हेलो फ्रेंड्स, मेरी गे सेक्स स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट में आपका स्वागत है. उमीद है आप सब ने पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा. अगर नही पढ़ा है, तो पहले उसको पढ़ ले. चलिए अब आयेज बढ़ते है.
शाम के 7:45 बाज रहे थे. मुझे बेचैनी हो रही थी. ऐसा नही था की मैं पहली बार सारा बनी थी. या पहली बार मैने सारी पहनी थी. पर मेरे बॉस के साथ ये मेरी पहली डटे थी. और उन्हे लगता है की मैं (सारा) समीर की कज़िन सिस्टर हू. फिर बॉस का मुझे कॉल आया. उन्होने मुझसे कहा-
बॉस: समीर, सब तैयारी हो गयी है ना? सारा तुम्हारे घर पर है ना? जब मैं वहाँ अओ, तो मेरा उससे अछा सा इंट्रोडक्षन करना.
मैं: हा बॉस, सब तैयारी हो चुकी है. आप मेरे घर आ जाइए, पर?
बॉस: पर क्या?
मैं: मैं अपने घर पर नही रहूँगा. मैं मेरे दोस्त के घर जेया रहा हू. इट’स आन एमर्जेन्सी. आप खुद ही अपने आप को इंट्रोड्यूस कर देना. मेरे घर पर सारा आपका वेट कर रही है, बाइ.
मैने कॉल कट किया. मैं बेचैन हो कर बार-बार अपने आप को ड्रेसिंग टेबल के मिरर में देख रही थी. अपने बालों का जूड़ा आचे से सेट कर रही थी. होंठो की लिपस्टिक को हाइलाइट कर रही थी. चेहरे पर का मेक-उप टच उप कर रही थी.
मैं काफ़ी नर्वस फील कर रही थी.
आख़िर-कार रात के 8:15 बजे बॉस मेरे घर आ पहुँच गये. उन्होने डोरबेल बजाई. मैने पहले एक गहरी साँस ली, और फिर दरवाज़ा खोला. बॉस घर के अंदर आए. बॉस ने ब्लॅक सूयीट पहना हुआ था. साथ में वाइट शर्ट थी और रेड टीए थी.
उनके रिघ्त हाथ में महँगी रोलेक्स वॉच थी. उन्होने एक बहुत ही बढ़िया पर्फ्यूम लगाया था, जिसकी खुश्बू मुझे मदहोश कर रही थी. उनके हाथ में एक रेड रोज़ का बड़ा सा बुके था.
बॉस: हेलो सारा, माइसेल्फ आदित्या, आदित्या ओबेरोई, समीर’स बॉस. ब्यूटिफुल फ्लवर्स फॉर आ ब्यूटिफुल लेडी.
मैने वो बुके उनके हाथ से ले लिया.
सारा: थॅंक्स, आइए. प्लीज़ अंदर आइए. समीर ने मुझे बताया था की आप आने वेल है. समीर अपने दोस्त के घर गया है. आप सोफे पर बैठिए. मैं हम दोनो के लिए कोल्ड ड्रिंक लाती हू.
बॉस लगातार मुझे ही देख रहे थे, उपर से नीचे, नीचे से उपर. मुझे देखते हुए बॉस बोले-
बॉस: ब्यूटिफुल.
मैने हल्की सी स्माइल की. और कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए किचन में चली गयी. बॉस सोफे पर से उठ कर हॉल में टहलने लगे. तभी दरवाज़े की बेल बाजी. दरवाज़े पर डेलिवरी बॉय था.
सारा: मिस्टर. ओबेरोई क्या आप दरवाज़ा खोल कर फुड पार्सल ले लेंगे? मैं यहाँ किचन में बिज़ी हू.
बॉस ने डेलिवरी बॉय से फुड पार्सल ले लिया. उसको पैसे दिए और ₹200 टिप भी दी. वो वापस चला गया.
सारा: मिस्टर. ओबेरोई. क्या आप वो फुड पार्सल किचन में लेकर आएँगे?
बॉस वो फुड पार्सल लेकर किचन में आए. उन्होने पार्सल किचन प्लॅटफॉर्म पर रख दिया. फिर वो मुझे देखने लगे. मैने उन्हे कोल्ड ड्रिंक ऑफर की.
सारा: ये लीजिए कोल्ड ड्रिंक. आप इसे पीजिए, तब तक मैं हम दोनो के लिए खाने की प्लेटिंग करती हू.
बॉस मुझे लगातार देखे ही जेया रहे थे. उनकी नज़र मेरे क्लीवेज एरिया/सीने (बूब्स) से हॅट ही नही रही थी. मैं खाने की उनबोक्षिंग और प्लेटिंग करने में बिज़ी थी. पर मेरा सारा ध्यान बॉस की नज़रों पर था.
वो मेरे पास आए और बड़े प्यार से मेरे चेहरे पर आती हुई बाल की लत्ट को अपने हाथ से मेरे कान के पीछे किया. मैने तोड़ा सा ब्लश किया, पर बॉस की तरफ देखा नही. बॉस मेरी तरफ ही देख रहे थे.
सारा: मिस्टर. ओबेरोई. क्या आप मेरी हेल्प करेंगे खाने को डिन्नर टेबल तक ले जाने के लिए?
मैने चिकन कड़ाई का बोल और रोटी का बोल लेकर हॉल में डिन्निंग टेबल पर ला कर रख दिया. बॉस भी पुलाव और खाने की प्लेट्स लेकर मेरे पीछे आए और वो सब डिन्निंग टेबल पर रख दिया. फिर मैने बॉस को खाना सर्व किया. हम दोनो खाना खाने लगे.
सारा: समीर ने मुझसे कहा की आप मुझसे मिल ना चाहते है? मुझसे कोई काम था आपको?
बॉस: कोई काम नही था. जस्ट आप से मिलने की इक्चा थी. आपसे दोस्ती करना चाहता हू.
सारा: दोस्ती और मुझसे? पर क्यूँ? आप कितने बड़े और रिच हो. मैं तो बस एक कॉलेज स्टूडेंट हू.
बॉस: आप बहुत ब्यूटिफुल हो. मैने जब से आपकी फोटोस देखी है, मैं आप की खूबसूरती का मुरीद/कायल हो गया हू. क्या हम दोनो दोस्त बन सकते है?
सारा: मैं इस बारे में सोचती हू.
हम दोनो ने डिन्नर फिनिश किया. बॉस जेया कर हॉल के सोफे पर बैठ गये. मैने डिन्निंग टेबल से प्लेट्स उठाई और किचन में जेया कर वॉश करके रख दी. बॉस टीवी देखने लगे.
सारा: क्या आप कॉफी लेंगे?
बॉस: आपने मेरे सवाल का जवाब नही दिया.
सारा: ज़रा सा रुकिये, इतनी भी क्या जल्दी है.
बॉस: वैसे मैं रात को कुछ और पीटा हू. पर आज कॉफी चल जाएगी.
मैं कॉफी बनाने के लिए किचन में गयी. बॉस भी मेरे पीछे-पीछे किचन में आ गये. हम दोनो ने कॉफी पी और बॉस मुझे (सारा को) अपने बिज़्नेस के बारे में बताने लगे. कॉफी भी फिनिश हो गयी.
बॉस के चेहरे पर सॉफ-सॉफ दिखाई दे रहा था की वो मेरे जवाब का इंतेज़ार कर रहे थे. पर मैं उन्हे और तड़पाना चाहती थी. मैने कोई जवाब नही दिया. आधे घंटे बाद बॉस अपने घर जाने के लिए निकालने लगे.
बॉस ने दरवाज़ा खोला और दहलीज़ पर खड़े हो कर कहा-
बॉस: अब मैं चलता हू. आप मुझे अपना फोन नंबर दीजिए. मैं आपको कॉल करूँगा.
सारा: मिस्टर. ओबेरोई आप इतनी जल्दी जेया रहे है.
(हम दोनो ने हॅंडशेक किया. मेरा हाथ अभी भी बॉस के हाथ में था.)
सारा: मैं आपकी दोस्त बनने के लिए तैयार हू.
बॉस दरवाज़े की दहलीज़ से अंदर आए. उन्होने दरवाज़ा बंद कर दिया. फिर उन्होने मुझे अपनी बाहों में भर लिया. बॉस बहुत खुश हो गये.
इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको इस गे सेक्स स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट में पता चलेगा. यहाँ तक की कहानी आपको कैसी लगी ज़रूर बताए.