे कंट्रोल नही रहा. मैं उसको चेहरे पे, लिप्स पे, नेक पे किस करने लगा. मैने एक बार में उसकी ब्लॅक ड्रेस उतार दी. उसने ब्रा-पनटी नही पहनी थी. मैं उसको वहीं से किस करता, और बूब्स दबाता.
वो भी गरम हो रही थी. उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए. फिर मैने उसको वहीं घोड़ी बनाया और उसकी छूट चाटने लगा. बीच-बीच में मैं उसकी गांद भी चाट-ता. उसको बहुत मज़ा आता.
आयुषी: फक भैया, और ज़ोर से चाट-ते रहो. अया, मज़ा आ रहा है.
फिर मैने उसको उल्टा किया और अपना लंड उसके मूह में दे दिया. मेरा लंड बड़ा होने की वजह से वो पूरा अंदर नही जेया रहा था. उसने कभी ब्लोवजोब नही दिया था, तो वो आचे से दे नही पा रही थे. फिर मैं उसको उसके बेड पे ले गया, और वहाँ लिटा दिया. उसके बाद अपना लंड उसकी छूट में डालने लगा, तो उसके छूट बहुत टाइट थी. वो रोने लगी.
आयुषी: भैया बाहर निकालो, बहुत दर्द हो रहा है.
मैने अपना लंड बाहर निकाल लिया. फिर पहले एक उंगली डाली, उसके बाद दूसरी और उसको वैसे ही फिंगरिंग करने लगा. जब मुझे लगा की आब ठीक टाइम था, तब मैने अपना लंड धीरे-धीरे उसकी छूट मैं डाला.
आयुषी: भैया अभी भी दर्द हो रहा है.
मैं: पहले-फेले होता है. फिर बाद में मज़ा आता है.
ये बोलते ही मैने उसको धीरे-धीरे छोड़ना स्टार्ट किया. कुछ देर तो वो ऐसे ही चिल्लाई. कुछ देर बाद उसको भी मज़ा आने लग गया. पर उसकी छूट अभी भी टाइट थी. मेरे लंड पे उसका खून भी लग गया था. छूट टाइट होने की वजह से मैं अपने नॉर्मल टाइम से कुछ समय पहले ही झाड़ गया. मैने अपना सारा रस्स उसके चेहरे और बूब्स पे डाल दिया.
आयुषी: क्या भैया, आपने मेरा फेस खराब कर दिया.
आयुषी भी अब तक 2 बार झाड़ चुकी थी. कुछ समय का ब्रेक लेने के बाद आयुषी बोली की एक रौंद और हो जाए. तो मैं भी मान गया. मैने उसको दोबारा घोड़ी बनाया, और लंड उसकी छूट में डाल दिया. उसकी छूट एक बार चूड़ने के बाद भी टाइट थी. अब मुझे मज़े के साथ-साथ दर्द भी होने लगा था. दूसरी बार चुदाई करके हम दोनो सो गये.
जब सुबा हुई तो मेरे लंड में अछा महसूस होने लगा. देखा तो आयुषी मेरा लंड चूस रही थी.
आयुषी: भैया आपने कल बहुत मज़े दिए.
मैं: सेक्स करने के बाद तो भैया मत बोल.
आयुषी: भैया बोल के करने में बहुत मज़ा आता है.
इतना बोलते ही उसने मूह से लंड निकाला, और उस पर बैठ गयी. रात में लंड मैं दर्द था, पर आब वो दर्द नही हो रहा था. उसने भी अब उछाल-उछाल के चूड़ना स्टार्ट और दिया.
अब जीतने भी दिन मैं वहाँ था, मैने उसको घर के हर कोने मैं छोड़ा. जब मामा-मामी घर में नही होते तो हम नंगे की रहते. जो मैने सोचा था वो मैं करके ही वहाँ से आया.