आधी नंगी कज़िन के साथ मज़े

पिछली स्टोरी में आपने पढ़ा की जब मैं मेरे मामा के यहा रहने गया, तो उनकी बेटी नेहा की बातें सुन कर हक्का-बक्का रह गया. आयेज पढ़िए उसके बाद क्या हुआ. जिसने पार्ट 1 नही पढ़ा है, वो जाके पढ़ सकते है.

सॉरी फॉर थे टाइपिंग एरर इन थे लास्ट पार्ट. क्यूंकी मुझे नेहा के लिए बानयन की जगह ब्रा और त-शर्ट की जगह टॉप इस्तेमाल करना था. अब स्टोरी पे आते है-

मैने नेहा की बात सुनी और समझा. मैं नेहा की बात से पूरी तरह सहमत नही था. इसी लिए मैने उससे कहा-

मैं: देख नेहा, तेरा सुबह जल्दी उठ कर कपड़े पहनने का आइडिया तो अछा है. लेकिन हमारा साथ में ऐसे सोने का प्लान मुझे ठीक नही लगता.

मेरी बात सुन कर नेहा बोली (वो पता नही क्यूँ लेकिन बहुत एग्ज़ाइटेड लग रही थी)-

नेहा: भैया, ऐसा नही है. मैं तो कभी भी अगर लाइट जाती है तो विदाउट टॉप आंड ब्रा के ही सोती हू. और रही बात आपकी, तो मुझे आप पर पूरा विश्वास है की आप मुझे ना तो कपड़े बदलते वक़्त देखोगे, और ना ही सोते वक़्त.

(जब वो ये बोल रही थी तब उसके चेहरे पे एक हल्की सी स्माइल झलक रही थी)

मैं: अगर तुझे टॉप और ब्रा उतारनी है तो उतार. लेकिन मुझे क्यूँ इसमे शामिल कर रही है?

नेहा: अर्रे भैया, इससे हम ईक्वल फुटिंग पे रहेंगे.

मैं मान गया और कहा-

मैं: ठीक है तू टॉप उतार दे, लेकिन ब्रा नही उतारेगी. और हा, तेरी इंग्लीश पहले से बहुत अची हो गयी है.

उसका चेहरा पहले ब्लश हुआ, और फिर मायूस हो गया, और वो बोली-

नेहा: भैया मेरी ब्रा बहुत टाइट है. और अगर उसे पहन के सो गयी, तो सुबह पूरी चेस्ट पे रेड स्पॉट्स आ जाएँगे.

मैने उसकी बात सुनी और कहा-

मैं: ठीक है तो तू तेरी ब्रा का हुक खोल के सोजा. अब ये तो चलेगा ना.

उसने खुशी से सर हिलाया, और फिर हमने मोबाइल की फ्लॅशलाइट के सामने एक-एक करके कपड़े उतारे. मैने त-शर्ट और बनियान उतारी, और बिस्तर पर चादर ओढ़ के लेट गया. अब नेहा की बारी थी.

उसने मिरर के सामने जाके अपना टॉप उतरा और ब्रा उतारने लगी. तभी मेरे मॅन में उसे देखने की इक्चा जागी, क्यूंकी की ऐसा मौका रोज़-रोज़ नही मिलता.

मैने खुद को कंट्रोल करने की कोशिश तो बहुत की, लेकिन फिर भी मेरे अंदर का मर्द मुझसे जीत गया. जैसे ही मैने उसे देखने की कोशिश की, नेहा ने मुझे मिरर में से देख लिया, और मैने मेरा चेहरा जल्दी से वापस चादर से धक लिया. मुझे अचानक से नेहा की आवाज़ आई और मुझे लगा की अब तो ये भाई बेहन का रिश्ता ख़तम समझो.

नेहा: आ…

मैं ये सुन कर तोड़ा नॉर्मल हुआ और पूछा-

मैं: क्या हुआ? टेबल की लगी क्या?

नेहा: नही भैया. ये ब्रा का हुक मेरी उंगली में बहुत ज़ोर से चुभ गया.

मैं हिचकी खा के बोला-

मैं: म-मैं कुछ हेल्प करू?

नेहा: हा. ऐसा करो आप ये हुक खोल दो. मैं ब्रा आयेज से पकड़ लूँगी, ताकि ये गिरे ना.

मैं: ठीक है, इधर आ.

नेहा मेरे पास आई, और उसने अपने दोनो हाथो से अपनी ब्रा पकड़ी और बोली-

नेहा: लो भैया, अब जल्दी से खोलो. मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

मैने उसकी ब्रा का हुक खोला, वापस लेता, और सोचने लगा की इसने मुझे उस वक़्त मिरर में देखा था या नही. और अगर देखा था, तो वो कुछ बोली क्यूँ नही? वैसे उसका फिगर 36-26-36 के लगभग होगा, जिसे देख के कोई भी पिघल जाए. 19 की उमर में 25 का फिगर था उसका.

मैने मेरा मूह चादर से ओढ़ के रखा, और नेहा मेरे बगल में आके लेट गयी. हम दोनो ने ऑपोसिट डाइरेक्षन में मूह कर लिया, और कुछ देर बाद मैं बोला-

मैं: तू इससे कंफर्टबल तो है ना, क्यूंकी अगर कोई भी प्राब्लम हो तो मुझे जगा के बोल देना.

(मेरा लंड एक-दूं सख़्त हो रहा था)

नेहा: अर्रे भैया, आप चिंता मत करो. मैने बोला ना की मुझे तो आदत है, तो आप टेन्षन फ्री होके सो जाओ. वैसे भैया आपकी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?

मैं हड़बड़ाहट में बोला-

मैं: तुझे नींद नही आ रही है क्या?

नेहा: बस ये लास्ट सवाल भैया, प्लीज़.

मैं: नही, अभी तक तो नही. लेकिन हा ढूँढ रहा हू, जो मेरी बातें प्यार से सुने और माने. अछा अब गुडनाइट और अब सोजा.

मैं इस टॉपिक को अब और ज़्यादा आयेज नही ले जाना चाहता था. क्यूंकी मेरा लंड पहले ही तंन गया था, और अगर ज़्यादा बातें करता तो हिलना ही पड़ता. नेहा करीब साढ़े 11 बजे सो गयी. लेकिन मैं अब भी ये प्रोसेस नही कर पा रहा था, की मेरे मामा की लड़की मेरे ही साथ सेम बेड पे बिना ब्रा और टॉप के सो रही थी.

मेरा लंड एक-दूं तन्ना हुआ था, लेकिन जैसे-तैसे 12 बजे तक मोबाइल चला के मैं भी सो गया. गर्मी बहुत थी, इसलिए मैं कच्ची नींद में सोया हुआ था, और करीब ढाई बजे मुझे मेरे उपर कुछ हेवी सा फील हुआ, तो मैने हल्की आँखें खोली और हैरान हो गया.

नेहा की ब्रा उतरी हुई थी, और वो मेरे सीने से लिपट के सोई थी. ये देख के मेरे लिटरली रोंगटे और लंड दोनो एक-दूं तंन के खड़े हो गये. उसके मुलायम गोरे बड़े बूब्स और छ्होटे-छ्होटे निपल्स देख कर मेरी पूरी नींद उडद गयी, और मैं पागल सा हो गया. मानो मेरा दिमाग़ पूरा धुँधला हो गया हो, और मेरा खुद पर कोई काबू नही था.

अब मेरे अंदर का मर्द मेरे काबू से बाहर हो गया था, और मैने उसे 5-10 मिनिट तक वैसे ही लेते हुए चेक किया, और ये कन्फर्म किया की वो गहरी नींद में सो रही थी या नही. ये चेक करने के बाद मैने अपना एक हाथ बहुत धीरे से नेहा के हाथ के नीचे से निकाला, और उसकी नंगी पीठ पे फेरने लगा.

उसकी चिकनी और मुलायम त्वचा पे हाथ फेरते-फेरते मैने बहुत ही प्यार से उसे सीधा लिटा दिया. अब उसके 36″ के गोरे बड़े बूब्स मेरी आँखों के सामने थे.

मैने देर ना करते हुए उसकी साइड करवट लेली, और अपने हाथ को उसके बूब्स और निपल्स के इर्द-गिर्द फेरना चालू किया. फिर मैने उसके बूब्स पे अपनी जीभ फेरी, और सारा पसीना सॉफ कर दिया, और फिरसे उसके निपल्स के साथ खेलने लग गया.

मैने धीरे-धीरे अपना हाथ उसके क्लीवेज से होते हुए नीचे लिया, और उसके पेट और नाभि को सहलाने लगा.

नेहा थोड़ी हिली और मेरी तरफ करवट लेली. वो अब भी गहरी नींद में ही लग रही थी. लेकिन जब वो हिली, तो मुझे लगा की मेरा खेल अब ख़तम हुआ समझो.

मैने फिरसे देर ना करते हुए अपना हाथ उसके पेट पे रखा, और सहलाने लगा, और हिम्मत करके जैसे ही अपना हाथ उसकी लेगैंग्स के अंदर डालने वाला था, तभी लाइट आ गयी. मैने जल्दी से मेरा हाथ वापस चादर के अंदर लिया और सोने की आक्टिंग करने लगा. कूलर और फन चालू हो गये थे.

अब लाइट तो आ गयी थी. लेकिन मेरे अंदर का मर्द अब भी मुझे सोने नही दे रहा था, और मेरा लंड पूरी तरह से तन्ना हुआ था. अगर मैं अब मूठ मारता तो नेहा उठ जाती, और लाइट आने की वजह से देख भी लेती की मैं ये कर रहा था. मैने ये रिस्क नही लिया, और बातरूम में जाने की सोची.

मैं उठा और बातरूम में गया. वाहा लाइट जला के नेहा और मेरी मामी मोना के नाम की मूठ मारने लगा. जब मैं मूठ मार के बाहर आया, तो देखा की नेहा कमरे में नही थी. मैं घबरा गया की कही उसने मुझे मूठ मारते हुए उसका और मामी का नाम लेते तो नही सुन लिया. या वो उस पुर टाइम जाग तो नही रही थी.

उसकी ब्रा वही पड़ी थी, लेकिन टॉप नही था. मैं इसके दर्र से जल्दी से बिस्तर में गया और चादर तां के सोने का नाटक करने लगा. फिर नेहा कमरे में आई, टॉप उतरा, और लाइट बंद करके सो गयी.

फिर मैं भी सो गया क्यूंकी कुछ देर में सुबह होने वाली थी, और फिर नेहा जाग जाती है. मैं पकड़ा जौ इससे अछा था की अभी के लिए मेरी इक्चा दबा के सो जौ.

ओक गाइस, आयेज की स्टोरी अगले पार्ट में. तब तक के लिए गुडबाइ. योउ कॅन टॉक तो मे ओर गिव मे सजेशन्स तो मेक माइसेल्फ बेटर अट राइटिंग स्टोरीस अट निककतेस्टोर्यवृत्टेर@गमाल.कॉम

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