दाद और फ्रेंड्स के साथ ग्रूप गे सेक्स

दोस्तों सेक्स कहानी को आयेज बढ़ते है-

नेक्स्ट मॉर्निंग के 7 बजे थे. मैं बार-बार ये ही सोच रहा था कैसे दाद को बोलू की रोहित और विक्रम रिलेशन्षिप में थे. हो सकता था विक्रम और रोहित ने दाद को किसी वजह से ना बताया हो. लेकिन मैं बोलूँगा तो दाद सच मानेंगे क्या?

मैं ये सब सोच रहा था तभी पापा जाग गये. मैं उनको गुड मॉर्निंग बोल कर गले मिला.

दाद: आरिक तुम जाग गये? मुझे तो बहुत नींद आ रही थी. पता ही नही चला कब रूम में आया और कब सो गया.

मैं: बस थोड़ी देर पहले ही जगा हू.

दाद: फ्रेश हो जाते है. फिर बाहर पूल के पास बरबेक़ुए लंच करेंगे, फिर स्विम्मिंग. ठीक है, इसलिए स्विम ड्रेस ही पहनना.

तभी मुझे एक आइडिया आया, की क्यूँ ना विक्रम और रोहित के साथ कुछ ऐसा करे की उनके बारे में दाद को पता चल जाए.

9 बजे हम सब पूल पर पहुँच गये. आज मौसम अछा था. सूरज की धूप भी बहुत अची आ रही थी. हम सब ने बनियान और शॉर्ट्स पहनी हुई थी. हम लंच करने लगे.

मैं: अंकल आप दोनो बहुत आचे हो. क्यूँ ना हम सब लंच के बाद संकीम लगा कर तोड़ा सुन टन ले. फिर स्विम्मिंग पूल में ग़मे खेलते है?

रोहित: कल तो तुम बहुत शांत थे. आज बड़ी मस्ती में हो.

विक्रम: तोड़ा टाइम लगता है सब को एक-दूसरे से मिलने में.

लंच के बाद विक्रम ने मुझे पीछे से पकड़ लिया.

विक्रम: संकीम हमारे पास तो नही है बेटा जी.

फिर मैं जल्दी से जेया कर संकीम लेकर आया.

मैं: रोहित और विक्रम अंकल, आप एक-दूसरे को लगा लो. मैं और दाद एक-दूसरे को लगा लेते है. ओक दाद?

मैं दाद की बनियान निकाल कर उनकी बॉडी पर क्रीम लगाने लगा. तभी मैने देखा रोहित विक्रम की चेस्ट पर लगा कर बोला, “तू विक्रम तू लगा दे.”

मैं (रोहित को): क्या अंकल आपको संकीम लगानी नही आती? ये नीचे भी लगती है. विक्रम अंकल आप शॉर्ट्स निकाल दो.

विक्रम: ओके-ओके आरिक.

मेरा ऐसा करने से रोहित तोड़ा गुस्सा हुआ, जो मैं चाहता था. क्यूंकी दो प्यार करने वालो में ये होना लाज़मी है. उनके बाद हम सब ने अपनी शॉर्ट्स निकाल दी. सिर्फ़ मैने ही व-शेप्ड अंडरवेर पहनी थी, बाकी सब ने नॉर्मल बॉक्सर ही पहनी हुई थी.

मैं दाद के बदन पर, फिर दाद मेरे बदन पर क्रीम लगा रहे थे. रोहित अभी भी विक्रम की बॉडी पर लगा रहा था. मैं तभी विक्रम और रोहित के पास गया, “क्या अंकल, दो मुझे मैं भी लगा देता हू. कब तक लगते रहोगे.”

मैं फिर विक्रम के क्रीम लगाने लगा. विक्रम की जांग बहुत मोटी और मज़बूत थी. सच में बहुत मसकुलर बदन था विक्रम का. रोहित का भी था, लेकिन ज़्यादा विक्रम स्ट्रॉंग लगता था.

उसके बाद मैं खड़ा हुआ, और विक्रम और मैने एक-दूसरे को ताली दी (हाइ फाइव), “तो चले पूल में!”

इसके बाद हमने 15-20 मिनिट सुन टन लिया, और फिर हम पूल में गये. पहले हमने बहुत एंजाय करा, एक-दूसरे पर पानी गिरा कर. मस्ती करते-करते हम बहुत तक गये थे. तभी विक्रम सब के लिए पूल के बाहर जेया कर जूस लेकर आए.

दाद, रोहित और मैं पूल के अंदर और विक्रम पूल के किनारे पर हमारे पास बैठ कर जूस पीने लगा. तभी विक्रम रोहित के हाथ पर हाथ रख कर, उसको सहलाने लगा. मैने दाद को देखा वो उनको देख रहे थे लेकिन कुछ नही बोले.

दाद को समझने के लिए मैने पानी के नीचे से दाद की बॉक्सर को खींचा. दाद ने मेरा हाथ पानी में ही पकड़ लिया और बॉक्सर के अंदर हाथ डाल कर लोड्‍ा मेरे हाथ में दे दिया. वो खुद अपने एक हाथ से मेरी अंडरवेर को नीचे करके गांद दबाने लगे.

“क्या दाद आप भी” (मैं मॅन में सोच रहा था).

तभी रोहित को विक्रम ने पूल से बाहर निकाला. रोहित और विक्रम तोड़ा आयेज गये और तभी रोहित वापस मेरे पास आया और मेरा जूस का ग्लास एक तरफ रखा. फिर मुझे ज़ोर से पकड़ कर पूल से बाहर निकाला. मैं एक-दूं दर्र गया ये अचानक से क्या हुआ. तभी रोहित ने मुझे आपने कंधो पर उठा लिया.

विक्रम, दाद और रोहित मुझे शवर के पास ले गये. विक्रम और दाद पहले ही शवर के पास आ गये थे. रोहित ने मुझे नीचे उतरा-

मैं: क्या यार आपने तो दर्रा दिया.

विक्रम ने मेरी गांद पर हाथ फेरते हुए बोला, “चड्डी ढीली हो गयी है क्या?”

तभी मुझे ध्यान आया दाद ने पूल में चड्डी नीचे करी थी. इसका मतलब रोहित ने जब मुझे कंडे पर उठाया, तब दाद और विक्रम मेरी गांद को देख रहे थे. मैं दाद को गुस्से से देखा की आपने क्यूँ नही बताया.

रोहित: हम सब लड़के है, क्यूँ शर्मा रहे हो? कॉलेज टाइम पर तो हम तीनो ने एक-दूसरे का पता नही क्या-क्या देखा है. तुम्हारी तो बस गांद ही देखी है.

दाद: चल ना यार, शवर लेते है.

दाद मुझे पकड़ कर शवर के नीचे ले गये. फिर शवर शुरू करके बॉडी सोप लगाने ले
आगे. दाद पहले खुद की बॉडी पर लगाने लगे. फिर मेरी बॉडी पर.

रोहित: कॉलेज टाइम की याद.

दाद: सेयेल तुम दोनो तो कॉलेज से ही रिलेशन्षिप में हो. तुम्हारी तो यादें होंगी ही ना, एक मैं हू आरिक की मम्मी से प्यार किया, वो भी अब जेया कर मिली है.

मैं: मतलब विक्रम अंकल और रोहित अंकल एक-दूसरे से प्यार.

विक्रम: हा बेटा, क्यूँ, तुम किसी से नही करते क्या?

रोहित: अर्रे आज कल के बच्चो से ये पूछते है, की तूने किसी की गांद या छूट ना फादी क्या.

दाद: क्या यार अभी कहाँ?

विक्रम: तो गांद मारनी तो आती होगी, या वो भी नही?

रोहित: तो फिर तू मरवा कर सीखा दे.

विक्रम: मैने भी तो तेरी मार कर ही सीखी है. आज भी तू ही सीखा दे फिर.

दाद और विक्रम हासणे लगे.

दाद: क्यूँ मस्ती कर रहा है.

विक्रम: इसमे मस्ती क्या? तेरा कों सा सग्गा बेटा है, दोस्त जैसा है वो.

तीनो आपस में कुछ बात करने लगे. फिर मेरे पास आए.

रोहित: ठीक है, लेकिन गंगबांग करना होगा, मंज़ूर है?

बहुत सोचने के बाद विक्रम, और दाद बोले “तो फिर शुरू हो जाओ.”

विक्रम रोहित को किस करने लगा, और दाद मुझे नंगा करने लगे. मुझे शरम आ रही थी. दाद मुझे किस करने लगे. तभी रोहित मेरे पास आया, मेरे लंड को अपने मूह में ले लिया, और हाथ से हिला हिला कर चूसने लगा. विक्रम रूम से एक बाग लेकर आया. ये वही बाग था जिससे रात को विक्रम कुछ निकल रहा था.

विक्रम ने रोहित की अंडरवेर निकाल कर, उसकी गांद पर बाग से एक गेल निकाल कर लगाई. दाद ने रोहित को खड़ा करके टेबल पर झुका दिया. रोहित की गांद मेरी गांद से भी ज़्यादा मोटी और फैली हुई थी. गांद का च्छेद भी फैला हुआ था.

दाद: विक्रम रोहित पुर मज़े देता होगा.

विक्रम रोहित की गांद पर हाथ मारते हुए बोला, “मज़े नही, गांद फाड़ मज़े बहनचोड़.”

दाद मेरे पास आए और मेरे लोड पर कॉंडम लगाने लगे.

विक्रम: आरिक लंड की मालिश नही करते हो क्या? लोड्‍ा नही लुल्ली बना रखी है.

रोहित: सेयेल अब क्या ये ट्रैनिंग भी तू ही देगा क्या?

मैं रोहित की गांद के पास गया. रोहित ने अपने हाथ से गेल अपनी गांद, फिर मेरे लोड पर लगाई, और विक्रम मुझे पीछे से पकड़ कर रोहित की गांद में लोड्‍ा डालने के लिए धक्का देने लगा.

जैसे-जैसे लोड्‍ा अंदर गया, मुझे लोड पर बहुत मुलायम सा महसूस होने लगा. रोहित की गांद मेरे लोड को बड़ी मज़बूती से पकड़ रही थी.

विक्रम मेरे पीछे आ कर मेरी कमर पकड़ कर झटके दिलवाने लगा. धीरे-धीरे मैने झकते तेज़ कर दिया. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. दाद और विक्रम खड़े-खड़े ये सब देख रहे थे.

मैं तेज़-तेज़ झटकों से रोहित की गांद फाड़ रहा था. तभी दाद और विक्रम ने अपनी अपनी चड्डी निकाल दी. विक्रम का लोड्‍ा बहुत मोटा और लंबा था, एक-दूं काला, 7 इंच लंबा नाग था. रोहित का भी कुछ कम नही था, 6 इंच का लोड्‍ा था.

मैं (नाटक करते हुए): ऑम्ग, आप सब के लंड तो बहुत मोटे-मोटे और लंबे है.

विक्रम एक टेबल पर खड़ा होते हुए अपना लोड्‍ा मेरे मूह के पास ला कर बोला, “स्वाद भी बढ़िया है.”

दाद रोहित के मूह में अपना लोड्‍ा देने लगे, और विक्रम का लोड्‍ा मेरे मूह में. मैं विक्रम का लोड्‍ा चूस्टे-चूस्टे रोहित की गांद मार रहा था. रोहित भी पूरी स्पीड से गांद हिला-हिला कर लोड्‍ा ले रहा था. मेरे से भी ज़्यादा शौकीन लग रहा था लंड का.

10 मिनिट की चुदाई के बाद मैने रोहित की कमर को कस्स के पकड़ और तेज़ “अवववववव” की आवाज़ के साथ माल निकाल दिया.
मैने लंड से कॉंडम निकल के एक तरफ फेंक दिया.

मैं: बहुत मज़ा आया. रोहित अंकल क्या मस्त गांद है आपकी.

रोहित: सेयेल तुझे तो मज़ा आ गया, लेकिन मेरी तो खुजली अभी ख़तम नही हुई.

दाद रोहित को आपने पास खींचते हुए, “कोई नही, तेरा यार है ना.”

दाद ने रोहित को टेबल पर लेग्स फैला कर, मिशनरी पोज़िशन में गांद में लोड्‍ा डाल कर छोड़ना शुरू कर दिया. मैं दाद को किस करने लगा, और पीछे से विक्रम मेरी गर्दन और पीठ पर किस करते-करते मेरी गांद पर आ गया.

विक्रम मेरे च्छेद पर अपनी जीभ से चाटने लगा. मैं चेर के पास था, इसलिए तो बॅलेन्स बिगाड़ गया. तभी विक्रम मुझे गोद में उठा कर पूल के पास रखी टेबल पर ले गया.

दाद का द्‍यान रोहित की गांद चुदाई में ही था. विक्रम मेरे लिप्स पर किस करने लगा. किस करते-करते वो मेरी गांद को मस्त मसल रहा था. विक्रम ने मुझे चेर पर बैठा कर मेरे मूह में अपना लोड्‍ा डाल दिया. मैं भी मस्त चूसने लगा.
विक्रम मेरे सर को पकड़ कर मस्त बहुत तेज़ मूह छोड़ने लगा.

मैं: आराम से यार.

दाद मेरी आवाज़ सुन कर हमारी तरफ देखने लगे. वो रोहित को लेकर हमारे पास आ गये. अब रोहित भी दाद का लंड चूसने लगा. मैं चेर पर डॉगी बन गया. विक्रम मेरे च्छेद पर अपनी जीभ से चाटने लगा.

रोहित: मज़े तो पुर ले रहा है आरिक.

विक्रम: मज़े देने वाला भी तो कमाल है.

मैं: रूको मत अंकल.

विक्रम मेरी कमर पकड़ कर पुर जोश में मेरी गांद को चाटने लगा. रोहित ने विक्रम को क्रीम और कॉंडम दिया. विक्रम मेरी गांद और अपने लंड पर कॉंडम लगा कर क्रीम लगाने लगा. विक्रम ने मेरे दोनो हाथ पीछे करके पकड़ लिए, और अपना लोड्‍ा धीरे-धीरे अंदर करने लगा.

दाद: यार आराम से, छ्होटा है वो.

विक्रम: सेयेल तुम दोनो बाप बेटे ने मेरे ब्फ की गांद फाड़ दी और मैं मज़ा भी ना लू?

दाद फिर से रोहित को डॉगी बना कर उसकी गांद मरने लगे. अब विक्रम का आधा लोड्‍ा मेरी गांद में जेया चुका था. विक्रम आराम-आराम से मेरी गांद मार रहा था. फिर अचानक उसने पूरा लोड्‍ा बाहर निकाला, और एक साथ पूरा लोड्‍ा अंदर कर लिया. इतने तेज़ झटके से मेरी चेर हिल गयी और मैं नीचे गिरने लगा.

विक्रम ने मुझे पकड़ा और टेबल पर झुका कर फिर से गांद में लोड्‍ा डाला और पूरी स्पीड से झटके देने लगा. पूरा टेबल ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा.

“आआआआआ अंकल आराम से.”
विक्रम थोड़ी देर के लिए फिर से आराम से करने लगा. अब मेरा दर्द नॉर्मल था. रोहित टेबल पर मिशनरी पोज़िशन में गांद मरवा रहा था. और दूसरी तरफ विक्रम ने मुझे टेबल पर उपर डॉगी बना कर, मेरा लोड्‍ा रोहित के मूह में डाल दिया और रोहित का लोड्‍ा मेरे मूह में. विक्रम मेरी गांद फिर से छोड़ने लगा.

विक्रम (दाद से): क्या मस्त माल च्छूपा रखा था तूने सेयेल. रोहित से भी ज़्यादा गर्मी है इसमे तो. मेरा लोड्‍ा डोर ही नही हो पा रहा इसकी गांद से.

दाद (विक्रम से): हरंखोर मेरे बेटे को मेरे सामने ही छोड़ रहा है!

दोनो हासणे लगे. दोनो के इतने तेज़ झटके से हमारा पूरा टेबल हिल रहा था, जैसे अभी टूटने वाला ही हो. 10 मिनिट की चुदाई के बाद, दाद रोहित की गांद से लोड्‍ा निकाल कर कॉंडम बदलने लगे. रोहित और मैं अभी भी एक-दूसरे के लोड ही चूस रहे थे.

दाद (विक्रम के पास आ कर): बहनचोड़, मेरे बेटे की गांद की सेवा हमे भी करने दे.

दाद ने मुझे गोद में उठाया और नीचे ज़मीन पर डॉगी बना कर मेरी गांद मारने लगे. और वहाँ रोहित विक्रम से टेबल पर गांद मरवा रहा था.

5 मिनिट गांद मारने के बाद दाद ने कॉंडम निकाल कर लोड्‍ा मेरे मूह में दे दिया, और सारा माल मेरे मूह में ही निकाल दिया. विक्रम भी कॉंडम निकाल कर मेरे पास आया, और मेरे मूह पर सारा माल निकाल दिया. मेरे बाल और फेस पर विक्रम का गरम-गरम लावा बह रहा था, जिसे मैने जीभ से चाट लिया.

हम सब खड़े हुए और एक-दूसरे को गले मिल कर अपने-अपने रूम में चले गये. रिज़ॉर्ट में अगले 2 दिन हमने बहुत मज़े किए. तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी.

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