अकबर बीर्बल

हिी दोस्तो मेरा नामे बृजेश है और मे झाँसी उप का रहने वाला हू ये मेरी पहली कहानी है जो अलग अलग पार्ट मे आप सब पद सकते है.

कहानी शुरू करने से पहले कहानी के लोगो के बारे मे बता डू ये कहानी मुहलिया महल की है अकबर बिराल की.

जो की एक कलपिनिक कहानी है अगार किसी को दुख होता है तो मेरी तरफ से हाथ जॉदर माफी. तो शुरू करते है कहानी.

अकबर का दरबार लगा हुआ था लेकिन अकबर के दरबार से बीर्बल गायब थे क्योकि उनकी नज़र रानी शाहिबा की गांद मारने पर थी.

इसलिए बीर्बल रानी शाहिबा के कमरे मे चुपके से गये लेकिन उन्होने वाहा क्या देखा की रानी शाहिबा नंगी थी और एक आदमी उन्हे लीप किस कर रहा था. तभी वो आदमी पतला सा था जैसे ही वो पलटा तो बीर्बल उसे देखार शॉक हो गये क्योकि वो और कोई नही राजा डरबन था.

फिर धीरे धीरे रानी साहिबा के नेक से किस करते हुए बूब्स तक पहुँच जाता है. फिर रानी साहिबा के निपल पे लगा चॉक्लेट प्यार से छत जाता है रानी साहिबा को इश्स सब मे मज़ा आ रा होता है. जिसका प्रमाण वो अपने मूह से निकली सिसकियो से बयांकार रही होती है.

रानी साहिबा – अहह आआआआअ आआआ…

राजा डरबन बरी बरी दोनो निओप्लेस को सक करके रानी साहिबा का एक बूब अपने मूह मे भर लेता है.. और गहराई से रानी साहिबा का बूब्स और उसले लगी चॉक्लेट को चाट जाता है.

करीब 20 मीं बरी बरी दोनो बूब्स को चूसने के बाद राजा डरबन नीचे की ट्राफ् पेट को छत ते हुए बढ़ता है. और अपनी की नेवेल तक पहुच जाता है. नेवल को 20 मीं छत छत कर रानी साहिबा को स्वर्ग मे पहुँचा देता है.

रानी साहिबा कंटिन्युवस ऑश आहह एस्स एयाया उहह की आवाज़े निकलती रहती है.

फिर राजा डरबन की नज़र रानी साहिबा के छूट से बहते हुए चोकॉलतेटी पानी प्र पड़ती है और वो छूट की ट्राफ् बढ़ता है.

अपनी जीभ से छूट से बह रहे पानी को चाट लेता है.

फिर रानी साहिबा की छूट पे और चॉक्लेट सरप डाल कर चाटने लगता है.

राजा डरबन – आज तुम्हारी छूट को 1 घन्ते तक खाना च्चता हू मैं रोकना मत मुझे. (कहते हुए छूट मे अपना मूह घुसा देता है और चूसने लगता है)

रानी साहिबा – मी लोवे अब यह आपकी है मेरे जानू आपका मान हो जितना आप इसको खाओ चूसो फाडो आह मज़ा आ रा है ऑश मी गोद..

राजा डरबन अपनी की छूट को प्यार से काट काट कर रानी साहिबा को उच्छल उछाल कर चूस्ता है. करीब 1 घन्ता 15 मीं चूसने के बाद राजा डरबन हट ता है इश्स दरमियाँ रानी साहिबा 4 बार झाड़ चुकी होती है.

राजा डरबन अपने लंड को छूट मे डालने के लिए त्यआर कर ही रहा होता है के रानी साहिबा उसे रोक देती है एर कहती है.

रानी साहिबा – यह क्या आपने मेरी सारी चॉक्लेट तो खा ली मुझे नही खिलाएगे क्या.?

राजा डरबन – टाइम देख लो एक बार कामना पीयूष रेडी हो कर आते ही होंगे.

रानी साहिबा – 10 मीं तो मुझे चॉक्लेट खानी ही है चाहे जो हो जाए मैं नि मान ने वाली.

फिर रानी शबीबा डरबन का लंड चूसने लगती है. रानी साहिबा राजा डरबन का पूरा 7 इंच का लंड मूह मे ले रही थी और लंड को पूरा गीला कर दिया. डरबन के मूह से आ आ की आवाज़ निकलने लगी. इसी तरह रानी साहिबा ने राजा डरबन का लंड चूसा. फिर रानी साहिबा लेट गयी और राजा डरबन छूट चूसने लगा.

रानी शाहिबा कह रही थी की “मारो ज़ोर से मारो..”

रानी शाहिबा को नंगा देखार बीर्बल का लंड खड़ा हो गया.

राजा डरबन-तेरी छूट बहुत टाइट लग रही है कुटिया..!

रानी शाहिबा-हा कुत्ते तूने नही मारी इतने दिन!

राजा डरबन-अकबर ने नही मारी क्या तेरी छूट..

रानी शाहिबा-उस मधर्चोड़ का नामे मत ले..

राजा डरबन-क्यो?

रानी शाहिबा-वो तो आपने काम मे इतना बिज़ी रहता है और ये भी नही देखता है की मेरी छूट मे कितनी आग लगी हुई है.

राजा डरबन-टेन्षन मत ले मेरी रॅंड तेरी छूट तो मे मारूँगा.

और राजा डरबन ज़ोर ज़ोर से रानी शाहिबा की छूट मारने लग गया.

तभी रानी शाहिबा चीखी और झाड़ गयी लेकिन राजा डरबन अभी भी उनकी छूट मार रहा था. रानी शाहिबा की छूट मे दर्द होने लगा.

रानी शाही बा-बस कर भोसदिके मेरी छूट मे दर्द हो रहा है!!!

राजा डरबन-तो फिर मे कहा पर खाली करू?

रानी शाहिबा-कही भी कर लेकिन मेरी छूट से निक्ाअल…

राजा डरबन-तो मूह मे लंड लेगी क्या मेरा कुटिया..

रानी शाहिबा-हा.

राजा डरबन-तो ये ले.

ये कह कर राजा डरबन आपना लंड रानी की छूट से निकाल लेता है और रानी शाहिबा के मूह मे डाल देता है.

10-15 मीं मूह छोड़ने के बाद वो रानी शाहिबा के मूह मे झाड़ जाता है.

उन्हे देख कर बीर्बल का 13 इंच का लंड उनकी धोती से बहार आने लग गया और बीर्बल उनके देख कर आपना लंड हिला हिला कर पानी निकाल दिया.

तभी राजा डरबन और रानी शाहिबा अलग होती है और राजा डरबन दरबार कर लिए चला जाता है. रानी शाहिबा तब आपने कपड़े पह्न लेती है और तभी बीर्बल रानी के कमरे मे जाते है.

बीर्बल को देख कर रानी शाहिबा कहती है आओ बीर्बल कैसे आना हुआ?

तो बीर्बल कहते है रानी शाहिबा मे तो डरबन को देखने आया था लेकिन…

रानी शाहिबा-डरते हुए “क्या लेकिन??”

बीर्बल-उसका और आपका काम देखा तो..

रानी शाहिबा-तो क्या?

बीर्बल-मुझे भी आपकी गांद मारनी है.

रानी शाहिबा-होश मे आओ बीर्बल ऐसा ना हो की तुम्हे फाँसी हो जाए.

क्या बीर्बल रानी शाहिबा की गांद मार पाएगा?

ये पढ़ने अगली कहानी के पार्ट मे.

अगर कोई फीमेल जो झाँसी है और आपने आप को स्ताटिसफी करना चाहती या मुझसे बात करना चाहती है तो मुझे मैल कर सकती है

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